तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के पूर्व बैंक कर्मियों द्वारा प्रदर्शन एवं रैली सरकार द्वारा बनाए जा रहे दबाव से नहीं घबराने वाले बैंक कर्मी तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के पूर्व बैंक कर्मियों द्वारा प्रदर्शन एवं रैली सरकार द्वारा बनाए जा रहे दबाव से नहीं घबराने वाले बैंक कर्मी ========================= लखनऊ। केंद्र सरकार बैंक कर्मियों की 5 दिवसीय बैंकिंग व लंबित मांगों को पूरा करने के बजाए उन्हें डराने व धमकाने का प्रयास कर रही है, पर वे सरकार के इन कृत्यों से घबराने वाले नही हैं। सभी *बैंककर्मी (75% से अधिक जेन जी) अपनी मांगों के पूरा होने तक संघर्ष करने को संकल्पित हैं।* इसी क्रम में बैंक कर्मियों ने आज सायं स्टेट बैंक मुख्य शाखा पर प्रदर्शन किया एवं रैली निकाली, जिसमें बैंककर्मी अत्यंत आक्रोशित नजर आए तथा आर-पार के संघर्ष का एलान कर दिया। बैंक नेताओं (सभी कामरेड) एस के संगतानी और लक्ष्मण सिंह ने कहा कि हमारी एकता और संघर्षशीलता से सरकार बुरी तरह घबराई हुई है और उल्टे सीधे निर्णय ले रही है, यही हमारी जीत की शुरुआत है। संदीप सिंह और वी के माथुर ने कहा कि सरकार बैंक प्रबंधन से अपने ही अधिकारियों, कर्मचारियों को एफआईआर और ट्रांसफर का भय दिखाने का निर्देश दे रही है, जो कि अत्यन्त निंदनीय है। अशोक अग्रवाल और सचिन केशरवानी ने सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों द्वारा किए जा रहे दुष्प्रचार से बैंककर्मियों को सजग रहने को कहा। शकील अहमद, राकेश पाण्डेय और धनंजय सिंह ने बताया कि रिजर्व बैंक तथा अन्य बहुत से विभागों के संघटन भी हमारे संघर्ष को समर्थन और सहयोग दे रहे है। कामरेड आशुतोष वर्मा, तारकेश्वर चौहान, आकाश शर्मा, शिव कुमार सिंह, बृजेश तिवारी ने बताया कि एसबीआई और पीएनबी सहित कई बैंकों के प्रबंधन ने द्विपक्षीय समझौते के प्राविधानों का उल्लंघन करते हुए रविवार 27 को बैंक खोलने का परिपत्र जारी किया है। हम इसका विरोध करते है। स्वाति सिंह, भारती शर्मा, आनंद सिंह, अभिषेक, गौरव, विंध्य विक्रम आदि ने इस तरह के आदेशों का अनुपालन सिरे से ख़ारिज कर दिया। अनिल तिवारी मीडिया प्रभारी ने बताया फोरम द्वारा 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल आहूत की गई है तथा मांगे पूरी न होने पर 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल घोषित की गई है। अनिल तिवारी (मीडिया प्रभारी)
तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के पूर्व बैंक कर्मियों द्वारा प्रदर्शन एवं रैली सरकार द्वारा बनाए जा रहे दबाव से नहीं घबराने वाले बैंक कर्मी तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के पूर्व बैंक कर्मियों द्वारा प्रदर्शन एवं रैली सरकार द्वारा बनाए जा रहे दबाव से नहीं घबराने वाले बैंक कर्मी ========================= लखनऊ। केंद्र सरकार बैंक कर्मियों की 5 दिवसीय बैंकिंग व लंबित मांगों को पूरा करने के बजाए उन्हें डराने व धमकाने का प्रयास कर रही है, पर वे सरकार के इन कृत्यों से घबराने वाले नही हैं। सभी *बैंककर्मी (75% से अधिक जेन जी) अपनी मांगों के पूरा होने तक संघर्ष करने को संकल्पित हैं।