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राजस्थान के बारां जिले के छीपाबड़ौद में एक किराना दुकान पर समुद्र मंथन प्राणायाम किया गया।
Jagdish Chandra Sharma
राजस्थान के बारां जिले के छीपाबड़ौद में एक किराना दुकान पर समुद्र मंथन प्राणायाम किया गया।
- Jagdish Chandra Sharmaछिपाबड़ौद, बारां, राजस्थानThanks1 hr ago
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- बारां जिले के विद्यार्थियों के लिए अदाणी फाउंडेशन के 'उड़ान प्रोजेक्ट' का शुभारंभ किया गया है। इस विशेष परियोजना के तहत जिले के छात्र-छात्राओं को औद्योगिक शैक्षणिक भ्रमण पर जाने का एक बेहतरीन अवसर प्राप्त होगा।1
- मध्य प्रदेश के छतरपुर जिला जेल में बंद बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग को कथित तौर पर वीआईपी (VIP) सुविधाएं दिए जाने के आरोपों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इन कथित आरोपों की कवरेज करने पहुंचे मीडिया कर्मियों और वहां मौजूद पुलिसकर्मियों के बीच जिला जेल के बाहर तीखी नोकझोंक हो गई, जिससे मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कवरेज के दौरान पुलिसकर्मियों ने पत्रकारों पर नाराजगी जताई थी। इस पूरे मामले में जिला जेल के जेलर ने कहा है कि जेल प्रशासन नियमों के तहत ही कार्य करता है और किसी भी बंदी को नियमों से हटकर विशेष सुविधाएं नहीं दी जा सकतीं। जेलर ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जांच में यह सामने आता है कि किसी पुलिसकर्मी ने पत्रकारों के साथ अभद्र व्यवहार किया है, तो संबंधित कर्मचारियों को नोटिस जारी कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उधर, शालिग्राम गर्ग को जेल में कथित वीआईपी ट्रीटमेंट दिए जाने की चर्चाओं ने जिले के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी बहस छेड़ दी है। फिलहाल जेल प्रशासन ने इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और न ही इस संबंध में कोई जांच रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक की गई है।1
- झालावाड़ शहर के द्वारकाधीश मंदिर के समीप चौपाटी पर गुरुवार को ‘राज सखी मार्ट एंड कैफे’ का शानदार शुभारंभ किया गया। जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए इस विशेष केंद्र का उद्घाटन किया। राजीविका के तत्वावधान में संचालित होने वाले इस केंद्र पर स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए विभिन्न उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध रहेंगे, जिसमें हस्तशिल्प, सजावटी सामग्री, घरेलू उपयोग के उत्पाद और खाद्य पदार्थ शामिल हैं। इस अवसर पर जिला कलेक्टर ने कहा कि यह पहल ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ “वोकल फॉर लोकल” को बढ़ावा देगी। मार्ट के साथ संचालित होने वाले कैफे में गोमती सागर के मनोहारी दृश्य के बीच लोग पारंपरिक व्यंजनों का आनंद ले सकेंगे। इस कैफे में आने वाले लोगों को पूड़ी-सब्जी, दाल-बाटी-चूरमा और चाय-कॉफी सहित कई स्वादिष्ट पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद चखने को मिलेगा।1
- गुना के गुना नगर में अति आवश्यक सेवाएं प्रदान करने वाले 108 एंबुलेंस के कर्मचारियों ने हड़ताल पर जाने की चेतावनी दे दी है। जीवनदायिनी मानी जाने वाली इस आवश्यक सेवा के कर्मचारियों का यह पूरा मामला बेहद हैरान कर देने वाला है।1
- राजस्थान के झालावाड़ में गढ़ परिसर स्थित ऐतिहासिक भवानी नाट्यशाला ने अपनी स्थापना के 105 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर पर्यटन विकास समिति झालावाड़ द्वारा नाट्यशाला परिसर में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान शहर के प्रबुद्ध नागरिकों और पर्यटन प्रेमियों ने इस ऐतिहासिक धरोहर को वर्ष भर पर्यटकों के लिए खुला रखने, इसके रख-रखाव के लिए सरकार से पर्याप्त बजट देने और यहाँ एक नाट्य अकादमी शुरू करने की पुरजोर माँग की है। उत्तर भारत की प्रसिद्ध ओपेरा शैली में बनी इस नाट्यशाला की स्थापना झालावाड़ रियासत के तत्कालीन महाराज राणा भवानी सिंह जी ने ब्रिटिश काल के दौरान वर्ष 1921 में की थी। इस भव्य नाट्यशाला में ब्रिटिश काल के दौरान कई प्रसिद्ध नाटकों का मंचन हुआ, जिसमें महाकवि कालिदास रचित 'अभिज्ञान शाकुंतलम' का पहली बार मंचन भी शामिल है। इसकी वास्तुकला, झरोखे और मेहराब सैलानियों के लिए बेहद आकर्षक और दर्शनीय हैं। नाटकों का दौर खत्म होने के बाद कुछ समय तक इसमें पिक्चर हॉल और बाद में बैडमिंटन हॉल भी चलाया गया था। वर्तमान में पर्याप्त बजट के अभाव के कारण इस ऐतिहासिक इमारत की स्थिति खस्ताहाल हो चुकी है, जिसके चलते प्रशासन और पुरातत्व विभाग ने इस पर ताला लगा दिया है और इसे केवल विशेष अवसरों पर ही खोला जाता है। संगोष्ठी के दौरान इतिहासकार ललित शर्मा ने जिला प्रशासन से माँग की है कि वह इस नाट्यशाला का प्रबंधन अपने हाथों में ले ताकि इसे प्रतिदिन पर्यटकों और स्थानीय लोगों के भ्रमण के लिए खोला जा सके। पर्यटन विकास समिति के संयोजक ओम पाठक ने भी इसके ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए इसके नियमित संचालन और बेहतर बजट की आवश्यकता पर बल दिया है।4
