हिंडौन सिटी में वरिष्ठ समाजसेवी और वर्ष 1980 में विधानसभा क्षेत्र हिंडौन से कांग्रेस प्रत्याशी रहे स्व. परसराम राजौरा की प्रथम पुण्यतिथि रविवार को 'सेवा दिवस' के रूप में मनाई गई। पत्रकार कृष्ण मुरारी राजौरा ने बताया कि इस अवसर पर एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। श्रद्धांजलि सभा में परिजनों और शहर के प्रभुजियों सहित अन्य लोगों ने स्व. राजौरा की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया। इस दौरान करौली रोड स्थित श्री गोपाल गौशाला में गोवंश को चारा खिलाया गया। इसके अतिरिक्त, क्यारदा कलां स्थित अपना घर आश्रम में 'प्रभुजियों' को सुबह का नाश्ता, दोपहर का स्वल्पाहार और पूरे दिन का विशेष भोजन सहित विभिन्न सेवा कार्य भी किए गए। इस मौके पर अपना घर आश्रम के योगेश कुमार और रिशु गुर्जर ने वरिष्ठ समाजसेवी स्व. राजौरा के परिजनों को दुपट्टा ओढ़ाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। पुण्यतिथि के अवसर पर राम भरोसी कामरेड, कांग्रेस सेवादल के वरिष्ठ नेता धर्म सिंह राजौरा, रिटायर्ड व्याख्याता जगन प्रसाद सोलंकी, महिला एवं बाल विकास विभाग जयपुर के उप निदेशक सत्यनारायण नावरिया, जयपुर विद्युत वितरण निगम जयपुर के एक्सईएन शेर सिंह, बच्चन सिंह, हिंडौन के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष करण सिंह राजौरा, फतेह सिंह, युवा कांग्रेस नेता अनुरीष राजौरा, कुनाल, लक्ष्य, भव्य राजौरा और जिमित हंसित जैसे कई लोग उपस्थित रहे।
हिंडौन सिटी में वरिष्ठ समाजसेवी और वर्ष 1980 में विधानसभा क्षेत्र हिंडौन से कांग्रेस प्रत्याशी रहे स्व. परसराम राजौरा की प्रथम पुण्यतिथि रविवार को 'सेवा दिवस' के रूप में मनाई गई। पत्रकार कृष्ण मुरारी राजौरा ने बताया कि इस अवसर पर एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। श्रद्धांजलि सभा में परिजनों और शहर के प्रभुजियों सहित अन्य लोगों ने स्व. राजौरा की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया। इस दौरान करौली रोड स्थित श्री गोपाल गौशाला में गोवंश को चारा खिलाया गया। इसके अतिरिक्त, क्यारदा कलां स्थित अपना घर आश्रम में 'प्रभुजियों' को सुबह का नाश्ता, दोपहर का स्वल्पाहार और पूरे दिन का विशेष भोजन सहित विभिन्न सेवा कार्य भी किए गए। इस मौके पर अपना घर आश्रम के योगेश कुमार और रिशु गुर्जर ने वरिष्ठ समाजसेवी स्व. राजौरा के परिजनों को दुपट्टा ओढ़ाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। पुण्यतिथि के अवसर पर राम भरोसी कामरेड, कांग्रेस सेवादल के वरिष्ठ नेता धर्म सिंह राजौरा, रिटायर्ड व्याख्याता जगन प्रसाद सोलंकी, महिला एवं बाल विकास विभाग जयपुर के उप निदेशक सत्यनारायण नावरिया, जयपुर विद्युत वितरण निगम जयपुर के एक्सईएन शेर सिंह, बच्चन सिंह, हिंडौन के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष करण सिंह राजौरा, फतेह सिंह, युवा कांग्रेस नेता अनुरीष राजौरा, कुनाल, लक्ष्य, भव्य राजौरा और जिमित हंसित जैसे कई लोग उपस्थित रहे।
- जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डिस्कॉम) ने सरमथुरा कस्बे की न्यू अग्रवाल कॉलोनी में उपभोक्ताओं को बेहतर और निर्बाध विद्युत आपूर्ति प्रदान करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही लुपिंग, बार-बार फॉल्ट और लो-वोल्टेज की समस्या के समाधान के लिए एक नया ट्रांसफॉर्मर स्थापित किया गया है। डिस्कॉम के विद्युत कर्मी, चाहे भीषण गर्मी हो या रात का अंधेरा, उपभोक्ताओं तक सुचारु बिजली पहुंचाने में पूरी तत्परता से जुटे हुए हैं। विद्युत विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस नए ट्रांसफॉर्मर के लगने से उपभोक्ताओं को बेहतर