गंगापुरसिटी के सदर थाना क्षेत्र में ज्योति विद्या मंदिर स्कूल, बाढ़ कलां के प्रिंसिपल गोविंद पाराशर पर एक महिला शिक्षिका ने छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता शिक्षिका ने पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि 8 जून 2026 को प्रिंसिपल ने उसे जरूरी काम बताकर घर से स्कूल बुलाया था। स्कूल पहुंचने पर जब वह अकेली थी, तो प्रिंसिपल ने उसके साथ गलत हरकत करने का प्रयास किया। महिला शिक्षिका ने अपनी शिकायत में विस्तार से बताया कि आरोपी गोविंद पाराशर ने उसके कंधे और सीने पर हाथ लगाया तथा गलत काम करने के लिए उस पर दबाव डाला। पीड़िता किसी तरह वहां से बचकर अपने घर पहुंची। उसने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने उसे घटना के बारे में किसी को न बताने की धमकी दी और रास्ते में उसका पीछा भी किया। इसके बाद पीड़िता अपने माता-पिता के साथ सदर थाना गंगापुरसिटी पहुंची और पूरी घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने शिक्षिका की रिपोर्ट के आधार पर तुरंत मामला दर्ज कर लिया है। प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75, 78 और अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3-1(w) के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच वृत्ताधिकारी गंगापुरसिटी, गिर्राज प्रसाद आरपीएस को सौंपी गई है, जिन्होंने जांच शुरू कर दी है।
गंगापुरसिटी के सदर थाना क्षेत्र में ज्योति विद्या मंदिर स्कूल, बाढ़ कलां के प्रिंसिपल गोविंद पाराशर पर एक महिला शिक्षिका ने छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता शिक्षिका ने पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि 8 जून 2026 को प्रिंसिपल ने उसे जरूरी काम बताकर घर से स्कूल बुलाया था। स्कूल पहुंचने पर जब वह अकेली थी, तो प्रिंसिपल ने उसके साथ गलत हरकत करने का प्रयास किया। महिला शिक्षिका ने अपनी शिकायत में विस्तार से बताया कि आरोपी गोविंद पाराशर ने उसके कंधे और सीने पर हाथ लगाया तथा गलत काम करने के लिए उस पर दबाव डाला। पीड़िता किसी तरह वहां से बचकर अपने घर पहुंची। उसने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने उसे घटना के बारे में किसी को न बताने की धमकी दी और रास्ते में उसका पीछा भी किया। इसके बाद पीड़िता अपने माता-पिता के साथ सदर थाना गंगापुरसिटी पहुंची और पूरी घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने शिक्षिका की रिपोर्ट के आधार पर तुरंत मामला दर्ज कर लिया है। प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75, 78 और अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3-1(w) के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच वृत्ताधिकारी गंगापुरसिटी, गिर्राज प्रसाद आरपीएस को सौंपी गई है, जिन्होंने जांच शुरू कर दी है।
- राजस्थान के खण्डीप गाँव में पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना और महापंचायत दसवें दिन भी जारी है। इस आंदोलन में रायपुर, कुसाय, परीता, सैगरपुरा, खोरपुरा सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में किसान, महिलाएं, युवा और ग्रामीण एकजुट होकर जनसैलाब की तरह उमड़ रहे हैं। किसानों का स्पष्ट कहना है कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए जल्द से जल्द नहरों में पानी छोड़ा जाए और मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। धरना स्थल पर व्यवस्थाएं पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति द्वारा संभाली जा रही हैं, जिसमें गांव-वार जिम्मेदारियां तय की गई हैं। किशोरपुर गांव के ग्रामीणों ने 13 और 14 जून को भोजन, पेयजल और साफ-सफाई सहित अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी निभाई, जबकि 15 और 16 जून के लिए छोटी उदेई, डिवस्या, बिनेगा, छान और खिदपुर गांवों के किसानों को यह जिम्मेदारी दी गई है। आंदोलन में लोक कलाकारों और गीतकारों द्वारा किसान संघर्ष से जुड़े गीत प्रस्तुत कर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से