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दमोह के अभाना क्षेत्र में ग्रामीणों ने पशु तस्करों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया। जानकारी के अनुसार राजघाट गांधी ग्राम स्थित गोंची नाला के पास सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात ग्रामीणों ने संदिग्ध गतिविधियां देखीं। इसके बाद ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर पशु तस्करों को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पकड़े गए आरोपियों को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी।
नीलेश विश्वकर्मा
दमोह के अभाना क्षेत्र में ग्रामीणों ने पशु तस्करों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया। जानकारी के अनुसार राजघाट गांधी ग्राम स्थित गोंची नाला के पास सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात ग्रामीणों ने संदिग्ध गतिविधियां देखीं। इसके बाद ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर पशु तस्करों को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पकड़े गए आरोपियों को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी।
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- दमोह के अभाना क्षेत्र में ग्रामीणों ने पशु तस्करों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया। जानकारी के अनुसार राजघाट गांधी ग्राम स्थित गोंची नाला के पास सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात ग्रामीणों ने संदिग्ध गतिविधियां देखीं। इसके बाद ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर पशु तस्करों को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पकड़े गए आरोपियों को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी।1
- 11 फरवरी 2026 को मृतक महेंद्र सिंह लोधी को न्याय दिलाने के लिए दमोह कलेक्ट का घेरा किया गया था जिसमें SIT टीम गठित हुई टीम में सभी अधिकारी समान वर्ग के थे परंतु उसकी रिपोर्ट अभी तक नहीं आई परंतु निर्दोष लोगों पर ब्राह्मणवादी मनुवादी पत्रकारों ने हमला किया और दमोह पुलिस ने निर्दोष लोगों पर कार्रवाई करके झूठा केस बनाकर के जेल में डाला दमोह मनुवादी भ्रष्ट पुलिस ने मारा!’—परिवार की चीखों से शुरू हुआ वो घटनाक्रम, जिसने पूरे गांव को हिला दिया…” हिनौता में शिव सिंह लोधी की मौत के बाद सामने आया यह वीडियो पूरे घटनाक्रम को शुरुआत से दिखाता है। परिवार की महिलाएं, बेटी, पत्नी और बेटे की चीख-पुकार… न्याय की मांग… बढ़ता आक्रोश… और फिर हालात का बिगड़ना। इस वीडियो में उस पूरे घटनाक्रम के अलग-अलग पल कैमरे में रिकॉर्ड हैं। शिव सिंह की मौत को लेकर परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि कार्रवाई के दौरान शिव सिंह बेहोशी की हालत में मिले थे और उन्हें अस्पताल ले जाया गया। मामले में जांच कमेटी गठित की गई है और पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किए जाने की जानकारी सामने आई है। इस खबर से जुड़े हमारे पिछले वीडियो देखने वाले दर्शकों के लिए यह वीडियो खास है—क्योंकि इसमें परिवार के आक्रोश से लेकर आगे बढ़े घटनाक्रम तक की तस्वीरें एक साथ दिखाई देती हैं। 📍 हिनौता, हिंडोरिया क्षेत्र, जिला दमोह, �1
- खर्रा घाट में व्यारमा नदी में बहता आया मृत मगरमच्छ स्टॉप डैम में शव दिखने से मचा हड़कंप, देखने उमड़ी लोगों की भीड़ दमोह। इमलिया खर्राघाट व्यारमा नदी के खर्रा घाट क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब नदी के पानी के साथ बहकर आया एक मृत मगरमच्छ स्टॉप डैम के पास दिखाई दिया। मगरमच्छ का शव पानी में दिखाई देने के बाद स्थानीय लोगों में कौतूहल के साथ चिंता का माहौल बन गया। मृत मगरमच्छ को देखने के लिए मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने के बाद संबंधित विभाग को मामले की जानकारी दी गई। फिलहाल मगरमच्छ की मौत किस कारण से हुई और वह नदी के किस क्षेत्र से बहकर यहां पहुंचा, इसकी जानकारी स्पष्ट नहीं हो सकी है।1
