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पटना के जगजीवन राम संस्थान में त्रिवेणी संघ का स्थापना दिवस समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर डुमरांव के पूर्व विधायक अजीत कुमार ने समारोह को संबोधित किया।
Mukhiyajee Reporter
पटना के जगजीवन राम संस्थान में त्रिवेणी संघ का स्थापना दिवस समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर डुमरांव के पूर्व विधायक अजीत कुमार ने समारोह को संबोधित किया।
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- पटना के जगजीवन राम संस्थान में त्रिवेणी संघ का स्थापना दिवस समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर डुमरांव के पूर्व विधायक अजीत कुमार ने समारोह को संबोधित किया।1
- राजधानी पटना के राम कृष्ण नगर स्थित एक स्कूल संचालक को जान से मारने की धमकी मिली है। इस घटना के बाद, स्कूल संचालक ने प्रशासन से इस मामले में विधिवत कार्यवाही करने का निवेदन किया है।1
- गयाजी के पत्थरकट्टी स्टोन क्राफ्ट को बहुप्रतीक्षित जीआई टैग मिल गया है, जिससे यहां के कारीगरों में भारी खुशी का माहौल है। अब वे अपने पत्थर से बनी भगवान बुद्ध सहित विभिन्न देवी-देवताओं की मूर्तियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भेज सकेंगे। गया जिले का पत्थरकट्टी गांव अपनी बेमिसाल पत्थर शिल्पकारी के लिए लगभग 300 साल से विश्व भर में जाना जाता है, जहां के हुनरमंद कारीगर स्थानीय काले ग्रेनाइट पत्थरों को तराशकर जीवंत मूर्तियां तैयार करते हैं। इस जीआई टैग से सदियों पुरानी इस कला का संरक्षण होगा और इन कलाकृतियों की मांग देश-विदेश के बाजारों में तेजी से बढ़ेगी। कारीगरों और स्थानीय लोगों की काफी सालों से यह मांग थी कि उनके शिल्प को जीआई टैग से जोड़ा जाए, जो अब पूरी हो गई है। ढाई सौ से 300 साल पहले इंदौर की महारानी अहिल्याबाई ने जयपुर से गौर समुदाय को यहां बुलाया था, जिन्होंने पत्थरकट्टी के ग्रेनाइट पत्थर से विष्णुपद मंदिर का निर्माण कराया था। उस समय कुछ गौर परिवार यहां से चले गए, लेकिन कुछ को जमीन देकर बसाया गया, जिनके वंशज आज भी पत्थरकट्टी गांव में विभिन्न मूर्तियां बनाने का काम कर रहे हैं। ये कारीगर गया सहित बिहार के अन्य जिलों में भी मूर्ति तराशने का कार्य करते हैं, और विष्णुपद मंदिर के आसपास भी बड़ी संख्या में मूर्तियों का निर्माण करते हैं, जिन्हें देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालु खरीदते हैं। गौर परिवार से जुड़े लोगों ने बताया कि जीआई टैग मिलने से अब उनकी मूर्तियां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जाएंगी, जिससे उनका कारोबार बढ़ेगा और वे अपनी मूर्तियों को अपने ब्रांड के नाम से बेच सकेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'लोकल फॉर वोकल' अभियान का भी जिक्र किया। हालांकि, कुछ कारीगरों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पत्थरों और मजदूरी के दाम बढ़ गए हैं, जिससे लागत के हिसाब से मुनाफा नहीं मिल पाता, क्योंकि लोग अब सस्ती मूर्तियां पसंद करते हैं। इन कारीगरों ने सरकार से अपील की कि उनके पूर्वजों ने ही विष्णुपद मंदिर का निर्माण कराया था, और अब फल्गु नदी में बनने वाली भव्य भगवान विष्णु की मूर्ति को भी उनके समाज के लोग ही बनाएं, न कि कोई और। स्थानीय समाजसेवी संतोष ठाकुर ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'लोकल फॉर वोकल' की सराहना करते हुए कहा कि जीआई टैग मिलने से ये कारीगर अपना खुद का ब्रांड बनाकर बाजार में बेच सकेंगे, जिससे ग्रामीणों और कारीगरों में खुशी की लहर है।1
