राजस्थान के खण्डीप गाँव में पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना और महापंचायत दसवें दिन भी जारी है। इस आंदोलन में रायपुर, कुसाय, परीता, सैगरपुरा, खोरपुरा सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में किसान, महिलाएं, युवा और ग्रामीण एकजुट होकर जनसैलाब की तरह उमड़ रहे हैं। किसानों का स्पष्ट कहना है कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए जल्द से जल्द नहरों में पानी छोड़ा जाए और मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। धरना स्थल पर व्यवस्थाएं पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति द्वारा संभाली जा रही हैं, जिसमें गांव-वार जिम्मेदारियां तय की गई हैं। किशोरपुर गांव के ग्रामीणों ने 13 और 14 जून को भोजन, पेयजल और साफ-सफाई सहित अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी निभाई, जबकि 15 और 16 जून के लिए छोटी उदेई, डिवस्या, बिनेगा, छान और खिदपुर गांवों के किसानों को यह जिम्मेदारी दी गई है। आंदोलन में लोक कलाकारों और गीतकारों द्वारा किसान संघर्ष से जुड़े गीत प्रस्तुत कर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से भी किसानों का उत्साह बढ़ाया जा रहा है, जिसमें महिलाओं की बढ़ती भागीदारी आंदोलन की एक प्रमुख ताकत बनकर उभरी है। महापंचायत में किसानों ने जोर देकर कहा कि यह केवल पानी की लड़ाई नहीं, बल्कि उनके अधिकार, सम्मान और भविष्य की लड़ाई है, जिसमें सर्व समाज और सभी जातियों के लोग एकजुटता से शामिल हो रहे हैं। आगे की रणनीति के तहत, किसानों ने गांव-गांव में कमेटियां गठित करने का निर्णय लिया है और सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से आंदोलन को समर्थन देने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जो भी नेता किसानों के साथ खड़ा नहीं होगा, उसका सामूहिक रूप से विरोध किया जाएगा। किसानों ने सरकार और प्रशासन को साफ शब्दों में आगाह किया है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा। उनका कहना है कि न्याय मिलने तक यह संघर्ष जारी रहेगा।
राजस्थान के खण्डीप गाँव में पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना और महापंचायत दसवें दिन भी जारी है। इस आंदोलन में रायपुर, कुसाय, परीता, सैगरपुरा, खोरपुरा सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में किसान, महिलाएं, युवा और ग्रामीण एकजुट होकर जनसैलाब की तरह उमड़ रहे हैं। किसानों का स्पष्ट कहना है कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए जल्द से जल्द नहरों में पानी छोड़ा जाए और मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। धरना स्थल पर व्यवस्थाएं पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति द्वारा संभाली जा रही हैं, जिसमें गांव-वार जिम्मेदारियां तय की गई हैं। किशोरपुर गांव के ग्रामीणों ने 13 और 14 जून को भोजन, पेयजल और साफ-सफाई सहित अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी निभाई, जबकि 15 और 16 जून के लिए छोटी उदेई, डिवस्या, बिनेगा, छान और खिदपुर गांवों के किसानों को यह जिम्मेदारी दी गई है। आंदोलन में लोक कलाकारों और गीतकारों
द्वारा किसान संघर्ष से जुड़े गीत प्रस्तुत कर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से भी किसानों का उत्साह बढ़ाया जा रहा है, जिसमें महिलाओं की बढ़ती भागीदारी आंदोलन की एक प्रमुख ताकत बनकर उभरी है। महापंचायत में किसानों ने जोर देकर कहा कि यह केवल पानी की लड़ाई नहीं, बल्कि उनके अधिकार, सम्मान और भविष्य की लड़ाई है, जिसमें सर्व समाज और सभी जातियों के लोग एकजुटता से शामिल हो रहे हैं। आगे की रणनीति के तहत, किसानों ने गांव-गांव में कमेटियां गठित करने का निर्णय लिया है और सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से आंदोलन को समर्थन देने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जो भी नेता किसानों के साथ खड़ा नहीं होगा, उसका सामूहिक रूप से विरोध किया जाएगा। किसानों ने सरकार और प्रशासन को साफ शब्दों में आगाह किया है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा। उनका कहना है कि न्याय मिलने तक यह संघर्ष जारी रहेगा।