वोल्टेज प्राप्त होगा और फॉल्ट तथा लुपिंग की समस्या में काफी हद तक कमी आएगी, जिससे विद्युत आपूर्ति अधिक सुचारु हो सकेगी। इस स्थापना कार्य को जेईएन शिवसिंह मीणा के नेतृत्व में डालचंद जादौन, सिंटू मीणा, ब्रह्मा, नंदू, गोविंद, सेवान, मोहिन और आमिर सहित अन्य विद्युत कर्मियों ने सफलतापूर्वक संपन्न कराया। डिस्कॉम की इस पहल से कॉलोनीवासियों में खुशी का माहौल है। उन्होंने विद्युत कर्मियों के कार्य की सराहना की और डिस्कॉम टीम का आभार व्यक्त किया, उम्मीद जताई कि उनकी बिजली संबंधी लंबे समय से चली आ रही परेशानियों से अब राहत मिलेगी।4
- धौलपुर के सरमथुरा के पास आँगई पुलिस ने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है।1
- राजस्थान के खण्डीप गाँव में पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना और महापंचायत दसवें दिन भी जारी है। इस आंदोलन में रायपुर, कुसाय, परीता, सैगरपुरा, खोरपुरा सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में किसान, महिलाएं, युवा और ग्रामीण एकजुट होकर जनसैलाब की तरह उमड़ रहे हैं। किसानों का स्पष्ट कहना है कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए जल्द से जल्द नहरों में पानी छोड़ा जाए और मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। धरना स्थल पर व्यवस्थाएं पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति द्वारा संभाली जा रही हैं, जिसमें गांव-वार जिम्मेदारियां तय की गई हैं। किशोरपुर गांव के ग्रामीणों ने 13 और 14 जून को भोजन, पेयजल और साफ-सफाई सहित अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी निभाई, जबकि 15 और 16 जून के लिए छोटी उदेई, डिवस्या, बिनेगा, छान और खिदपुर गांवों के किसानों को यह जिम्मेदारी दी गई है। आंदोलन में लोक कलाकारों और गीतकारों द्वारा किसान संघर्ष से जुड़े गीत प्रस्तुत कर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से भी किसानों का उत्साह बढ़ाया जा रहा है, जिसमें महिलाओं की बढ़ती भागीदारी आंदोलन की एक प्रमुख ताकत बनकर उभरी है। महापंचायत में किसानों ने जोर देकर कहा कि यह केवल पानी की लड़ाई नहीं, बल्कि उनके अधिकार, सम्मान और भविष्य की लड़ाई है, जिसमें सर्व समाज और सभी जातियों के लोग एकजुटता से शामिल हो रहे हैं। आगे की रणनीति के तहत, किसानों ने गांव-गांव में कमेटियां गठित करने का निर्णय लिया है और सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से आंदोलन को समर्थन देने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जो भी नेता किसानों के साथ खड़ा नहीं होगा, उसका सामूहिक रूप से विरोध किया जाएगा। किसानों ने सरकार और प्रशासन को साफ शब्दों में आगाह किया है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा। उनका कहना है कि न्याय मिलने तक यह संघर्ष जारी रहेगा।2
- राजस्थान राज्य विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने सवाई माधोपुर वृत्त में विद्युत चोरी और अनधिकृत विद्युत उपयोग पर अंकुश लगाने के लिए एक विशेष सघन विजिलेंस अभियान चलाया। अधीक्षण अभियंता (ओ.एण्ड.एम.) आर.के. मीना के निर्देशन में गठित विभागीय टीमों ने जिले के विभिन्न शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जांच और सत्यापन की कार्यवाही की। इस अभियान में सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, खण्डार, बौंली, बामनवास, चौथ का बरवाड़ा, मलारना डूंगर और वजीरपुर क्षेत्र की टीमों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। अभियान के दौरान विभिन्न श्रेणी के विद्युत उपभोक्ताओं के परिसरों का निरीक्षण किया गया, जिसमें विद्युत चोरी और अनधिकृत उपयोग के कुल 123 प्रकरण चिन्हित किए गए। निगम के प्रावधानों के अनुसार, सभी मामलों में वीसीआर दर्ज कर आवश्यक कार्यवाही शुरू की गई। जांच में लगभग 1.41 लाख यूनिट विद्युत ऊर्जा का आकलन किया गया, जिसके आधार पर 23.24 लाख रुपये का प्रारंभिक राजस्व निर्धारण किया गया है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि यह कार्यवाही राजस्व संरक्षण के साथ-साथ उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अधीक्षण अभियंता आर.