- दमोह*हटा में अत्यधिक वर्षा से नष्ट हुई उड़द की फसल, मुआवजे को लेकर एसडीएम को भारतीय शक्ति चेतना पार्टी ने सौंपा ज्ञापन* दमोह*हटा हटा। तहसील हटा क्षेत्र में इस वर्ष हुई अत्यधिक और लगातार बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। खेतों में जलभराव होने के कारण खरीफ फसलों, विशेषकर उड़द की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। इस गंभीर समस्या को लेकर भारतीय शक्ति चेतना पार्टी (किसान मोर्चा) और भगवती मानव कल्याण संगठन ने संयुक्त रूप से अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) यानी एसडीएम हटा को एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द उचित मुआवजा और राहत राशि दिलाने की पुरजोर मांग की है। खेतों में भरा पानी, फसलें हुई बर्बाद ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि इस सीजन में हुई अत्यधिक वर्षा के कारण हटा तहसील के अधिकांश क्षेत्रों में खेतों में पानी भर गया है। लगातार बारिश और जलभराव की वजह से उड़द की फसल पूरी तरह सड़कर नष्ट होने की कगार पर पहुंच गई है। कई गांवों में फसल खराब होने की स्थिति इतनी गंभीर है कि किसानों के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। लागत निकालना तो दूर, अब किसानों को भारी कर्ज और आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। *संगठन की मुख्य मांगें*: किसानों के हित में आवाज उठाते हुए संगठन ने एसडीएम के समक्ष निम्नलिखित मांगें रखी हैं: • *संयुक्त सर्वे की मांग*: प्रभावित किसानों को तत्काल राहत देने के लिए राजस्व और कृषि विभाग की एक संयुक्त टीम का गठन किया जाए। यह टीम तुरंत खेतों का स्थल निरीक्षण करे, सर्वे कर पंचनामा बनाए ताकि वास्तविक नुकसान का सही आकलन हो सके। • RBC 6(4) के तहत मिले राहत: फसल क्षति के आकलन के बाद सभी पात्र किसानों को राजस्व पुस्तक परिपत्र (RBC) 6(4) के नियमों और प्रावधानों के अंतर्गत जल्द से जल्द राहत राशि स्वीकृत की जाए। • *फसल बीमा दावों का शीघ्र निराकरण*: जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत अपनी फसलों का बीमा कराया है, उनके दावों का निपटारा तुरंत किया जाए। इसके लिए संबंधित बीमा कंपनी और विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए जाएं। इस दौरान भारतीय शक्ति चेतना पार्टी (किसान मोर्चा) और भगवती मानव कल्याण संगठन के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में क्षेत्र के पीड़ित किसान उपस्थित रहे। सभी ने प्रशासन से मांग की है कि अन्नदाता के इस संकट काल में संवेदनशीलता दिखाते हुए त्वरित कार्रवाई की जाए।1
- हटा में अत्यधिक वर्षा से नष्ट हुई उड़द की फसल, मुआवजे को लेकर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन हटा में अत्यधिक वर्षा से नष्ट हुई उड़द की फसल, मुआवजे को लेकर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन हटा। तहसील हटा क्षेत्र में इस वर्ष हुई अत्यधिक और लगातार बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। खेतों में जलभराव होने के कारण खरीफ फसलों, विशेषकर उड़द की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। इस गंभीर समस्या को लेकर भारतीय शक्ति चेतना पार्टी (किसान मोर्चा) और भगवती मानव कल्याण संगठन ने संयुक्त रूप से अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) यानी एसडीएम हटा को एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द उचित मुआवजा और राहत राशि दिलाने की पुरजोर मांग की है। खेतों में भरा पानी, फसलें हुई बर्बाद ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि इस सीजन में हुई अत्यधिक वर्षा के कारण हटा तहसील के अधिकांश क्षेत्रों में खेतों में पानी भर गया है। लगातार बारिश और जलभराव की वजह से उड़द की फसल पूरी तरह सड़कर नष्ट होने की कगार पर पहुंच गई है। कई गांवों में फसल खराब होने की स्थिति इतनी गंभीर है कि किसानों के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। लागत निकालना तो दूर, अब किसानों को भारी कर्ज और आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। संगठन