भागलपुर में विक्रमशिला सेतु पर बने बेली ब्रिज से एक मिनी ट्रक के गुजरने का वीडियो वायरल होने के बाद, ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। शुरुआत में बेली ब्रिज के उद्घाटन के बाद पुल पर गंभीर जाम की समस्या देखी गई थी, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लगती थीं। हालांकि, अब जिला प्रशासन की सक्रियता और बेहतर यातायात प्रबंधन के चलते स्थिति सामान्य हो गई है, और चारों बेली ब्रिजों से वाहन सुगमता से आवागमन कर रहे हैं। इसी बीच, बीते दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें बेली ब्रिज से एक मिनी ट्रक गुजरता हुआ दिखाई दिया। यह मामला इसलिए चर्चा का विषय बन गया क्योंकि बेली ब्रिज पर केवल छोटे वाहनों के परिचालन की अनुमति है। पुलिस प्रशासन द्वारा कराई गई जांच में इस बात की पुष्टि हुई कि एक मिनी ट्रक बेली ब्रिज से गुजरा था। पुलिस ने यह स्पष्ट किया कि ट्रक में बालू या गिट्टी जैसी भारी सामग्री नहीं थी, बल्कि अन्य सामान लदा हुआ था। इसके बावजूद, वाहन को पुल से गुजरने देना ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की लापरवाही माना गया। वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने इस पर कार्रवाई करते हुए एक पुलिस अवर निरीक्षक, तीन सिपाहियों और एक होमगार्ड जवान सहित कुल पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बेली ब्रिज पर निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि यातायात व्यवस्था और पुल की सुरक्षा से जुड़े नियमों के उल्लंघन पर जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
भागलपुर में विक्रमशिला सेतु पर बने बेली ब्रिज से एक मिनी ट्रक के गुजरने का वीडियो वायरल होने के बाद, ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। शुरुआत में बेली ब्रिज के उद्घाटन के बाद पुल पर गंभीर जाम की समस्या देखी गई थी, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लगती थीं। हालांकि, अब जिला प्रशासन की सक्रियता और बेहतर यातायात प्रबंधन के चलते स्थिति सामान्य हो गई है, और चारों बेली ब्रिजों से वाहन सुगमता से आवागमन कर रहे हैं। इसी बीच, बीते दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें बेली ब्रिज से एक मिनी ट्रक गुजरता हुआ दिखाई दिया। यह मामला इसलिए चर्चा का विषय बन गया क्योंकि बेली ब्रिज पर केवल छोटे वाहनों के परिचालन की अनुमति है। पुलिस प्रशासन द्वारा कराई गई जांच में इस बात की पुष्टि हुई कि एक मिनी ट्रक बेली ब्रिज से गुजरा था। पुलिस ने यह स्पष्ट किया कि ट्रक में बालू या गिट्टी जैसी भारी सामग्री नहीं थी, बल्कि अन्य सामान लदा हुआ था। इसके बावजूद, वाहन को पुल से गुजरने देना ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की लापरवाही माना गया। वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने इस पर कार्रवाई करते हुए एक पुलिस अवर निरीक्षक, तीन सिपाहियों और एक होमगार्ड जवान सहित कुल पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बेली ब्रिज पर निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि यातायात व्यवस्था और पुल की सुरक्षा से जुड़े नियमों के उल्लंघन पर जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- भागलपुर में विक्रमशिला सेतु पर बने बेली ब्रिज से एक मिनी ट्रक के गुजरने का वीडियो वायरल होने के बाद, ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। शुरुआत में बेली ब्रिज के उद्घाटन के बाद पुल पर गंभीर जाम की समस्या देखी गई थी, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लगती थीं। हालांकि, अब जिला प्रशासन की सक्रियता और बेहतर यातायात प्रबंधन के चलते स्थिति सामान्य हो गई है, और चारों बेली ब्रिजों से वाहन सुगमता से आवागमन कर रहे हैं। इसी बीच, बीते दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें बेली ब्रिज से एक मिनी ट्रक गुजरता हुआ दिखाई दिया। यह मामला इसलिए चर्चा का विषय बन गया क्योंकि बेली ब्रिज पर केवल छोटे वाहनों के परिचालन की अनुमति है। पुलिस प्रशासन द्वारा कराई गई जांच में इस बात की पुष्टि हुई कि एक मिनी ट्रक बेली ब्रिज से गुजरा था। पुलिस ने यह स्पष्ट किया कि ट्रक में बालू या गिट्टी जैसी भारी सामग्री नहीं थी, बल्कि अन्य सामान लदा हुआ था। इसके बावजूद, वाहन को पुल से गुजरने देना ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की लापरवाही माना गया। वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने इस पर कार्रवाई करते हुए एक पुलिस अवर निरीक्षक, तीन सिपाहियों और एक होमगार्ड जवान सहित कुल पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बेली ब्रिज पर निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि यातायात व्यवस्था और पुल की सुरक्षा से जुड़े नियमों के उल्लंघन पर जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1