* इसी क्रम में बैंक कर्मियों ने आज सायं स्टेट बैंक मुख्य शाखा पर प्रदर्शन किया एवं रैली निकाली, जिसमें बैंककर्मी अत्यंत आक्रोशित नजर आए तथा आर-पार के संघर्ष का एलान कर दिया। बैंक नेताओं (सभी कामरेड) एस के संगतानी और लक्ष्मण सिंह ने कहा कि हमारी एकता और संघर्षशीलता से सरकार बुरी तरह घबराई हुई है और उल्टे सीधे निर्णय ले रही है, यही हमारी जीत की शुरुआत है। संदीप सिंह और वी के माथुर ने कहा कि सरकार बैंक प्रबंधन से अपने ही अधिकारियों, कर्मचारियों को एफआईआर और ट्रांसफर का भय दिखाने का निर्देश दे रही है, जो कि अत्यन्त निंदनीय है। अशोक अग्रवाल और सचिन केशरवानी ने सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों द्वारा किए जा रहे दुष्प्रचार से बैंककर्मियों को सजग रहने को कहा। शकील अहमद, राकेश पाण्डेय और धनंजय सिंह ने बताया कि रिजर्व बैंक तथा अन्य बहुत से विभागों के संघटन भी हमारे संघर्ष को समर्थन और सहयोग दे रहे है। कामरेड आशुतोष वर्मा, तारकेश्वर चौहान, आकाश शर्मा, शिव कुमार सिंह, बृजेश तिवारी ने बताया कि एसबीआई और पीएनबी सहित कई बैंकों के प्रबंधन ने द्विपक्षीय समझौते के प्राविधानों का उल्लंघन करते हुए रविवार 27 को बैंक खोलने का परिपत्र जारी किया है। हम इसका विरोध करते है। स्वाति सिंह, भारती शर्मा, आनंद सिंह, अभिषेक, गौरव, विंध्य विक्रम आदि ने इस तरह के आदेशों का अनुपालन सिरे से ख़ारिज कर दिया। अनिल तिवारी मीडिया प्रभारी ने बताया फोरम द्वारा 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल आहूत की गई है तथा मांगे पूरी न होने पर 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल घोषित की गई है। अनिल तिवारी (मीडिया प्रभारी)
- तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के पूर्व बैंक कर्मियों द्वारा प्रदर्शन एवं रैली सरकार द्वारा बनाए जा रहे दबाव से नहीं घबराने वाले बैंक कर्मी तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के पूर्व बैंक कर्मियों द्वारा प्रदर्शन एवं रैली सरकार द्वारा बनाए जा रहे दबाव से नहीं घबराने वाले बैंक कर्मी ========================= लखनऊ। केंद्र सरकार बैंक कर्मियों की 5 दिवसीय बैंकिंग व लंबित मांगों को पूरा करने के बजाए उन्हें डराने व धमकाने का प्रयास कर रही है, पर वे सरकार के इन कृत्यों से घबराने वाले नही हैं। सभी *बैंककर्मी (75% से अधिक जेन जी) अपनी मांगों के पूरा होने तक संघर्ष करने को संकल्पित हैं।