की मुख्य मांगें किसानों के हित में आवाज उठाते हुए संगठन ने एसडीएम के समक्ष निम्नलिखित मांगें रखी हैं संयुक्त सर्वे की मांग*: प्रभावित किसानों को तत्काल राहत देने के लिए राजस्व और कृषि विभाग की एक संयुक्त टीम का गठन किया जाए। यह टीम तुरंत खेतों का स्थल निरीक्षण करे, सर्वे कर पंचनामा बनाए ताकि वास्तविक नुकसान का सही आकलन हो सके। • RBC 6(4) के तहत मिले राहत: फसल क्षति के आकलन के बाद सभी पात्र किसानों को राजस्व पुस्तक परिपत्र (RBC) 6(4) के नियमों और प्रावधानों के अंतर्गत जल्द से जल्द राहत राशि स्वीकृत की जाए। • *फसल बीमा दावों का शीघ्र निराकरण*: जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत अपनी फसलों का बीमा कराया है, उनके दावों का निपटारा तुरंत किया जाए। इसके लिए संबंधित बीमा कंपनी और विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए जाएं। इस दौरान भारतीय शक्ति चेतना पार्टी (किसान मोर्चा) और भगवती मानव कल्याण संगठन के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में क्षेत्र के पीड़ित किसान उपस्थित रहे। सभी ने प्रशासन से मांग की है कि अन्नदाता के इस संकट काल में संवेदनशीलता दिखाते हुए त्वरित कार्रवाई की जाए।2
- 15 साल की मोहनी को सांप ने डसा, इलाज में देरी… रास्ते में मौत! 💔 जिम्मेदार कौन? रात 2 बजे सर्पदंश… इलाज के लिए परिवार भटकता रहा और 15 वर्षीय कक्षा 10वीं की छात्रा मोहनी लोधी ने रास्ते में दम तोड़ दिया। 💔 📍 जमुनिया सुल्तान, पट्टी महाराज, जबेरा, दमोह सर्पदंश के इलाज की सुविधा गांवों के करीब क्यों नहीं? वीडियो देखें और अपनी राय बताएं। #Damoh #Jabera #SnakeBite #MadhyaPradesh #SachHameshaNews1
- खर्रा घाट इमलिया में नदी में बहता मिला मगरमच्छ का शव, ग्रामीणों में मचा हड़कंप व्यारमा नदी के स्टॉप डैम के ओवरफ्लो पर मिला शव, वन विभाग ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा दमोह। दमोह रेंज के खर्रा घाट इमलिया स्थित बड़े पुल के पास मंगलवार सुबह व्यारमा नदी के स्टॉप डैम के ओवरफ्लो हिस्से में मगरमच्छ का शव मिलने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। नदी की ओर पहुंचे ग्रामीणों ने पानी में मगरमच्छ का शव देखा, जिसके बाद मौके पर भीड़ जुट गई। सूचना पर रेंजर विक्रम चौधरी के नेतृत्व में वन विभाग की टीम पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि मगरमच्छ नदी के बहाव में बहकर यहां पहुंचा। अधिकारियों के अनुसार प्रथम दृष्टया मौत प्राकृतिक प्रतीत हो रही है। हालांकि वास्तविक कारण स्पष्ट करने के लिए शव का पोस्टमार्टम और आवश्यक सैंपलिंग कराई जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट होगा।3
- दमोह में जल जन सेवा संकल्प यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। गुजरात के बड़नगर से वाराणसी तक निकाली जा रही यह यात्रा सोमवार शाम बांसा तारखेड़ा टोल प्लाजा पहुंची, जहां जनप्रतिनिधियों और भाजपा पदाधिकारियों ने बाइक राइडर्स का स्वागत किया। इसके बाद शासकीय आनंद श्रीवास्तव स्नातकोत्तर महाविद्यालय परिसर में पौधारोपण किया गया। वहीं ऑडिटोरियम में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की। कार्यक्रम के माध्यम से जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, सेवा और जनभागीदारी का संदेश देते हुए विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका पर जोर दिया गया।1
- दमोह-कटनी क्षेत्र के लिए एक बड़ी सौगात ,, मंत्री लखन पटेल ने दी जानकारी दमोह- माननीय मुख्यमंत्री Dr Mohan Yadav जी के नेतृत्व में आज कैबिनेट ने ₹4,470 करोड़ की लागत से बनने वाले 105 किमी लंबे दमोह-कटनी फोरलेन मार्ग को मंजूरी मिली है। बुंदेलखंड और महाकौशल को जोड़ने वाला यह मार्ग सुरक्षित व तीव्र आवागमन सुनिश्चित करेगा और क्षेत्र में व्यापार, परिवहन तथा रोजगार के नए अवसर सृजित करेगा। दमोह एवं कटनी क्षेत्र के सर्वांगीण विकास की दिशा में यह निर्णय अत्यंत सराहनीय है। इस निर्णय के लिए माननीय मुख्यमंत्री जी का बहुत-बहुत आभार।1