विकराल रूप ले रहा है हाथी-मानव द्वंद्व , चुरचू में 6 जिंदगियां खत्म... सांसद मनीष जायसवाल ने घटनास्थल पहुंचकर जताया गहरा शोक, कहा अवैध खनन हाथियों को बना है हिंसक, सरकार और प्रशासन इसपर तत्काल लगाए रोक हजारीबाग/चुरचू हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के चुरचू प्रखंड अंतर्गत गोंदवार वार गांव में प्रकृति और मानव के बीच बढ़ते असंतुलन ने उस वक्त एक भयावह रूप अख्तियार कर लिया, जब हाथियों के झुंड ने एक ही रात में छह मासूम जिंदगियों को बेरहमी से कुचलकर खत्म कर दिया। इस हृदयविदारक घटना की सूचना मिलते ही हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल अपने तमाम कार्यक्रमों को छोड़कर तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। वहां का मंजर अत्यंत पीड़ादायक था, जहां टूटे हुए कच्चे मकानों के मलबे और अपनों को खोने का चीत्कार गूंज रहा था। आसपास के लोग इस घटना और वन विभाग की निष्क्रियता को लेकर रोषव्याप्त थे। सांसद मनीष जायसवाल ने खुद घटनास्थल पर पहुंचकर एक-एक शव का अवलोकन किया और पीड़ित परिवारों के बीच बैठकर उन्हें इस गहरे दुख की घड़ी में ढांढस बंधाया। मृतकों में दीपक कुमार की पत्नी सविता कुमारी, उनका आठ माह का शिशु अनुराग, चार वर्षीय पुत्री संजना, बुजुर्ग पिता सूरज राम और बसंत कुमार की पत्नी सुमन कुमारी सहित एक अन्य ग्रामीण शामिल थे। एक ही परिवार के चार सदस्यों का इस तरह चले जाना किसी भी कलेजे को चीर देने के लिए काफी था । घटनास्थल पर मौजूद आक्रोशित ग्रामीणों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने इस त्रासदी के पीछे के असल कारणों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि हाथियों की यह उग्रता स्वाभाविक नहीं है, बल्कि यह इंसानी घुसपैठ और वर्तमान झारखंड सरकार के संरक्षण में इस क्षेत्र में फल-फूल रहे अवैध खनन के काले कारोबार का नतीजा है। जंगलों का विनाश और हाथियों के सदियों पुराने गलियारों में अवैध माइंस के जरिए होने वाले भारी धमाकों ने इन शांत जीवों को हिंसक बना दिया है। रात के सन्नाटे में अवैध माइंस ने धमाके की गूंज और वाहनों का अनियंत्रित परिचालन हाथियों के प्राकृतिक व्यवहार को अस्त-व्यस्त कर रहा है, जिसका खामियाजा निर्दोष ग्रामीणों को अपनी जान देकर भुगतना पड़ रहा है। सांसद मनीष जायसवाल ने स्पष्ट किया कि जब तक अवैध माइंस पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगता और वन क्षेत्र को सुरक्षित नहीं किया जाता, तब तक यह द्वंद्व थमने वाला नहीं है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने जिला प्रशासन और वन विभाग के अधिकारियों के साथ मौके पर ही वार्ता की और ग्रामीणों की जायज मांगों को मनवाया। उन्होंने पीड़ित परिवारों के जीविकोपार्जन के लिए परिवार के एक सदस्य को वन विभाग में नौकरी दिलाने की विभागीय अनुशंसा करने और सभी मृतकों के आश्रितों को जल्द से जल्द मुआवजा दिलाने पर सहमति बनाई। तत्काल राहत के रूप में प्रत्येक मृतक के नाम पर 25 हजार रुपये की राशि आवंटित कराई गई और विभागीय अधिकारियों ने एक माह के भीतर शेष मुआवजा राशि देने का भरोसा दिया। साथ ही हाथियों के हमले से सुरक्षा हेतु प्रभावित इलाकों में रहने वाले कच्चे मकानों के मालिकों को तत्काल प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान आवंटित करने की दिशा में सकारात्मक पहल करने और ग्रामीणों को आधुनिक लाइट, टॉर्च व विशेष प्रशिक्षण से लैस करने के निर्देश दिए। सांसद