- गंगापुर सिटी के खंडीप गांव में चल रही किसान महापंचायत अब एक व्यापक जन आंदोलन का रूप ले चुकी है। यह महत्वपूर्ण जानकारी विधायक रामकेश मीणा ने दी है।1
- गंगापुरसिटी के सदर थाना क्षेत्र में ज्योति विद्या मंदिर स्कूल, बाढ़ कलां के प्रिंसिपल गोविंद पाराशर पर एक महिला शिक्षिका ने छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता शिक्षिका ने पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि 8 जून 2026 को प्रिंसिपल ने उसे जरूरी काम बताकर घर से स्कूल बुलाया था। स्कूल पहुंचने पर जब वह अकेली थी, तो प्रिंसिपल ने उसके साथ गलत हरकत करने का प्रयास किया। महिला शिक्षिका ने अपनी शिकायत में विस्तार से बताया कि आरोपी गोविंद पाराशर ने उसके कंधे और सीने पर हाथ लगाया तथा गलत काम करने के लिए उस पर दबाव डाला। पीड़िता किसी तरह वहां से बचकर अपने घर पहुंची। उसने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने उसे घटना के बारे में किसी को न बताने की धमकी दी और रास्ते में उसका पीछा भी किया। इसके बाद पीड़िता अपने माता-पिता के साथ सदर थाना गंगापुरसिटी पहुंची और पूरी घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने शिक्षिका की रिपोर्ट के आधार पर तुरंत मामला दर्ज कर लिया है। प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75, 78 और अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3-1(w) के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच वृत्ताधिकारी गंगापुरसिटी, गिर्राज प्रसाद आरपीएस को सौंपी गई है, जिन्होंने जांच शुरू कर दी है।1
- हिंडौन सिटी में वरिष्ठ समाजसेवी और वर्ष 1980 में विधानसभा क्षेत्र हिंडौन से कांग्रेस प्रत्याशी रहे स्व. परसराम राजौरा की प्रथम पुण्यतिथि रविवार को 'सेवा दिवस' के रूप में मनाई गई। पत्रकार कृष्ण मुरारी राजौरा ने बताया कि इस अवसर पर एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। श्रद्धांजलि सभा में परिजनों और शहर के प्रभुजियों सहित अन्य लोगों ने स्व. राजौरा की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया। इस दौरान करौली रोड स्थित श्री गोपाल गौशाला में गोवंश को चारा खिलाया गया। इसके अतिरिक्त, क्यारदा कलां स्थित अपना घर आश्रम में 'प्रभुजियों' को सुबह का नाश्ता, दोपहर का स्वल्पाहार और पूरे दिन का विशेष भोजन सहित विभिन्न सेवा कार्य भी किए गए। इस मौके पर अपना घर आश्रम के योगेश कुमार और रिशु गुर्जर ने वरिष्ठ समाजसेवी स्व. राजौरा के परिजनों को दुपट्टा ओढ़ाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। पुण्यतिथि के अवसर पर राम भरोसी कामरेड, कांग्रेस सेवादल के वरिष्ठ नेता धर्म सिंह राजौरा, रिटायर्ड व्याख्याता जगन प्रसाद सोलंकी, महिला एवं बाल विकास विभाग जयपुर के उप निदेशक सत्यनारायण नावरिया, जयपुर विद्युत वितरण निगम जयपुर के एक्सईएन शेर सिंह, बच्चन सिंह, हिंडौन के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष करण सिंह राजौरा, फतेह सिंह, युवा कांग्रेस नेता अनुरीष राजौरा, कुनाल, लक्ष्य, भव्य राजौरा और जिमित हंसित जैसे कई लोग उपस्थित रहे।1
- दिल्ली पुलिस में कार्यरत धर्मेंद्र मीणा की पहल पर 'रणजीत हवाई यात्रा योजना' का आयोजन किया गया है। इस योजना के तहत लालसोट विधानसभा क्षेत्र और खटवा के मेधावी छात्र-छात्राओं को दिल्ली के शैक्षणिक भ्रमण के लिए रवाना किया गया है। यात्रा को मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सत्यनारायण मीणा के साथ-साथ उपस्थित जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने लालसोट स्थित महात्मा ज्योतिबा फूले सर्किल से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को दिल्ली के प्रमुख शिक्षण संस्थानों और ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कराना है, जिससे उन्हें उच्च शिक्षा और करियर के प्रति नई प्रेरणा मिल सके। इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने विद्यार्थियों और धर्मेंद्र मीणा का स्वागत किया और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।1
