सिद्धार्थनगर जिले के बांसी तहसील क्षेत्र के खेसरहा ब्लॉक के गांव भलुहा में एक पूर्व प्रधान और अन्य व्यक्ति द्वारा 71 वर्षीय विधवा सुखना की संपत्ति को धोखे से अपने नाम लिखवाने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित सुखना, जिनके पति दशरथ का स्वर्गवास 10 फरवरी 2025 को हो चुका है और उनके तीन पुत्र विनोद कुमार, राजकुमार व विजय कुमार रोजी-रोजगार के सिलसिले में अक्सर बाहर रहते हैं, ने आरोप लगाया है कि उनकी अशिक्षा और भोलेपन का फायदा उठाया गया। प्रार्थिनी सुखना के अनुसार, पति के देहांत और बेटों के बाहर रहने के कारण उन्होंने अपने जाति-बिरादर के सदावृक्ष (जो ग्राम सभा भलुहा के पूर्व प्रधान रहे) और रामवृक्ष यादव (पुत्र बुधिराम यादव, निवासी कुर्थिया, थाना खेसरहा) पर विश्वास किया। उन्होंने इन दोनों से अपने पति के स्थान पर उनका और उनके बेटों का नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज करवाने का अनुरोध किया था। इसके बाद, रामवृक्ष उन्हें मोटरसाइकिल पर बैठाकर बांसी ले आए और कहते रहे कि वे उनके पति के स्थान पर उनका और तीनों बेटों का नाम दर्ज करवा रहे हैं। रामवृक्ष और सदावृक्ष ने आपराधिक षडयंत्र रचकर रामचंदर (पुत्र रमापति उर्फ गत्ती) व श्रीमती कमलावती (पत्नी रामचंदर) तथा गवाह बाबूराम व रामधनी के साथ मिलकर 14 मई 2026 को कमलावती के नाम पर सुखना के संपूर्ण हक और हिस्से का बैनामा लिखवा लिया। इस फर्जी विक्रयपत्र के एवज में उन्हें एक भी रुपया नहीं मिला। बैनामे पर विक्रेता के मोबाइल नंबर की जगह रामचंदर ने अपना मोबाइल नंबर डलवा दिया। गांव में हल्ला होने पर सुखना ने अपने बेटों को सूचित किया, तब उन्हें पता चला कि रामवृक्ष ने लेखपाल व कानूनगो से संपर्क करके 11 मई 2026 को उनका और उनके बेटों का नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज करवाया था, और फिर 14 मई 2026 को धोखे से बैनामा तैयार करवा लिया। 21 मई 2026 को जब उन्होंने सदावृक्ष और रामवृक्ष से शिकायत की, तो दोनों ने गाली-गलौज की। पीड़ित सुखना ने खेसरहा थाने में प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन उन्हें बांसी का मामला बताकर कोतवाली बांसी भेज दिया गया, जहां उन्होंने 22 मई को प्रार्थना पत्र देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि बांसी रजिस्ट्री ऑफिस में मान (नियम) पूरा न होने पर भी जिम्मेदारों ने धोखे से मिलकर 71 वर्षीय वृद्ध महिला की रजिस्ट्री करवा दी।
सिद्धार्थनगर जिले के बांसी तहसील क्षेत्र के खेसरहा ब्लॉक के गांव भलुहा में एक पूर्व प्रधान और अन्य व्यक्ति द्वारा 71 वर्षीय विधवा सुखना की संपत्ति को धोखे से अपने नाम लिखवाने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित सुखना, जिनके पति दशरथ का स्वर्गवास 10 फरवरी 2025 को हो चुका है और उनके तीन पुत्र विनोद कुमार, राजकुमार व विजय कुमार रोजी-रोजगार के सिलसिले में अक्सर बाहर रहते हैं, ने आरोप लगाया है कि उनकी अशिक्षा और भोलेपन का फायदा उठाया गया। प्रार्थिनी सुखना के अनुसार, पति के देहांत और बेटों के बाहर रहने के कारण उन्होंने अपने जाति-बिरादर के सदावृक्ष (जो ग्राम सभा भलुहा के पूर्व प्रधान रहे) और रामवृक्ष यादव (पुत्र बुधिराम यादव, निवासी कुर्थिया, थाना खेसरहा) पर विश्वास किया। उन्होंने