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Shamshad Ahmad
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- सुल्तानपुर के विकासखंड प्रतापपुर कमैचा परिसर और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के मुख्य द्वार पर बरसात शुरू होते ही जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। नालियों की सफाई न होने और जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण बारिश का पानी गेट और सड़क पर जमा हो गया है, जिससे ब्लॉक कार्यालय आने वाले कर्मचारियों, ग्रामीणों तथा अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हल्की बारिश में ही जलभराव की स्थिति बन जाती है, जिसके कारण लोगों को कीचड़ और गंदे पानी के बीच से गुजरने को मजबूर होना पड़ता है। सीएचसी जैसे महत्वपूर्ण संस्थान के प्रवेश द्वार पर व्याप्त इस अव्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों ने गहरी चिंता व्यक्त की है। जलभराव के चलते संक्रमण फैलने और मच्छरों के प्रकोप से संक्रामक बीमारियों के बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। क्षेत्रीय लोगों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल प्रभाव से जाम नालियों की सफाई, जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने और सड़क की मरम्मत कराने की पुरजोर मांग की है ताकि आम लोगों को इस संकट से राहत मिल सके।4
- उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के मछलीशहर में नगर पंचायत अंतर्गत शासन के स्पष्ट निर्देशों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। लखनऊ में हुई एक दुर्घटना के बाद सरकार ने निर्देश जारी कर बेसमेंट में अस्पताल, अल्ट्रासाउंड केंद्र और कोचिंग क्लासेस चलाने पर रोक लगाई थी, लेकिन मछलीशहर में अभी भी इन नियमों की अनदेखी जारी है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से चंद कदमों की दूरी पर पंजाब नेशनल बैंक के बेसमेंट में उजाला अल्ट्रासाउंड सेंटर और विजयदीप हॉस्पिटल संचालित हो रहे हैं। इसी तरह, स्टेट बैंक के बगल में स्थित बेसमेंट में शिखा अल्ट्रासाउंड सेंटर और नाथ क्लिनिक चलाया जा रहा है। इन केंद्रों के संचालन से स्पष्ट है कि शासन का शासनादेश यहां बेअसर साबित हो रहा है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर जिम्मेदार विभाग किसके किसी बड़े हादसे या मौत का इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद ही इस अवैध संचालन पर कोई संज्ञान लिया जाएगा।1
- अंबेडकरनगर के सम्मनपुर थाना क्षेत्र के निवासी संजय गुप्ता ने वहां तैनात इंस्पेक्टर दीपक रघुवंशी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पेशे से अधिवक्ता संजय गुप्ता का कहना है कि सपा शासनकाल के दौरान कुछ दबंगों ने उनके घर को बुलडोजर से ढहाकर उस पर कब्जा करने की कोशिश की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बदलने के बावजूद उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है। संजय गुप्ता के अनुसार, थानाध्यक्ष दीपक रघुवंशी ने उन पर एक मुकदमा दर्ज कर एनकाउंटर करने का प्रयास किया था। जब इसमें सफलता नहीं मिली, तो उन पर गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई कर जेल भेजने की कोशिश की गई, जिसे बाद में एडीएम न्यायालय ने खारिज कर दिया। अब यह सवाल उठ रहा है कि ऐसे पुलिस अधिकारियों के कहर से क्षेत्र के गरीब और लाचार लोगों को राहत कैसे मिलेगी।1
- अम्बेडकरनगर में अधिकारियों और कर्मचारियों का भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान स्थानीय स्तर पर उनके सम्मान में कार्यक्रम आयोजित कर उनका अभिनंदन किया गया।1
- सुल्तानपुर जिले के प्रतापपुर कमैचा विकासखंड अंतर्गत धौरहरा ग्राम पंचायत में सफाई व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। गांव में नालियां चोक पड़ी हैं और जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं, जिससे स्थानीय लोगों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सफाईकर्मी नियमित रूप से गांव नहीं पहुंचते हैं, जिससे मानसून के दौरान संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इस अव्यवस्था के संबंध में जब पत्रकारों ने तैनात सफाईकर्मी राकेश वर्मा से सवाल किया, तो उन्होंने कथित तौर पर असहयोगपूर्ण व्यवहार करते हुए कहा, "इस संबंध में मुझसे बात मत करो।" सफाईकर्मी के इस रवैये ने ग्रामीणों के असंतोष को और बढ़ा दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि केवल धौरहरा ही नहीं, बल्कि ब्लॉक की कई पंचायतों में सफाईकर्मी गांव आने के बजाय ब्लॉक एवं अन्य कार्यालयों के कार्यों में व्यस्त रहते हैं। इस पूरे मामले की जानकारी जब खंड विकास अधिकारी निशा तिवारी को दी गई, तो उन्होंने कथित तौर पर "उसे बात करती हूं" कहकर मामले को टाल दिया, जिससे ग्रामीणों में और अधिक रोष है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई न होने से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ा हुआ है। अब यह मामला जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) के संज्ञान में पहुंच चुका है, जिसके बाद ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच और लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है ताकि गांवों में स्वच्छता सुनिश्चित की जा सके।4
- जौनपुर के मड़ियाहूं थाने में तैनात उप निरीक्षक रामाश्रय प्रजापति को भ्रष्टाचार निवारण संगठन की वाराणसी इकाई ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। उप निरीक्षक ने एक मुकदमे में नाम बढ़ाने के एवज में रिश्वत की मांग की थी। आरोपी उप निरीक्षक को मड़ियाहूं में कार्यालय के पास रिश्वत लेते समय पकड़ा गया। इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई जारी है।1