*जल जीवन मिशन घोटाले के मुख्य दलाल संजय बडाया को दिल्ली एयरपोर्ट पर दबोचा* *जल जीवन मिशन घोटाले के मुख्य दलाल संजय बडाया को दिल्ली एयरपोर्ट पर दबोचा* राजस्थान के बहुचर्चित जल जीवन मिशन घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित मुख्य बिचौलिया संजय बडाया को दिल्ली एयरपोर्ट से हिरासत में ले लिया। एसीबी की टीम उसे जयपुर लेकर आ रही है । सूत्रों के अनुसार एसीबी को पहले ही मुखबिरों के जरिए पुख्ता सूचना मिल चुकी थी कि बढाया थाईलैंड से भारत लौट रहा है। इसी इनपुट के आधार पर एसीबी की विशेष टीम दिल्ली एयरपोर्ट पर पहले से ही तैनात कर दी गई थी। बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी पिछले कई घंटों से बडाया की फ्लाइट और मूवमेंट पर नजर बनाए हुए थी। जैसे ही फ्लाइट ने दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंडिंग की और संजय बडाया बाहर निकलने की प्रक्रिया में आगे बढ़ा, एसीबी अधिकारियों ने उसे घेरकर हिरासत में ले लिया। कार्रवाई इतनी गोपनीय और सटीक थी कि बडाया को संभलने का मौका तक नहीं मिला। उसके खिलाफ पहले से लुकआउट सर्कुलर जारी किया जा चुका था, जिसके चलते इमिग्रेशन एजेंसियां भी अलर्ट मोड पर थीं। संजय बडाया को जल जीवन मिशन घोटाले की सबसे अहम कड़ी माना जा रहा है। जांच एजेंसियों का दावा है कि वह केवल एक साधारण बिचौलिया नहीं, बल्कि पूरे कथित नेटवर्क का सक्रिय संचालक था। आरोप है कि उसने अफसरों, ठेकेदारों और राजनीतिक प्रभावशाली लोगों के बीच समन्वय स्थापित कर करोड़ों रुपये के टेंडरों को प्रभावित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एसीबी सूत्रों के अनुसार बडाया कथित कमीशनखोरी, टेंडर मैनेजमेंट, अधिकारियों की पोस्टिंग और पसंदीदा कंपनियों को फायदा पहुंचाने के मामलों में भी सक्रिय रूप से शामिल रहा। जल जीवन मिशन घोटाला करीब 960 करोड़ रुपये की अनियमितताओं से जुड़ा माना जा रहा है। आरोप है कि कुछ निजी कंपनियों को फर्जी अनुभव प्रमाण पत्रों और संदिग्ध दस्तावेजों के आधार पर करोड़ों रुपये के टेंडर दिए गए। जांच में कई ऐसी फर्मों के नाम सामने आए हैं जिन पर सरकारी प्रक्रिया को प्रभावित कर अनुचित लाभ लेने के आरोप हैं। एसीबी पहले ही इस मामले में कई ठिकानों पर छापेमारी कर महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटा चुकी है। इससे पहले पूर्व जलदाय मंत्री डॉ. महेश जोशी और पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव सुबोध अग्रवाल की गिरफ्तारी ने राजस्थान की राजनीति और नौकरशाही में भूचाल ला दिया था। अब संजय बडाया की गिरफ्तारी को पूरे घोटाले की “मास्टर कड़ी” तक पहुंचने वाली कार्रवाई माना जा रहा है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि बढाया से पूछताछ में उन लोगों के नाम सामने आ सकते हैं जो अब तक पर्दे के पीछे बताए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक एसीबी अब संजय बडाया को जयपुर लाकर विस्तृत पूछताछ करेगी। संभावना जताई जा रही है कि उसे पूर्व मंत्री महेश जोशी समेत अन्य आरोपियों के आमने-सामने बैठाकर भी पूछताछ की जा सकती है। जांच एजेंसियां अब वित्तीय लेन-देन, कथित बेनामी निवेश, विदेश यात्राओं और राजनीतिक संरक्षण के पहलुओं को भी खंगाल रही हैं। राजस्थान की राजनीति में जल जीवन मिशन घोटाला लगातार बड़ा मुद्दा बना हुआ है। विपक्ष पहले ही आरोप लगा चुका है कि आमजन को पेयजल उपलब्ध कराने की महत्वाकांक्षी योजना को भ्रष्टाचार का माध्यम बना दिया गया। वहीं एसीबी की लगातार कार्रवाई यह संकेत दे रही है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े नाम जांच के दायरे में आ सकते हैं।