- पटना के पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर मद्य निषेध विभाग की भर्ती परीक्षा देने जा रहे अभ्यर्थियों ने ट्रेन लेट होने और पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के विरोध में जमकर हंगामा किया। आक्रोशित छात्रों ने नारेबाजी की, पथराव किया और ट्रेन में तोड़फोड़ भी की, जिससे पूरे स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी मच गई। हालात को बेकाबू होते देख पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े, लाठीचार्ज किया और हवाई फायरिंग भी की। इस घटना में कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी जानकारी मिली है।1
- समस्तीपुर के वाहन मालिक अपनी लंबित बकाया राशि का भुगतान न होने से नाराज़ होकर सड़क पर उतर आए हैं। यह बकाया रकम चुनाव के दौरान गाड़ी परिचालन के लिए थी, जिसे अब तक नहीं दिया गया है। इसी मुद्दे पर वाहन मालिकों ने परिवहन मंत्री के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया है।1
- दानापुर रेल मंडल के फतुहा-इस्लामपुर रेल खंड पर दनियावां जंक्शन से आगे सिगरियावां हॉल्ट के समीप 11 नंबर गुमटी के पास शनिवार देर शाम 18 बजकर 42 मिनट पर 6371 इस्लामपुर-पटना पैसेंजर ट्रेन के पेंटा से टकराकर बिजली का तार अचानक टूट गया। इस घटना के कारण ट्रेन पांच घंटे से अधिक समय तक बंद खड़ी रही, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली का तार टूटने से फतुहा-इस्लामपुर और फतुहा-दनियावां-बिहार शरीफ रेल मार्ग पूरी तरह ठप्प हो गया। इस रूट पर फतुहा-दनियावां-बिहार शरीफ-राजगीर जाने वाली ट्रेन दनियावां स्टेशन पर रुकी रही, वहीं इस्लामपुर-पटना-हटिया-हिलसा में खड़ी ट्रेनें भी प्रभावित हुईं। गनीमत रही कि ट्रेन जिस स्थान पर रुकी थी, वहां बगल में ही फतुहा-हिलसा-इस्लामपुर सड़क मार्ग था और दनियावां बाजार भी लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर था, जिससे यात्रियों को कुछ सुविधा मिली। घटना के अचानक होने से कुछ देर के लिए यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। हालांकि, ट्रेन के दोनों चालकों ने यात्रियों को उतरकर बताया कि रेल के इलेक्ट्रिक तार पेंटा से टकराकर टूट गए हैं। पटना और फतुहा से ट्रेन पकड़कर परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र ट्रेन से उतरकर सड़क पर आ गए और छोटे-बड़े वाहनों से दनियावां और फतुहा के लिए रवाना होते देखे गए। दनियावां स्टेशन मास्टर राकेश कुमार ने भी घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि इस रूट पर रेल परिचालन तीन-चार घंटे बाद ही शुरू होगा। लगभग पांच घंटे से अधिक समय तक ट्रेनों के बाधित रहने के बाद, रात 11:45 बजे के उपरांत भी फतुहा-इस्लामपुर रेल खंड पर परिचालन प्रभावित रहा।4
- पटना के जगजीवन राम संस्थान में आयोजित त्रिवेणी संघ के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने महत्वपूर्ण टिप्पणियाँ कीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार के साथ-साथ समाज में भी बदलाव लाने की आवश्यकता है। चौधरी ने यह भी कहा कि समुदाय को जगाने की जरूरत है।1
- भर्ती परीक्षा में शामिल होने जा रहे छात्रों ने जमकर हंगामा किया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने रेलवे ट्रैक जाम कर ट्रेनों का परिचालन रोक दिया।1