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हरिद्वार के जगजीतपुर क्षेत्र में जंगली हाथियों की आवाजाही निरंतर बनी हुई है।आज तड़के बालाजी एन्क्लेव में गजराज घुस आए। कुत्तों के भोंकने से लोगों की आंख खुली तो बाहर गजराज मार्निंग वॉक पर नजर आए हालांकि हाथी ने किसी को नुक्सान नहीं पहुंचाया और दूसरी ओर निकल गया। दरअसल जगजीतपुर क्षेत्र जंगली हाथियों का पुराना प्राकृत गलियारा है और हाथी पीढ़ी-दर-पीढ़ी अपने पुराने रास्तों का उपयोग करते हैं लेकिन हाथियों के इन रास्तों पर अब कालोनियां बस गई हैं, जिसके कारण यहां मानव-वन्यजीव टकराव की आशंका बनी रहती है। (-कुमार दुष्यंत)

2 hrs ago
user_लोकल न्यूज़ हरिद्वार  शहर की खबर शहर को खबर
लोकल न्यूज़ हरिद्वार शहर की खबर शहर को खबर
Journalist हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
2 hrs ago

हरिद्वार के जगजीतपुर क्षेत्र में जंगली हाथियों की आवाजाही निरंतर बनी हुई है।आज तड़के बालाजी एन्क्लेव में गजराज घुस आए। कुत्तों के भोंकने से लोगों की आंख खुली तो बाहर गजराज मार्निंग वॉक पर नजर आए हालांकि हाथी ने किसी को नुक्सान नहीं पहुंचाया और दूसरी ओर निकल गया। दरअसल जगजीतपुर क्षेत्र जंगली हाथियों का पुराना प्राकृत गलियारा है और हाथी पीढ़ी-दर-पीढ़ी अपने पुराने रास्तों का उपयोग करते हैं लेकिन हाथियों के इन रास्तों पर अब कालोनियां बस गई हैं, जिसके कारण यहां मानव-वन्यजीव टकराव की आशंका बनी रहती है। (-कुमार दुष्यंत)

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  • हरिद्वार के जगजीतपुर क्षेत्र में जंगली हाथियों की आवाजाही निरंतर बनी हुई है।आज तड़के बालाजी एन्क्लेव में गजराज घुस आए। कुत्तों के भोंकने से लोगों की आंख खुली तो बाहर गजराज मार्निंग वॉक पर नजर आए हालांकि हाथी ने किसी को नुक्सान नहीं पहुंचाया और दूसरी ओर निकल गया। दरअसल जगजीतपुर क्षेत्र जंगली हाथियों का पुराना प्राकृत गलियारा है और हाथी पीढ़ी-दर-पीढ़ी अपने पुराने रास्तों का उपयोग करते हैं लेकिन हाथियों के इन रास्तों पर अब कालोनियां बस गई हैं, जिसके कारण यहां मानव-वन्यजीव टकराव की आशंका बनी रहती है। (-कुमार दुष्यंत)
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    हरिद्वार के जगजीतपुर क्षेत्र में जंगली हाथियों की आवाजाही निरंतर बनी हुई है।आज तड़के बालाजी एन्क्लेव में गजराज घुस आए। कुत्तों के भोंकने से लोगों की आंख खुली तो बाहर गजराज मार्निंग वॉक पर नजर आए हालांकि हाथी ने किसी को नुक्सान नहीं पहुंचाया और दूसरी ओर निकल गया। दरअसल जगजीतपुर क्षेत्र जंगली हाथियों का पुराना प्राकृत गलियारा है और हाथी पीढ़ी-दर-पीढ़ी अपने पुराने रास्तों का उपयोग करते हैं लेकिन हाथियों के इन रास्तों पर अब कालोनियां बस गई हैं, जिसके कारण यहां मानव-वन्यजीव टकराव की आशंका बनी रहती है।
(-कुमार दुष्यंत)
    user_लोकल न्यूज़ हरिद्वार  शहर की खबर शहर को खबर
    लोकल न्यूज़ हरिद्वार शहर की खबर शहर को खबर
