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अम्बेडकरनगर में एक जन्मदिन कार्यक्रम बेहद खास और अनूठे अंदाज में मनाया गया है। केक काटने की सामान्य परंपरा से आगे बढ़कर आयोजित किए गए इस अनोखे कार्यक्रम को 'इंसानियत का जश्न' और 'सेवा का महापर्व' बताया गया है। इस खास जन्मदिन आयोजन को एक बेहद प्रेरणादायक पहल के रूप में सामने लाया गया है।
ABN News Plus
अम्बेडकरनगर में एक जन्मदिन कार्यक्रम बेहद खास और अनूठे अंदाज में मनाया गया है। केक काटने की सामान्य परंपरा से आगे बढ़कर आयोजित किए गए इस अनोखे कार्यक्रम को 'इंसानियत का जश्न' और 'सेवा का महापर्व' बताया गया है। इस खास जन्मदिन आयोजन को एक बेहद प्रेरणादायक पहल के रूप में सामने लाया गया है।
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- अम्बेडकरनगर में एक जन्मदिन कार्यक्रम बेहद खास और अनूठे अंदाज में मनाया गया है। केक काटने की सामान्य परंपरा से आगे बढ़कर आयोजित किए गए इस अनोखे कार्यक्रम को 'इंसानियत का जश्न' और 'सेवा का महापर्व' बताया गया है। इस खास जन्मदिन आयोजन को एक बेहद प्रेरणादायक पहल के रूप में सामने लाया गया है।1
- अम्बेडकरनगर में प्रभारी मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अपने एक बयान में कुछ ऐसी बात कही है।1
- जौनपुर के शाहगंज अंतर्गत अमारी, भांदी खास में शहादत-ए-इमाम ज़ैनुल आबिदीन के पावन अवसर पर 25 मुहर्रम के जुलूस के दौरान एक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। मानव सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट, भारत और मदर निशा फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक लगातार चिकित्सा सेवाएं प्रदान की गईं। इसका मुख्य उद्देश्य जुलूस में शामिल ज़ायरीन और अज़ादारों को तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना था, जिसका लाभ सैकड़ों स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने उठाया। इस शिविर में डॉ. सत्य प्रकाश गौतम, डॉ. विवेक कुमार, डॉ. तय्यब अंसारी, डॉ. मुफीद अहमद, डॉ. संतोष (फिजियोथेरेपी विशेषज्ञ), डॉ. आमिर खान, डॉ. हामिद और डॉ. अभिषेक सहित डॉक्टरों की टीम ने लगातार आठ घंटे तक समर्पित भाव से अपनी सेवाएं दीं। चिकित्सकों ने मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की, आवश्यक दवाइयां वितरित कीं और घायलों की ड्रेसिंग व मरहम-पट्टी की। इसके साथ ही जरूरतमंदों को उचित चिकित्सकीय परामर्श भी दिया गया। कार्यक्रम का संचालन मानव सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक एवं प्रबंधक अध्यक्ष जनाब हुसैन हैदर तथा मदर निशा फाउंडेशन के संयोजक जनाब फैजान अंसारी के नेतृत्व में हुआ। इस सेवा कार्य को सफल बनाने में जेया अनवर, गुफरान अहमद, राजीव सिंह, आतिश बेलाल, राजकुमार अश्क़, लाल बहादुर यादव, राजेश यादव, रिजवान अहमद, दानिश, अखिलेश दुबे, सचिन मौर्य, मोहम्मद लारेब, मोहम्मद नईम अहमद, श्याम प्रजापति, समाजसेवी संतोष कुमार मौर्य, मोहम्मद हसनैन सहित दोनों संस्थाओं के पदाधिकारियों, स्वयंसेवकों और मानव सेवा चैरिटेबल फिजियोथेरेपी ट्रेनिंग सेंटर की टीम ने सक्रिय योगदान दिया। आयोजकों ने बताया कि मुहर्रम के दौरान श्रद्धालुओं और ज़ायरीन की भारी भीड़ को देखते हुए यह व्यवस्था की गई थी ताकि किसी को प्राथमिक उपचार के लिए भटकना न पड़े। आयोजन के समापन पर दोनों संस्थाओं के पदाधिकारियों ने डॉक्टरों, स्वयंसेवकों और ज़ायरीन का आभार जताया और संकल्प लिया कि वे भविष्य में भी शिक्षा, स्वास्थ्य और समाजसेवा के क्षेत्रों में इस प्रकार के जनहित के कार्य निरंतर जारी रखेंगे।1