मनीष जायसवाल ने भावुक स्वर में कहा कि सरकार, प्रशासन और वन विभाग की तत्परता और हम सबकी सामूहिक जागरूकता ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोक सकती है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और शोकाकुल परिजनों को यह अपार दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना भी की। इधर प्रशासन और वन विभाग की टीम शवों के पोस्टमार्टम प्रक्रिया में जुट गई। मौके पर मांडू विधायक निर्मल महतो उर्फ़ तिवारी महतो, सदर एसडीओ आदित्य पांडेय, प्रशिक्षु आइएफएस राजेश कुमार, रेंज ऑफिसर विजय कुमार, स्थानीय डीएसपी बैजनाथ कुमार, स्थानीय सीओ सह बीडीओ ललित राम, चुरचू थाना प्रभारी कुमार अश्नीनी, आंगो थाना प्रभारी जानू कुमार, चुरचू की मुखिया पूनम बेसरा,मांडू विधानसभा के सांसद प्रतिनिधि द्वारिका सिंह उर्फ खोखा सिंह, चुरचू मंडल सांसद प्रतिनिधि फुलेश्वर महतो, चुरचू भाजपा मंडल अध्यक्ष शशि कुमार, आंगो पंचायत सारथी राजेंद्र प्रजापति, सांसद मनीष जायसवाल के लोकसभा क्षेत्र के मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहें ।
विकराल रूप ले रहा है हाथी-मानव द्वंद्व , चुरचू में 6 जिंदगियां खत्म... सांसद मनीष जायसवाल ने घटनास्थल पहुंचकर जताया गहरा शोक, कहा अवैध खनन हाथियों को बना है हिंसक, सरकार और प्रशासन इसपर तत्काल लगाए रोक हजारीबाग/चुरचू हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के चुरचू प्रखंड अंतर्गत गोंदवार वार गांव में प्रकृति और मानव के बीच बढ़ते असंतुलन ने उस वक्त एक भयावह रूप अख्तियार कर लिया, जब हाथियों के झुंड ने एक ही रात में छह मासूम जिंदगियों को बेरहमी से कुचलकर खत्म कर दिया। इस हृदयविदारक घटना की सूचना मिलते ही हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल अपने तमाम कार्यक्रमों को छोड़कर तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। वहां का मंजर अत्यंत पीड़ादायक था, जहां टूटे हुए कच्चे मकानों के मलबे और अपनों को खोने का चीत्कार गूंज रहा था। आसपास के लोग इस घटना और वन विभाग की निष्क्रियता को लेकर रोषव्याप्त थे। सांसद मनीष जायसवाल ने खुद घटनास्थल पर पहुंचकर एक-एक शव का अवलोकन किया और पीड़ित परिवारों के बीच बैठकर उन्हें इस गहरे दुख की घड़ी में ढांढस बंधाया। मृतकों में दीपक कुमार की पत्नी सविता कुमारी, उनका आठ माह का शिशु अनुराग, चार वर्षीय पुत्री संजना, बुजुर्ग पिता सूरज राम और बसंत कुमार की पत्नी सुमन कुमारी सहित एक अन्य ग्रामीण शामिल थे। एक ही परिवार के चार सदस्यों का इस तरह चले जाना किसी भी कलेजे को चीर देने के लिए काफी था । घटनास्थल पर मौजूद आक्रोशित ग्रामीणों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने इस त्रासदी के पीछे के असल कारणों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि हाथियों की यह उग्रता स्वाभाविक नहीं है, बल्कि यह इंसानी घुसपैठ और वर्तमान झारखंड सरकार के संरक्षण में इस क्षेत्र में फल-फूल रहे अवैध खनन के काले कारोबार का नतीजा है। जंगलों का विनाश और हाथियों के सदियों पुराने गलियारों में अवैध माइंस के जरिए होने वाले भारी धमाकों ने इन शांत जीवों को हिंसक बना दिया है। रात के सन्नाटे में अवैध माइंस ने धमाके की गूंज और वाहनों का अनियंत्रित परिचालन हाथियों के प्राकृतिक व्यवहार को अस्त-व्यस्त कर रहा है, जिसका खामियाजा निर्दोष ग्रामीणों को अपनी जान देकर भुगतना पड़ रहा है। सांसद मनीष जायसवाल ने स्पष्ट किया कि जब तक