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* विसर्जन शोभा यात्रा की झांकियां श्रद्धालुओं के लिए छोड़ गई कई संदेश प्रतिनिधि जमालपुर रेल नगरी जमालपुर की प्रतिमा विसर्जन शोभायात्रा अपने परंपरा के अनुसार गुरुवार की देर रात्रि निकलती रही. जिसको लेकर शहर के हृदय स्थली जुबली बेल चौक पर लगभग 10 घंटे तक हजारों श्रद्धालु टिके रहे. जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे. जमालपुर की प्रतिमाओं की विसर्जन शोभायात्रा की एक विशेषता यह रही है कि इसमें जो झांकियां निकाली जाती है, वह समसामयिक विषयों पर आधारित होती है और श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र भी बनी रहती है. इन झांकियां में राजनीतिक एवं राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, खेल, शासन प्रशासन एवं सामाजिक बुराइयों एवं कुरीतियों के विषय को शामिल किया जाता है. इस बार भी इसी प्रकार की झांकियां निकाली गई जो अपने पीछे ढेर सारे संदेश छोड़ गई है. जगत जननी काली नंबर एक की प्रतिमा की झांकी इस वर्ष बिहार बदलेगा या युवा बाहर जाएगा की थीम पर आधारित थी. झांकी में जमुई गर्ल केस में कब मिलेगा इंसाफ के साथ शिक्षा, पलायन और विकास, रोजगार, सम्मान के साथ बाढ़ की विभीषिका को दर्शाया गया था. मोहनपुर की काली संख्या 2 की झांकी मां गंगा को प्रदूषित करने से बचने का संदेश दे रही थी. झांकी में मां गंगा को यह कहते हुए दिखाया गया था "मैं जीवन देने आई थी तुमने मुझे विनाश बना दिया." संदेश यह था कि गंगा में जहर नहीं जीवन बहने दो, गंगा बचेगी तो जीवन भी बचेगा, प्रकृति का सम्मान और भविष्य का निर्माण करो, गंगा की हर बूंद जीवन का वरदान है और गंगा को कचरा नहीं सम्मान दें. नयागांव काली संख्या तीन की झांकी बिहार प्रदेश को लेकर बनाई गई थी. प्रश्न था अब तक बिहार का सच बर्बादी या विकास. भविष्य की आशा समृद्ध बिहार दिखाया गया था. नीचे कैप्शन लिखा था सपनों का बिहार बनाएं मिलकर बिहार बचाएं जागो बिहारी जागो. भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, शिक्षा, उद्योग धंधे की समस्या को भी दर्शाया गया था. डीह जमालपुर काली संख्या चार की झांकी भी भ्रष्टाचार का चक्रव्यूह और महंगाई की मार आम आदमी करे तो क्या करें अबकी बार थीम पर आधारित थी. चारों तरफ घूसखोरी, जनता बेबस और लाचार, डिग्री के बाद भी युवाओं को रोजगार नहीं, महंगाई की बोझ और महिलाओं की सुरक्षा के साथ लिखा था जीने का आस टूटा, गरीब समझकर सिस्टम ने लूटा. मुंगरौड़ा कब्रिस्तान काली संख्या 5 की झांकी महिलाओं की सुरक्षा पर केंद्रित थी. इंसान जहां शैतान वहां के साथ पूछा गया था कब बनेगा देश महान. और शैतानों की दुनिया में बेटियों का कोई मोल नहीं. लिखा था कोई बोलता इस्लाम खतरे में कोई बोलता राम खतरे में. सदर फाड़ी काली संख्या 6 की झांकी विद्यार्थियों को प्रेरित करने वाली थी. दुनिया की हर चीज पराई है, कोई अपना है तो सिर्फ पढ़ाई है. कैप्शन लिखा था प्रति व्यक्ति को शिक्षा फ्री, देश में समान शिक्षा व्यवस्था, शिक्षित बेरोजगार, 80 करोड़ को राशन फ्री, सरकारी अस्पताल और 125 यूनिट बिजली फ्री. बीच में प्रधानमंत्री का चित्र लगा हुआ था. केशवपुर की बम काली संख्या 7 की झांकी में सामाजिक समरसता का संदेश था. लिखा था ना गीत से ना कुरान से देश चलेगा संविधान से. नीचे समानता का अधिकार शिक्षा का अधिकार राष्ट्र शक्ति युवा शक्ति. जिमखाना की काली संख्या ने लोकतंत्र पर प्रहार किया था. लिखा था संसद में बैठ अनपढ़ नेता बना रहे नीति. कैप्शन था गड्ढे में देश को धकेल रही यह राजनीति. इसके साथ युवाओं का भविष्य अंधकार में, सवाल पूछना अपराध नहीं अधिकार है, जिंदगी और महंगाई की जंग तथा बेटियों पर हो रहे अत्याचार को प्रमुखता से उजागर किया गया था. लोको रोड की काली संख्या 9 की झांकी में देश की कुव्यवस्था पर प्रहार किया गया था. लिखा था शिक्षा में भले भारत पीछे हो लेकिन अंधभक्त में वर्ल्ड चैंपियन है. नीचे लिखा था आज विद्यालय ठीक करो कल शिक्षा बीच देश ठीक कर देंगे. इसके साथ जाति देखकर जीजा चुना जाता है ना कि नेता, कितनी बार आएगी पेपर लीक की सरकार और एथेनॉल का झोल मोबाइल