    Journalist हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    2 hrs ago
  • *थाना कनखल* *गौकशी के खिलाफ पुलिस को आमजन का भी मिल रहा सहयोग* *सुभाष नगर निवासी व्यक्ति ने अन्य के सहयोग से दो आरोपित को पकड़ा* *दो बछड़े किए रेस्क्यू, आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज* आज दिनांक 25.03.2026 को सुभाष नगर ज्वालापुर निवासी व्यक्ति द्वारा संदिग्ध को पिकप वाहन से 02 छोटे बछडो को गुरुकुल काँगडी निकट रविदास बस्ती के पास से गौकशी के लिये ले जाते समय पकडकर थाना कनखल लाया गया। आरोपित को पुलिस हिरासत में लेते हुए मुकदमा दर्ज किया गया। न्यायायल में पेश किया जाएगा। *विवरण आरोपित-* 1- मुनीर पुत्र दिलशाद निवासी मौहल्ला टोली थाना मंगलौर जिला हरिद्वार 2- आमीर कुरैशी पुत्र इद्रीश निवासी जौरासी थाना सिविल लाईन रुडकी जनपद हरिद्वार *बरामदगी-* 1-दो छोटे बछडे 2-एक पिकप वाहन
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    *थाना कनखल*
*गौकशी के खिलाफ पुलिस को आमजन का भी मिल रहा सहयोग*
*सुभाष नगर निवासी व्यक्ति ने अन्य के सहयोग से दो आरोपित को पकड़ा*
*दो बछड़े किए रेस्क्यू, आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज*
आज दिनांक 25.03.2026  को  सुभाष नगर ज्वालापुर निवासी व्यक्ति द्वारा संदिग्ध को पिकप वाहन से 02 छोटे बछडो को गुरुकुल काँगडी निकट रविदास बस्ती के पास से गौकशी के लिये ले जाते समय पकडकर थाना कनखल लाया गया। 
आरोपित को पुलिस हिरासत में लेते हुए मुकदमा दर्ज किया गया। न्यायायल में पेश किया जाएगा।  
*विवरण आरोपित-*
1-	मुनीर पुत्र दिलशाद निवासी मौहल्ला टोली  थाना मंगलौर जिला हरिद्वार 
2-	आमीर कुरैशी पुत्र इद्रीश निवासी जौरासी थाना सिविल  लाईन रुडकी जनपद हरिद्वार
*बरामदगी-*
1-दो छोटे बछडे 
2-एक पिकप वाहन
    user_Dpk Chauhan
    Dpk Chauhan
    Farmer हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    10 hrs ago
  • स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ की कलम से गंगा स्वच्छता पर ‘खाली कुर्सियों’ की बैठक! करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा मुद्दा, लेकिन अधिकारियों की बेरुखी ने खोल दी प्रशासन की पोल हरिद्वार। धर्म और आस्था की राजधानी कही जाने वाली हरिद्वार में जब गंगा की स्वच्छता पर चर्चा के लिए बैठक हो और सभागार में अधिकारियों से ज्यादा खाली कुर्सियां दिखाई दें, तो यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ गंभीर खिलवाड़ माना जाएगा। जिला कलेक्ट सभागार में आयोजित जिला गंगा संरक्षण समिति (DGC) की 71वीं बैठक कुछ ऐसी ही तस्वीर छोड़ गई, जहां 37 सदस्यों को आमंत्रित किया गया था, लेकिन गिने-चुने अधिकारी ही उपस्थित हुए। गौरतलब है कि अगले वर्ष कुंभ मेला की तैयारियों का दावा किया जा रहा है और करोड़ों श्रद्धालु गंगा नदी में स्नान के लिए हरिद्वार पहुंचेंगे, लेकिन गंगा की स्वच्छता पर होने वाली सबसे महत्वपूर्ण बैठक ही सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गई। अध्यक्ष अनुपस्थित, सचिव ने संभाली बैठक की कमान बैठक में जिला गंगा संरक्षण समिति के अध्यक्ष अन्य कार्यक्रम में व्यस्त होने के कारण उपस्थित नहीं हो सके। उनकी अनुपस्थिति में समिति के सचिव स्वप्निल अनिरुद्ध ने बैठक की अध्यक्षता की। लेकिन इस महत्वपूर्ण बैठक में नगर निगम, सिंचाई विभाग, हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण और कई अन्य महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारी अनुपस्थित रहे, जबकि एजेंडा के अधिकांश मुद्दे उन्हीं विभागों से जुड़े थे। गंगा की स्वच्छता से ज्यादा ‘कमीशन वाले प्रोजेक्ट’ जरूरी? बैठक के हालात देखकर ऐसा प्रतीत हुआ कि जहां बड़े निर्माण कार्यों, ठेकों और बजट की चर्चा होती है वहां अधिकारी पूरे उत्साह से पहुंचते हैं, लेकिन जहां गंगा की स्वच्छता और आस्था का सवाल हो, वहां कुर्सियां खाली रह जाती हैं। कई विभागों की अनुपस्थिति के कारण बैठक के अधिकांश एजेंडा बिंदु बिना चर्चा के ही खत्म कर दिए गए। सीवेज प्लांट और गौशालाओं का गोबर: रिपोर्ट अधूरी बैठक के पहले एजेंडा में जनपद हरिद्वार में संचालित सीवेज शोधन संयंत्रों की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जो सामान्य बताई गई। लेकिन जब गंगा किनारे बनी गौशालाओं से गोबर उठाने और उसके निस्तारण का सवाल उठा, तो नगर निगम के पास कोई स्पष्ट रिपोर्ट ही नहीं थी। बताया गया कि कई गौशालाओं का गोबर अब भी गंगा में जा रहा है, जिससे पवित्र धारा दूषित हो रही है। जाली लगाने का प्रस्ताव भी अधर में दूसरे एजेंडा में गंगा में पूजा सामग्री और कूड़ा गिरने से रोकने के लिए नहरों और नालों पर जाली लगाने का प्रस्ताव रखा गया था। लेकिन सिंचाई विभाग और HRDA के अधिकारी उपस्थित नहीं होने के कारण यह प्रस्ताव भी चर्चा के बिना ही रह गया। आस्था पथ का सपना भी अटक गया तीसरे एजेंडा में दूधिया बंद तटबंध से गीता कुटीर तक “आस्था पथ” विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया था। लेकिन हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण और सिंचाई विभाग की अनुपस्थिति के कारण इस महत्वपूर्ण योजना पर भी कोई चर्चा नहीं हो सकी। चंडीघाट रिवर फ्रंट पर भी नहीं हुई चर्चा नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत विकसित चंडीघाट रिवर फ्रंट पर भी चर्चा प्रस्तावित थी, लेकिन संबंधित विभाग के अधिकारी न पहुंचने के कारण यह मुद्दा भी अधूरा रह गया। भीमगोड़ा कुंड और अतिक्रमण पर भी टालमटोल भीमगोड़ा कुंड के जीर्णोद्धार और आसपास के अतिक्रमण हटाने के मुद्दे पर भी बैठक में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा सका। नगर निगम के छोटे अधिकारियों ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि अभी डीपीआर तैयार ही नहीं हुई है। स्वच्छता पखवाड़ा या सिर्फ फोटो अभियान? बैठक के अंतिम बिंदु में गंगा स्वच्छता पखवाड़ा के नाम पर कुछ फोटो प्रस्तुत किए गए। इस पर