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आगामी त्योहारों के मद्देनजर कासगंज पुलिस ने अलर्ट मोड पर रहते हुए सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। एसपी ओ.पी. सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल ने कासगंज और ढोलना क्षेत्र के मुख्य बाजारों, भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील इलाकों में पैदल गश्त कर फ्लैग मार्च किया। इस दौरान संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन चेकिंग भी की गई। पुलिस ने व्यापारियों से सीसीटीवी कैमरे लगाने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, आम जनता से अफवाहों से बचने और किसी भी सूचना के लिए डायल-112 या नजदीकी थाने से संपर्क करने की अपील भी की गई।
Soron Live 24
आगामी त्योहारों के मद्देनजर कासगंज पुलिस ने अलर्ट मोड पर रहते हुए सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। एसपी ओ.पी. सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल ने कासगंज और ढोलना क्षेत्र के मुख्य बाजारों, भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील इलाकों में पैदल गश्त कर फ्लैग मार्च किया। इस दौरान संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन चेकिंग भी की गई। पुलिस ने व्यापारियों से सीसीटीवी कैमरे लगाने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, आम जनता से अफवाहों से बचने और किसी भी सूचना के लिए डायल-112 या नजदीकी थाने से संपर्क करने की अपील भी की गई।
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- बदायूं के बगरैन क्षेत्र में भाजपा महिला मोर्चा की मंडल अध्यक्ष रीना राघव और उनके बेटे सहवाग राघव उर्फ केशु राघव पर ऑनलाइन ठगी और हवाला नेटवर्क चलाने के गंभीर आरोप लगे हैं। दावा किया गया है कि इन पर बेरोजगार युवाओं के बैंक खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी, हवाला और सट्टेबाजी के पैसों के लेनदेन के लिए करने का आरोप है। इस मामले को लेकर इलाके में हड़कंप मचा हुआ है, खासकर वायरल हुए कुछ दस्तावेजों और ऑडियो के सामने आने के बाद। अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या राजनीतिक रसूख के चलते इस मामले में कोई कार्रवाई रुकी हुई है।1
- एक पिता का कर्तव्य केवल परिवार का पालन-पोषण करना ही नहीं, बल्कि जीवन भर अपने बच्चों का मार्गदर्शन और समर्थन करना भी है। एक अच्छा पिता अपने कार्यों के माध्यम से अनुशासन, सम्मान और ईमानदारी सिखाता है। वह मुश्किल समय में अपने परिवार के साथ मजबूती से खड़ा रहता है और अपने बच्चों के लिए एक उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत करता है। एक स्नेही पिता अपने बच्चों की बातें सुनता है, उन्हें समझता है और उनके सपनों को पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करता है। उसका प्रेम अक्सर शब्दों से अधिक जिम्मेदारी, त्याग और सुरक्षा के द्वारा प्रकट होता है। जब एक पिता ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करता है, तो वह एक मजबूत, सुखी और सम्मानजनक परिवार का निर्माण करता है, जहाँ प्रत्येक सदस्य स्वयं को सुरक्षित, मूल्यवान और प्रिय महसूस करता है।1
- उन्नाव जनपद के आसीवन थाना क्षेत्र में डायल 112 की एक स्कॉर्पियो गाड़ी सड़क हादसे का शिकार हो गई है। यह दुर्घटना थाना आसीवन की 112 पीआरवी स्कॉर्पियो की ड्यूटी के दौरान हुई, जिसमें मुख्य आरक्षी रमेश यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में स्कॉर्पियो चालक को मामूली चोटें आई हैं और उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। वहीं, गाड़ी में तैनात कमांडर मुख्य आरक्षी रमेश यादव को गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उन्हें तत्काल जिला अस्पताल रेफर किया गया है। अस्पताल में उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।1
- Post by Star ToDay Samachar1