गया तेल लेने का व्यंग्य था. * विसर्जन शोभा यात्रा की झांकियां श्रद्धालुओं के लिए छोड़ गई कई संदेश प्रतिनिधि जमालपुर रेल नगरी जमालपुर की प्रतिमा विसर्जन शोभायात्रा अपने परंपरा के अनुसार गुरुवार की देर रात्रि निकलती रही. जिसको लेकर शहर के हृदय स्थली जुबली बेल चौक पर लगभग 10 घंटे तक हजारों श्रद्धालु टिके रहे. जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे. जमालपुर की प्रतिमाओं की विसर्जन शोभायात्रा की एक विशेषता यह रही है कि इसमें जो झांकियां निकाली जाती है, वह समसामयिक विषयों पर आधारित होती है और श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र भी बनी रहती है. इन झांकियां में राजनीतिक एवं राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, खेल, शासन प्रशासन एवं सामाजिक बुराइयों एवं कुरीतियों के विषय को शामिल किया जाता है. इस बार भी इसी प्रकार की झांकियां निकाली गई जो अपने पीछे ढेर सारे संदेश छोड़ गई है. जगत जननी काली नंबर एक की प्रतिमा की झांकी इस वर्ष बिहार बदलेगा या युवा बाहर जाएगा की थीम पर आधारित थी. झांकी में जमुई गर्ल केस में कब मिलेगा इंसाफ के साथ शिक्षा, पलायन और विकास, रोजगार, सम्मान के साथ बाढ़ की विभीषिका को दर्शाया गया था. मोहनपुर की काली संख्या 2 की झांकी मां गंगा को प्रदूषित करने से बचने का संदेश दे रही थी. झांकी में मां गंगा को यह कहते हुए दिखाया गया था "मैं जीवन देने आई थी तुमने मुझे विनाश बना दिया." संदेश यह था कि गंगा में जहर नहीं जीवन बहने दो, गंगा बचेगी तो जीवन भी बचेगा, प्रकृति का सम्मान और भविष्य का निर्माण करो, गंगा की हर बूंद जीवन का वरदान है और गंगा को कचरा नहीं सम्मान दें. नयागांव काली संख्या तीन की झांकी बिहार प्रदेश को लेकर बनाई गई थी. प्रश्न था अब तक बिहार का सच बर्बादी या विकास. भविष्य की आशा समृद्ध बिहार दिखाया गया था. नीचे कैप्शन लिखा था सपनों का बिहार बनाएं मिलकर बिहार बचाएं जागो बिहारी जागो. भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, शिक्षा, उद्योग धंधे की समस्या को भी दर्शाया गया था. डीह जमालपुर काली संख्या चार की झांकी भी भ्रष्टाचार का चक्रव्यूह और महंगाई की मार आम आदमी करे तो क्या करें अबकी बार थीम पर आधारित थी. चारों तरफ घूसखोरी, जनता बेबस और लाचार, डिग्री के बाद भी युवाओं को रोजगार नहीं, महंगाई की बोझ और महिलाओं की सुरक्षा के साथ लिखा था जीने का आस टूटा, गरीब समझकर सिस्टम ने लूटा. मुंगरौड़ा कब्रिस्तान काली संख्या 5 की झांकी महिलाओं की सुरक्षा पर केंद्रित थी. इंसान जहां शैतान वहां के साथ पूछा गया था कब बनेगा देश महान. और शैतानों की दुनिया में बेटियों का कोई मोल नहीं. लिखा था कोई बोलता इस्लाम खतरे में कोई बोलता राम खतरे में. सदर फाड़ी काली संख्या 6 की झांकी विद्यार्थियों को प्रेरित करने वाली थी. दुनिया की हर चीज पराई है, कोई अपना है तो सिर्फ पढ़ाई है. कैप्शन लिखा था प्रति व्यक्ति को शिक्षा फ्री, देश में समान शिक्षा व्यवस्था, शिक्षित बेरोजगार, 80 करोड़ को राशन फ्री, सरकारी अस्पताल और 125 यूनिट बिजली फ्री. बीच में प्रधानमंत्री का चित्र लगा हुआ था. केशवपुर की बम काली संख्या 7 की झांकी में सामाजिक समरसता का संदेश था. लिखा था ना गीत से ना कुरान से देश चलेगा संविधान से. नीचे समानता का अधिकार शिक्षा का अधिकार राष्ट्र शक्ति युवा शक्ति. जिमखाना की काली संख्या ने लोकतंत्र पर प्रहार किया था. लिखा था संसद में बैठ अनपढ़ नेता बना रहे नीति. कैप्शन था गड्ढे में देश को धकेल रही यह राजनीति. इसके साथ युवाओं का भविष्य अंधकार में, सवाल पूछना अपराध नहीं अधिकार है, जिंदगी और महंगाई की जंग तथा बेटियों पर हो रहे अत्याचार को प्रमुखता से उजागर किया गया था. लोको रोड की काली संख्या 9 की झांकी में देश की कुव्यवस्था पर प्रहार किया गया था. लिखा था शिक्षा में भले भारत पीछे हो लेकिन अंधभक्त में वर्ल्ड चैंपियन है. नीचे लिखा था आज विद्यालय ठीक करो कल शिक्षा बीच देश ठीक कर देंगे. इसके साथ जाति देखकर जीजा चुना जाता है ना कि नेता, कितनी बार आएगी पेपर लीक की सरकार और एथेनॉल का झोल मोबाइल गया तेल लेने का व्यंग्य था.