के. मीना ने स्पष्ट किया कि विद्युत चोरी से वितरण तंत्र पर अनावश्यक भार बढ़ता है, तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियां बढ़ती हैं, और ईमानदार उपभोक्ताओं के हित प्रभावित होते हैं। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी विद्युत चोरी और अनियमितताओं के विरुद्ध इसी प्रकार के विशेष अभियान लगातार चलाए जाएंगे तथा दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने आमजन से अपील की है कि वे वैध विद्युत कनेक्शन के माध्यम से ही बिजली का उपयोग करें और विद्युत चोरी या अनियमितता की जानकारी मिलने पर निगम को सूचित कर जनहित में सहयोग करें, ताकि सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।1
- गंगापुर सिटी के खंडीप गांव में माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर चल रही किसान महापंचायत और अनिश्चितकालीन धरना दसवें दिन भी पूरे जोश और उत्साह के साथ जारी है। इस आंदोलन में रायपुर, कुसाय, परीता, सैगरपुरा और खोरपुरा सहित कमाण्ड क्षेत्र के कई गांवों से भारी संख्या में किसान, महिलाएं, पंच-पटेल, युवा और बच्चे शामिल हो रहे हैं, जिससे यह एक व्यापक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। धरना स्थल पर व्यवस्थाएं बनाए रखने के लिए पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति द्वारा गांव-वार जिम्मेदारियां तय की गई हैं। 13 से 14 जून तक किशोरपुर गांव के ग्रामीणों ने भोजन, पेयजल और साफ-सफाई का प्रबंधन किया, जबकि 15 से 16 जून तक छोटी उदेई, डिवस्या, बिनेगा, छान और खिदपुर के किसान इन व्यवस्थाओं को संभालेंगे। आंदोलन स्थल पर दिनभर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है, जहाँ लोक कलाकारों और गीतकारों ने अपने ओजस्वी प्रदर्शनों से किसानों में नई ऊर्जा भरी है। विशेष रूप से, महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत माना जा रहा है। महापंचायत के मंच से किसानों ने यह संकल्प दोहराया है कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पूरी तरह से पालन कराकर पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़े जाने तक उनका संघर्ष किसी भी कीमत पर समाप्त नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल सिंचाई जल की मांग नहीं, बल्कि लाखों किसानों के अधिकार, सम्मान, आजीविका और भविष्य की लड़ाई है। किसानों ने राज्य सरकार और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि नहरों में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर पानी नहीं छोड़ा गया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक और उग्र रूप दिया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी राज्य सरकार और प्रशासन की होगी। किसानों ने इसे 'आर-पार की लड़ाई' करार दिया है और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखने की बात कही है। आंदोलन को सफल बनाने के लिए गांव-गांव में कमेटियां गठित करने का निर्णय लिया गया है। सर्व जाति और सर्वसमाज इस मुद्दे पर एकजुट होकर खड़ा हो गया है। सरकार को सीधी चेतावनी दी जा रही है और सभी पार्टियों के नेताओं से भी बात की जा रही है। यह भी निर्णय लिया गया है कि यदि कोई नेता किसानों का साथ नहीं देगा, तो उसका सामूहिक रूप से विरोध किया जाएगा।1