- दौसा जिले के लालसोट ग्रामीण क्षेत्र में, समाज सेवी धर्मेंद्र मीणा द्वारा शुरू की गई 'रणजीत हवाई योजना' के तहत मेधावी विद्यार्थियों के एक दल को सर्व समाज के प्रबुद्धजनों ने हरी झंडी दिखाकर हवाई यात्रा के लिए रवाना किया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को हवाई यात्रा का अनुभव कराकर उनके बड़े लक्ष्य हासिल करने के आत्मविश्वास को बढ़ाना और उनके सपनों को नई उड़ान देना है। क्षेत्रभर में इस अनूठी पहल की सराहना हो रही है, और पहली बार हवाई यात्रा पर जा रहे विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि ग्रामीण अंचल के बच्चों को यदि उचित अवसर और प्रेरणा मिले तो वे किसी भी क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकते हैं। उन्होंने 'रणजीत हवाई योजना' को ऐसे ही सपनों को साकार करने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास बताया। इस दौरान सियाराम शर्मा, जगदीश प्रसाद सैनी, धर्मेंद्र मीणा खटवा, सोनू बिनोरी सहित सर्व समाज के सैकड़ों प्रबुद्धजन और ग्रामीण मौजूद रहे, जिन्होंने सभी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। धर्मेंद्र मीणा की यह 'रणजीत हवाई योजना' एक मिसाल बन गई है।1
- कोटा से दिल्ली जाने वाली जनशताब्दी 12059 ट्रेन के तत्काल टिकट हिंडौन रेलवे स्टेशन पर उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। हिंडौन के यात्रियों, जिनमें होशियार सिंह, पूरन सिंह, जितेंद्र प्रजापत और मनोज तिवारी शामिल हैं, ने इस समस्या को उजागर किया है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार रेलवे स्टेशनों पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन इसके बावजूद विभागीय अधिकारी और कर्मचारी यात्रियों को नहीं मिलते। इस गंभीर समस्या को लेकर भाजपा नेता मनोज तिवारी ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने रेल मंत्री से आग्रह किया है कि वे हिंडौन, करौली, गंगापुर और महावीर जी रेलवे स्टेशनों के यात्रियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार द्वारा आवश्यक कदम उठाएं।1
- गंगापुर सिटी में स्थित नहर वाली गोपाल गौशाला में सोमवार को 5:00 बजे गौ माता छप्पन हो के लिए हवन यज्ञ और गौ माता पूजन सहित अन्य पूजन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।1
- लालसोट स्थित खंडेलवाल धर्मशाला में रविवार को प्रातः 7:30 बजे से पुरुषोत्तम मास के उपलक्ष्य में सामूहिक 108 संगीतमय श्रीरामचरितमानस अखंड पाठ का भव्य आयोजन किया गया। इस धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, श्रीरामचरितमानस के पाठ का श्रवण कर धर्म लाभ अर्जित किया। आयोजन की तैयारियों को लेकर पूर्व में सेवा सदन में एक बैठक भी आयोजित की गई थी। इस अवसर पर सत्यनारायण आंकड़, जगदीश कूड़, राजबिहारी गोयल, दीनदयाल शर्मा, राजेश वेद, राधाकृष्ण गोयल, अरविंद खुटेटा, कमलेश बटवारा, गिर्राज करणपुरा, प्रह्लाद छीपा, दिनेश छीपा, ओमप्रकाश चौधरी सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सत्यनारायण आंकड़ ने बताया कि पुरुषोत्तम मास के इस धार्मिक अनुष्ठान में श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ श्रीरामचरितमानस के अखंड पाठ को सुना।4
- मध्य प्रदेश के श्योपुर में स्थित बल्लू टी स्टॉल ने कड़ी मेहनत और उसके महत्व पर एक प्रेरणादायक संदेश साझा किया है। स्टॉल का कहना है कि मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती और निरंतर प्रयास, धैर्य व लगन ही सफलता की असली पहचान हैं। यह उस व्यक्ति पर केंद्रित है जो कठिन परिस्थितियों में भी हार नहीं मानता, क्योंकि वही अंततः अपनी मंज़िल हासिल करता है। स्टॉल ने इस बात पर जोर दिया है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, बल्कि यह लगातार किए गए प्रयासों और संघर्ष का ही परिणाम है। 'मेहनत की चाय में संघर्ष की मिठास होती है, जो हर दिन मेहनत करता है, सफलता उसी के पास होती है,' इन पंक्तियों के माध्यम से बल्लू टी स्टॉल अपने दर्शन को व्यक्त करता है। स्टॉल ने अपने सभी ग्राहकों के प्यार और आशीर्वाद को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताया है, और यह सुनिश्चित किया है कि वे पूरी लगन और ईमानदारी से अपनी सेवाएँ जारी रखेंगे। ग्राहकों का साथ और विश्वास ही उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर, मध्य प्रदेश की ओर से सभी मेहनतकश भाइयों और बहनों को सलाम करते हुए यह दृढ़ विश्वास व्यक्त किया गया है कि मेहनत करते रहने से सफलता एक दिन निश्चित रूप से कदम चूमेगी।1