सुलतानपुर के स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के सर्जरी विभाग ने एक अत्यंत जटिल ऑपरेशन कर 29 वर्षीय महिला के शरीर से लगभग 10 किलोग्राम वजनी विशाल ट्यूमर सफलतापूर्वक बाहर निकाला है। यह महिला लंबे समय से पेट में असहनीय दर्द और अन्य शारीरिक समस्याओं से परेशान थी। कई जगहों पर इलाज कराने के बाद भी जब उसे कोई राहत नहीं मिली, तो वह सुलतानपुर मेडिकल कॉलेज पहुंची। जांच में डॉक्टरों को उसके शरीर के भीतर एक अत्यंत बड़े ट्यूमर का पता चला, जो मरीज के जीवन के लिए एक गंभीर खतरा बन चुका था। डॉक्टरों के अनुसार, यह ट्यूमर काफी बड़ा था और महत्वपूर्ण रक्त वाहिकाओं व नसों के बेहद करीब स्थित होने के कारण इसका ऑपरेशन बेहद जोखिम भरा था। इसके बावजूद असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुकेश और डॉ. सुप्रीत के नेतृत्व में सर्जरी टीम ने पूरी सावधानी से सफल ऑपरेशन किया। शरीर से सुरक्षित बाहर निकाले गए इस ट्यूमर की लंबाई करीब 30 सेंटीमीटर, चौड़ाई 20 सेंटीमीटर और मोटाई 10 सेंटीमीटर थी। ऑपरेशन में मुख्य सर्जन के रूप में डॉ. सुकेश एवं डॉ. सुप्रीत ने भूमिका निभाई, जबकि एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. ऐश्वर्या और डॉ. अमित ने मरीज की स्थिति को नियंत्रित रखा। नर्सिंग स्टाफ में सिस्टर नसीमा, कामिनी, शीलम, प्रतिभा और साहलिया ने भी सराहनीय सहयोग दिया। इस शानदार सफलता पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रियंक वर्मा और डॉ. सलिल श्रीवास्तव ने पूरी सर्जरी टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि संस्थान के लिए गर्व का विषय है और इससे लोगों का विश्वास मजबूत होगा। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत पूरी तरह से स्थिर है, वह खतरे से बाहर है और तेजी से स्वस्थ हो रही है। इस उल्लेखनीय सफलता की पूरे जिले में जमकर सराहना की जा रही है।
सुलतानपुर के स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के सर्जरी विभाग ने एक अत्यंत जटिल ऑपरेशन कर 29 वर्षीय महिला के शरीर से लगभग 10 किलोग्राम वजनी विशाल ट्यूमर सफलतापूर्वक बाहर निकाला है। यह महिला लंबे समय से पेट में असहनीय दर्द और अन्य शारीरिक समस्याओं से परेशान थी। कई जगहों पर इलाज कराने के बाद भी जब उसे कोई राहत नहीं मिली, तो वह सुलतानपुर मेडिकल कॉलेज पहुंची। जांच में डॉक्टरों को उसके शरीर के भीतर एक अत्यंत बड़े ट्यूमर का पता चला, जो मरीज के जीवन के लिए एक गंभीर खतरा बन चुका था। डॉक्टरों के अनुसार, यह ट्यूमर काफी बड़ा था और महत्वपूर्ण रक्त वाहिकाओं व नसों के बेहद करीब स्थित होने के कारण इसका ऑपरेशन बेहद जोखिम भरा था। इसके बावजूद असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुकेश और डॉ. सुप्रीत के नेतृत्व में सर्जरी टीम ने पूरी सावधानी से सफल ऑपरेशन किया। शरीर से सुरक्षित बाहर निकाले गए इस ट्यूमर की लंबाई करीब 30 सेंटीमीटर, चौड़ाई 20 सेंटीमीटर और मोटाई 10 सेंटीमीटर थी। ऑपरेशन में मुख्य सर्जन के रूप में डॉ. सुकेश एवं डॉ. सुप्रीत ने भूमिका निभाई, जबकि एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. ऐश्वर्या और डॉ. अमित ने मरीज की स्थिति को नियंत्रित रखा। नर्सिंग स्टाफ में सिस्टर नसीमा, कामिनी, शीलम, प्रतिभा और साहलिया ने भी सराहनीय सहयोग दिया। इस शानदार सफलता पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रियंक वर्मा और डॉ. सलिल श्रीवास्तव ने पूरी सर्जरी टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि संस्थान के लिए गर्व का विषय है और इससे लोगों का विश्वास मजबूत होगा। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत पूरी तरह से स्थिर है, वह खतरे से बाहर है और तेजी से स्वस्थ हो रही है। इस उल्लेखनीय सफलता की पूरे जिले में जमकर सराहना की जा रही है।
- सुल्तानपुर के कादीपुर में पौराणिक धर्मस्थली श्री हनुमान विजेथुआ महावीरन धाम से होकर गुजर घाट गोमती नदी तट पर पिछले 6 वर्षों से बन रहे पुल का निर्माण कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। अभी कुछ ही दिन पहले इस पुल का एक पाया काम करते समय टूट गया था, जिसकी खबर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिले के बेहद कर्मठशील और ईमानदार जिला अधिकारी जसवीर सिंह ने इसका संज्ञान लिया। जिलाधिकारी के निर्देश पर तुरंत जांच के आदेश दिए गए और उनके ही निर्देश पर टूटे हुए पाये को तोड़कर दोबारा बनाने का काम शुरू किया गया, लेकिन यह कार्य अब भी काफी धीमी रफ्तार से किया जा रहा है। जैसे-जैसे बरसात का समय नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे पुल के निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों की चिंताएं भी बढ़ती जा रही हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि अगर इसी धीमी रफ्तार से काम चलता रहा, तो पिछले वर्षों की तरह इस वर्ष भी नदी का जलस्तर बढ़ने पर दोनों तरफ का आवागमन पूरी तरह ठप हो जाएगा। गोमती नदी के गुजर घाट पर पुल निर्माण की इस कछुआ गति को लेकर लोगों में गहरा रोष व्याप्त है। क्षेत्र के लोगों ने जिला अधिकारी से मांग की है कि पुल के काम में तेजी लाने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं ताकि बरसात के मौसम में लोगों का रास्ता बंद न हो।2