17 hrs ago
user_Kumar Mithun
Kumar Mithun
मुंगेर, मुंगेर, बिहार•
17 hrs ago

* विसर्जन शोभा यात्रा की झांकियां श्रद्धालुओं के लिए छोड़ गई कई संदेश प्रतिनिधि जमालपुर रेल नगरी जमालपुर की प्रतिमा विसर्जन शोभायात्रा अपने परंपरा के अनुसार गुरुवार की देर रात्रि निकलती रही. जिसको लेकर शहर के हृदय स्थली जुबली बेल चौक पर लगभग 10 घंटे तक हजारों श्रद्धालु टिके रहे. जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे. जमालपुर की प्रतिमाओं की विसर्जन शोभायात्रा की एक विशेषता यह रही है कि इसमें जो झांकियां निकाली जाती है, वह समसामयिक विषयों पर आधारित होती है और श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र भी बनी रहती है. इन झांकियां में राजनीतिक एवं राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, खेल, शासन प्रशासन एवं सामाजिक बुराइयों एवं कुरीतियों के विषय को शामिल किया जाता है. इस बार भी इसी प्रकार की झांकियां निकाली गई जो अपने पीछे ढेर सारे संदेश छोड़ गई है. जगत जननी काली नंबर एक की प्रतिमा की झांकी इस वर्ष बिहार बदलेगा या युवा बाहर जाएगा की थीम पर आधारित थी. झांकी में जमुई गर्ल केस में कब मिलेगा इंसाफ के साथ शिक्षा, पलायन और विकास, रोजगार, सम्मान के साथ बाढ़ की विभीषिका को दर्शाया गया था. मोहनपुर की काली संख्या 2 की झांकी मां गंगा को प्रदूषित करने से बचने का संदेश दे रही थी. झांकी में मां गंगा को यह कहते हुए दिखाया गया था "मैं जीवन देने आई थी तुमने मुझे विनाश बना दिया." संदेश यह था कि गंगा में जहर नहीं जीवन बहने दो, गंगा बचेगी तो जीवन भी बचेगा, प्रकृति का सम्मान और भविष्य का निर्माण करो, गंगा की हर बूंद जीवन का वरदान है और गंगा को कचरा नहीं सम्मान दें. नयागांव काली संख्या तीन की झांकी बिहार प्रदेश को लेकर बनाई गई थी. प्रश्न था अब तक बिहार का सच बर्बादी या विकास. भविष्य की आशा समृद्ध बिहार दिखाया गया था. नीचे कैप्शन लिखा था सपनों का बिहार बनाएं मिलकर बिहार बचाएं जागो बिहारी जागो. भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, शिक्षा, उद्योग धंधे की समस्या को भी दर्शाया गया था. डीह जमालपुर काली संख्या चार की झांकी भी भ्रष्टाचार का चक्रव्यूह और महंगाई की मार आम आदमी करे तो क्या करें अबकी बार थीम पर आधारित थी. चारों तरफ घूसखोरी, जनता बेबस और लाचार, डिग्री के बाद भी युवाओं को रोजगार नहीं, महंगाई की बोझ और महिलाओं की सुरक्षा के साथ लिखा था जीने का आस टूटा, गरीब समझकर सिस्टम ने लूटा. मुंगरौड़ा कब्रिस्तान काली संख्या 5 की झांकी महिलाओं की सुरक्षा पर केंद्रित थी. इंसान जहां शैतान वहां के साथ पूछा गया था कब बनेगा देश महान. और शैतानों की दुनिया में बेटियों का कोई मोल नहीं. लिखा था कोई बोलता इस्लाम खतरे में कोई बोलता राम खतरे में. सदर फाड़ी काली संख्या 6 की झांकी विद्यार्थियों को प्रेरित करने वाली थी. दुनिया की हर चीज पराई है, कोई अपना है तो सिर्फ पढ़ाई है. कैप्शन लिखा था प्रति व्यक्ति को शिक्षा फ्री, देश में समान शिक्षा व्यवस्था, शिक्षित बेरोजगार, 80 करोड़ को राशन फ्री, सरकारी अस्पताल और 125 यूनिट बिजली फ्री. बीच में प्रधानमंत्री का चित्र लगा हुआ था. केशवपुर की बम काली संख्या 7 की झांकी में सामाजिक समरसता का संदेश था. लिखा था ना गीत से ना कुरान से देश चलेगा संविधान से. नीचे समानता का अधिकार शिक्षा का अधिकार राष्ट्र शक्ति युवा शक्ति. जिमखाना की काली संख्या ने लोकतंत्र पर प्रहार किया था. लिखा था संसद में बैठ अनपढ़ नेता बना रहे नीति. कैप्शन था गड्ढे में देश को धकेल रही यह राजनीति. इसके साथ युवाओं का भविष्य अंधकार में, सवाल पूछना अपराध नहीं अधिकार है, जिंदगी और महंगाई की जंग तथा बेटियों पर हो रहे अत्याचार को प्रमुखता से उजागर किया गया था. लोको रोड की काली संख्या 9 की झांकी में देश की कुव्यवस्था पर प्रहार किया गया था. लिखा था शिक्षा में भले भारत पीछे हो लेकिन अंधभक्त में वर्ल्ड चैंपियन है. नीचे लिखा था आज विद्यालय ठीक करो कल शिक्षा बीच देश ठीक कर देंगे. इसके साथ जाति देखकर जीजा चुना जाता है ना कि नेता, कितनी बार आएगी पेपर लीक की सरकार और एथेनॉल का झोल मोबाइल गया तेल लेने का व्यंग्य था. * विसर्जन शोभा यात्रा की झांकियां श्रद्धालुओं के लिए छोड़ गई कई संदेश प्रतिनिधि जमालपुर रेल नगरी जमालपुर