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धार्मिक नगरी अयोध्या और आस-पास के इलाकों में आज मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। दोपहर होते-होते आसमान में घने काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। इस झमाझम बारिश ने जहाँ पिछले कई दिनों से पड़ रही उमस और भीषण गर्मी से लोगों को बड़ी राहत दी है, वहीं शहर के कई हिस्सों में व्यवस्थाओं की पोल खोलते हुए जलभराव से मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं।
Sandeep Srivastava Press
धार्मिक नगरी अयोध्या और आस-पास के इलाकों में आज मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। दोपहर होते-होते आसमान में घने काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। इस झमाझम बारिश ने जहाँ पिछले कई दिनों से पड़ रही उमस और भीषण गर्मी से लोगों को बड़ी राहत दी है, वहीं शहर के कई हिस्सों में व्यवस्थाओं की पोल खोलते हुए जलभराव से मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं।
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- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने एक बैठक की, जिसमें राज्य की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की गई।1
- राजस्थान के धौलपुर जिले में पुलिस ने एक शातिर बदमाश को गिरफ्तार किया है, जो साधु का भेष बनाकर जंगल में रह रहा था।1
- सुल्तानपुर के कूरेभार में लव जिहाद का एक और मामला सामने आया है, जहाँ एक किराए के घर में नाबालिग हिंदू युवती को मुस्लिम युवक शकील के साथ पाया गया। इस मामले की जानकारी मिलने पर कटका क्लब सामाजिक संस्था के अध्यक्ष डॉ. सौरभ मिश्रा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचे और स्थानीय पुलिस को सूचित किया। डॉ. मिश्रा और स्थानीय पुलिस ने शुरू में युवती और शकील को हिरासत में लिया। कूरेभार थाना प्रभारी उपेंद्र सिंह ने बताया कि यह पूरा मामला अयोध्या जनपद के इनायत नगर थाना क्षेत्र से जुड़ा है। इसके बाद, इनायत नगर थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश सिंह को अग्रिम विधिक कार्यवाही के लिए जानकारी दी गई। सूचना मिलने पर इनायत नगर थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश सिंह ने तुरंत कार्रवाई करते हुए नाबालिग लड़की और मुस्लिम युवक को अपनी कस्टडी में ले लिया। जनपद के पत्रकारों को जानकारी देते हुए प्रभारी निरीक्षक श्री सिंह ने बताया कि दोनों उनके थाना क्षेत्र के निवासी हैं, युवती नाबालिग है और वे अलग-अलग समुदायों से संबंधित हैं। पुलिस ने संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।4
- अयोध्या के हैदरगंज थाना क्षेत्र से एक शर्मनाक मामला सामने आया है, जहाँ एक लापता लड़की की माँ ने पुलिस पर ही उसे फंसाने और आरोपी के साथ मिलीभगत करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित महिला ने सीधे “कप्तान साहब” को संबोधित करते हुए सवाल उठाया है कि उनके पुलिसकर्मी, खासकर एक दरोगा, पीड़ित को ही आरोपी के घर क्यों भेज रहे हैं, और यदि वहाँ कोई अप्रिय घटना होती है, तो उसका जिम्मेदार कौन होगा। पीड़िता का आरोप है कि उसकी लड़की को बहला-फुसलाकर भगा ले जाया गया है, लेकिन पुलिस मदद करने के बजाय उसे ही आरोपी के घर जाने के लिए कह रही है। इस मामले में पुलिस की मंशा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि विवेचना के दौरान पीड़ित पक्ष को आरोपी के घर भेजने के पीछे क्या कारण है। यह भी संदेह जताया गया है कि क्या दरोगा जी आरोपी पक्ष से मिले हुए हैं, और क्या दोनों पक्षों के अलग-अलग जाति के होने के कारण दरोगा जी के मन में कुछ और चल रहा था। पीड़ित परिवार छप्पर में रहकर जीवन यापन करता है और दर-दर भटकता रहा है, जबकि पुलिस पर अपने 'कारनामे' करते रहने का आरोप है। इस संबंध में एक ऑडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें पीड़िता रो-रोकर अपना दर्द बयां कर रही है और मीडिया में मामला आने के बाद दरोगा द्वारा उसे आरोपी के घर जाकर बात कराने के लिए कहने की बात सामने आई है। आगे बताया गया है कि अगले भाग में एक ऐसा ऑडियो भी सुनाया जाएगा जिसमें पैसे मांगने की बात है, और यह सवाल उठ रहा है कि कौन दरोगा बनकर पैसा मांग रहा है। पीड़िता के अनुसार, FIR में उसके सभी नंबर छिपे हुए हैं, तो फिर उसका नंबर किसने दिया। हालाँकि, ऑडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन यह पूरा मामला जांच का विषय है। पीड़िता और जनता की ओर से इस पर तत्काल जांच कर कार्रवाई की मांग की गई है, क्योंकि आरोप है कि पीड़ित महिला को ही फंसाने का जाल बुना जा रहा है।2
- चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल जी पर सीधा आरोप लगाया गया है। इन पर मनमानी करने का आरोप है और बताया गया है कि ये ऐसे लोग हैं जिन्हें बाहर से थोपा गया है।1
- अयोध्या में पूज्य गुरुदेव भगवान के मार्गदर्शन में और श्रीमद् जगद्गुरु शंकराचार्य महाराज, श्री गोवर्धन मठ, पुरी पीठाधीश्वर जी महाराज के अभियान के तहत, आदित्य वाहिनी अयोध्या ने 'अखंड हिन्दू राष्ट्र संगोष्ठी' का आयोजन किया। यह संगोष्ठी तिवारी का पुरवा स्थित निज ग्राम निवास स्थान पर आयोजित की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित कराना था। इस महत्वपूर्ण आयोजन में भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की दिशा में संकल्प व्यक्त करते हुए सुन्दरकाण्ड, हनुमान चालीसा, काली चालीसा और श्री भैरव चालीसा का विशेष पाठ किया गया। यह कार्यक्रम निज ग्राम निवास के कुलदेवी भगवती काली मां के मंदिर पर, श्री हनुमान जी महाराज की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। संगोष्ठी में पूज्य पुरी पीठाधीश्वर जी महाराज के शिष्य नारायण तिवारी, साथ ही बड़ी छावनी अयोध्या श्री कान्यकुब्जाचार्य पीठ के वर्तमान आचार्य श्री रघुनाथ दास जी महाराज के शिष्य गिरीश चंद्र तिवारी, राघव प्रसाद तिवारी, और नवदीप कुमार तिवारी जैसे प्रमुख व्यक्ति उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त, अंजली तिवारी, गंगाजली तिवारी, अन्नपूर्णा त्रिपाठी सहित महिला समूह; तथा अलंकृत तिवारी, अभिराम तिवारी, लाडली त्रिपाठी सहित बाल समूह भी बड़ी संख्या में मौजूद था। कार्यक्रम में समस्त ग्रामवासी गणों की भारी उपस्थिति दर्ज की गई। संगोष्ठी का समापन 'धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो' जैसे पारंपरिक और उत्साहवर्धक जयघोषों के साथ किया गया, जो अखंड हिन्दू राष्ट्र के संकल्प को और अधिक दृढ़ता प्रदान करता है।4
- यह बताया गया है कि जो लोग मनमाना व्यवहार करते हैं, उन्हें स्वयं राम जी न्याय देंगे। इसी विषय पर आधारित धर्म और न्याय को लेकर एक विशेष चर्चा देखने का आह्वान किया गया है।1
- अयोध्या के भरत कुंड मसौधा क्षेत्र में स्थित एक टोल प्लाजा पर टोल कर्मी के साथ हुए विवाद के मामले में पूराकलंदर थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना अयोध्या प्रयागराज हाईवे पर भरत कुंड स्थित टोल प्लाजा पर हुई थी। पुलिस ने पीड़ित द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर इस विवाद की रिपोर्ट दर्ज की है। टोल प्लाजा प्रबंधन ने भी इस घटना से संबंधित वीडियो क्लिप पूराकलंदर थाना पुलिस को सौंप दी है, जिसके बाद पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है।1
- संतोष दूबे, जो अयोध्या में राम जन्मभूमि विवादित ढांचा ढहाए जाने के प्रकरण में आरोपी रहे हैं, ने रामजन्म भूमि परिसर से कथित 'रामरतन धन की चोरी' के मामले पर मीडिया से बात करते हुए चार लोगों को सीधे तौर पर 'चोर' करार दिया है। उन्होंने चंपत राय, अनिल मिश्रा, टिन्नू यादव उर्फ राम शंकर, और गोपाल राव पर यह गंभीर आरोप लगाया। दूबे ने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें एसआईटी जांच पर बिल्कुल भी विश्वास नहीं है, क्योंकि ऐसी जांचें सार्वजनिक नहीं होती हैं, जैसा कि वर्ष 2022 में भी हुआ था। उन्होंने एसआईटी को अपनी बात को दबाने और जनता में भ्रम पैदा करने का एक साधन मात्र बताया। अपनी पुरानी लड़ाई का जिक्र करते हुए दूबे ने बताया कि जब विवादित ढांचा गिराया गया था, तब सीबीआई ने जांच की थी और उन्हें आरोपी बनाया गया था। उन्होंने पिछले तीस सालों में मुकदमे के दौरान लाठी, गोली और धक्के सहने की बात कही, और यह भी बताया कि उन्होंने अपनी पूरी जवानी इस कानूनी लड़ाई में खपा दी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस त्याग और संघर्ष को कथित 'चोर' नहीं समझ सकते। संतोष दूबे ने घोषणा की है कि वे इन चारों कथित चोरों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के लिए सिस्टम से न्याय की मांग करेंगे। यदि एफआईआर दर्ज नहीं होती है, तो वे न्यायालय को ही अंतिम रास्ता मानेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे एसआईटी जैसी 'भ्रामक व्यवस्था' के पीछे अपना समय बर्बाद नहीं कर सकते और ऐसी बातों से गुमराह नहीं होंगे। दूबे ने चेतावनी दी कि अगर इस बार भी वे शांति से बैठे रहे, तो 'बाबर, गजनवी, गोरी, औरंगजेब और खिलजी की संताने' 'राम के नाम पर राम रतन की लूट' करके ले जाएंगी।1