स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ ने सवाल उठाते हुए कहा कि “पंतदीप पार्किंग के पास बड़े घाट गंदगी से भरे पड़े हैं, वहां सफाई क्यों नहीं की गई?” उनके सवाल पर अधिकारियों ने केवल आश्वासन दिया कि जल्द ही घाट की सफाई कराई जाएगी। गंगा में घोड़े-गधे उतारकर हो रहा अवैध खनन बैठक में स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ ने गंभीर मुद्दा उठाते हुए बताया कि भूपतवाला क्षेत्र में 100 से 150 घोड़े-गधे गंगा में उतरकर अवैध खनन कर रहे हैं। इन पशुओं की लीद और पेशाब सीधे गंगा के जल को दूषित कर रही है और यह एनजीटी के आदेशों का भी उल्लंघन है। इस पर डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने पुलिस और वन विभाग को पत्र लिखकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। अवैध अस्थि विसर्जन और हादसों का खतरा बैठक में यह भी मुद्दा उठाया गया कि पांच नंबर ठोकर के पास अवैध रूप से अस्थि विसर्जन किया जा रहा है, जबकि वहां कोई अधिकृत घाट नहीं है। ऐसे में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। हर की पौड़ी पर अवैध फूल-फरोशी का मुद्दा भी उठा स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ ने हर की पौड़ी पर हो रहे अतिक्रमण और अवैध फूल-फरोशी ठेकों का मुद्दा भी उठाया। लेकिन अधिकारियों ने केवल दिखवाते है और “जांच करेंगे” कहकर मामला टाल दिया। 500 करोड़ के कुंभ की तैयारी, लेकिन गंगा की चिंता नहीं? सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगले वर्ष होने वाले कुंभ आयोजन के लिए सरकार द्वारा 500 करोड़ रुपये आवंटित किए जा चुके हैं। लेकिन गंगा की स्वच्छता पर होने वाली बैठक ही औपचारिकता बनकर रह जाए, तो यह प्रशासन की गंभीरता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। खाली कुर्सियों ने खोल दी व्यवस्था की सच्चाई इस बैठक ने एक बार फिर साबित कर दिया कि गंगा की स्वच्छता पर होने वाली बैठकें कागजों और औपचारिकताओं तक सीमित होती जा रही हैं। यदि अधिकारी ही इन बैठकों को गंभीरता से नहीं लेंगे, तो करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस महाकुंभ में गंगा की पवित्रता कैसे सुरक्षित रहेगी — यह सबसे बड़ा प्रश्न है। बैठक में प्रोजेक्ट मैनेजर पेयजल निगम (गंगा)मीनाक्षी मित्तल,आर ओ यूके पीसीबी डॉ राजेंद्र सिंह,जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, उप मुख्य नगर अधिकारी दीपक गोस्वामी, सहायक अभियंता जल संस्थान अब्दुल रशीद, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानद जोशी,  जिला परियोजना अधिकारी नमामि गंगे सत्यदेव आर्य, समिति के सदस्य रामेश्वर गौड़ ,मनोज निषाद,संजय सकलानी एवं सम्बन्धित अधिकारी मौजूद रहें। ✍️ — स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ हरिद्वार
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    स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ की कलम से
गंगा स्वच्छता पर ‘खाली कुर्सियों’ की बैठक!
करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा मुद्दा, लेकिन अधिकारियों की बेरुखी ने खोल दी प्रशासन की पोल
हरिद्वार। धर्म और आस्था की राजधानी कही जाने वाली हरिद्वार में जब गंगा की स्वच्छता पर चर्चा के लिए बैठक हो और सभागार में अधिकारियों से ज्यादा खाली कुर्सियां दिखाई दें, तो यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ गंभीर खिलवाड़ माना जाएगा।
जिला कलेक्ट सभागार में आयोजित जिला गंगा संरक्षण समिति (DGC) की 71वीं बैठक कुछ ऐसी ही तस्वीर छोड़ गई, जहां 37 सदस्यों को आमंत्रित किया गया था, लेकिन गिने-चुने अधिकारी ही उपस्थित हुए।
गौरतलब है कि अगले वर्ष कुंभ मेला की तैयारियों का दावा किया जा रहा है और करोड़ों श्रद्धालु गंगा नदी में स्नान के लिए हरिद्वार पहुंचेंगे, लेकिन गंगा की स्वच्छता पर होने वाली सबसे महत्वपूर्ण बैठक ही सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गई।
अध्यक्ष अनुपस्थित, सचिव ने संभाली बैठक की कमान
बैठक में जिला गंगा संरक्षण समिति के अध्यक्ष अन्य कार्यक्रम में व्यस्त होने के कारण उपस्थित नहीं हो सके। उनकी अनुपस्थिति में समिति के सचिव स्वप्निल अनिरुद्ध ने बैठक की अध्यक्षता की।
लेकिन इस महत्वपूर्ण बैठक में नगर निगम, सिंचाई विभाग, हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण और कई अन्य महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारी अनुपस्थित रहे, जबकि एजेंडा के अधिकांश मुद्दे उन्हीं विभागों से जुड़े थे।
गंगा की स्वच्छता से ज्यादा ‘कमीशन वाले प्रोजेक्ट’ जरूरी?
बैठक के हालात देखकर ऐसा प्रतीत हुआ कि जहां बड़े निर्माण कार्यों, ठेकों और बजट की चर्चा होती है वहां अधिकारी पूरे उत्साह से पहुंचते हैं, लेकिन जहां गंगा की स्वच्छता और आस्था का सवाल हो, वहां कुर्सियां खाली रह जाती हैं।
कई विभागों की अनुपस्थिति के कारण बैठक के अधिकांश एजेंडा बिंदु बिना चर्चा के ही खत्म कर दिए गए।
सीवेज प्लांट और गौशालाओं का गोबर: रिपोर्ट अधूरी
बैठक के पहले एजेंडा में जनपद हरिद्वार में संचालित सीवेज शोधन संयंत्रों की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जो सामान्य बताई गई।
लेकिन जब गंगा किनारे बनी गौशालाओं से गोबर उठाने और उसके निस्तारण का सवाल उठा, तो नगर निगम के पास कोई स्पष्ट रिपोर्ट ही नहीं थी।
बताया गया कि कई गौशालाओं का गोबर अब भी गंगा में जा रहा है, जिससे पवित्र धारा दूषित हो रही है।
जाली लगाने का प्रस्ताव भी अधर में
दूसरे एजेंडा में गंगा में पूजा सामग्री और कूड़ा गिरने से रोकने के लिए नहरों और नालों पर जाली लगाने का प्रस्ताव रखा गया था।
लेकिन सिंचाई विभाग और HRDA के अधिकारी उपस्थित नहीं होने के कारण यह प्रस्ताव भी चर्चा के बिना ही रह गया।
आस्था पथ का सपना भी अटक गया
तीसरे एजेंडा में दूधिया बंद तटबंध से गीता कुटीर तक “आस्था पथ” विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया था।
लेकिन हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण और सिंचाई विभाग की अनुपस्थिति के कारण इस महत्वपूर्ण योजना पर भी कोई चर्चा नहीं हो सकी।
चंडीघाट रिवर फ्रंट पर भी नहीं हुई चर्चा
नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत विकसित चंडीघाट रिवर फ्रंट पर भी चर्चा प्रस्तावित थी, लेकिन संबंधित विभाग के अधिकारी न पहुंचने के कारण यह मुद्दा भी अधूरा रह गया।
भीमगोड़ा कुंड और अतिक्रमण पर भी टालमटोल
भीमगोड़ा कुंड के जीर्णोद्धार और आसपास के अतिक्रमण हटाने के मुद्दे पर भी बैठक में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा सका।
नगर निगम के छोटे अधिकारियों ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि अभी डीपीआर तैयार ही नहीं हुई है।
स्वच्छता पखवाड़ा या सिर्फ फोटो अभियान?