* इसी क्रम में बैंक कर्मियों ने आज सायं स्टेट बैंक मुख्य शाखा पर प्रदर्शन किया एवं रैली निकाली, जिसमें बैंककर्मी अत्यंत आक्रोशित नजर आए तथा आर-पार के संघर्ष का एलान कर दिया। बैंक नेताओं (सभी कामरेड) एस के संगतानी और लक्ष्मण सिंह ने कहा कि हमारी एकता और संघर्षशीलता से सरकार बुरी तरह घबराई हुई है और उल्टे सीधे निर्णय ले रही है, यही हमारी जीत की शुरुआत है। संदीप सिंह और वी के माथुर ने कहा कि सरकार बैंक प्रबंधन से अपने ही अधिकारियों, कर्मचारियों को एफआईआर और ट्रांसफर का भय दिखाने का निर्देश दे रही है, जो कि अत्यन्त निंदनीय है। अशोक अग्रवाल और सचिन केशरवानी ने सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों द्वारा किए जा रहे दुष्प्रचार से बैंककर्मियों को सजग रहने को कहा। शकील अहमद, राकेश पाण्डेय और धनंजय सिंह ने बताया कि रिजर्व बैंक तथा अन्य बहुत से विभागों के संघटन भी हमारे संघर्ष को समर्थन और सहयोग दे रहे है। कामरेड आशुतोष वर्मा, तारकेश्वर चौहान, आकाश शर्मा, शिव कुमार सिंह, बृजेश तिवारी ने बताया कि एसबीआई और पीएनबी सहित कई बैंकों के प्रबंधन ने द्विपक्षीय समझौते के प्राविधानों का उल्लंघन करते हुए रविवार 27 को बैंक खोलने का परिपत्र जारी किया है। हम इसका विरोध करते है। स्वाति सिंह, भारती शर्मा, आनंद सिंह, अभिषेक, गौरव, विंध्य विक्रम आदि ने इस तरह के आदेशों का अनुपालन सिरे से ख़ारिज कर दिया। अनिल तिवारी मीडिया प्रभारी ने बताया फोरम द्वारा 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल आहूत की गई है तथा मांगे पूरी न होने पर 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल घोषित की गई है। अनिल तिवारी (मीडिया प्रभारी)1
- थाना अलीगंज क्षेत्र स्थित सड़क पर गिरा पेड़, मौके पर पहुंची पुलिस.. ब्रेकिंग लखनऊ थाना अलीगंज पुरनिया में सड़क पर गिरा पेड़, मौके पर पहुंची पुलिस.. लगातार बारिश के बीच सड़क पर पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ.. सूचना मिलते ही एसीपी अलीगंज शशि प्रकाश मिश्रा मौके पर पहुंचे.. इंस्पेक्टर अलीगंज ध्रुव कुमार और पुरनिया चौकी प्रभारी शुभम तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद। नगर निगम की टीम भी मौके पर पहुंची, पेड़ हटाने का काम जारी। पुलिस ने संभाली ट्रैफिक व्यवस्था, यातायात सुचारु कराने में जुटी टीम। बारिश के बीच भी अलीगंज पुलिस मौके पर मुस्तैद।1
- 🌹 ग़ज़ल — ख़ामोशी का मातम 🌹 ✍️ सोनी शुक्ला ‘क्रांति’ वो गया तो मेरे अंदर भी कुछ मर गया, मैं बची तो हूँ मगर पहले-सी मैं रही नहीं। जिसे अपना समझकर उम्र भर सजदा किया, उसके जाने के बाद कोई दुआ हुई नहीं। मैंने आवाज़ दी थी उसे आख़िरी बार मगर, मेरी आवाज़ मेरे ही घर से बाहर गई नहीं। वो कहता था—“तुम्हें छोड़कर कहाँ जाऊँगा”, आज देखो, उसकी कोई खबर आई नहीं। मेरी आँखों में जो ठहरा था एक ख़्वाब कभी, वक़्त की धूल में उसकी कोई तस्वीर रही नहीं। मैंने रिश्तों को बहुत दिल से निभाया लेकिन, मेरे हिस्से में कभी सच्ची वफ़ा आई नहीं। अब किसी से भी मोहब्बत का भरोसा कैसे हो, एक बार टूटा हुआ दिल फिर से जुड़ा नहीं। सोनी, दर्द को काग़ज़ पर उतार देती हूँ, वरना सीने में ये ख़ामोशी समाती नहीं। मैंने रोना भी बहुत चाहा मगर क्या करती, मेरी आँखों में भी अब अश्कों की जगह रही नहीं। 💔 🌹 कुछ दर्द आवाज़ नहीं करते, बस इंसान को अंदर से बदल देते हैं। 