- कोलकाता में अत्यंत धार्मिक उत्साह, भक्ति संगीत और उत्सव के माहौल के बीच अंतर्राष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन) की पारंपरिक रथयात्रा की शुरुआत हो गई है। सुबह से ही शहर के विभिन्न कोनों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु रथयात्रा में शामिल होने के लिए एकत्र हुए, जिससे पूरा क्षेत्र "हरे कृष्ण, हरे राम" महामंत्र की गूंज से सराबोर हो उठा। सुसज्जित रथ पर श्रीश्री जगन्नाथदेव, बलराम और सुभद्रा की प्रतिमाओं को स्थापित कर भव्य शोभायात्रा शुरू की गई। फूलों, रोशनी और विभिन्न रंगों से सजे इस रथ को देखने के लिए सड़क के दोनों ओर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस भव्य आयोजन में देश-विदेश के कई श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। रथ के आगे श्रद्धालु कीर्तन, मृदंग, करताल और नृत्य के साथ श्रीकृष्ण के नाम संकीर्तन में पूरी तरह मग्न दिखाई दिए। पुरुष, महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग, सभी आयु वर्ग के लोगों ने बड़े उत्साह के साथ रथ की रस्सी खींची। लोगों में यह गहरा विश्वास है कि रथ की रस्सी खींचने से पुण्य लाभ होता है और जीवन में शुभ फल की प्राप्ति होती है। इस रथयात्रा को लेकर कोलकाता के विभिन्न इलाकों में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है। रथयात्रा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके साथ ही आम जनता को कोई असुविधा न हो, इसके लिए ट्रैफिक पुलिस ने यातायात नियंत्रण की विशेष व्यवस्था की है। इस्कॉन की ओर से जानकारी दी गई है कि रथयात्रा के इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण, भजन-कीर्तन और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया है। शांति, सद्भाव और मानव कल्याण का संदेश फैलाने के उद्देश्य से हर साल की तरह इस वर्ष भी इस भव्य रथयात्रा का आयोजन किया गया है।1
- राजस्थान के बारां जिले के छीपाबड़ौद स्थित स्टेडियम में सुबह के सत्र के दौरान समुद्र मंथन प्राणायाम का अभ्यास किया गया।1
- राजस्थान के बारां जिले के अटरू में ईएलसी सुदृढ़ीकरण के लिए स्वीप आमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया है।1
- झालावाड़-कोटा मार्ग पर स्थित दरा घाटी का जाम अब केवल एक यातायात समस्या नहीं, बल्कि आम जनता के जीवन को प्रभावित करने वाली गंभीर चुनौती बन चुका है। लोग सालों से इस मार्ग पर घंटों जाम में फंसने को मजबूर हैं। दरा घाटी के इस जाम में एंबुलेंस के फंसने से मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है, वहीं प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्र भी समय पर परीक्षा केंद्रों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इस बेहद विकट स्थिति के बावजूद दरा के नए हाईवे और टनल को अभी तक आम जनता के उपयोग के लिए शुरू नहीं किया गया है। हाल ही में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भी कोटा प्रवास पर आए, लेकिन इस बहुप्रतीक्षित परियोजना के उद्घाटन की तारीख अभी तक तय नहीं हो पाई है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के तहत दरा क्षेत्र में लगभग 4.9 किलोमीटर लंबी ट्विन ट्यूब (दोहरी) टनल का निर्माण किया गया है। यह टनल देश की सबसे चौड़ी 8-लेन सड़क टनलों में शामिल है, जिसमें प्रत्येक ट्यूब में चार-चार लेन हैं। इस टनल में अत्याधुनिक वेंटिलेशन सिस्टम, सीसीटीवी कैमरे, फायर सेफ्टी सिस्टम और आपातकालीन निकास जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इस परियोजना के पूरी तरह शुरू होने के बाद कोटा और झालावाड़ के बीच की यात्रा न केवल सुरक्षित और तेज होगी, बल्कि दरा घाटी में लगने वाले लंबे जाम से भी लोगों को स्थायी राहत मिल सकेगी। कोटा, झालावाड़ और पूरे हाड़ौती क्षेत्र के लाखों लोग अब इसी इंतजार में हैं कि जब निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है, तो इसे शुरू करने में इतनी देरी क्यों की जा रही है और इसे कब जनता के लिए खोला जाएगा।2