इन दोनों से अपने पति के स्थान पर उनका और उनके बेटों का नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज करवाने का अनुरोध किया था। इसके बाद, रामवृक्ष उन्हें मोटरसाइकिल पर बैठाकर बांसी ले आए और कहते रहे कि वे उनके पति के स्थान पर उनका और तीनों बेटों का नाम दर्ज करवा रहे हैं। रामवृक्ष और सदावृक्ष ने आपराधिक षडयंत्र रचकर रामचंदर (पुत्र रमापति उर्फ गत्ती) व श्रीमती कमलावती (पत्नी रामचंदर) तथा गवाह बाबूराम व रामधनी के साथ मिलकर 14 मई 2026 को कमलावती के नाम पर सुखना के संपूर्ण हक और हिस्से का बैनामा लिखवा लिया। इस फर्जी विक्रयपत्र के एवज में उन्हें एक भी रुपया नहीं मिला। बैनामे पर विक्रेता के मोबाइल नंबर की जगह रामचंदर ने अपना मोबाइल नंबर डलवा दिया। गांव में हल्ला होने पर सुखना ने अपने बेटों को सूचित किया, तब उन्हें पता चला कि रामवृक्ष ने लेखपाल व कानूनगो से संपर्क करके 11 मई 2026 को उनका और उनके बेटों का नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज करवाया था, और फिर 14 मई 2026 को धोखे से बैनामा तैयार करवा लिया। 21 मई 2026 को जब उन्होंने सदावृक्ष और रामवृक्ष से शिकायत की, तो दोनों ने गाली-गलौज की। पीड़ित सुखना ने खेसरहा थाने में प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन उन्हें बांसी का मामला बताकर कोतवाली बांसी भेज दिया गया, जहां उन्होंने 22 मई को प्रार्थना पत्र देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि बांसी रजिस्ट्री ऑफिस में मान (नियम) पूरा न होने पर भी जिम्मेदारों ने धोखे से मिलकर 71 वर्षीय वृद्ध महिला की रजिस्ट्री करवा दी।
- सिद्धार्थनगर जिले के बांसी तहसील क्षेत्र के खेसरहा ब्लॉक के गांव भलुहा में एक पूर्व प्रधान और अन्य व्यक्ति द्वारा 71 वर्षीय विधवा सुखना की संपत्ति को धोखे से अपने नाम लिखवाने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित सुखना, जिनके पति दशरथ का स्वर्गवास 10 फरवरी 2025 को हो चुका है और उनके तीन पुत्र विनोद कुमार, राजकुमार व विजय कुमार रोजी-रोजगार के सिलसिले में अक्सर बाहर रहते हैं, ने आरोप लगाया है कि उनकी अशिक्षा और भोलेपन का फायदा उठाया गया। प्रार्थिनी सुखना के अनुसार, पति के देहांत और बेटों के बाहर रहने के कारण उन्होंने अपने जाति-बिरादर के सदावृक्ष (जो ग्राम सभा भलुहा के पूर्व प्रधान रहे) और रामवृक्ष यादव (पुत्र बुधिराम यादव, निवासी कुर्थिया, थाना खेसरहा) पर विश्वास किया। उन्होंने इन दोनों से अपने पति के स्थान पर उनका और उनके बेटों का नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज करवाने का अनुरोध किया था। इसके बाद, रामवृक्ष उन्हें मोटरसाइकिल पर बैठाकर बांसी ले आए और कहते रहे कि वे उनके पति के स्थान पर उनका और तीनों बेटों का नाम दर्ज करवा रहे हैं। रामवृक्ष और सदावृक्ष ने आपराधिक षडयंत्र रचकर रामचंदर (पुत्र रमापति उर्फ गत्ती) व श्रीमती कमलावती (पत्नी रामचंदर) तथा गवाह बाबूराम व रामधनी के साथ मिलकर 14 मई 2026 को कमलावती के नाम पर सुखना के संपूर्ण हक और हिस्से का बैनामा लिखवा लिया। इस फर्जी विक्रयपत्र के एवज में उन्हें एक भी रुपया नहीं मिला। बैनामे पर विक्रेता के मोबाइल नंबर की जगह रामचंदर ने अपना मोबाइल नंबर डलवा दिया। गांव में हल्ला होने पर सुखना ने अपने बेटों को सूचित किया, तब उन्हें पता चला कि रामवृक्ष ने लेखपाल व कानूनगो से संपर्क करके 11 मई 2026 को उनका और उनके बेटों का नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज करवाया था, और फिर 14 मई 2026 को धोखे से बैनामा तैयार करवा लिया। 