अवैध माइंस पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगता और वन क्षेत्र को सुरक्षित नहीं किया जाता, तब तक यह द्वंद्व थमने वाला नहीं है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने जिला प्रशासन और वन विभाग के अधिकारियों के साथ मौके पर ही वार्ता की और ग्रामीणों की जायज मांगों को मनवाया। उन्होंने पीड़ित परिवारों के जीविकोपार्जन के लिए परिवार के एक सदस्य को वन विभाग में नौकरी दिलाने की विभागीय अनुशंसा करने और सभी मृतकों के आश्रितों को जल्द से जल्द मुआवजा दिलाने पर सहमति बनाई। तत्काल राहत के रूप में प्रत्येक मृतक के नाम पर 25 हजार रुपये की राशि आवंटित कराई गई और विभागीय अधिकारियों ने एक माह के भीतर शेष मुआवजा राशि देने का भरोसा दिया। साथ ही हाथियों के हमले से सुरक्षा हेतु प्रभावित इलाकों में रहने वाले कच्चे मकानों के मालिकों को तत्काल प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान आवंटित करने की दिशा में सकारात्मक पहल करने और ग्रामीणों को आधुनिक लाइट, टॉर्च व विशेष प्रशिक्षण से लैस करने के निर्देश दिए। सांसद मनीष जायसवाल ने भावुक स्वर में कहा कि सरकार, प्रशासन और वन विभाग की तत्परता और हम सबकी सामूहिक जागरूकता ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोक सकती है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और शोकाकुल परिजनों को यह अपार दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना भी की। इधर प्रशासन और वन विभाग की टीम शवों के पोस्टमार्टम प्रक्रिया में जुट गई। मौके पर मांडू विधायक निर्मल महतो उर्फ़ तिवारी महतो, सदर एसडीओ आदित्य पांडेय, प्रशिक्षु आइएफएस राजेश कुमार, रेंज ऑफिसर विजय कुमार, स्थानीय डीएसपी बैजनाथ कुमार, स्थानीय सीओ सह बीडीओ ललित राम, चुरचू थाना प्रभारी कुमार अश्नीनी, आंगो थाना प्रभारी जानू कुमार, चुरचू की मुखिया पूनम बेसरा,मांडू विधानसभा के सांसद प्रतिनिधि द्वारिका सिंह उर्फ खोखा सिंह, चुरचू मंडल सांसद प्रतिनिधि फुलेश्वर महतो, चुरचू भाजपा मंडल अध्यक्ष शशि कुमार, आंगो पंचायत सारथी राजेंद्र प्रजापति, सांसद मनीष जायसवाल के लोकसभा क्षेत्र के मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहें ।
- 📍 हजारीबाग | शहर के शिवदयाल नगर, विजयपथ स्थित नंबर गली में अचानक बिजली के बॉक्स में आग लग गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। ⚠️ प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बिजली बॉक्स से पहले चिंगारी निकली और फिर धुआं उठने लगा, देखते ही देखते आग की लपटें दिखाई देने लगीं। 🚨 स्थानीय लोगों ने तुरंत बिजली विभाग को सूचना दी। 👨🚒 आसपास के लोगों ने सतर्कता दिखाते हुए बड़ी घटना होने से पहले स्थिति को नियंत्रित करने में मदद की। 🙏 गनीमत रही कि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन इलाके में कुछ देर के लिए बिजली आपूर्ति बाधित रही। 🔌 स्थानीय लोगों ने मांग की है कि पुराने और जर्जर बिजली बॉक्स की तुरंत जांच कर बदला जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो। #Hazaribagh #ElectricFire #JharkhandNews #LocalNews1