की प्रतिमा विसर्जन शोभायात्रा अपने परंपरा के अनुसार गुरुवार की देर रात्रि निकलती रही. जिसको लेकर शहर के हृदय स्थली जुबली बेल चौक पर लगभग 10 घंटे तक हजारों श्रद्धालु टिके रहे. जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे. जमालपुर की प्रतिमाओं की विसर्जन शोभायात्रा की एक विशेषता यह रही है कि इसमें जो झांकियां निकाली जाती है, वह समसामयिक विषयों पर आधारित होती है और श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र भी बनी रहती है. इन झांकियां में राजनीतिक एवं राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, खेल, शासन प्रशासन एवं सामाजिक बुराइयों एवं कुरीतियों के विषय को शामिल किया जाता है. इस बार भी इसी प्रकार की झांकियां निकाली गई जो अपने पीछे ढेर सारे संदेश छोड़ गई है. जगत जननी काली नंबर एक की प्रतिमा की झांकी इस वर्ष बिहार बदलेगा या युवा बाहर जाएगा की थीम पर आधारित थी. झांकी में जमुई गर्ल केस में कब मिलेगा इंसाफ के साथ शिक्षा, पलायन और विकास, रोजगार, सम्मान के साथ बाढ़ की विभीषिका को दर्शाया गया था. मोहनपुर की काली संख्या 2 की झांकी मां गंगा को प्रदूषित करने से बचने का संदेश दे रही थी. झांकी में मां गंगा को यह कहते हुए दिखाया गया था "मैं जीवन देने आई थी तुमने मुझे विनाश बना दिया." संदेश यह था कि गंगा में जहर नहीं जीवन बहने दो, गंगा बचेगी तो जीवन भी बचेगा, प्रकृति का सम्मान और भविष्य का निर्माण करो, गंगा की हर बूंद जीवन का वरदान है और गंगा को कचरा नहीं सम्मान दें. नयागांव काली संख्या तीन की झांकी बिहार प्रदेश को लेकर बनाई गई थी. प्रश्न था अब तक बिहार का सच बर्बादी या विकास. भविष्य की आशा समृद्ध बिहार दिखाया गया था. नीचे कैप्शन लिखा था सपनों का बिहार बनाएं मिलकर बिहार बचाएं जागो बिहारी जागो. भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, शिक्षा, उद्योग धंधे की समस्या को भी दर्शाया गया था. डीह जमालपुर काली संख्या चार की झांकी भी भ्रष्टाचार का चक्रव्यूह और महंगाई की मार आम आदमी करे तो क्या करें अबकी बार थीम पर आधारित थी. चारों तरफ घूसखोरी, जनता बेबस और लाचार, डिग्री के बाद भी युवाओं को रोजगार नहीं, महंगाई की बोझ और महिलाओं की सुरक्षा के साथ लिखा था जीने का आस टूटा, गरीब समझकर सिस्टम ने लूटा. मुंगरौड़ा कब्रिस्तान काली संख्या 5 की झांकी महिलाओं की सुरक्षा पर केंद्रित थी. इंसान जहां शैतान वहां के साथ पूछा गया था कब बनेगा देश महान. और शैतानों की दुनिया में बेटियों का कोई मोल नहीं. लिखा था कोई बोलता इस्लाम खतरे में कोई बोलता राम खतरे में. सदर फाड़ी काली संख्या 6 की झांकी विद्यार्थियों को प्रेरित करने वाली थी. दुनिया की हर चीज पराई है, कोई अपना है तो सिर्फ पढ़ाई है. कैप्शन लिखा था प्रति व्यक्ति को शिक्षा फ्री, देश में समान शिक्षा व्यवस्था, शिक्षित बेरोजगार, 80 करोड़ को राशन फ्री, सरकारी अस्पताल और 125 यूनिट बिजली फ्री. बीच में प्रधानमंत्री का चित्र लगा हुआ था. केशवपुर की बम काली संख्या 7 की झांकी में सामाजिक समरसता का संदेश था. लिखा था ना गीत से ना कुरान से देश चलेगा संविधान से. नीचे समानता का अधिकार शिक्षा का अधिकार राष्ट्र शक्ति युवा शक्ति. जिमखाना की काली संख्या ने लोकतंत्र पर प्रहार किया था. लिखा था संसद में बैठ अनपढ़ नेता बना रहे नीति. कैप्शन था गड्ढे में देश को धकेल रही यह राजनीति. इसके साथ युवाओं का भविष्य अंधकार में, सवाल पूछना अपराध नहीं अधिकार है, जिंदगी और महंगाई की जंग तथा बेटियों पर हो रहे अत्याचार को प्रमुखता से उजागर किया गया था. लोको रोड की काली संख्या 9 की झांकी में देश की कुव्यवस्था पर प्रहार किया गया था. लिखा था शिक्षा में भले भारत पीछे हो लेकिन अंधभक्त में वर्ल्ड चैंपियन है. नीचे लिखा था आज विद्यालय ठीक करो कल शिक्षा बीच देश ठीक कर देंगे. इसके साथ जाति देखकर जीजा चुना जाता है ना कि नेता, कितनी बार आएगी पेपर लीक की सरकार और एथेनॉल का झोल मोबाइल गया तेल लेने का व्यंग्य था.

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    🙏 कृपया विडियो देखें मदद में सुप्रीम कोर्ट से सुनवाई करवाकर यंत्रों को हटाने के लिए मदद की ज़रूरत है।

🙏"Please watch the video, help is needed to get a hearing in the Supreme Court to have the devices/instruments removed."