- भास्कर इन्वेस्टिगेशन के खुलासे के अनुसार, पाटलिपुत्र जंक्शन पर पुलिसकर्मियों पर हुआ हमला और ट्रेनों में बड़े पैमाने पर की गई तोड़फोड़ की घटना सुनियोजित थी। इस पूरी साजिश का एकमात्र मकसद सिपाही भर्ती परीक्षा को रद्द कराना था। इन घटनाओं के पीछे के कारणों और इसमें कोचिंग संस्थानों की संभावित संलिप्तता को लेकर भी गहन जांच की जा रही है।1
- सम्राट चौधरी के क्षेत्र में दबंगई का एक मामला सामने आया है, जहाँ एक समूह के नाम पर खरीदी गई 5 बीघा जमीन को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। बताया गया है कि यह जमीन समूह के नाम पर खरीदी गई थी, लेकिन अब उसी समूह के सदस्यों को प्रताड़ित किया जा रहा है।1
- मुंगेर के तारापुर में निर्माणाधीन सरकारी बस स्टैंड के लिए अवैध रूप से मिट्टी की ढुलाई कर रहे दो ट्रैक्टरों को माइनिंग विभाग ने रविवार को जब्त कर लिया। माइनिंग इंस्पेक्टर मो. अरमान ने तारापुर के शहीद चौक के पास कार्रवाई करते हुए मिट्टी से लदे दोनों ट्रैक्टरों को पकड़ा और थाना के सुपुर्द कर दिया। विभाग को सूचना मिली थी कि सरकारी बस पड़ाव के निर्माण कार्य में अवैध रूप से मिट्टी का खनन और परिवहन किया जा रहा है। इसी जानकारी के आधार पर जांच के दौरान दोनों ट्रैक्टरों को पकड़ा गया। माइनिंग इंस्पेक्टर ने बताया कि दोनों वाहनों पर कुल 2 लाख 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी सरकारी योजना में मिट्टी के खनन या परिवहन के लिए विभागीय अनुमति आवश्यक होती है और बिना अनुमति मिट्टी की आपूर्ति करना अवैध है। विभाग ने कहा कि जुर्माना राशि जमा करने के बाद ही दोनों ट्रैक्टरों को छोड़ा जाएगा। इस कार्रवाई के बाद अवैध खनन से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।1
- महेशखूंट में स्थित गोल्डन शिक्षण संस्थान के परिसर में श्री साहेब आयुर्वेदिक जड़ी बूटी क्लिनिक संचालित होता है, जिसके संचालक डॉ. सुजीत कुमार से एक खास बातचीत की गई है। उनके संपर्क नंबर 7644808264 और 7564839419 हैं।1
- ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद, जो हाल ही में जेल से बाहर आए हैं, एक बार फिर चर्चा में हैं। उन्होंने अपने भाई प्रिंस की मौत को लेकर एक बड़ा आरोप लगाया है और दावा किया है कि उनके भाई की हत्या हुई है। इस मामले में एक बड़ा ट्विस्ट तब आया जब रौशन आनंद ने कुछ लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की, जिससे पूरे प्रकरण में हड़कंप मच गया है।1
- गोगरी प्रखंड मुख्यालय में आगामी 17 और 18 जून को एक सहयोग शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर को लेकर सोमवार दोपहर एक बजे तक मध्य बोरना पंचायत में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। आंगनबाड़ी सेविकाओं ने इस दौरान क्षेत्र में भ्रमण कर ग्रामीणों को शिविर के बारे में विस्तृत जानकारी दी, उनसे अपनी समस्याओं से संबंधित अधिक से अधिक आवेदन लेकर शिविर में पहुँचने की अपील की। सेविकाओं ने ग्रामीणों को बताया कि गोगरी प्रखंड मुख्यालय में आयोजित इस सहयोग शिविर में विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याओं के आवेदन स्वीकार किए जाएँगे और उनके समाधान की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी ग्रामीणों से निर्धारित तिथि पर पहुँचकर अपनी समस्याओं का निस्तारण कराने का आग्रह किया। इस जागरूकता अभियान का नेतृत्व महिला पर्यवेक्षिका वीणा कुमारी ने किया। उनके साथ सेविकाओं में आफरीन बानो, आसमा, जुलेखा खातून, ममता सुषमा, शहरेनाज प्रवीण, तबस्सुम सितारा, रौनक खातून और ललिता देवी शामिल थीं। अभियान में कई लाभार्थी भी उपस्थित रहे।1
- पटना के ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद के भाई प्रिंस आनंद का आज रात सहरसा में अंतिम संस्कार कर दिया गया। प्रिंस को उनके पिता ने मुखाग्नि दी। सोमवार को पटना सिविल कोर्ट से खान सर की कोचिंग पर पथराव मामले में जमानत मिलने के बाद रौशन आनंद बेऊर जेल से बाहर निकले थे। वह अपने भाई प्रिंस के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए सहरसा पहुँचे। सहरसा पहुँचकर रौशन आनंद ने खान सर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 'खान सर ने हमें बर्बाद कर दिया, भाई को उन्होंने ही मरवाया है।' उन्होंने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए आगे कहा, 'जवान बेटे के शव को पिता मुखाग्नि दे, इससे बड़ी दुख की घड़ी क्या होगी।'1