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से एक महत्वपूर्ण बैठक ली। इस बैठक में एसडीएम अमित वर्मा, तहसीलदार मुकेश मीणा, ईओ उत्तमचंद्र बंसल, विकास अधिकारी अनिल शर्मा, और जेईएन कुलदीप शर्मा सहित विभिन्न विभागों के सभी ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान, नीट परीक्षा की तैयारी के संबंध में विस्तृत समीक्षा पर चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त, बाड़ी शहरी और ग्रामीण सेवा शिविर की समीक्षा बैठक भी संपन्न हुई।1
- ग्राम खण्डीप में चल रही किसान महापंचायत और अनिश्चितकालीन धरना दसवें दिन भी पूरे जोश और उत्साह के साथ जारी है, जिसमें पांचना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग की जा रही है। यह मांग माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद पानी न मिलने के विरोध में है। धरना स्थल पर रायपुर, कुसाय, परीता, सैगरपुरा और खोरपुरा सहित कमांड क्षेत्र के कई गाँवों के किसानों का भारी जनसमूह उमड़ रहा है, जिसमें महिलाओं, पंच-पटेलों, युवाओं और बच्चों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है, जिससे यह आंदोलन अब एक व्यापक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। आंदोलन की व्यवस्थाओं को सुचारु और अनुशासित बनाए रखने के लिए पांचना कमांड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति ने गांव-वार जिम्मेदारियाँ तय की हैं। इसी क्रम में किशोरपुर गांव के ग्रामीणों ने 13 से 14 जून तक भोजन, पेयजल, साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं का सफलतापूर्वक संचालन किया, जबकि 15 से 16 जून तक छोटी उदेई, डिवस्या, बिनेगा, छान और खिदपुर के किसान धरने की जिम्मेदारी संभालेंगे। धरना स्थल पर दिनभर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जहाँ लोक कलाकारों और गीतकारों ने अपने ओजस्वी गीतों से किसानों में नई ऊर्जा का संचार किया। महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत के रूप में देखा जा रहा है। महापंचायत के मंच से किसानों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित कराते हुए पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़े जाने तक उनका संघर्ष किसी भी कीमत पर समाप्त नहीं होगा। किसानों ने स्पष्ट किया कि यह केवल सिंचाई के लिए पानी की मांग नहीं है, बल्कि लाखों किसानों के अधिकार, सम्मान, आजीविका और भविष्य की लड़ाई है। उन्होंने राज्य सरकार और प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा, और ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली सभी परिस्थितियों की जिम्मेदारी सरकार एवं प्रशासन की होगी। किसानों ने कहा कि अब आर-पार की लड़ाई का समय आ गया है और न्याय मिलने तक संघर्ष निरंतर जारी रहेगा। आंदोलन को सफल बनाने के लिए गाँव-गाँव में कमेटियाँ गठित करने का निर्णय लिया गया है और सभी जाति तथा समाज एक साथ उठ खड़े हुए हैं। सरकार को कड़ी चेतावनी दी जा रही है। सभी पार्टियों के नेताओं से बात की जा रही है, और यह भी निर्णय लिया गया है कि जो नेता किसानों का साथ नहीं देगा, उसका सामूहिक रूप से विरोध किया जाएगा।1
- गंगापुर सिटी के खंडीप गांव में चल रही किसान महापंचायत अब एक व्यापक जन आंदोलन का रूप ले चुकी है। यह महत्वपूर्ण जानकारी विधायक रामकेश मीणा ने दी है।1
- राजस्थान के दौसा में एक सड़क हादसे में यूपी रोडवेज की बस ट्रेलर से टकरा गई, जिससे 19 यात्री घायल हो गए। यह बस अलीगढ़ से जयपुर की ओर जा रही थी, जब यह दुर्घटना हुई। हादसे के बाद बस में सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई।1