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    user_मोहम्मद मुर्तुजा आलम
    मोहम्मद मुर्तुजा आलम
    Army facility Jamalpur, Munger•
    4 hrs ago
  • * विसर्जन शोभा यात्रा की झांकियां श्रद्धालुओं के लिए छोड़ गई कई संदेश प्रतिनिधि जमालपुर रेल नगरी जमालपुर की प्रतिमा विसर्जन शोभायात्रा अपने परंपरा के अनुसार गुरुवार की देर रात्रि निकलती रही. जिसको लेकर शहर के हृदय स्थली जुबली बेल चौक पर लगभग 10 घंटे तक हजारों श्रद्धालु टिके रहे. जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे. जमालपुर की प्रतिमाओं की विसर्जन शोभायात्रा की एक विशेषता यह रही है कि इसमें जो झांकियां निकाली जाती है, वह समसामयिक विषयों पर आधारित होती है और श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र भी बनी रहती है. इन झांकियां में राजनीतिक एवं राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, खेल, शासन प्रशासन एवं सामाजिक बुराइयों एवं कुरीतियों के विषय को शामिल किया जाता है. इस बार भी इसी प्रकार की झांकियां निकाली गई जो अपने पीछे ढेर सारे संदेश छोड़ गई है. जगत जननी काली नंबर एक की प्रतिमा की झांकी इस वर्ष बिहार बदलेगा या युवा बाहर जाएगा की थीम पर आधारित थी. झांकी में जमुई गर्ल केस में कब मिलेगा इंसाफ के साथ शिक्षा, पलायन और विकास, रोजगार, सम्मान के साथ बाढ़ की विभीषिका को दर्शाया गया था. 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कब्रिस्तान काली संख्या 5 की झांकी महिलाओं की सुरक्षा पर केंद्रित थी. इंसान जहां शैतान वहां के साथ पूछा गया था कब बनेगा देश महान. और शैतानों की दुनिया में बेटियों का कोई मोल नहीं. लिखा था कोई बोलता इस्लाम खतरे में कोई बोलता राम खतरे में. सदर फाड़ी काली संख्या 6 की झांकी विद्यार्थियों को प्रेरित करने वाली थी. दुनिया की हर चीज पराई है, कोई अपना है तो सिर्फ पढ़ाई है. कैप्शन लिखा था प्रति व्यक्ति को शिक्षा फ्री, देश में समान शिक्षा व्यवस्था, शिक्षित बेरोजगार, 80 करोड़ को राशन फ्री, सरकारी अस्पताल और 125 यूनिट बिजली फ्री. बीच में प्रधानमंत्री का चित्र लगा हुआ था. केशवपुर की बम काली संख्या 7 की झांकी में सामाजिक समरसता का संदेश था. लिखा था ना गीत से ना कुरान से देश चलेगा संविधान से. नीचे समानता का अधिकार शिक्षा का अधिकार राष्ट्र शक्ति युवा शक्ति. जिमखाना की काली संख्या ने लोकतंत्र पर प्रहार किया था. लिखा था संसद में बैठ अनपढ़ नेता बना रहे नीति. कैप्शन था गड्ढे में देश को धकेल रही यह राजनीति. इसके साथ युवाओं का भविष्य अंधकार में, सवाल पूछना अपराध नहीं अधिकार है, जिंदगी और महंगाई की जंग तथा 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घटनाक्रम, खेल, शासन प्रशासन एवं सामाजिक बुराइयों एवं कुरीतियों के विषय को शामिल किया जाता है. इस बार भी इसी प्रकार की झांकियां निकाली गई जो अपने पीछे ढेर सारे संदेश छोड़ गई है. जगत जननी काली नंबर एक की प्रतिमा की झांकी इस वर्ष बिहार बदलेगा या युवा बाहर जाएगा की थीम पर आधारित थी. झांकी में जमुई गर्ल केस में कब मिलेगा इंसाफ के साथ शिक्षा, पलायन और विकास, रोजगार, सम्मान के साथ बाढ़ की विभीषिका को दर्शाया गया था. मोहनपुर की काली संख्या 2 की झांकी मां गंगा को प्रदूषित करने से बचने का संदेश दे रही थी. झांकी में मां गंगा को यह कहते हुए दिखाया गया था "मैं जीवन देने आई थी तुमने मुझे विनाश बना दिया." संदेश यह था कि गंगा में जहर नहीं जीवन बहने दो, गंगा बचेगी तो जीवन भी बचेगा, प्रकृति का सम्मान और भविष्य का निर्माण करो, गंगा की हर बूंद जीवन का वरदान है और गंगा को कचरा नहीं सम्मान दें. नयागांव काली संख्या तीन की झांकी बिहार प्रदेश को लेकर बनाई गई थी. प्रश्न था अब तक बिहार का सच बर्बादी या विकास. भविष्य की आशा समृद्ध बिहार दिखाया गया था. नीचे कैप्शन लिखा था सपनों का बिहार बनाएं मिलकर बिहार बचाएं 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    * विसर्जन शोभा यात्रा की झांकियां श्रद्धालुओं के लिए छोड़ गई कई संदेश

प्रतिनिधि जमालपुर

रेल नगरी जमालपुर की प्रतिमा विसर्जन शोभायात्रा अपने परंपरा के अनुसार गुरुवार की देर रात्रि निकलती रही. जिसको लेकर शहर के हृदय स्थली जुबली बेल चौक पर लगभग 10 घंटे तक हजारों श्रद्धालु टिके रहे. जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे. जमालपुर की प्रतिमाओं की विसर्जन शोभायात्रा की एक विशेषता यह रही है कि इसमें जो झांकियां निकाली जाती है, वह समसामयिक विषयों पर आधारित होती है और श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र भी बनी रहती है. इन झांकियां में राजनीतिक एवं राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, खेल, शासन प्रशासन एवं सामाजिक बुराइयों एवं कुरीतियों के विषय को शामिल किया जाता है. इस बार भी इसी प्रकार की झांकियां निकाली गई जो अपने पीछे ढेर सारे संदेश छोड़ गई है.
जगत जननी काली नंबर एक की प्रतिमा की झांकी इस वर्ष बिहार बदलेगा या युवा बाहर जाएगा की थीम पर आधारित थी. झांकी में जमुई गर्ल केस में कब मिलेगा इंसाफ के साथ शिक्षा, पलायन और विकास, रोजगार, सम्मान के साथ बाढ़ की विभीषिका को दर्शाया गया था. मोहनपुर की काली संख्या 2 की झांकी मां गंगा को प्रदूषित करने से बचने का संदेश दे रही थी. झांकी में मां गंगा को यह कहते हुए दिखाया गया था "मैं जीवन देने आई थी तुमने मुझे विनाश बना दिया." संदेश यह था कि गंगा में जहर नहीं जीवन बहने दो, गंगा बचेगी तो जीवन भी बचेगा, प्रकृति का सम्मान और भविष्य का निर्माण करो, गंगा की हर बूंद जीवन का वरदान है और गंगा को कचरा नहीं सम्मान दें.

नयागांव काली संख्या तीन की झांकी बिहार प्रदेश को लेकर बनाई गई थी. प्रश्न था अब तक बिहार का सच बर्बादी या विकास. भविष्य की आशा समृद्ध बिहार दिखाया गया था. नीचे कैप्शन लिखा था सपनों का बिहार बनाएं मिलकर बिहार बचाएं जागो बिहारी जागो. भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, शिक्षा, उद्योग धंधे की समस्या को भी दर्शाया गया था. डीह जमालपुर काली संख्या चार की झांकी भी भ्रष्टाचार का चक्रव्यूह और महंगाई की मार आम आदमी करे तो क्या करें अबकी बार थीम पर आधारित थी. चारों तरफ घूसखोरी, जनता बेबस और लाचार, डिग्री के बाद भी युवाओं को रोजगार नहीं, महंगाई की बोझ और महिलाओं की सुरक्षा के साथ लिखा था जीने का आस टूटा, गरीब समझकर सिस्टम ने लूटा.