🌹 ✍️ सोनी शुक्ला ‘क्रांति’ लेखिका एवं कवयित्री संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष — जनहित सर्व समाज सेवा समिति 📍 लखनऊ, उत्तर प्रदेश 🌹 ग़ज़ल — ख़ामोशी का मातम 🌹 ✍️ सोनी शुक्ला ‘क्रांति’ वो गया तो मेरे अंदर भी कुछ मर गया, मैं बची तो हूँ मगर पहले-सी मैं रही नहीं। जिसे अपना समझकर उम्र भर सजदा किया, उसके जाने के बाद कोई दुआ हुई नहीं। मैंने आवाज़ दी थी उसे आख़िरी बार मगर, मेरी आवाज़ मेरे ही घर से बाहर गई नहीं। वो कहता था—“तुम्हें छोड़कर कहाँ जाऊँगा”, आज देखो, उसकी कोई खबर आई नहीं। मेरी आँखों में जो ठहरा था एक ख़्वाब कभी, वक़्त की धूल में उसकी कोई तस्वीर रही नहीं। मैंने रिश्तों को बहुत दिल से निभाया लेकिन, मेरे हिस्से में कभी सच्ची वफ़ा आई नहीं। अब किसी से भी मोहब्बत का भरोसा कैसे हो, एक बार टूटा हुआ दिल फिर से जुड़ा नहीं। सोनी, दर्द को काग़ज़ पर उतार देती हूँ, वरना सीने में ये ख़ामोशी समाती नहीं। मैंने रोना भी बहुत चाहा मगर क्या करती, मेरी आँखों में भी अब अश्कों की जगह रही नहीं। 💔 🌹 कुछ दर्द आवाज़ नहीं करते, बस इंसान को अंदर से बदल देते हैं। 🌹 ✍️ सोनी शुक्ला ‘क्रांति’ लेखिका एवं कवयित्री संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष — जनहित सर्व समाज सेवा समिति 📍 लखनऊ, उत्तर प्रदेश1
- Sanjay Agrawal Tringel News Lucknow 8574663222 नैंसी के तत्वावधान में धूमधाम से निकली गणपति विसर्जन यात्रा लखनऊ। खाला बाजार क्षेत्र में नैंसी के तत्वावधान में गणपति विसर्जन यात्रा का भव्य आयोजन किया गया। श्रद्धा और उल्लास के बीच निकली इस विसर्जन यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। यात्रा के दौरान पूरा क्षेत्र गणपति बप्पा के जयकारों से गूंज उठा। गणपति महाराज की विधिवत पूजा-अर्चना के बाद विसर्जन यात्रा शुरू हुई। श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों और भक्ति संगीत के साथ गणपति बप्पा को विदाई देने के लिए यात्रा में शामिल हुए। रास्ते भर श्रद्धालुओं ने “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” के जयकारे लगाए। यात्रा में महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश से परिवार और समाज की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की। पूरे आयोजन के दौरान भक्तिमय वातावरण बना रहा। नैंसी ने कहा कि गणपति उत्सव हमें आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक एकता का संदेश देता है। विसर्जन के अवसर पर सभी श्रद्धालुओं ने गणपति बप्पा को भावपूर्ण विदाई दी और अगले वर्ष पुनः आने की प्रार्थना की। गणपति विसर्जन यात्रा के दौरान आयोजन से जुड़े लोगों एवं स्थानीय श्रद्धालुओं ने व्यवस्था को सफल बनाने में सहयोग किया। श्रद्धा और उल्लास के साथ गणपति प्रतिमा का विधिवत विसर्जन किया गया। Sanjay Agrawal Tringel News Lucknow 8574663222 Sanjay Agrawal Tringel News Lucknow 8574663222 नैंसी के तत्वावधान में धूमधाम से निकली गणपति विसर्जन यात्रा लखनऊ। खाला बाजार क्षेत्र में नैंसी के तत्वावधान में गणपति विसर्जन यात्रा का भव्य आयोजन किया गया। श्रद्धा और उल्लास के बीच