- *मानव–हाथी द्वन्द्व की गंभीर घटना के मद्देनज़र चुरचू क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू* वन प्रमण्डल पदाधिकारी, हजारीबाग पूर्वी प्रमण्डल के पत्र एवं झारखण्ड सरकार के निर्देशों के आलोक में यह सूचित किया जाता है कि चुरचू प्रखण्ड अंतर्गत गोंदवार क्षेत्र में मानव–हाथी द्वन्द्व की एक अत्यंत दुखद घटना घटित हुई है, जिसमें जंगली हाथियों के हमले से 06 व्यक्तियों की मृत्यु हो गई है। उक्त घटना के पश्चात गोंदवार एवं आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ एकत्र होने की सूचना प्राप्त हुई है। अत्यधिक भीड़ के कारण विधि–व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होने के साथ-साथ मानव–हाथी द्वन्द्व की पुनरावृत्ति की आशंका भी बनी हुई है। स्थिति की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए तथा आमजनों की सुरक्षा एवं विधि–व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से अनुमण्डल दण्डाधिकारी, सदर, हजारीबाग द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के अंतर्गत चुरचू क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू की गई है। यह निषेधाज्ञा आदेश उक्त कार्य हेतु प्रतिनियुक्त दण्डाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, सशस्त्र बल एवं लाठी बल पर लागू नहीं होगा। साथ ही शव यात्रा, शादी–विवाह एवं अन्य आवश्यक सामाजिक कार्यों को इस आदेश से मुक्त रखा गया है। उक्त निषेधाज्ञा दिनांक 13 फरवरी 2026 से अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी। जिला प्रशासन आम नागरिकों से अपील करता है कि वे प्रशासन को सहयोग करें, अनावश्यक रूप से भीड़ एकत्र न करें तथा अपनी एवं दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।1
- वॉर्ड 14 से युवा,,संघर्ष शील प्रत्याशी का कार्यकाल उदघाटन मांडू विधायक तिवारी महतो ने फीता काटकर किया4
- Hazaribagh के गोंदवारा में हाथी हमले के बाद सांसद Manish Jaiswal और विधायक तिवारी महतो के प्रयास तथा प्रशासन-वन विभाग के आश्वासन पर ग्रामीणों ने सहमति दी। मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए Sheikh Bhikhari Medical College and Hospital भेजे गए। सांसद ने अवैध माइनिंग और ट्रांसपोर्टिंग को हाथियों के गांव में घुसने का कारण बताया और कार्रवाई की मांग की। एसडीएम आदित्य पांडे ने घटना को हृदयविदारक बताते हुए सरकारी प्रावधानों के तहत शीघ्र मुआवजा और भविष्य में आवश्यक एहतियात का आश्वासन दिया।4
- एक टॉवर लाईन मे काम करने वाले की लाइफ 10 घंटा मजदूरी कर कर के गांड फट्टी पड़ी है1
- Post by Boring baleshwar1
- बहुत दर्दनाक घटना हुआ है और पूरा लापरवाही forest विभाग है #sachtakjharkhandnews #sonu_mehta #forest1
- सांसद मनीष जायसवाल ने घटनास्थल पहुंचकर जताया गहरा शोक, कहा अवैध खनन हाथियों को बना है हिंसक, सरकार और प्रशासन इसपर तत्काल लगाए रोक हजारीबाग/चुरचू हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के चुरचू प्रखंड अंतर्गत गोंदवार वार गांव में प्रकृति और मानव के बीच बढ़ते असंतुलन ने उस वक्त एक भयावह रूप अख्तियार कर लिया, जब हाथियों के झुंड ने एक ही रात में छह मासूम जिंदगियों को बेरहमी से कुचलकर खत्म कर दिया। इस हृदयविदारक घटना की सूचना मिलते ही हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल अपने तमाम कार्यक्रमों को छोड़कर तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। वहां का मंजर अत्यंत पीड़ादायक था, जहां टूटे हुए कच्चे मकानों के मलबे और अपनों को खोने का चीत्कार गूंज रहा था। आसपास के लोग इस घटना और वन विभाग की निष्क्रियता को लेकर रोषव्याप्त थे। सांसद मनीष जायसवाल ने खुद घटनास्थल पर पहुंचकर एक-एक शव का अवलोकन किया और पीड़ित परिवारों के बीच बैठकर