- सुलतानपुर के कादीपुर थाना क्षेत्र स्थित बुढ़ाना ग्राम सभा के प्राइमरी स्कूल में अव्यवस्थाओं के चलते बच्चों के लिए बड़ा खतरा पैदा हो गया है। विद्यालय परिसर में नलकूप के बगल में ही प्रधान द्वारा गड्ढा कराया गया है, जिसके कारण पानी पीने के लिए आने-जाने वाले बच्चों के उसमें गिरकर चोटिल होने की पूरी आशंका बनी हुई है। इतना ही नहीं, विद्यालय में साफ-सफाई को लेकर भी गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, नियुक्त सफाई कर्मी द्वारा परिसर की स्वच्छता पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिससे स्कूल का वातावरण बदहाल होता जा रहा है।1
- सुल्तानपुर जिले के कादीपुर तहसील अंतर्गत त्रिलोकपुर मेवाड़ा गांव के निवासी बदहाल सड़क की समस्या से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की सड़क लंबे समय से खराब पड़ी हुई है और अब तक कोई भी इसकी सुध लेने या इसे बनवाने के लिए आगे नहीं आया है।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आलापुर सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध तपोस्थली महात्मा गोविंद साहब धाम के संभावित दौरे को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक, प्रशासनिक और सामाजिक गतिविधियां काफी तेज हो गई हैं। हालांकि इस कार्यक्रम की अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय स्तर पर तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। इसी सिलसिले में शनिवार को मेला समिति के अध्यक्ष भौमेन्द्र सिंह 'पप्पू' और पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष अभिषेक निषाद सहित कई अन्य नेताओं ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया है। इस संभावित दौरे को लेकर क्षेत्रवासियों में बड़ी उम्मीदें बंधी हुई हैं। लोगों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री के इस दौरे के दौरान ऐतिहासिक 'गोविंद साहब मेले' को राजकीय मेले का दर्जा मिल सकता है और इस तपोस्थली के कायाकल्प के लिए किसी बड़ी घोषणा का ऐलान हो सकता है। इसके साथ ही रामनगर, कटेहरी और भीटी बाजार को नगर पंचायत बनाए जाने की चर्चाएं भी काफी तेज हैं। इनमें से रामनगर के लिए कागजी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं और अब बस अंतिम स्वीकृति मिलने का इंतजार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के इस दौरे के कई सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं। आगामी चुनावों के मद्देनजर भाजपा संगठन जिले की पांचों सीटों को मजबूत करने की कवायद में सक्रियता से जुटा हुआ है। पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर को पहले ही जिले का प्रभारी मंत्री बनाया जा चुका है, जिससे मुख्यमंत्री का यह दौरा धार्मिक महत्व के साथ-साथ राजनीतिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।1
- सुल्तानपुर जनपद के गोसाईगंज थाने में शनिवार को दिन में 2:00 बजे उप जिलाधिकारी जयसिंहपुर के नेतृत्व में थाना समाधान दिवस संपन्न हुआ। इस समाधान दिवस के दौरान राजस्व विभाग और पुलिस विभाग की टीमें मौके पर मौजूद रहीं। कार्यक्रम में फरियादियों द्वारा कुल 13 शिकायती पत्र प्राप्त हुए। मामले की गंभीरता को देखते हुए इनमें से दो शिकायती पत्रों का मौके पर ही तत्काल निस्तारण कर दिया गया। इसके साथ ही, शेष बचे हुए शिकायती पत्रों को संबंधित विभागों को सौंपकर उनका तुरंत निस्तारण कराने के निर्देश दिए गए, ताकि फरियादियों को बार-बार चक्कर न लगाना पड़े।1
- सुलतानपुर के लंभुआ में लम्भुआ से दुर्गापुर रोड पर क्रॉसिंग से पहले एक विशाल शीशम का पेड़ अचानक सड़क पर गिर गया। यह पेड़ इस समय विद्युत विभाग के तारों के सहारे टिका हुआ है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। पेड़ गिरने की वजह से इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है और वहां से गुजरने वाले राहगीरों में दहशत का माहौल बना हुआ है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों ने विद्युत विभाग और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से तत्काल मौके पर पहुंचने की मांग की है ताकि पेड़ को हटाकर विद्युत आपूर्ति सुरक्षित की जा सके और किसी भी प्रकार की जनहानि या दुर्घटना से बचा जा सके। इसके साथ ही, लोगों से अपील की गई है कि जब तक पेड़ नहीं हटाया जाता, तब तक वाहन चालक और राहगीर इस मार्ग पर अत्यंत सावधानी बरतें और बिजली के तारों के पास जाने से बचें।1