- बदायूं पुलिस ने इस्लामनगर और सिठौली डकैती कांड का बड़ा खुलासा करते हुए पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में तीन बदमाशों के पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, अन्य दो आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार किए गए ये बदमाश हापुड़ और संभल से संबंध रखते हैं। ये खेतों के रास्ते गांवों में घुसकर डकैती और चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस की घेराबंदी करने पर बदमाशों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी कार्रवाई की और तीन बदमाश घायल हो गए। पुलिस ने इन बदमाशों के कब्जे से लूटे गए जेवरात, नकदी, तमंचे और कारतूस भी बरामद किए हैं। इस सफल कार्रवाई पर बदायूं की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने पुलिस टीम की सराहना की और नकद इनाम की घोषणा भी की है।1
- बदायूं पुलिस ने कप्तान एसएसपी अंकिता शर्मा के नेतृत्व में चलाए गए अपने मशहूर 'ऑपरेशन लंगड़ा' के तहत एक 'हॉट एनकाउंटर' में हापुड़ और संभल से आए पांच खूंखार डकैतों को पकड़ लिया है। इस कार्रवाई में तीन डकैतों के पैरों में गोली लगी, जिसके चलते उन्हें सीधे अस्पताल के ऑर्थोपेडिक वार्ड पहुंचाया गया। पुलिस ने इन बदमाशों को बदायूं में खेतों के रास्ते डकैती डालने के लिए घुसते वक्त घेरा। जानकारी के अनुसार, बीती 19/20 मई की रात को इस्लामनगर और सिठौली में इन चोर-डकैतों ने हाथ साफ किया था। ये बदमाश हापुड़ और संभल की बजाय बदायूं के खेतों को अपना 'रैंप वॉक' ट्रैक बनाकर चुपके से गांवों में घुसकर डकैती डालना अपना 'परमानेंट बिजनेस मॉडल' बना चुके थे। मुखबिर की पक्की सूचना पर जब पुलिस ने इन डकैतों की घेराबंदी की, तो आत्मसमर्पण करने के बजाय उन्होंने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में बदायूं पुलिस की सटीक 'यॉर्कर' सीधे बदमाशों के पैरों के 'स्टंप्स' पर जाकर लगी। मुठभेड़ में मनोज और किशनपाल के पैरों में गोली लगने से वे 'बेड रेस्ट' और 'व्हीलचेयर' के लिए तैयार हो गए हैं, जबकि भूरे नामक बदमाश को पैर में गोली लगने के बाद प्लास्टर चढ़वाने की तैयारी है। उनके बाकी दो साथियों को भी सलाखों के पीछे भेज दिया गया है। पुलिस ने इन बदमाशों के पास से लूटे गए सोने-चांदी के जेवरात, भारी मात्रा में नगदी, और अवैध तमंचे व कारतूस भी बरामद किए हैं, जिनसे वे पुलिस को डराने की नाकाम कोशिश कर रहे थे। इस शानदार और सटीक कार्रवाई के बाद एसएसपी अंकिता शर्मा बेहद गदगद हैं और उन्होंने अपनी जांबाज टीम की पीठ थपथपाते हुए 25,000 रुपये के नकद इनाम की घोषणा की है। बदायूं पुलिस ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अगर कोई गलत इरादे से खेतों के रास्ते जिले में घुसेगा, तो पुलिस उसे सीधे अस्पताल के रास्ते जेल पहुंचाएगी। पुलिस ने अपराधियों को संदेश दिया है कि वे सुधर जाएं, वरना 'ऑपरेशन लंगड़ा' में उनका अगला नंबर भी आ सकता है।3
- आगामी त्योहारों के मद्देनजर कासगंज पुलिस ने अलर्ट मोड पर रहते हुए सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। एसपी ओ.पी. सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल ने कासगंज और ढोलना क्षेत्र के मुख्य बाजारों, भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील इलाकों में पैदल गश्त कर फ्लैग मार्च किया। इस दौरान संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन चेकिंग भी की गई। पुलिस ने व्यापारियों से सीसीटीवी कैमरे लगाने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, आम जनता से अफवाहों से बचने और किसी भी सूचना के लिए डायल-112 या नजदीकी थाने से संपर्क करने की अपील भी की गई।1
- अलीगढ़ के सासनीगेट इलाके में एक यूट्यूबर, जो पेशेवर तौर पर लोगों के वीडियो बनाकर उन्हें यूट्यूब पर अपलोड किया करते थे, आज खुद ही एक घटना के वीडियो का हिस्सा बन गए। यह स्थिति तब पैदा हुई जब वे एक विवादित प्रॉपर्टी से जुड़े मामले में सिफारिश करने के लिए पहुंचे थे। इस घटना के परिणामस्वरूप, उन्हें अपनी बुलेट छोड़कर मौके से 'भन भन' भागना पड़ा।1
- यह स्पष्ट किया गया है कि भोजशाला मंदिर ही है, न कि मस्जिद। इस घोषणा के बावजूद, मुस्लिमों को भोजशाला में प्रवेश मिलेगा। हालांकि, इसके लिए उन्हें बस एक विशिष्ट कार्य करना होगा।1