मुंगरौड़ा कब्रिस्तान काली संख्या 5 की झांकी महिलाओं की सुरक्षा पर केंद्रित थी. इंसान जहां शैतान वहां के साथ पूछा गया था कब बनेगा देश महान. और शैतानों की दुनिया में बेटियों का कोई मोल नहीं. लिखा था कोई बोलता इस्लाम खतरे में कोई बोलता राम खतरे में. सदर फाड़ी काली संख्या 6 की झांकी विद्यार्थियों को प्रेरित करने वाली थी. दुनिया की हर चीज पराई है, कोई अपना है तो सिर्फ पढ़ाई है. कैप्शन लिखा था प्रति व्यक्ति को शिक्षा फ्री, देश में समान शिक्षा व्यवस्था, शिक्षित बेरोजगार, 80 करोड़ को राशन फ्री, सरकारी अस्पताल और 125 यूनिट बिजली फ्री. बीच में प्रधानमंत्री का चित्र लगा हुआ था.

केशवपुर की बम काली संख्या 7 की झांकी में सामाजिक समरसता का संदेश था. लिखा था ना गीत से ना कुरान से देश चलेगा संविधान से. नीचे समानता का अधिकार शिक्षा का अधिकार राष्ट्र शक्ति युवा शक्ति. जिमखाना की काली संख्या ने लोकतंत्र पर प्रहार किया था. लिखा था संसद में बैठ अनपढ़ नेता बना रहे नीति. कैप्शन था गड्ढे में देश को धकेल रही यह राजनीति. इसके साथ युवाओं का भविष्य अंधकार में, सवाल पूछना अपराध नहीं अधिकार है, जिंदगी और महंगाई की जंग तथा बेटियों पर हो रहे अत्याचार को प्रमुखता से उजागर किया गया था.

लोको रोड की काली संख्या 9 की झांकी में देश की  कुव्यवस्था पर प्रहार किया गया था. लिखा था शिक्षा में भले भारत पीछे हो लेकिन अंधभक्त में वर्ल्ड चैंपियन है. नीचे लिखा था आज विद्यालय ठीक करो कल शिक्षा बीच देश ठीक कर देंगे. इसके साथ जाति देखकर जीजा चुना जाता है ना कि नेता, कितनी बार आएगी पेपर लीक की सरकार और एथेनॉल का झोल मोबाइल गया तेल लेने का व्यंग्य था.
* विसर्जन शोभा यात्रा की झांकियां श्रद्धालुओं के लिए छोड़ गई कई संदेश
प्रतिनिधि जमालपुर
रेल नगरी जमालपुर की प्रतिमा विसर्जन शोभायात्रा अपने परंपरा के अनुसार गुरुवार की देर रात्रि निकलती रही. जिसको लेकर शहर के हृदय स्थली जुबली बेल चौक पर लगभग 10 घंटे तक हजारों श्रद्धालु टिके रहे. जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे. जमालपुर की प्रतिमाओं की विसर्जन शोभायात्रा की एक विशेषता यह रही है कि इसमें जो झांकियां निकाली जाती है, वह समसामयिक विषयों पर आधारित होती है और श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र भी बनी रहती है. इन झांकियां में राजनीतिक एवं राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, खेल, शासन प्रशासन एवं सामाजिक बुराइयों एवं कुरीतियों के विषय को शामिल किया जाता है. इस बार भी इसी प्रकार की झांकियां निकाली गई जो अपने पीछे ढेर सारे संदेश छोड़ गई है.
जगत जननी काली नंबर एक की प्रतिमा की झांकी इस वर्ष बिहार बदलेगा या युवा बाहर जाएगा की थीम पर आधारित थी. झांकी में जमुई गर्ल केस में कब मिलेगा इंसाफ के साथ शिक्षा, पलायन और विकास, रोजगार, सम्मान के साथ बाढ़ की विभीषिका को दर्शाया गया था. मोहनपुर की काली संख्या 2 की झांकी मां गंगा को प्रदूषित करने से बचने का संदेश दे रही थी. झांकी में मां गंगा को यह कहते हुए दिखाया गया था "मैं जीवन देने आई थी तुमने मुझे विनाश बना दिया." संदेश यह था कि गंगा में जहर नहीं जीवन बहने दो, गंगा बचेगी तो जीवन भी बचेगा, प्रकृति का सम्मान और भविष्य का निर्माण करो, गंगा की हर बूंद जीवन का वरदान है और गंगा को कचरा नहीं सम्मान दें.
नयागांव काली संख्या तीन की झांकी बिहार प्रदेश को लेकर बनाई गई थी. प्रश्न था अब तक बिहार का सच बर्बादी या विकास. भविष्य की आशा समृद्ध बिहार दिखाया गया था. नीचे कैप्शन लिखा था सपनों का बिहार बनाएं मिलकर बिहार बचाएं जागो बिहारी जागो. भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, शिक्षा, उद्योग धंधे की समस्या को भी दर्शाया गया था. डीह जमालपुर काली संख्या चार की झांकी भी भ्रष्टाचार का चक्रव्यूह और महंगाई की मार आम आदमी करे तो क्या करें अबकी बार थीम पर आधारित थी. चारों तरफ घूसखोरी, जनता बेबस और लाचार, डिग्री के बाद भी युवाओं को रोजगार नहीं, महंगाई की बोझ और महिलाओं की सुरक्षा के साथ लिखा था जीने का आस टूटा, गरीब समझकर सिस्टम ने लूटा.