भी किसानों का उत्साह बढ़ाया जा रहा है, जिसमें महिलाओं की बढ़ती भागीदारी आंदोलन की एक प्रमुख ताकत बनकर उभरी है। महापंचायत में किसानों ने जोर देकर कहा कि यह केवल पानी की लड़ाई नहीं, बल्कि उनके अधिकार, सम्मान और भविष्य की लड़ाई है, जिसमें सर्व समाज और सभी जातियों के लोग एकजुटता से शामिल हो रहे हैं। आगे की रणनीति के तहत, किसानों ने गांव-गांव में कमेटियां गठित करने का निर्णय लिया है और सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से आंदोलन को समर्थन देने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जो भी नेता किसानों के साथ खड़ा नहीं होगा, उसका सामूहिक रूप से विरोध किया जाएगा। किसानों ने सरकार और प्रशासन को साफ शब्दों में आगाह किया है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा। उनका कहना है कि न्याय मिलने तक यह संघर्ष जारी रहेगा।2
- राजस्थान राज्य विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने सवाई माधोपुर वृत्त में विद्युत चोरी और अनधिकृत विद्युत उपयोग पर अंकुश लगाने के लिए एक विशेष सघन विजिलेंस अभियान चलाया। अधीक्षण अभियंता (ओ.एण्ड.एम.) आर.के. मीना के निर्देशन में गठित विभागीय टीमों ने जिले के विभिन्न शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जांच और सत्यापन की कार्यवाही की। इस अभियान में सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, खण्डार, बौंली, बामनवास, चौथ का बरवाड़ा, मलारना डूंगर और वजीरपुर क्षेत्र की टीमों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। अभियान के दौरान विभिन्न श्रेणी के विद्युत उपभोक्ताओं के परिसरों का निरीक्षण किया गया, जिसमें विद्युत चोरी और अनधिकृत उपयोग के कुल 123 प्रकरण चिन्हित किए गए। निगम के प्रावधानों के अनुसार, सभी मामलों में वीसीआर दर्ज कर आवश्यक कार्यवाही शुरू की गई। जांच में लगभग 1.41 लाख यूनिट विद्युत ऊर्जा का आकलन किया गया, जिसके आधार पर 23.24 लाख रुपये का प्रारंभिक राजस्व निर्धारण किया गया है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि यह कार्यवाही राजस्व संरक्षण के साथ-साथ उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अधीक्षण अभियंता आर.के. मीना ने स्पष्ट किया कि विद्युत चोरी से वितरण तंत्र पर अनावश्यक भार बढ़ता है, तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियां बढ़ती हैं, और ईमानदार उपभोक्ताओं के हित प्रभावित होते हैं। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी विद्युत चोरी और अनियमितताओं के विरुद्ध इसी प्रकार के विशेष अभियान लगातार चलाए जाएंगे तथा दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने आमजन से अपील की है कि वे वैध विद्युत कनेक्शन के माध्यम से ही बिजली का उपयोग करें और विद्युत चोरी या अनियमितता की जानकारी मिलने पर निगम को सूचित कर जनहित में सहयोग करें, ताकि सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।1
- गंगापुर सिटी के खंडीप गांव में माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर चल रही किसान महापंचायत और अनिश्चितकालीन धरना दसवें दिन भी पूरे जोश और उत्साह के साथ जारी है। इस आंदोलन में रायपुर, कुसाय, परीता, सैगरपुरा और खोरपुरा सहित कमाण्ड क्षेत्र के कई गांवों से भारी संख्या में किसान, महिलाएं, पंच-पटेल, युवा और बच्चे शामिल हो रहे हैं, जिससे यह एक व्यापक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। धरना स्थल पर व्यवस्थाएं बनाए रखने के लिए पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति द्वारा गांव-वार जिम्मेदारियां तय की गई हैं। 