राजनगर प्रखंड के गोपीनाथपुर गांव में सोमवार को सैकड़ों कार्डधारी राशन डीलर प्रदीप साहू के समर्थन में प्रखंड कार्यालय पहुंचे। उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) और प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (एमओ) से तत्काल राशन वितरण सुनिश्चित कराने की अपील की। कार्डधारियों ने अधिकारियों को बताया कि उन्हें राशन डीलर प्रदीप साहू के कार्यों से कोई शिकायत नहीं है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव के कुछ लोगों ने व्यक्तिगत स्वार्थ के चलते डीलर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद विभागीय जांच शुरू हुई। इस जांच प्रक्रिया के कारण इस माह का राशन अभी तक लाभुकों में नहीं बँट पाया है, जिससे सैकड़ों परिवार प्रभावित हो रहे हैं। प्रखंड कार्यालय पहुँचे लाभुकों ने यह भी बताया कि प्रदीप साहू नियमित रूप से और समय पर राशन वितरण करते रहे हैं, तथा ग्रामीण उनके व्यवहार और कार्यशैली से पूरी तरह संतुष्ट हैं। उन्होंने अधिकारियों से मांग की कि भले ही जांच प्रक्रिया जारी रहे, लेकिन लाभुकों के राशन वितरण में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए। ग्रामीणों ने अधिकारियों से जल्द से जल्द राशन उपलब्ध कराकर वितरण शुरू कराने का आग्रह किया। मौके पर उपस्थित कार्डधारियों ने मीडिया के सामने भी एक स्वर में प्रदीप साहू के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वे प्रदीप साहू को ही अपने राशन डीलर के रूप में बनाए रखना चाहते हैं और उनके खिलाफ की गई शिकायतों को कुछ व्यक्तियों की निजी नाराजगी का नतीजा बताया। ग्रामीणों की इतनी बड़ी संख्या में मौजूदगी और उनके एकजुट समर्थन से इस पूरे मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं, जबकि लाभुकों की प्रमुख मांग है कि जल्द से जल्द राशन उपलब्ध कराकर वितरण शुरू किया जाए, ताकि किसी भी जरूरतमंद परिवार को परेशानी का सामना न करना पड़े।
राजनगर प्रखंड के गोपीनाथपुर गांव में सोमवार को सैकड़ों कार्डधारी राशन डीलर प्रदीप साहू के समर्थन में प्रखंड कार्यालय पहुंचे। उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) और प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (एमओ) से तत्काल राशन वितरण सुनिश्चित कराने की अपील की। कार्डधारियों ने अधिकारियों को बताया कि उन्हें राशन डीलर प्रदीप साहू के कार्यों से कोई शिकायत नहीं है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव के कुछ लोगों ने व्यक्तिगत स्वार्थ के चलते डीलर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद विभागीय जांच शुरू हुई। इस जांच प्रक्रिया के कारण इस माह का राशन अभी तक लाभुकों में नहीं बँट पाया है, जिससे सैकड़ों परिवार प्रभावित हो रहे हैं। प्रखंड कार्यालय पहुँचे लाभुकों ने यह भी बताया कि प्रदीप साहू नियमित रूप से और समय पर राशन वितरण करते रहे हैं, तथा ग्रामीण उनके व्यवहार और कार्यशैली से पूरी तरह संतुष्ट हैं। उन्होंने अधिकारियों से मांग की कि भले ही जांच प्रक्रिया जारी रहे, लेकिन लाभुकों के राशन वितरण में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए। ग्रामीणों ने अधिकारियों से जल्द से जल्द राशन उपलब्ध कराकर वितरण शुरू कराने का आग्रह किया। मौके पर उपस्थित कार्डधारियों ने मीडिया के सामने भी एक स्वर में प्रदीप साहू के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वे प्रदीप साहू को ही अपने राशन डीलर के रूप में बनाए रखना चाहते हैं और उनके खिलाफ की गई शिकायतों को कुछ व्यक्तियों की निजी नाराजगी का नतीजा बताया। ग्रामीणों की इतनी बड़ी संख्या में मौजूदगी और उनके एकजुट समर्थन से इस पूरे मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं, जबकि लाभुकों की प्रमुख मांग है कि जल्द से जल्द राशन उपलब्ध कराकर वितरण शुरू किया जाए, ताकि किसी भी जरूरतमंद परिवार को परेशानी का सामना न करना पड़े।