निकली इस विसर्जन यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। यात्रा के दौरान पूरा क्षेत्र गणपति बप्पा के जयकारों से गूंज उठा। गणपति महाराज की विधिवत पूजा-अर्चना के बाद विसर्जन यात्रा शुरू हुई। श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों और भक्ति संगीत के साथ गणपति बप्पा को विदाई देने के लिए यात्रा में शामिल हुए। रास्ते भर श्रद्धालुओं ने “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” के जयकारे लगाए। यात्रा में महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश से परिवार और समाज की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की। पूरे आयोजन के दौरान भक्तिमय वातावरण बना रहा। नैंसी ने कहा कि गणपति उत्सव हमें आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक एकता का संदेश देता है। विसर्जन के अवसर पर सभी श्रद्धालुओं ने गणपति बप्पा को भावपूर्ण विदाई दी और अगले वर्ष पुनः आने की प्रार्थना की। गणपति विसर्जन यात्रा के दौरान आयोजन से जुड़े लोगों एवं स्थानीय श्रद्धालुओं ने व्यवस्था को सफल बनाने में सहयोग किया। श्रद्धा और उल्लास के साथ गणपति प्रतिमा का विधिवत विसर्जन किया गया। Sanjay Agrawal Tringel News Lucknow 85746632224
- पुरनिया में सड़क पर गिरा पेड़, मौके पर पहुंची पुलिस नगर निगम की टीम भी मौके पर पहुंची, पेड़ हटाने का काम जारी थाना अलीगंज के पुरनिया में सड़क पर गिरा पेड़, मौके पर पहुंची पुलिस.. लगातार बारिश के बीच सड़क पर पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ.. सूचना मिलते ही एसीपी अलीगंज शशि प्रकाश मिश्रा मौके पर पहुंचे.. इंस्पेक्टर अलीगंज ध्रुव कुमार और पुरनिया चौकी प्रभारी शुभम तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद। नगर निगम की टीम भी मौके पर पहुंची, पेड़ हटाने का काम जारी। पुलिस ने संभाली ट्रैफिक व्यवस्था, यातायात सुचारु कराने में जुटी टीम। बारिश के बीच भी अलीगंज पुलिस मौके पर मुस्तैद।1
- उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की आराधना, भगवान वासुपूज्य का मोक्ष कल्याणक मनाया उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की आराधना, भगवान वासुपूज्य का मोक्ष कल्याणक मनाया लखनऊ। दशलक्षण महापर्व के दसवें एवं अंतिम दिन शुक्रवार को शहर के विभिन्न जैन मंदिरों में उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने भगवान का अभिषेक, शांतिधारा और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान किए। आशियाना स्थित दिगंबर जैन मंदिर एवं धर्मशाला में उपाध्याय विहेसंत सागर जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि मन, वचन और कर्म से विषय-वासनाओं का त्याग कर आत्मसंयम और पवित्रता अपनाना ही उत्तम ब्रह्मचर्य है। उन्होंने कहा कि ब्रह्मचर्य केवल बाहरी संयम नहीं, बल्कि विचारों की निर्मलता, इंद्रिय नियंत्रण और आचरण की शुद्धता का मार्ग है।इस अवसर पर जैन धर्म के 12वें तीर्थंकर भगवान वासुपूज्य के मोक्ष कल्याणक भी मनाया गया। विभिन्न मंदिरों में विशेष पूजा के बाद श्रद्धालुओं ने मोक्ष कल्याणक के प्रतीक स्वरूप लड्डू भगवान के चरणों में समर्पित किए। मीडिया प्रभारी सिद्धार्थ जैन ने बताया कि दशलक्षण महापर्व के समापन के बाद 27 सितंबर को क्षमावाणी पर्व मनाया जाएगा। इस दौरान श्रद्धालु एक-दूसरे से क्षमा मांगकर आपसी प्रेम, सौहार्द और मैत्री का संकल्प लेंगे।1