13 से 14 जून तक किशोरपुर गांव के ग्रामीणों ने भोजन, पेयजल और साफ-सफाई का प्रबंधन किया, जबकि 15 से 16 जून तक छोटी उदेई, डिवस्या, बिनेगा, छान और खिदपुर के किसान इन व्यवस्थाओं को संभालेंगे। आंदोलन स्थल पर दिनभर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है, जहाँ लोक कलाकारों और गीतकारों ने अपने ओजस्वी प्रदर्शनों से किसानों में नई ऊर्जा भरी है। विशेष रूप से, महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत माना जा रहा है। महापंचायत के मंच से किसानों ने यह संकल्प दोहराया है कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पूरी तरह से पालन कराकर पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़े जाने तक उनका संघर्ष किसी भी कीमत पर समाप्त नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल सिंचाई जल की मांग नहीं, बल्कि लाखों किसानों के अधिकार, सम्मान, आजीविका और भविष्य की लड़ाई है। किसानों ने राज्य सरकार और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि नहरों में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर पानी नहीं छोड़ा गया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक और उग्र रूप दिया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी राज्य सरकार और प्रशासन की होगी। किसानों ने इसे 'आर-पार की लड़ाई' करार दिया है और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखने की बात कही है। आंदोलन को सफल बनाने के लिए गांव-गांव में कमेटियां गठित करने का निर्णय लिया गया है। सर्व जाति और सर्वसमाज इस मुद्दे पर एकजुट होकर खड़ा हो गया है। सरकार को सीधी चेतावनी दी जा रही है और सभी पार्टियों के नेताओं से भी बात की जा रही है। यह भी निर्णय लिया गया है कि यदि कोई नेता किसानों का साथ नहीं देगा, तो उसका सामूहिक रूप से विरोध किया जाएगा।1
- करौली शिक्षक संघ अंबेडकर जिला कार्यकारिणी के चुनाव 16 जून, 2026 को सुबह 10 बजे महात्मा ज्योतिबा फुले उच्च माध्यमिक विद्यालय, करौली में आयोजित किए जाएंगे। इस संबंध में घोषणा जिलाध्यक्ष विष्णु मंडल और प्रवक्ता गंगाराम प्रजापत ने रविवार शाम 4 बजे की। इन चुनावों के लिए प्रदेश स्तर से चुनाव पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं, जिनमें प्रदेश वरिष्ठ मंत्री मेघराज मीना और प्रदेश उपाध्यक्ष रामहंस खोलिया शामिल हैं। साथ ही, जगमोहन जाटव और राजेंद्र मीना को चुनाव अधिकारी बनाया गया है। चुनाव की व्यवस्थाओं और तैयारियों पर सिटी पार्क में आयोजित एक बैठक में विस्तृत चर्चा की गई। इस बैठक के दौरान, संपूर्ण जिले से संगठन कार्यकर्ताओं से निर्धारित समय पर आकर चुनाव में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की गई। बैठक में जिलाध्यक्ष विष्णु मंडल, कोषाध्यक्ष कुमेश कुमार जाटव, मासलपुर ब्लॉक अध्यक्ष भीमसिंह जाटव, प्रवक्ता गंगाराम प्रजापत, कमल माली और पूर्व कोषाध्यक्ष टीकाराम महावर सहित कई अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।1
- विधायक दर्शन सिंह ने कांचरौली गाँव में आयोजित एक विशाल हरिकीर्तन दंगल कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस कार्यक्रम में सदर थाना प्रभारी की उपस्थिति भी दर्ज की गई। कार्यक्रम के दौरान, भगवान मास्टर, विजय सिंह बाबू, जय सिंह बेनीवाल, गजराज बेनीवाल, हरि पटवारी, लखन बेनीवाल, दिलवाग बेनीवाल, पाल गुरु और समस्त गाँव के पंच-पटेलों ने मिलकर विधायक का भव्य स्वागत और सम्मान किया। विधायक दर्शन सिंह ने ग्रामवासियों द्वारा दिए गए आत्मीय स्वागत, सम्मान और स्नेह के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया।2
- लालसोट के सकल जैन समाज के तत्वावधान में 1008 श्री शांतिनाथ भगवान का जन्म, तप और मोक्ष कल्याणक महोत्सव श्री शांतिनाथ जैन मंदिर (छोटा) में बड़े धूमधाम से संपन्न हुआ। यह आयोजन विधानाचार्य रमेश जैन शास्त्री टीकमगढ़, संगीतकार ललित कुमार जैन एंड पार्टी सवाई माधोपुर, और अन्नु बडजात्या लालसोट के सानिध्य में हुआ। महोत्सव की पूर्व संध्या पर संगीतमय भक्तांबर पाठ का पठन किया गया, जिसकी शुरुआत पुष्पदंत बडजात्या द्वारा दीप प्रज्वलन से हुई। इस दौरान कई प्रसिद्ध कलाकारों ने भजन प्रस्तुत किए। अगले दिन, प्रातः 7:15 बजे आचार्य निमंत्रण के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ, जिसमें समाजसेवी महावीर प्रसाद जैन सोनी लालसोट ने ध्वजारोहण और ध्वज पूजन किया। इसके