सुल्तानपुर के कादीपुर में पौराणिक धर्मस्थली श्री हनुमान विजेथुआ महावीरन धाम से होकर गुजर घाट गोमती नदी तट पर पिछले 6 वर्षों से बन रहे पुल का निर्माण कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। अभी कुछ ही दिन पहले इस पुल का एक पाया काम करते समय टूट गया था, जिसकी खबर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिले के बेहद कर्मठशील और ईमानदार जिला अधिकारी जसवीर सिंह ने इसका संज्ञान लिया। जिलाधिकारी के निर्देश पर तुरंत जांच के आदेश दिए गए और उनके ही निर्देश पर टूटे हुए पाये को तोड़कर दोबारा बनाने का काम शुरू किया गया, लेकिन यह कार्य अब भी काफी धीमी रफ्तार से किया जा रहा है। जैसे-जैसे बरसात का समय नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे पुल के निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों की चिंताएं भी बढ़ती जा रही हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि अगर इसी धीमी रफ्तार से काम चलता रहा, तो पिछले वर्षों की तरह इस वर्ष भी नदी का जलस्तर बढ़ने पर दोनों तरफ का आवागमन पूरी तरह ठप हो जाएगा। गोमती नदी के गुजर घाट पर पुल निर्माण की इस कछुआ गति को लेकर लोगों में गहरा रोष व्याप्त है। क्षेत्र के लोगों ने जिला अधिकारी से मांग की है कि पुल के काम में तेजी लाने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं ताकि बरसात के मौसम में लोगों का रास्ता बंद न हो।
सुल्तानपुर के कादीपुर में पौराणिक धर्मस्थली श्री हनुमान विजेथुआ महावीरन धाम से होकर गुजर घाट गोमती नदी तट पर पिछले 6 वर्षों से बन रहे पुल का निर्माण कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। अभी कुछ ही दिन पहले इस पुल का एक पाया काम करते समय टूट गया था, जिसकी खबर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिले के बेहद कर्मठशील और ईमानदार जिला अधिकारी जसवीर सिंह ने इसका संज्ञान लिया। जिलाधिकारी के निर्देश पर तुरंत जांच के आदेश दिए गए और उनके ही निर्देश पर टूटे हुए पाये को तोड़कर दोबारा बनाने का काम शुरू किया गया, लेकिन यह कार्य अब भी काफी धीमी रफ्तार से किया जा रहा
है। जैसे-जैसे बरसात का समय नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे पुल के निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों की चिंताएं भी बढ़ती जा रही हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि अगर इसी धीमी रफ्तार से काम चलता रहा, तो पिछले वर्षों की तरह इस वर्ष भी नदी का जलस्तर बढ़ने पर दोनों तरफ का आवागमन पूरी तरह ठप हो जाएगा। गोमती नदी के गुजर घाट पर पुल निर्माण की इस कछुआ गति को लेकर लोगों में गहरा रोष व्याप्त है। क्षेत्र के लोगों ने जिला अधिकारी से मांग की है कि पुल के काम में तेजी लाने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं ताकि बरसात के मौसम में लोगों का रास्ता बंद न हो।
- मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय ने लाठीचार्ज प्रकरण के बाद एक सार्वजनिक बयान दिया है, जिसमें उन्होंने लोगों से पेड़ लगाने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि जो लोग उनके समर्थन में हैं, वे एक पेड़ लगाएं और जो लोग विरोध में हैं, वे दो पेड़ लगाएं। यह बयान चर्चा का विषय बना हुआ है और इसे एक सकारात्मक सीख के रूप में देखा जा रहा है। आम नागरिकों के लिए यह सुझाव है कि नाराजगी की स्थिति में अधिक काम करना चाहिए, जबकि प्रसन्नता के समय काम की गति को थोड़ा धीमा किया जा सकता है।1
- प्रतापगढ़ के रामपुर खास में अमन-चैन, सुरक्षा और संविधान की रक्षा के लिए श्री छोटेलाल सरोज जी ने एक अपील की है। उन्होंने क्षेत्र में शांति व्यवस्था और आपसी भाईचारा बनाए रखने, सुरक्षा सुनिश्चित करने और संविधान की रक्षा करने पर विशेष बल दिया है।1
- अम्बेडकरनगर में एक जन्मदिन कार्यक्रम बेहद खास और अनूठे अंदाज में मनाया गया है। केक काटने की सामान्य परंपरा से आगे बढ़कर आयोजित किए गए इस अनोखे कार्यक्रम को 'इंसानियत का जश्न' और 'सेवा का महापर्व' बताया गया है। इस खास जन्मदिन आयोजन को एक बेहद प्रेरणादायक पहल के रूप में सामने लाया गया है।1
- अम्बेडकरनगर में प्रभारी मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अपने एक बयान में कुछ ऐसी बात कही है।1