- आज 15 जून 2026 को मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के बड़ा गूंटिया ग्राम पंचायत में एक व्यापक एंटी-ड्रग्स अभियान चलाया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्थानीय लोगों को ड्रग्स के गंभीर दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करना था, ताकि वे नशे से दूर रह सकें और स्वस्थ जीवन अपना सकें। अभियान के दौरान, उपस्थित ग्रामीणों को 'नशा छोड़ो जीवन से नाता जोड़ो' का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया, जिसमें उन्हें नशे की लत के चक्र को तोड़ने और जीवन के सकारात्मक पहलुओं से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया। इसके अतिरिक्त, लोगों को यह भी निर्देश दिया गया कि वे ड्रग्स और नशीली दवाओं की खरीद-बिक्री, सेवन या परिवहन में शामिल किसी भी व्यक्ति के बारे में जानकारी तत्काल नजदीकी पुलिस थाने में या डायल 112 पर दें, ताकि ऐसे असामाजिक तत्वों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके। इस जागरूकता अभियान में मुफ्फसिल थाना प्रभारी ने स्वयं सक्रिय रूप से भाग लिया और मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों तथा इसकी रोकथाम के महत्व को लेकर ग्रामीणों को सचेत किया, जिससे सामुदायिक स्तर पर नशे के खिलाफ एक मजबूत संदेश गया।1
- पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त मनीष कुमार और पुलिस अधीक्षक अमित रेनू ने हाल ही में चाईबासा मंडल कारा का औचक निरीक्षण किया। इस गहन निरीक्षण के दौरान कारा परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक प्रबंधन संतोषजनक पाया गया। अधिकारियों को परिसर में किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री, प्रतिबंधित वस्तु या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी प्राप्त नहीं हुई। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक ने कारा परिसर के विभिन्न वार्डों, बैरकों, सुरक्षा व्यवस्थाओं, प्रवेश एवं निकास बिंदुओं सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थलों का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने कारा अधिकारियों को सुरक्षा संबंधी मानकों का कड़ाई से अनुपालन करने का निर्देश दिया, साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि कारा की सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। इस अवसर पर उपायुक्त मनीष कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि कारा की सुरक्षा व्यवस्था और बंदियों के कल्याण से संबंधित व्यवस्थाओं का समय-समय पर निरीक्षण अत्यंत आवश्यक है।1
- राज्य को पूरी तरह नशामुक्त बनाने के सरकारी उद्देश्य के साथ, 15 जून 2026, सोमवार को जिला समाहरणालय परिसर से जिला उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने संयुक्त रूप से 05 जागरूकता रथों को हरी झंडी दिखाकर विभिन्न क्षेत्रों के लिए रवाना किया। यह बड़ा जन-जागरूकता अभियान, जो नशीले एवं मादक पदार्थों के विरुद्ध है, पूरे राज्य में 10 जून 2026 से 26 जून 2026 तक संचालित किया जा रहा है। रवाना किए गए ये सभी पाँच जागरूकता रथ आधुनिक ऑडियो एवं वीडियो उपकरणों से सुसज्जित हैं। ये रथ प्रशासन द्वारा तैयार किए गए एक निर्धारित रोस्टर के अनुसार जिले के अलग-अलग ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भ्रमण करेंगे। इन रथों के माध्यम से आम जनता से नशीले पदार्थों के सेवन से दूर रहने की अपील की जाएगी। इस महाअभियान के तहत लोगों को मुख्य रूप से तीन स्तरों पर जागरूक किया जाएगा: नशे के सेवन से शरीर और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले जानलेवा स्वास्थ्य संबंधी प्रभाव, मादक पदार्थों के कारण परिवारों की कमजोर होती आर्थिक स्थिति, और समाज तथा परिवार में घटती प्रतिष्ठा व बिखरते रिश्तों जैसे सामाजिक प्रभाव। जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे इस अभियान से जुड़कर अपने आस-पड़ोस को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।3
- सरायकेला-खरसवां जिले के चांडिल थाना क्षेत्र अंतर्गत चिलगु गाँव निवासी जितेन दास की राष्ट्रीय राजमार्ग-33 (NH-33) पर एक तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से मृत्यु हो गई। इस दुखद घटना के बाद, स्थानीय ग्रामीणों ने सड़क पर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रशासन से तत्काल सड़क सुरक्षा उपायों को लागू करने, वाहनों की गति को नियंत्रित करने और इस मामले में ठोस प्रशासनिक कार्रवाई करने की पुरज़ोर मांग की है। ग्रामीणों ने विशेष रूप से प्रशासनिक जवाबदेही तय करने पर भी जोर दिया है।1
- गोईलकेरा बाजार में स्थायी रूप से दुकानें लगाकर बाजार की जगह पर अवैध कब्जा किया जा रहा है, जिससे आम लोगों और छोटे दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जहाँ साप्ताहिक बाजार लगता है, वहाँ कुछ लोगों ने अपनी दुकानें स्थायी तौर पर जमा ली हैं और अपना सामान दिन-रात वहीं पड़ा रहने देते हैं। इस कब्जे के कारण आसपास के लोग लगातार परेशान हो रहे हैं। इन कब्जेदार दुकानदारों द्वारा अपने व्यापार के लिए दूसरों को भी परेशान किया जाता है। खास बात यह है कि जहाँ छोटे दुकानदार अपनी आजीविका चलाने के लिए छोटी-मोटी दुकानें लगाते हैं, वहाँ ये कब्जेदार एक दुकान के लिए तीन से चार लोगों की जगह घेर लेते हैं। इससे बाजार में जगह की कमी हो रही है और छोटे व्यापारियों के रोजगार पर सीधा असर पड़ रहा है।3