उन्हें इस गहरे दुख की घड़ी में ढांढस बंधाया। मृतकों में दीपक कुमार की पत्नी सविता कुमारी, उनका आठ माह का शिशु अनुराग, चार वर्षीय पुत्री संजना, बुजुर्ग पिता सूरज राम और बसंत कुमार की पत्नी सुमन कुमारी सहित एक अन्य ग्रामीण शामिल थे। एक ही परिवार के चार सदस्यों का इस तरह चले जाना किसी भी कलेजे को चीर देने के लिए काफी था । घटनास्थल पर मौजूद आक्रोशित ग्रामीणों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने इस त्रासदी के पीछे के असल कारणों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि हाथियों की यह उग्रता स्वाभाविक नहीं है, बल्कि यह इंसानी घुसपैठ और वर्तमान झारखंड सरकार के संरक्षण में इस क्षेत्र में फल-फूल रहे अवैध खनन के काले कारोबार का नतीजा है। जंगलों का विनाश और हाथियों के सदियों पुराने गलियारों में अवैध माइंस के जरिए होने वाले भारी धमाकों ने इन शांत जीवों को हिंसक बना दिया है। रात के सन्नाटे में अवैध माइंस ने धमाके की गूंज और वाहनों का अनियंत्रित परिचालन हाथियों के प्राकृतिक व्यवहार को अस्त-व्यस्त कर रहा है, जिसका खामियाजा निर्दोष ग्रामीणों को अपनी जान देकर भुगतना पड़ रहा है। सांसद मनीष जायसवाल ने स्पष्ट किया कि जब तक अवैध माइंस पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगता और वन क्षेत्र को सुरक्षित नहीं किया जाता, तब तक यह द्वंद्व थमने वाला नहीं है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने जिला प्रशासन और वन विभाग के अधिकारियों के साथ मौके पर ही वार्ता की और ग्रामीणों की जायज मांगों को मनवाया। उन्होंने पीड़ित परिवारों के जीविकोपार्जन के लिए परिवार के एक सदस्य को वन विभाग में नौकरी दिलाने की विभागीय अनुशंसा करने और सभी मृतकों के आश्रितों को जल्द से जल्द मुआवजा दिलाने पर सहमति बनाई। तत्काल राहत के रूप में प्रत्येक मृतक के नाम पर 25 हजार रुपये की राशि आवंटित कराई गई और विभागीय अधिकारियों ने एक माह के भीतर शेष मुआवजा राशि देने का भरोसा दिया। साथ ही हाथियों के हमले से सुरक्षा हेतु प्रभावित इलाकों में रहने वाले कच्चे मकानों के मालिकों को तत्काल प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान आवंटित करने की दिशा में सकारात्मक पहल करने और ग्रामीणों को आधुनिक लाइट, टॉर्च व विशेष प्रशिक्षण से लैस करने के निर्देश दिए। सांसद मनीष जायसवाल ने भावुक स्वर में कहा कि सरकार, प्रशासन और वन विभाग की तत्परता और हम सबकी सामूहिक जागरूकता ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोक सकती है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और शोकाकुल परिजनों को यह अपार दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना भी की। इधर प्रशासन और वन विभाग की टीम शवों के पोस्टमार्टम प्रक्रिया में जुट गई। मौके पर मांडू विधायक निर्मल महतो उर्फ़ तिवारी महतो, सदर एसडीओ आदित्य पांडेय, प्रशिक्षु आइएफएस राजेश कुमार, रेंज ऑफिसर विजय कुमार, स्थानीय डीएसपी बैजनाथ कुमार, स्थानीय सीओ सह बीडीओ ललित राम, चुरचू थाना प्रभारी कुमार अश्नीनी, आंगो थाना प्रभारी जानू कुमार, चुरचू की मुखिया पूनम बेसरा,मांडू विधानसभा के सांसद प्रतिनिधि द्वारिका सिंह उर्फ खोखा सिंह, चुरचू मंडल सांसद प्रतिनिधि फुलेश्वर महतो, चुरचू भाजपा मंडल अध्यक्ष शशि कुमार, आंगो पंचायत सारथी राजेंद्र प्रजापति, सांसद मनीष जायसवाल के लोकसभा क्षेत्र के मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहें ।1