- सुल्तानपुर के कादीपुर में पौराणिक धर्मस्थली श्री हनुमान विजेथुआ महावीरन धाम से होकर गुजर घाट गोमती नदी तट पर पिछले 6 वर्षों से बन रहे पुल का निर्माण कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। अभी कुछ ही दिन पहले इस पुल का एक पाया काम करते समय टूट गया था, जिसकी खबर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिले के बेहद कर्मठशील और ईमानदार जिला अधिकारी जसवीर सिंह ने इसका संज्ञान लिया। जिलाधिकारी के निर्देश पर तुरंत जांच के आदेश दिए गए और उनके ही निर्देश पर टूटे हुए पाये को तोड़कर दोबारा बनाने का काम शुरू किया गया, लेकिन यह कार्य अब भी काफी धीमी रफ्तार से किया जा रहा है। जैसे-जैसे बरसात का समय नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे पुल के निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों की चिंताएं भी बढ़ती जा रही हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि अगर इसी धीमी रफ्तार से काम चलता रहा, तो पिछले वर्षों की तरह इस वर्ष भी नदी का जलस्तर बढ़ने पर दोनों तरफ का आवागमन पूरी तरह ठप हो जाएगा। गोमती नदी के गुजर घाट पर पुल निर्माण की इस कछुआ गति को लेकर लोगों में गहरा रोष व्याप्त है। क्षेत्र के लोगों ने जिला अधिकारी से मांग की है कि पुल के काम में तेजी लाने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं ताकि बरसात के मौसम में लोगों का रास्ता बंद न हो।2
- सुलतानपुर के कादीपुर थाना क्षेत्र स्थित बुढ़ाना ग्राम सभा के प्राइमरी स्कूल में अव्यवस्थाओं के चलते बच्चों के लिए बड़ा खतरा पैदा हो गया है। विद्यालय परिसर में नलकूप के बगल में ही प्रधान द्वारा गड्ढा कराया गया है, जिसके कारण पानी पीने के लिए आने-जाने वाले बच्चों के उसमें गिरकर चोटिल होने की पूरी आशंका बनी हुई है। इतना ही नहीं, विद्यालय में साफ-सफाई को लेकर भी गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, नियुक्त सफाई कर्मी द्वारा परिसर की स्वच्छता पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिससे स्कूल का वातावरण बदहाल होता जा रहा है।1
- Post by Shamshad Ahmad2
- अंबेडकरनगर के सम्मनपुर थाना क्षेत्र के निवासी संजय गुप्ता ने वहां तैनात इंस्पेक्टर दीपक रघुवंशी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पेशे से अधिवक्ता संजय गुप्ता का कहना है कि सपा शासनकाल के दौरान कुछ दबंगों ने उनके घर को बुलडोजर से ढहाकर उस पर कब्जा करने की कोशिश की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बदलने के बावजूद उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है। संजय गुप्ता के अनुसार, थानाध्यक्ष दीपक रघुवंशी ने उन पर एक मुकदमा दर्ज कर एनकाउंटर करने का प्रयास किया था। जब इसमें सफलता नहीं मिली, तो उन पर गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई कर जेल भेजने की कोशिश की गई, जिसे बाद में एडीएम न्यायालय ने खारिज कर दिया। अब यह सवाल उठ रहा है कि ऐसे पुलिस अधिकारियों के कहर से क्षेत्र के गरीब और लाचार लोगों को राहत कैसे मिलेगी।1
- अंबेडकरनगर में एक पीड़ित व्यक्ति ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर इंस्पेक्टर दीपक रघुवंशी के खिलाफ न्याय की गुहार लगाई, लेकिन वहां तैनात पीआरओ जितेंद्र रघुवंशी ने उसे मदद देने के बजाय टांडा कोतवाली पुलिस को इसकी सूचना दे दी। इसके बाद टांडा कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और बिना किसी एफआईआर के पीड़ित को गिरफ्तार करने का प्रयास किया। इस दौरान पीड़ित सड़क पर लेट गया और आसपास मौजूद लोगों ने वीडियो बनाना शुरू कर दिया, जिसके बाद ही उसे वहां से किसी तरह बचाया जा सका। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सीओ सिटी अकबरपुर का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने पीड़ित का आपराधिक इतिहास होने का दावा किया है। वहीं, पीड़ित ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए चुनौती दी है कि उस पर केवल एक ही मुकदमा दर्ज है, जिसे इंस्पेक्टर दीपक रघुवंशी ने ही दर्ज कराया था। पीड़ित का कहना है कि उसका एकमात्र अपराध यह है कि वह एक व्यक्ति से अपने बकाया 3 लाख रुपये बार-बार वापस मांग रहा था, जिसके बाद से पुलिस ने कथित तौर पर उस व्यक्ति का पक्ष लेते हुए मोर्चा संभाल लिया है।1