Shuru
Apke Nagar Ki App…
उत्तर प्रदेश के औरैया स्थित एक पुलिस ऑडिटोरियम में एक दिन पहले सेवानिवृत्त हुए एक दरोगा की पुत्रवधू ने उनके विदाई समारोह के दौरान पुलिस अधीक्षक (एसपी) की कुर्सी पर बैठकर एक रील बनाई। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया। वीडियो वायरल होने और विवाद बढ़ने के बाद, संबंधित महिला ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट भी डिलीट कर दिया। इस घटना के बाद पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए।
Aditya Mishra
उत्तर प्रदेश के औरैया स्थित एक पुलिस ऑडिटोरियम में एक दिन पहले सेवानिवृत्त हुए एक दरोगा की पुत्रवधू ने उनके विदाई समारोह के दौरान पुलिस अधीक्षक (एसपी) की कुर्सी पर बैठकर एक रील बनाई। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया। वीडियो वायरल होने और विवाद बढ़ने के बाद, संबंधित महिला ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट भी डिलीट कर दिया। इस घटना के बाद पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- उत्तर प्रदेश के अम्बेडकर नगर जिले की अलापुर तहसील के अंतर्गत रामनगर ब्लॉक में स्थित बिलासपुर और अखिलेशपुर ग्राम सभाओं में खाजपुर माइनर के किनारे जल निकासी की समस्या सामने आई है। इस क्षेत्र में जल निकासी की व्यवस्था न होने के कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- बार-बार हो रहे पेपर लीक के मुद्दे पर एक गाना बनाया गया है, जिसकी काफी सराहना की जा रही है। इस गाने में 'पेपर होई लीक रे मांगे के पड़ी भीख रे' जैसी पंक्तियाँ हैं, जो पेपर लीक की समस्या और इसके कारण उत्पन्न होने वाली निराशाजनक स्थिति को उजागर करती हैं।1
- सुल्तानपुर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ न्याय के रखवालों पर ही एक बुजुर्ग को डराने और उनसे जबरन वसूली का आरोप लगा है। ग्राम पट्टी जलालपुर के निवासी बुजुर्ग राम सुभाग ने आरोप लगाया है कि उन्हें दोस्तपुर थाने बुलाया गया था, जहाँ उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया गया। सिपाहियों ने उनसे एक कथित वायरल वीडियो का डर दिखाकर, मामले को रफा-दफा करने के लिए ₹1 लाख की मांग की। राम सुभाग के अनुसार, सिपाहियों ने उन्हें न तो वह कथित वीडियो दिखाया और न ही कोई रिपोर्ट प्रस्तुत की, बल्कि सीधे पैसों की सौदेबाजी शुरू कर दी। इस घटना से व्यथित पीड़ित बुजुर्ग ने अब प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। इस गंभीर आरोप के बाद, क्षेत्राधिकारी विनय कुमार गौतम ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। यह घटना स्थानीय स्तर पर एक बड़ा सवाल उठा रही है कि जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं, तो आम नागरिक अपनी सुरक्षा और न्याय के लिए कहाँ जाए।1
- सुल्तानपुर पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के शिकार हुए लोगों को बड़ी राहत प्रदान की है। जून 2024 के महीने में, पुलिस ने विभिन्न साइबर ठगी के 19 पीड़ितों के बैंक खातों में कुल ₹10,33,140 (दस लाख तैंतीस हजार एक सौ चालीस रुपये) सफलतापूर्वक वापस कराए हैं। यह महत्वपूर्ण कार्रवाई पुलिस अधीक्षक चारू निगम के कुशल निर्देशन में की गई। इस अभियान में नोडल अधिकारी एएसपी बृजनरायण सिंह और क्षेत्राधिकारी, साइबर क्राइम थाना आलोक कुमार सिंह का पर्यवेक्षण रहा, जबकि साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में टीम ने ठगी गई राशि को वापस दिलाने का काम किया। पुलिस अधीक्षक चारू निगम ने इस विषय पर एक वीडियो बयान भी जारी किया है, जिसमें उन्होंने जनता से एक महत्वपूर्ण अपील की। उन्होंने बताया कि साइबर धोखाधड़ी होने के बाद शुरुआती 24 घंटे अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। यदि पीड़ित इस अवधि में तुरंत अपनी शिकायत दर्ज कराता है, तो ठगी गई राशि को अपराधियों द्वारा अन्य खातों में स्थानांतरित होने से पहले ही रोका जा सकता है। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि ठगी का अहसास होते ही सीधे थाने जाने के बजाय तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। एसपी ने यह भी जानकारी दी कि केंद्र सरकार के मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल के तहत, अब साइबर थाने के प्रभारी निरीक्षक को 50,000 रुपये तक की होल्ड की गई राशि को जांच के बाद सीधे पीड़ित के खाते में वापस ट्रांसफर करने का अधिकार मिल गया है। इस प्रावधान से छोटे मामलों में पीड़ितों को अदालत के चक्कर लगाए बिना त्वरित राहत मिल रही है। उन्होंने एक बार फिर इस बात पर जोर दिया कि जैसे ही कोई धोखाधड़ी हो, बिना समय गंवाए 1930 पर कॉल करना चाहिए, क्योंकि पैसा अपराधियों के खाते में होल्ड होने पर रिफंड की संभावना काफी बढ़ जाती है।3
- मछली शहर में राष्ट्रीय राजमार्ग (एन एच हाईवे) पर हुए अतिक्रमण को अधिकारियों द्वारा मुक्त करा दिया गया है।1
- सुलतानपुर शहर के घासीगंज (बशीर नगर) निवासी मोहम्मद रफीक ने अपने सगे भाइयों फारूक, तौफीक और रऊफ पर पुश्तैनी मकान पर अवैध कब्जा करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित मोहम्मद रफीक ने इस संबंध में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को एक शिकायती पत्र सौंपा है, जिसमें उन्होंने न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष जांच, मकान पर हुए अवैध कब्जे को हटवाने और अपने जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। मोहम्मद रफीक के अनुसार, वह वर्ष 2014 में रोजगार के सिलसिले में गुजरात चले गए थे। उनकी शिकायत है कि इसी दौरान उनकी अनुपस्थिति का फायदा उठाकर उनके भाइयों ने उनके मकान पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया। जब वह वापस लौटे और उन्होंने अपने भाइयों से मकान खाली करने की बात कही, तो आरोपियों ने कथित तौर पर उनके साथ गाली-गलौज की, मारपीट की और उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी। पीड़ित का कहना है कि स्थानीय स्तर पर इस विवाद का कोई समाधान नहीं निकल पाने के बाद उन्होंने प्रशासन का दरवाजा खटखटाया है। फिलहाल, इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, और न ही आरोपी भाइयों का पक्ष सामने आया है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जाएगी और जांच पूरी होने के बाद आगे की उचित कार्रवाई की जाएगी।1
- जौनपुर के महराजगंज थाना क्षेत्र के बहोरिकपुर निवासी अंशु, जो संजय कुमार के पुत्र हैं, का कथित तौर पर एक अवैध असलहे के साथ आर्केस्ट्रा में डांस करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने का दावा किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, इस घटना के संबंध में महराजगंज थाने में धारा 109 के तहत मुकदमा दर्ज होने की बात भी कही जा रही है। हालांकि, वायरल हुए इस वीडियो और उससे जुड़े सभी दावों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, और पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी है।1