मुंगरौड़ा कब्रिस्तान काली संख्या 5 की झांकी महिलाओं की सुरक्षा पर केंद्रित थी. इंसान जहां शैतान वहां के साथ पूछा गया था कब बनेगा देश महान. और शैतानों की दुनिया में बेटियों का कोई मोल नहीं. लिखा था कोई बोलता इस्लाम खतरे में कोई बोलता राम खतरे में. सदर फाड़ी काली संख्या 6 की झांकी विद्यार्थियों को प्रेरित करने वाली थी. दुनिया की हर चीज पराई है, कोई अपना है तो सिर्फ पढ़ाई है. कैप्शन लिखा था प्रति व्यक्ति को शिक्षा फ्री, देश में समान शिक्षा व्यवस्था, शिक्षित बेरोजगार, 80 करोड़ को राशन फ्री, सरकारी अस्पताल और 125 यूनिट बिजली फ्री. बीच में प्रधानमंत्री का चित्र लगा हुआ था.
केशवपुर की बम काली संख्या 7 की झांकी में सामाजिक समरसता का संदेश था. लिखा था ना गीत से ना कुरान से देश चलेगा संविधान से. नीचे समानता का अधिकार शिक्षा का अधिकार राष्ट्र शक्ति युवा शक्ति. जिमखाना की काली संख्या ने लोकतंत्र पर प्रहार किया था. लिखा था संसद में बैठ अनपढ़ नेता बना रहे नीति. कैप्शन था गड्ढे में देश को धकेल रही यह राजनीति. इसके साथ युवाओं का भविष्य अंधकार में, सवाल पूछना अपराध नहीं अधिकार है, जिंदगी और महंगाई की जंग तथा बेटियों पर हो रहे अत्याचार को प्रमुखता से उजागर किया गया था.
लोको रोड की काली संख्या 9 की झांकी में देश की  कुव्यवस्था पर प्रहार किया गया था. लिखा था शिक्षा में भले भारत पीछे हो लेकिन अंधभक्त में वर्ल्ड चैंपियन है. नीचे लिखा था आज विद्यालय ठीक करो कल शिक्षा बीच देश ठीक कर देंगे. इसके साथ जाति देखकर जीजा चुना जाता है ना कि नेता, कितनी बार आएगी पेपर लीक की सरकार और एथेनॉल का झोल मोबाइल गया तेल लेने का व्यंग्य था.
    user_Kumar Mithun
    Kumar Mithun
    मुंगेर, मुंगेर, बिहार•
    17 hrs ago
  • Post by Abdul Kuddus Abdul Kuddus
    1
    Post by Abdul Kuddus Abdul Kuddus
    user_Abdul Kuddus Abdul Kuddus
    Abdul Kuddus Abdul Kuddus
    बलिया, बेगूसराय, बिहार•
    18 hrs ago
  • गोगरी अनुमंडल अस्पताल में महीने दिनों से जल जमाव स्थानीय लोगों को हो रही है काफी परेशानी। जानकारी के अनुसार, गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 100 से 150 मरीज इलाज कराने पहुंचते हैं। ऐसे में अस्पताल परिसर में गंदा पानी जमा रहने से मरीजों को आने-जाने और खड़े रहने में परेशानी होती है। इसके बावजूद अब तक जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। स्थानीय लोगों ने नगर परिषद के अधिकारियों से इस दिशा में जल्द पहल करने की मांग की है। इस समस्या को लेकर स्थानीय विधायक बाबूलाल शौर्य ने भी कुछ दिन पहले नाराजगी जताई थी। उन्होंने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चंद्र प्रकाश को जल्द से जल्द परिसर की सफाई कराने और मिट्टी भराई करवाने का निर्देश दिया था। शुक्रवार शाम पांच बजे प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चंद्र प्रकाश ने बताया कि जलजमाव की समस्या से नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी सोनी कुमारी को अवगत करा दिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही जमा पानी की निकासी कराकर परिसर में मिट्टी भराई का कार्य कराया जाएगा। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस समस्या का समाधान कब तक करता है।
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    गोगरी अनुमंडल अस्पताल में महीने दिनों से जल जमाव स्थानीय लोगों को हो रही है काफी परेशानी।
जानकारी के अनुसार, गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 100 से 150 मरीज इलाज कराने पहुंचते हैं। ऐसे में अस्पताल परिसर में गंदा पानी जमा रहने से मरीजों को आने-जाने और खड़े रहने में परेशानी होती है। इसके बावजूद अब तक जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। स्थानीय लोगों ने नगर परिषद के अधिकारियों से इस दिशा में जल्द पहल करने की मांग की है।
इस समस्या को लेकर स्थानीय विधायक बाबूलाल शौर्य ने भी कुछ दिन पहले नाराजगी जताई थी। उन्होंने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चंद्र प्रकाश को जल्द से जल्द परिसर की सफाई कराने और मिट्टी भराई करवाने का निर्देश दिया था।
शुक्रवार शाम पांच बजे प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चंद्र प्रकाश ने बताया कि जलजमाव की समस्या से नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी सोनी कुमारी को अवगत करा दिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही जमा पानी की निकासी कराकर परिसर में मिट्टी भराई का कार्य कराया जाएगा।
अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस समस्या का समाधान कब तक करता है।
    user_Md Javed दैनिक भास्कर पत्रकार।
    Md Javed दैनिक भास्कर पत्रकार।
    गोगरी, खगड़िया, बिहार•
    18 hrs ago
  • परबत्ता सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में खीराडीह के मरीज की हार्ट अटैक से हुई मौत,परिजनों का स्वास्थ्य केंद्र की असुविधा पर रोष परबत्ता सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में खीराडीह के मरीज की हार्ट अटैक से हुई मौत,परिजनों का स्वास्थ्य केंद्र की असुविधा पर रोष जताया।
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    परबत्ता सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में खीराडीह के मरीज की हार्ट अटैक से हुई मौत,परिजनों का स्वास्थ्य केंद्र की असुविधा पर रोष 
परबत्ता सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में खीराडीह के मरीज की हार्ट अटैक से हुई मौत,परिजनों का स्वास्थ्य केंद्र की असुविधा पर रोष जताया।
    user_GAUTAM KUMAR
    GAUTAM KUMAR
    Parbatta, Khagaria•
    13 hrs ago
  • बेगूसराय- बेगूसराय में शिक्षक निर्वाचन में 90.47 एवं स्नातक निर्वाचन में 54.35 प्रतिशत हुआ मतदान, 27 को होगा मतगणना बेगूसराय में शिक्षक निर्वाचन में 90.47 प्रतिशत एवं स्नातक निर्वाचन में संबंध दशमलव 54.35% मतदान दर्ज किया गया. इस बात की जानकारी जनसंपर्क विभाग द्वारा शुक्रवार की देर रात 10:00 बजे मिली. बेगूसराय जिले में मतदान की प्रक्रिया सौहार्दपूर्ण एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई. इस को लेकर डीएम रिची पांडे एवं SP मनीष ने लगातार पूरे दिन विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया. इस संबंध में डीएम ने कहा कि मतगणना की प्रक्रिया 27 अक्टूबर को दरभंगा में आयोजित किया जाएगा. इसको लेकर सभी आवश्यक तैयारी पूरी कर ली गई.
