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अम्बेडकरनगर में अधिकारियों और कर्मचारियों का भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान स्थानीय स्तर पर उनके सम्मान में कार्यक्रम आयोजित कर उनका अभिनंदन किया गया।
Brijesh Kumar
अम्बेडकरनगर में अधिकारियों और कर्मचारियों का भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान स्थानीय स्तर पर उनके सम्मान में कार्यक्रम आयोजित कर उनका अभिनंदन किया गया।
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- अम्बेडकरनगर में अधिकारियों और कर्मचारियों का भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान स्थानीय स्तर पर उनके सम्मान में कार्यक्रम आयोजित कर उनका अभिनंदन किया गया।1
- सुल्तानपुर जिले के कादीपुर तहसील अंतर्गत त्रिलोकपुर मेवाड़ा गांव के निवासी बदहाल सड़क की समस्या से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की सड़क लंबे समय से खराब पड़ी हुई है और अब तक कोई भी इसकी सुध लेने या इसे बनवाने के लिए आगे नहीं आया है।1
- सुल्तानपुर के थाना गोसाईगंज क्षेत्र में हुई एक घटना के अनावरण के संबंध में सोशल मीडिया पर गलत सूचनाएं फैलाई जा रही हैं। अपर पुलिस अधीक्षक श्री वृजनारायन सिंह ने स्पष्ट किया है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर सुलझाई गई इस घटना को लेकर कुछ लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग कर मिथ्या तथ्य प्रकाशित कर रहे हैं और भड़काऊ बयान दे रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति जातिगत वैमनस्य फैलाने या सामाजिक व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश करेगा, जिससे सामाजिक शांति व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ता हो, तो उसके खिलाफ कठोरतम विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।1
- उत्तर प्रदेश के बस्ती में भाजपा महामंत्री ने अपने ही विधायक पर सवाल खड़े करते हुए उन्हें घेरा है। इस पूरे घटनाक्रम में एसएसपी पांडेय के समर्थन में भी लोग उतर आए हैं। इस मामले को लेकर चर्चाओं का दौर तेज है, जिसमें 'पूजा मैडम' पर निशाना साधते हुए यह दावा किया गया है कि वे किसी को नहीं छोड़ती हैं। इस घटना ने जिले की राजनीति में हलचल मचा दी है।1
- अंबेडकरनगर के सम्मनपुर थाना क्षेत्र के निवासी संजय गुप्ता ने वहां तैनात इंस्पेक्टर दीपक रघुवंशी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पेशे से अधिवक्ता संजय गुप्ता का कहना है कि सपा शासनकाल के दौरान कुछ दबंगों ने उनके घर को बुलडोजर से ढहाकर उस पर कब्जा करने की कोशिश की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बदलने के बावजूद उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है। संजय गुप्ता के अनुसार, थानाध्यक्ष दीपक रघुवंशी ने उन पर एक मुकदमा दर्ज कर एनकाउंटर करने का प्रयास किया था। जब इसमें सफलता नहीं मिली, तो उन पर गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई कर जेल भेजने की कोशिश की गई, जिसे बाद में एडीएम न्यायालय ने खारिज कर दिया। अब यह सवाल उठ रहा है कि ऐसे पुलिस अधिकारियों के कहर से क्षेत्र के गरीब और लाचार लोगों को राहत कैसे मिलेगी।1
- अंबेडकरनगर में एक पीड़ित व्यक्ति ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर इंस्पेक्टर दीपक रघुवंशी के खिलाफ न्याय की गुहार लगाई, लेकिन वहां तैनात पीआरओ जितेंद्र रघुवंशी ने उसे मदद देने के बजाय टांडा कोतवाली पुलिस को इसकी सूचना दे दी। इसके बाद टांडा कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और बिना किसी एफआईआर के पीड़ित को गिरफ्तार करने का प्रयास किया। इस दौरान पीड़ित सड़क पर लेट गया और आसपास मौजूद लोगों ने वीडियो बनाना शुरू कर दिया, जिसके बाद ही उसे वहां से किसी तरह बचाया जा सका। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सीओ सिटी अकबरपुर का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने पीड़ित का आपराधिक इतिहास होने का दावा किया है। वहीं, पीड़ित ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए चुनौती दी है कि उस पर केवल एक ही मुकदमा दर्ज है, जिसे इंस्पेक्टर दीपक रघुवंशी ने ही दर्ज कराया था। पीड़ित का कहना है कि उसका एकमात्र अपराध यह है कि वह एक व्यक्ति से अपने बकाया 3 लाख रुपये बार-बार वापस मांग रहा था, जिसके बाद से पुलिस ने कथित तौर पर उस व्यक्ति का पक्ष लेते हुए मोर्चा संभाल लिया है।1