21 मई 2026 को जब उन्होंने सदावृक्ष और रामवृक्ष से शिकायत की, तो दोनों ने गाली-गलौज की। पीड़ित सुखना ने खेसरहा थाने में प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन उन्हें बांसी का मामला बताकर कोतवाली बांसी भेज दिया गया, जहां उन्होंने 22 मई को प्रार्थना पत्र देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि बांसी रजिस्ट्री ऑफिस में मान (नियम) पूरा न होने पर भी जिम्मेदारों ने धोखे से मिलकर 71 वर्षीय वृद्ध महिला की रजिस्ट्री करवा दी।1
- कसमंडी में 1200 साल पुराना राजपासी राजा कंस का एक किला स्थित है।1
- आशीष द्वारा बनाया गया एक बहुत ही बेहतरीन वीडियो सामने आया है, जिसे देखने के लिए पुरज़ोर अपील की गई है। यह वीडियो विशेष रूप से चंगाई और छुटकारा के विषयों पर आधारित है, और इसे दर्शकों के लिए अनिवार्य रूप से देखने लायक बताया गया है।1
- बस्ती में वैश्य समाज एसोसिएशन द्वारा एक आवश्यक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं संस्थापक कामनी जायसवाल जी का भव्य स्वागत किया गया। यह बैठक जिलाध्यक्ष संतोष कुमार जायसवाल के निवास पर हुई, जिसमें वैश्य समाज के हर वर्ग के लोगों ने भाग लिया। इस दौरान, नगर बाजार, बहादुरपुर, बस्ती निवासी कौशल कुमार जायसवाल जी को बस्ती-सदर, बस्ती का तहसील अध्यक्ष मनोनीत किया गया।4
- सिद्धार्थनगर जनपद में बकरीद का त्योहार बड़े हर्षोल्लास और आपसी भाईचारे के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुस्लिम समुदाय के साथ-साथ हिंदू समुदाय के लोगों ने भी एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद देकर सौहार्द का संदेश दिया। बांसी नगर पालिका अध्यक्ष आवास पर ईद-उल-अजहा के अवसर पर समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक लालजी यादव तथा जिला उपाध्यक्ष मोहम्मद इदरीस पटवारी, जो पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष बांसी भी रह चुके हैं, ने लोगों को बकरीद की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान वक्ताओं ने बकरीद के त्योहार को कुर्बानी, भाईचारे, मोहब्बत और इंसानियत का पैगाम देने वाला बताया। उन्होंने अल्लाह तआला से सभी की इबादत और कुर्बानी कुबूल करने, साथ ही देश में अमन-चैन, खुशहाली और तरक्की कायम रहने की दुआ की। सभी लोगों की जिंदगी में खुशियां, सेहत और बरकत की कामना करते हुए 'ईद मुबारक' कहा गया।1
- उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में एक पेट्रोल पंप पर डीजल और पेट्रोल की भारी मात्रा में जमाखोरी का भंडाफोड़ हुआ है। निचलौल थाना क्षेत्र में स्थित इस पेट्रोल पंप पर संबंधित विभाग ने कार्रवाई करते हुए बड़े पैमाने पर ईंधन की बरामदगी की है। जाँच के दौरान, पेट्रोल पंप के शौचालय और रसोई घर से भारी मात्रा में डीजल और पेट्रोल छिपाकर रखा हुआ पाया गया। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब क्षेत्र में ईंधन संकट की आशंकाएँ बनी हुई हैं, जिससे यह घटना और भी गंभीर हो जाती है।1