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    बेगूसराय- बेगूसराय में शिक्षक निर्वाचन में 90.47 एवं स्नातक निर्वाचन में 54.35 प्रतिशत हुआ मतदान, 27 को होगा मतगणना
बेगूसराय में शिक्षक निर्वाचन में 90.47 प्रतिशत एवं स्नातक निर्वाचन में संबंध दशमलव 54.35% मतदान दर्ज किया गया. इस बात की जानकारी जनसंपर्क विभाग द्वारा शुक्रवार की देर रात 10:00 बजे मिली. बेगूसराय जिले में मतदान की प्रक्रिया सौहार्दपूर्ण एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई. इस को लेकर डीएम रिची पांडे एवं SP मनीष ने लगातार पूरे दिन विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया. इस संबंध में डीएम ने कहा कि मतगणना की प्रक्रिया 27 अक्टूबर को दरभंगा में आयोजित किया जाएगा. इसको लेकर सभी आवश्यक तैयारी पूरी कर ली गई.
    user_Ranjan Kumar
    Ranjan Kumar
    Interior designer बेगूसराय, बेगूसराय, बिहार•
    3 hrs ago
  • कोशी स्नातक निर्वाचन में तारापुर में 67.86 प्रतिशत मतदान तारापुर। कोशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद चुनाव के तहत शुक्रवार को तारापुर प्रखंड परिसर स्थित मतदान केंद्र पर शांतिपूर्ण माहौल में मतदान संपन्न हुआ। कुल 560 मतदाताओं में से 380 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस प्रकार मतदान का प्रतिशत 67.86 रहा। निर्वाचन कार्यालय से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मतदान सुबह आठ बजे शुरू हुआ और शाम चार बजे तक चला। मतदान करने वालों में 284 पुरुष और 96 महिला मतदाता शामिल रहीं। मतदान केंद्र पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पूरी प्रक्रिया कड़ी निगरानी में निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई गई। मतदान के दौरान मुख्यमंत्री के बड़े भाई ई. रोहित चौधरी, अमृता चौधरी, तारापुर आईटीआई कॉलेज की उप प्राचार्य सुमन कुमारी, स्नातक मतदाता शिव कुमार सिंह, अंकित कुमार, मनीष कुमार, जगत नारायण सिंह तथा अधिवक्ता वीरेंद्र सिंह कुशवाहा सहित कई प्रबुद्ध नागरिकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
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    कोशी स्नातक निर्वाचन में तारापुर में 67.86 प्रतिशत मतदान
तारापुर। कोशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद चुनाव के तहत शुक्रवार को तारापुर प्रखंड परिसर स्थित मतदान केंद्र पर शांतिपूर्ण माहौल में मतदान संपन्न हुआ। कुल 560 मतदाताओं में से 380 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस प्रकार मतदान का प्रतिशत 67.86 रहा।
निर्वाचन कार्यालय से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मतदान सुबह आठ बजे शुरू हुआ और शाम चार बजे तक चला। मतदान करने वालों में 284 पुरुष और 96 महिला मतदाता शामिल रहीं। मतदान केंद्र पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पूरी प्रक्रिया कड़ी निगरानी में निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई गई।
मतदान के दौरान मुख्यमंत्री के बड़े भाई ई. रोहित चौधरी, अमृता चौधरी, तारापुर आईटीआई कॉलेज की उप प्राचार्य सुमन कुमारी, स्नातक मतदाता शिव कुमार सिंह, अंकित कुमार, मनीष कुमार, जगत नारायण सिंह तथा अधिवक्ता वीरेंद्र सिंह कुशवाहा सहित कई प्रबुद्ध नागरिकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
    user_SUMIT KUMAR
    SUMIT KUMAR
    Press advisory तारापुर, मुंगेर, बिहार•
    13 hrs ago
  • 🙏 कृपया विडियो देखें मदद में सुप्रीम कोर्ट से सुनवाई करवाकर यंत्रों को हटाने के लिए मदद की ज़रूरत है। 🙏"Please watch the video, help is needed to get a hearing in the Supreme Court to have the devices/instruments removed." #support #help #ᴠɪʀᴀʟᴠɪᴅᴇᴏ #viralreeĺs #video
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    🙏 कृपया विडियो देखें मदद में सुप्रीम कोर्ट से सुनवाई करवाकर यंत्रों को हटाने के लिए मदद की ज़रूरत है।
🙏"Please watch the video, help is needed to get a hearing in the Supreme Court to have the devices/instruments removed."
#support #help #ᴠɪʀᴀʟᴠɪᴅᴇᴏ #viralreeĺs #video
    user_मोहम्मद मुर्तुजा आलम
    मोहम्मद मुर्तुजा आलम
    Army facility Jamalpur, Munger•
    20 hrs ago
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