बैठक के अंतिम बिंदु में गंगा स्वच्छता पखवाड़ा के नाम पर कुछ फोटो प्रस्तुत किए गए।
इस पर स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ ने सवाल उठाते हुए कहा कि
“पंतदीप पार्किंग के पास बड़े घाट गंदगी से भरे पड़े हैं, वहां सफाई क्यों नहीं की गई?”
उनके सवाल पर अधिकारियों ने केवल आश्वासन दिया कि जल्द ही घाट की सफाई कराई जाएगी।
गंगा में घोड़े-गधे उतारकर हो रहा अवैध खनन
बैठक में स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ ने गंभीर मुद्दा उठाते हुए बताया कि भूपतवाला क्षेत्र में 100 से 150 घोड़े-गधे गंगा में उतरकर अवैध खनन कर रहे हैं।
इन पशुओं की लीद और पेशाब सीधे गंगा के जल को दूषित कर रही है और यह एनजीटी के आदेशों का भी उल्लंघन है।
इस पर डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने पुलिस और वन विभाग को पत्र लिखकर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
अवैध अस्थि विसर्जन और हादसों का खतरा
बैठक में यह भी मुद्दा उठाया गया कि पांच नंबर ठोकर के पास अवैध रूप से अस्थि विसर्जन किया जा रहा है, जबकि वहां कोई अधिकृत घाट नहीं है।
ऐसे में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
हर की पौड़ी पर अवैध फूल-फरोशी का मुद्दा भी उठा
स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ ने हर की पौड़ी पर हो रहे अतिक्रमण और अवैध फूल-फरोशी ठेकों का मुद्दा भी उठाया।
लेकिन अधिकारियों ने केवल दिखवाते है और “जांच करेंगे” कहकर मामला टाल दिया।
500 करोड़ के कुंभ की तैयारी, लेकिन गंगा की चिंता नहीं?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगले वर्ष होने वाले कुंभ आयोजन के लिए सरकार द्वारा 500 करोड़ रुपये आवंटित किए जा चुके हैं।
लेकिन गंगा की स्वच्छता पर होने वाली बैठक ही औपचारिकता बनकर रह जाए, तो यह प्रशासन की गंभीरता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
खाली कुर्सियों ने खोल दी व्यवस्था की सच्चाई
इस बैठक ने एक बार फिर साबित कर दिया कि
गंगा की स्वच्छता पर होने वाली बैठकें कागजों और औपचारिकताओं तक सीमित होती जा रही हैं।
यदि अधिकारी ही इन बैठकों को गंभीरता से नहीं लेंगे, तो करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस महाकुंभ में गंगा की पवित्रता कैसे सुरक्षित रहेगी — यह सबसे बड़ा प्रश्न है।
बैठक में प्रोजेक्ट मैनेजर पेयजल निगम (गंगा)मीनाक्षी मित्तल,आर ओ यूके पीसीबी डॉ राजेंद्र सिंह,जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, उप मुख्य नगर अधिकारी दीपक गोस्वामी, सहायक अभियंता जल संस्थान अब्दुल रशीद, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानद जोशी,  जिला परियोजना अधिकारी नमामि गंगे सत्यदेव आर्य, समिति के सदस्य रामेश्वर गौड़ ,मनोज निषाद,संजय सकलानी एवं सम्बन्धित अधिकारी मौजूद रहें।
✍️ — स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़
हरिद्वार
    user_रामेश्वर गौड़ स्वतंत्र पत्रकार
    रामेश्वर गौड़ स्वतंत्र पत्रकार
    हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    19 hrs ago
  • Post by A Bharat News 10
    1
    Post by A Bharat News 10
    user_A Bharat News 10
    A Bharat News 10
    Local News Reporter हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    20 hrs ago