- सोमवार को चाईबासा स्थित सर्किट हाउस में भाजपा द्वारा एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। इस दौरान क्योंझर के सांसद अंनत नायक ने केंद्र की मोदी सरकार के '12 साल बेमिसाल' थीम पर प्रकाश डालते हुए, उसकी विभिन्न उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी साझा की। इस प्रेसवार्ता का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार की सफलताओं से अवगत कराना था।1
- 15 जून 2026 को विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर, चाईबासा जिले में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से एक विशाल रक्तदान महाभियान चलाया गया। "रक्तदान करें, अच्छा लगता है" और "रक्तदान-महादान" के पवित्र संदेशों के साथ आयोजित इस अभियान में कुल 6 प्रमुख स्थानों पर शिविर लगाए गए, जहाँ विभिन्न वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और रिकॉर्ड 254 यूनिट रक्त का संग्रह किया गया। इस महाभियान में सशस्त्र बलों के जवानों ने भारी संख्या में रक्तदान करके अग्रिम पंक्ति में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। उनके साथ ही, स्थानीय व्यवसायी वर्ग, युवाओं, महिलाओं और क्षेत्र के प्रबुद्धजनों ने भी मानवता की सेवा के लिए अपना रक्त दान किया। जिले के नागरिकों की सुविधा के लिए छह अलग-अलग केंद्रों पर डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की देखरेख में सुरक्षित रक्तदान की व्यवस्था की गई थी, जहाँ प्रत्येक रक्तदाता का पहले स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और रक्तदान के बाद उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया। एकत्रित किए गए 254 यूनिट रक्त को जिला ब्लड बैंक में सुरक्षित रखा गया है, जो आपातकालीन स्थितियों में मरीजों और जरूरतमंदों के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। स्वास्थ्य अधिकारियों ने इस सफल आयोजन के लिए सभी रक्तदाताओं और सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि एक यूनिट रक्त किसी मरते हुए व्यक्ति को नया जीवन दे सकता है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इस तरह की एकजुटता और सेवा की भावना यह साबित करती है कि समाज में अब रक्तदान को लेकर जागरूकता बढ़ रही है, और इस दिन पूरा जिला "रक्तदान-महादान" के नारे से गूंज उठा।1
- राहे प्रखंड क्षेत्र में सोमवार को रोजो पर्व अत्यंत उल्लास और धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक ग्राम पूजा की गई, जिसमें महिलाओं ने अपने घरों को चारों ओर से गोबर की बेड़ी लगाकर बांध दिया। यह मान्यता है कि ऐसा करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा और विषैले जंतुओं का प्रवेश नहीं होता है। इसके बाद, महिलाओं ने अपने घरों की गंदगी और अन्य नकारात्मक चीजों को मिट्टी के घड़ों में इकट्ठा कर समूह में गांव के बाहर फेंक दिया। महिलाओं द्वारा यह अनुष्ठान पूरा करने के बाद, पुरुषों ने गांव के सरना स्थल पर ग्रामदेवता की पूजा की। इस पूजा के दौरान भेड़ और बकरे की बलि भी दी गई। गोमदा, दुलमी, कटियाडीह, सालबंदा सहित प्रखंड के हर गांव में ग्रामदेवता की पूजा-अर्चना कर बलि का यह पर्व धूमधाम से मनाया गया।1
- सरायकेला खरसावां जिला प्रशासन ने मादक पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध व्यापार के विरुद्ध एक व्यापक जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। सोमवार को समाहरणालय परिसर से एक जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जो राज्यव्यापी अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य जिले को पूर्णतः नशामुक्त बनाना है, जिसके लिए सभी की सक्रिय सहभागिता को आवश्यक बताया गया है। इस कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी श्री नीतीश कुमार सिंह, उप विकास आयुक्त श्रीमती रीना हासदा और जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती सत्या ठाकुर उपस्थित रहीं। इन पदाधिकारियों की मौजूदगी में जागरूकता रथ को रवाना करने के साथ ही नशामुक्ति से संबंधित एक हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। इस अवसर पर उपस्थित सभी पदाधिकारी, कर्मियों, आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहियाओं को नशीले पदार्थों के सेवन से स्वयं दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने की शपथ दिलाई गई।3