- लखनऊ में अखिलेश यादव और शंकराचार्य के बीच एक महत्वपूर्ण मुलाकात हुई है। इस चर्चा के दौरान दान घोटाले का मुद्दा प्रमुखता से छाया रहा। मुलाकात के दौरान शंकराचार्य ने दान घोटाले को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की और जमकर बरसे। इस विषय पर हुई बातचीत ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।1
- सुल्तानपुर के विकासखंड प्रतापपुर कमैचा परिसर और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के मुख्य द्वार पर बरसात शुरू होते ही जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। नालियों की सफाई न होने और जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण बारिश का पानी गेट और सड़क पर जमा हो गया है, जिससे ब्लॉक कार्यालय आने वाले कर्मचारियों, ग्रामीणों तथा अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हल्की बारिश में ही जलभराव की स्थिति बन जाती है, जिसके कारण लोगों को कीचड़ और गंदे पानी के बीच से गुजरने को मजबूर होना पड़ता है। सीएचसी जैसे महत्वपूर्ण संस्थान के प्रवेश द्वार पर व्याप्त इस अव्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों ने गहरी चिंता व्यक्त की है। जलभराव के चलते संक्रमण फैलने और मच्छरों के प्रकोप से संक्रामक बीमारियों के बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। क्षेत्रीय लोगों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल प्रभाव से जाम नालियों की सफाई, जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने और सड़क की मरम्मत कराने की पुरजोर मांग की है ताकि आम लोगों को इस संकट से राहत मिल सके।4
- जीवन की कठिन राहों पर हर इंसान अक्सर किसी न किसी सहारे की तलाश में रहता है, लेकिन संसार का साथ अक्सर परिस्थितियों के बदलने के साथ ही छूट जाता है। ऐसे समय में जब दुनिया उम्मीदें तोड़ देती है, तब प्रभु का प्रेम और उनकी कृपा ही एकमात्र ऐसा माध्यम है जो मन को नई शक्ति और विश्वास प्रदान करता है। सच्चा सहारा न तो धन है, न पद और न ही लोगों का साथ, बल्कि केवल ईश्वर के प्रति अटूट आस्था है। यहाँ तक कि यदि संसार का साथ न भी मिले, तब भी प्रभु का प्रेम हर कठिन परिस्थिति को आसान बनाने की क्षमता रखता है। यही कारण है कि निराश होने के बजाय ईश्वर पर अपना विश्वास बनाए रखना चाहिए, क्योंकि उनका प्यार ही जीवन का सबसे बड़ा और स्थायी सहारा है।1
- प्रतापगढ़ के रामपुर खास की यशस्वी विधायक आराधना मिश्रा “मोना दीदी” ने भगवान श्रीराम मंदिर चंदा चोरी मामले में केंद्र की मोदी सरकार पर चंदा चोरी करने वाले बड़े लोगों को बचाने के प्रयास का तगड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि श्रीराम जी के मंदिर में चढ़ावा चंदा चोरी को लेकर देश और सभी राम भक्त यह जानना चाहते हैं कि आखिर इतने गंभीर मसले पर पीएम मोदी क्यों चुप्पी साधे हुए हैं। यह बात लालगंज ब्लॉक के सोशल मीडिया अध्यक्ष अक्षत तिवारी, आदर्श विधायक रामपुर खास आराधना मिश्रा “मोना दीदी” और राज्यसभा सांसद व उपनेता प्रतिपक्ष माननीय प्रमोद तिवारी के मीडिया सेल द्वारा कही गई है। मीडिया सेल की ओर से "जयति जय प्रमोद तिवारी, जयति जय आराधना मिश्रा 'मोना', जयति जय रामपुर खास" के नारे भी बुलंद किए गए हैं।1
- सुलतानपुर के चांदा कोतवाली क्षेत्र में मदारडीह स्थित पट्टी रोड पर शुक्रवार शाम एक भीषण सड़क हादसा हुआ। मिश्रा कोचिंग सेंटर के पास तेज रफ्तार अज्ञात पिकअप ने बाइक सवार एक ही परिवार के तीन लोगों को जोरदार टक्कर मार दी। घटना के तुरंत बाद पिकअप चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। घायलों की पहचान दिनेश चंद्र जायसवाल, उनकी पत्नी साधना जायसवाल और नीतू जायसवाल के रूप में हुई है, जो गोसाईगंज थाना क्षेत्र के निवासी हैं। वे शाम करीब सात बजे अखंडनगर से अपने घर लौट रहे थे और रास्ता भटकने के कारण पट्टी की ओर चले गए थे। वापस चांदा की ओर आते समय यह हादसा हुआ। हादसे में दिनेश चंद्र जायसवाल के दाहिने हाथ की उंगली और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं, साधना जायसवाल को मामूली चोटें लगीं, जबकि नीतू जायसवाल के दाहिने हाथ में गंभीर चोट आई है। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रतापपुर कमैचा ले जाया गया, जहाँ ड्यूटी पर तैनात डॉ. सौरभ सोनकर ने प्राथमिक उपचार किया। डॉक्टरों ने दिनेश चंद्र और नीतू जायसवाल के हाथ में फ्रैक्चर होने की आशंका जताई है, जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।3