- 🌹 ग़ज़ल — तुम बेवफ़ा निकले 🌹 हमने जिसे अपना माना, वो बेवफ़ा निकले, दिल के बहुत करीब थे, फिर भी जुदा निकले। जिसके लिए सजाए थे आँखों में ख़्वाब हमने, वो ख़्वाब ही हमारी आँखों की सज़ा निकले। वो कहते थे कि मरते दम तक साथ देंगे, हालात क्या बदले, सारे वादे हवा निकले। हमने तो उनकी राह में ख़ुद को मिटा दिया, वो मेरी वफ़ा को ही शायद ख़ता निकले। रातों को जाग-जागकर जिनको पुकारते थे, वो नींद में भी हमसे जाने क्यों ख़फ़ा निकले। हमने उन्हें समझा था अपनी दुआ का हिस्सा, वो मेरी ज़िंदगी से बनकर बद्दुआ निकले। दिल को यक़ीन था कि लौट आएँगे एक दिन, दरवाज़े पर मगर सिर्फ़ ख़ामोशियाँ निकले। अब दर्द को छुपाकर मुस्कुरा रही है सोनी, जिसे प्यार समझा था, वो एक फ़रेब निकले। तुम खुश रहो जहाँ भी, ये दुआ रहेगी मेरी, हम टूटकर भी देखो, तुमसे न बेवफ़ा निकले। लेखिका कवयित्री सोनी शुक्ला क्रांति लखनऊ उत्तर प्रदेश 🌹 ग़ज़ल — तुम बेवफ़ा निकले 🌹 हमने जिसे अपना माना, वो बेवफ़ा निकले, दिल के बहुत करीब थे, फिर भी जुदा निकले। जिसके लिए सजाए थे आँखों में ख़्वाब हमने, वो ख़्वाब ही हमारी आँखों की सज़ा निकले। वो कहते थे कि मरते दम तक साथ देंगे, हालात क्या बदले, सारे वादे हवा निकले। हमने तो उनकी राह में ख़ुद को मिटा दिया, वो मेरी वफ़ा को ही शायद ख़ता निकले। रातों को जाग-जागकर जिनको पुकारते थे, वो नींद में भी हमसे जाने क्यों ख़फ़ा निकले। हमने उन्हें समझा था अपनी दुआ का हिस्सा, वो मेरी ज़िंदगी से बनकर बद्दुआ निकले। दिल को यक़ीन था कि लौट आएँगे एक दिन, दरवाज़े पर मगर सिर्फ़ ख़ामोशियाँ निकले। अब दर्द को छुपाकर मुस्कुरा रही है सोनी, जिसे प्यार समझा था, वो एक फ़रेब निकले। तुम खुश रहो जहाँ भी, ये दुआ रहेगी मेरी, हम टूटकर भी देखो, तुमसे न बेवफ़ा निकले। लेखिका कवयित्री सोनी शुक्ला क्रांति लखनऊ उत्तर प्रदेश1
- लखनऊ के इको गार्डन में 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों का बारिश में जोरदार आंदोलन जारी लखनऊ इको गार्डन में 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी लखनऊ के इको गार्डन में 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है अभ्यर्थी आरक्षण से जुड़े न्याय की मांग कर रहे हैं इसी दौरान अभ्यर्थियों ने साथी के साथ कथित मारपीट और पुलिसकर्मी द्वारा सीने पर लाठी से प्रहार किए जाने का आरोप लगाया घटना के बाद अभ्यर्थियों में नाराजगी है उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच, दोषी पाए जाने पर पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और अभ्यर्थियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार की मांग की है1