बाद, रमेश चंद जी, अजय कुमार जी, और अंकुश जी गंगवाल किशनगढ़ परिवार की ओर से शांति धारा की गई। शांति विधान महामंडल के सोधर्म इंद्र प्रकाश चंद, अनिल कुमार, सुशील कुमार, केशव, और कपिश बड़जात्या परिवार बने। बाबूलाल, रतन कुमार, और जितेंद्र कुमार बडजात्या परिवार जयपुर ने निर्वाण लड्डू चढ़ाया। तत्पश्चात, सभी महिला-पुरुषों ने बड़े धूमधाम से चावल से बने मंडल पर शांति विधान पूजा-अर्चना की। अजीत कुमार बडजात्या ने बताया कि सायंकाल 108 दीपकों से श्री जी की महाआरती की जाएगी। इस भव्य आयोजन में समाज के कई प्रमुख सदस्य उपस्थित थे, जिनमें प्रभाकर बडजात्या, अनिल पाटनी, पूर्व पार्षद महेंद्र जैन, जिनेंद्र बडजात्या, बाबूलाल बडजात्या, एलम जैन, उत्तम बिलाला, रतनलाल बडजात्या, शिखर बडजात्या, संजय बडजात्या, जैन युवा संघ अध्यक्ष रविंद्र बडजात्या, पार्षद विजयता जैन, जैन महिला मंडल अध्यक्ष श्वेता जैन सहित मोना बडजात्या, मीना बडजात्या, अलका बडजात्या, निर्मला बडजात्या, अनीता बडजात्या, और तेजमती बडजात्या शामिल थीं।4
- ग्राम खण्डीप में चल रही किसान महापंचायत और अनिश्चितकालीन धरना दसवें दिन भी पूरे जोश और उत्साह के साथ जारी है, जिसमें पांचना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग की जा रही है। यह मांग माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद पानी न मिलने के विरोध में है। धरना स्थल पर रायपुर, कुसाय, परीता, सैगरपुरा और खोरपुरा सहित कमांड क्षेत्र के कई गाँवों के किसानों का भारी जनसमूह उमड़ रहा है, जिसमें महिलाओं, पंच-पटेलों, युवाओं और बच्चों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है, जिससे यह आंदोलन अब एक व्यापक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। आंदोलन की व्यवस्थाओं को सुचारु और अनुशासित बनाए रखने के लिए पांचना कमांड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति ने गांव-वार जिम्मेदारियाँ तय की हैं। इसी क्रम में किशोरपुर गांव के ग्रामीणों ने 13 से 14 जून तक भोजन, पेयजल, साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं का सफलतापूर्वक संचालन किया, जबकि 15 से 16 जून तक छोटी उदेई, डिवस्या, बिनेगा, छान और खिदपुर के किसान धरने की जिम्मेदारी संभालेंगे। धरना स्थल पर दिनभर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जहाँ लोक कलाकारों और गीतकारों ने अपने ओजस्वी गीतों से किसानों में नई ऊर्जा का संचार किया। महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत के रूप में देखा जा रहा है। महापंचायत के मंच से किसानों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित कराते हुए पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़े जाने तक उनका संघर्ष किसी भी कीमत पर समाप्त नहीं होगा। किसानों ने स्पष्ट किया कि यह केवल सिंचाई के लिए पानी की मांग नहीं है, बल्कि लाखों किसानों के अधिकार, सम्मान, आजीविका और भविष्य की लड़ाई है। उन्होंने राज्य सरकार और प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा, और ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली सभी परिस्थितियों की जिम्मेदारी सरकार एवं प्रशासन की होगी। किसानों ने कहा कि अब आर-पार की लड़ाई का समय आ गया है और न्याय मिलने तक संघर्ष निरंतर जारी रहेगा। आंदोलन को सफल बनाने के लिए गाँव-गाँव में कमेटियाँ गठित करने का निर्णय लिया गया है और सभी जाति तथा समाज एक साथ उठ खड़े हुए हैं। सरकार को कड़ी चेतावनी दी जा रही है। सभी पार्टियों के नेताओं से बात की जा रही है, और यह भी निर्णय लिया गया है कि जो नेता किसानों का साथ नहीं देगा, उसका सामूहिक रूप से विरोध किया जाएगा।1
- सवाई माधोपुर जिले में पंचना बांध के पानी को लेकर किसानों ने आंदोलन शुरू कर दिया है। किसानों का आरोप है कि पंचना बांध से नहरों में पानी नहीं ले जाने दिया जा रहा है। इसी समस्या के समाधान के लिए एक महापंचायत का आयोजन रखा गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य नहरों में पंचना बांध का पानी लाना है।2