*जल जीवन मिशन घोटाले के मुख्य दलाल संजय बडाया को दिल्ली एयरपोर्ट पर दबोचा* *जल जीवन मिशन घोटाले के मुख्य दलाल संजय बडाया को दिल्ली एयरपोर्ट पर दबोचा* राजस्थान के बहुचर्चित जल जीवन मिशन घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित मुख्य बिचौलिया संजय बडाया को दिल्ली एयरपोर्ट से हिरासत में ले लिया। एसीबी की टीम उसे जयपुर लेकर आ रही है । सूत्रों के अनुसार एसीबी को पहले ही मुखबिरों के जरिए पुख्ता सूचना मिल चुकी थी कि बढाया थाईलैंड से भारत लौट रहा है। इसी इनपुट के आधार पर एसीबी की विशेष टीम दिल्ली एयरपोर्ट पर पहले से ही तैनात कर दी गई थी। बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी पिछले कई घंटों से बडाया की फ्लाइट और मूवमेंट पर नजर बनाए हुए थी। जैसे ही फ्लाइट ने दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंडिंग की और संजय बडाया बाहर निकलने की प्रक्रिया में आगे बढ़ा, एसीबी अधिकारियों ने उसे घेरकर हिरासत में ले लिया। कार्रवाई इतनी गोपनीय और सटीक थी कि बडाया को संभलने का मौका तक नहीं मिला। उसके खिलाफ पहले से लुकआउट सर्कुलर जारी किया जा चुका था, जिसके चलते इमिग्रेशन एजेंसियां भी अलर्ट मोड पर थीं। संजय बडाया को जल जीवन मिशन घोटाले की सबसे अहम कड़ी माना जा रहा है। जांच एजेंसियों का दावा है कि वह केवल एक साधारण बिचौलिया नहीं, बल्कि पूरे कथित नेटवर्क का सक्रिय संचालक था। आरोप है कि उसने अफसरों, ठेकेदारों और राजनीतिक प्रभावशाली लोगों के बीच समन्वय स्थापित कर करोड़ों रुपये के टेंडरों को प्रभावित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एसीबी सूत्रों के अनुसार बडाया कथित कमीशनखोरी, टेंडर मैनेजमेंट, अधिकारियों की पोस्टिंग और पसंदीदा कंपनियों को फायदा पहुंचाने के मामलों में भी सक्रिय रूप से शामिल रहा। जल जीवन मिशन घोटाला करीब 960 करोड़ रुपये की अनियमितताओं से जुड़ा माना जा रहा है। आरोप है कि कुछ निजी कंपनियों को फर्जी अनुभव प्रमाण पत्रों और संदिग्ध दस्तावेजों के आधार पर करोड़ों रुपये के टेंडर दिए गए। जांच में कई ऐसी फर्मों के नाम सामने आए हैं जिन पर सरकारी प्रक्रिया को प्रभावित कर अनुचित लाभ लेने के आरोप हैं। एसीबी पहले ही इस मामले में कई ठिकानों पर छापेमारी कर महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटा चुकी है। इससे पहले पूर्व जलदाय मंत्री डॉ. महेश जोशी और पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव सुबोध अग्रवाल की गिरफ्तारी ने राजस्थान की राजनीति और नौकरशाही में भूचाल ला दिया था। अब संजय बडाया की गिरफ्तारी को पूरे घोटाले की “मास्टर कड़ी” तक पहुंचने वाली कार्रवाई माना जा रहा है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि बढाया से पूछताछ में उन लोगों के नाम सामने आ सकते हैं जो अब तक पर्दे के पीछे बताए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक एसीबी अब संजय बडाया को जयपुर लाकर विस्तृत पूछताछ करेगी। संभावना जताई जा रही है कि उसे पूर्व मंत्री महेश जोशी समेत अन्य आरोपियों के आमने-सामने बैठाकर भी पूछताछ की जा सकती है। जांच एजेंसियां अब वित्तीय लेन-देन, कथित बेनामी निवेश, विदेश यात्राओं और राजनीतिक संरक्षण के पहलुओं को भी खंगाल रही हैं। राजस्थान की राजनीति में जल जीवन मिशन घोटाला लगातार बड़ा मुद्दा बना हुआ है। विपक्ष पहले ही आरोप लगा चुका है कि आमजन को पेयजल उपलब्ध कराने की महत्वाकांक्षी योजना को भ्रष्टाचार का माध्यम बना दिया गया। वहीं एसीबी की लगातार कार्रवाई यह संकेत दे रही है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े नाम जांच के दायरे में आ सकते हैं।
- राजस्थान में जनगणना 2027 के तहत नागरिकों से घर बैठे मोबाइल से स्व-गणना करने का आग्रह किया गया है। यह डिजिटल इंडिया की एक बड़ी पहल है, जिसमें सभी नागरिकों की भागीदारी 15 मई तक मांगी गई है। अपने राज्य के भविष्य के लिए इस महत्वपूर्ण कार्य में अवश्य सहयोग करें।1