  • डोईवाला/रानी पोखरी डोईवाला ब्लॉक की रानी पोखरी ग्राम पंचायत के भट्ट नगरी में प्रस्तावित नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की जमीन को अन्य प्रयोजन के लिए देने के शासन के निर्णय के खिलाफ बुधवार को उग्र आंदोलन हुआ। प्रशासन की टीम का विरोध कर रहे आंदोलकारियों को रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात था। आंदोलकारियों में स्थानीय विधायक पर उपेक्षा का आरोप लगाया तो कांग्रेस में जमीन की नापजोख कर रही टीम को रोका तो मौके पर मौजूद पुलिस बल ने सख्ती दिखाते हुए कई कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार किया और रायवाला पुलिस स्टेशन ले गई। जिसके बाद आंदोलनकारी महिलाओं ने उग्र प्रदर्शन करते हुए शासन प्रशासन को जमकर खरी खोटी सुनाई और सरकार पर क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए आंदोलन तेज करने की बात कही।
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    डोईवाला/रानी पोखरी 
डोईवाला ब्लॉक की रानी पोखरी ग्राम पंचायत के भट्ट नगरी में प्रस्तावित नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की जमीन को अन्य प्रयोजन के लिए देने के शासन के निर्णय के खिलाफ बुधवार को उग्र आंदोलन हुआ।
प्रशासन की टीम का विरोध कर रहे आंदोलकारियों को रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात था।
आंदोलकारियों में स्थानीय विधायक पर उपेक्षा का आरोप लगाया तो कांग्रेस में जमीन की नापजोख कर रही टीम को रोका तो मौके पर मौजूद पुलिस बल ने सख्ती दिखाते हुए कई कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार किया और रायवाला पुलिस स्टेशन ले गई।
जिसके बाद आंदोलनकारी महिलाओं ने उग्र प्रदर्शन करते हुए शासन प्रशासन को जमकर खरी खोटी सुनाई और सरकार पर क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए आंदोलन तेज करने की बात कही।
    user_राजकुमार अग्रवाल डोईवाला रिपोर
    राजकुमार अग्रवाल डोईवाला रिपोर
    Lawyer डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड•
    18 hrs ago
  • माल निस्तारण की कार्यवाही सम्पन्न, गठित कमेटी ने माल किया नीलाम माननीय न्यायालय रुड़की के आदेश पर कोतवाली मंगलौर पर वर्ष 2011 में पंजीकृत धारा 420,467, 468 आईपीसी से संबंधित माल मुकदमती (सरिया) को न्यायालय द्वारा गठित कमेटी के सदस्य सीओ मंगलौर, तहसीलदार रुड़की, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली मंगलौर आदि द्वारा नियम अनुसार नीलामी करते हुए नीलामी में छोड़ा गया। अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
    1
    माल निस्तारण की कार्यवाही सम्पन्न, गठित कमेटी ने माल किया नीलाम
माननीय न्यायालय रुड़की के आदेश पर कोतवाली मंगलौर पर वर्ष 2011 में पंजीकृत धारा 420,467, 468 आईपीसी से संबंधित माल मुकदमती (सरिया) को न्यायालय द्वारा गठित कमेटी के सदस्य सीओ मंगलौर, तहसीलदार रुड़की, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली मंगलौर आदि द्वारा नियम अनुसार नीलामी करते हुए नीलामी में छोड़ा गया। अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
    user_रवि कुमार आजाद
    रवि कुमार आजाद
    नरसन, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    13 hrs ago
  • Post by Dehradun City News
    1
    Post by Dehradun City News
    user_Dehradun City News
    Dehradun City News
    News Anchor विकास नगर, देहरादून, उत्तराखंड•
    2 hrs ago
  • Post by Dpk Chauhan
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    Post by Dpk Chauhan
    user_Dpk Chauhan
    Dpk Chauhan
    Farmer हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    14 hrs ago
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