- बड़े भाई ने की छोटे भाई की पत्नी की हत्या, झगडे में आवेश में आकर सिर पर मारी लोहे की रॉड एंकर इंट्रो - डूंगरपुर जिले के ओबरी थाना क्षेत्र की बिलिया बडगामा पंचायत के राजपुर गाँव में एक बड़े भाई ने अपने छोटे भाई की पत्नी की हत्या कर दी | झगडे के दौरान आवेश में आकर लोहे की रॉड से महिला के सिर पर हमला किया जिससे उसकी वही मौत हो गई | पुलिस मामले की जांच में जुटी है | जिले के ओबरी थानाधिकारी रमेश कुमार ने बताया कि राजपुर गाँव निवासी शांतिलाल भगोरा पिछले 20 साल से बाहर रहकर मजदूरी करता था | पिछले 5 माह से घर पर था | आज सुबह उसका छोटा भाई फाइनेंसकर्मी बाँसवाड़ा के कुशलगढ़ चला गया था | जीवतराम के जाने के बाद शांतिलाल जीवतराम के कमरे में घुसा और जीवतराम की पत्नी प्रमिला के सिर पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया | महिला के चिल्लाने पर घर के अन्य लोग दौड़कर आए लेकिन प्रमिला की मौके पर ही मौत हो गई थी | घटना की सुचना पर ओबरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची ओर घटना स्थल का जायजा लिया | वही एफएसएल की टीम ने भी मौके पर साक्ष्य जुटाए | इधर पुलिस की सुचना पर मृतका का पीहर पक्ष भी मौके पर पहुंचा ओर हंगामा खड़ा कर दिया | काफी घंटो की समझाइश के बाद पुलिस ने शव को मौके से उठवाकर सागवाडा अस्पताल की मोर्चरी में शिफ्ट करवाया | जहा पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौपा | पुलिस ने आरोपी जेठ शांतिलाल को डिटेन कर लिया है | हालाकि हत्या के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है | पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है |1
- मां की ममता शर्मसार, दो नदी में मिला 8 से 9 माह के बालक का भ्रूण, पुलिस जांच में जुटी डूंगरपुर जिले के सदर थाना क्षेत्र में दो नदी में एक भ्रूण मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से भ्रूण को नदी से बाहर निकलवाया। इसके बाद भ्रूण को डूंगरपुर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। पुलिस ने अज्ञात महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। भ्रूण 8 से 9 माह का बताया जा रहा है।1
- डूंगरपुर नगर परिषद ने 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के तहत एक भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया। यह यात्रा सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले आक्रमण के 1000 वर्ष और उसके आधुनिक पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में निकाली गई। सैकड़ों महिलाओं और शहरवासियों ने इसमें भाग लेकर धनेश्वर मंदिर में शिव अभिषेक और महाआरती की।1
- राजस्थान के डूंगरपुर में 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के तहत भव्य कलश यात्रा निकाली गई। मुख्यमंत्री के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य सोमनाथ मंदिर के गौरवमयी इतिहास को जन-जन तक पहुँचाना था। इस ऐतिहासिक यात्रा में मातृशक्ति और धर्मप्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की।3
- डूंगरपुर पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ कर एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह भोले-भाले लोगों के बैंक खाते किराए पर लेकर देशभर में ₹50 लाख से ज़्यादा की ठगी करता था। पुलिस अब इस गिरोह के मुख्य सरगना की तलाश में जुटी है।1
- उदयपुर के झाड़ोल थाने ने 'सुदर्शन चक्र-2' अभियान के तहत 4 साल से फरार स्थाई वारंटी प्रेमलाल उर्फ नानालाल को गिरफ्तार किया। यह आरोपी राजसमंद जिले में नकबजनी के मामले में वांछित था और पुलिस की टॉप-10 सूची में शामिल था।1
- जयपुर में जनगणना-2027 के 'स्व-गणना' अभियान के तहत एक बड़ा जागरूकता कैंप सफलतापूर्वक आयोजित हुआ। इसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों को 1 से 15 मई तक अपनी जनगणना जानकारी स्वयं दर्ज करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस पहल से राजस्थान में आगामी जनगणना प्रक्रिया में जनता की सीधी भागीदारी सुनिश्चित होगी।4