Shuru
Apke Nagar Ki App…
कटनी के गोल बाजार क्षेत्र में स्थित श्री गोविंद देव जी मंदिर भगवान श्री राधा-कृष्ण को समर्पित एक अत्यंत श्रद्धेय स्थल है। यहाँ भक्तगण प्रतिदिन दर्शन, पूजा और आरती के लिए आते हैं, जिससे मंदिर में सदैव भक्ति का माहौल बना रहता है। विशेष रूप से जन्माष्टमी, राधाष्टमी और अन्य वैष्णव पर्वों पर, मंदिर को भव्य रूप से सजाया जाता है और बड़े पैमाने पर भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाता है, जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित होते हैं। मंदिर का शांत और भक्तिमय वातावरण भक्तों को गहरी आध्यात्मिक शांति का अनुभव कराता है।
राशि निषाद
कटनी के गोल बाजार क्षेत्र में स्थित श्री गोविंद देव जी मंदिर भगवान श्री राधा-कृष्ण को समर्पित एक अत्यंत श्रद्धेय स्थल है। यहाँ भक्तगण प्रतिदिन दर्शन, पूजा और आरती के लिए आते हैं, जिससे मंदिर में सदैव भक्ति का माहौल बना रहता है। विशेष रूप से जन्माष्टमी, राधाष्टमी और अन्य वैष्णव पर्वों पर, मंदिर को भव्य रूप से सजाया जाता है और बड़े पैमाने पर भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाता है, जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित होते हैं। मंदिर का शांत और भक्तिमय वातावरण भक्तों को गहरी आध्यात्मिक शांति का अनुभव कराता है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- कटनी के गोल बाजार क्षेत्र में स्थित श्री गोविंद देव जी मंदिर भगवान श्री राधा-कृष्ण को समर्पित एक अत्यंत श्रद्धेय स्थल है। यहाँ भक्तगण प्रतिदिन दर्शन, पूजा और आरती के लिए आते हैं, जिससे मंदिर में सदैव भक्ति का माहौल बना रहता है। विशेष रूप से जन्माष्टमी, राधाष्टमी और अन्य वैष्णव पर्वों पर, मंदिर को भव्य रूप से सजाया जाता है और बड़े पैमाने पर भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाता है, जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित होते हैं। मंदिर का शांत और भक्तिमय वातावरण भक्तों को गहरी आध्यात्मिक शांति का अनुभव कराता है।1
- कटनी कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर श्री आशीष तिवारी लोगों की समस्याओं और शिकायतों को सुन रहे हैं। वह अधिकारियों को इन आवेदनों के त्वरित निराकरण के लिए निर्देश जारी कर रहे हैं। कलेक्टर श्री तिवारी अब तक कुल 68 आवेदकों की समस्याओं पर सुनवाई कर चुके हैं और उनके समाधान के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दे चुके हैं। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर, अपर कलेक्टर श्री नीलांबर मिश्रा, संयुक्त कलेक्टर श्री जितेंद्र पटेल, कटनी एसडीएम श्री प्रमोद चतुर्वेदी, और जिला प्रबंधक लोकसेवा दिनेश विश्वकर्मा सहित सभी विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित हैं। जनसुनवाई कार्यक्रम अभी भी जारी है।2
- मध्य प्रदेश के सतना शहर को 'स्मार्ट सिटी' का दर्जा दिए जाने के बावजूद, उसके विकास के वर्तमान हाल पर कटाक्ष किया गया है। टिप्पणी में कहा गया है कि शहर में सड़कें और नालियाँ कहाँ हैं, इस बारे में कोई भी निश्चित जानकारी नहीं दे सकता। यह बयान 'स्मार्ट सिटी सतना के विकास' की मौजूदा जमीनी हकीकत को दर्शाता है।1
- कटनी के एमजीएम हॉस्पिटल में ऑपरेशन के दौरान एक 23 वर्षीय युवती की मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद, युवती के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।1
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का एक बेहद सरल और आत्मीय रूप सामने आया है, जिसने प्रदेश की जनता का दिल जीत लिया है। सत्ता के शीर्ष पर होने के बावजूद, मुख्यमंत्री महलों की चकाचौंध से दूर एक गरीब के आँगन तक पहुंचे और जमीन पर बैठकर सहजता से भोजन किया। उनका यह अंदाज़ सोशल मीडिया पर जमकर सुर्खियां बटोर रहा है, क्योंकि यह पद की ऊंचाई पर रहकर भी इंसान को जमीन से जोड़े रखने की मिसाल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह कदम स्पष्ट करता है कि उनके लिए प्रदेश की जनता सिर्फ एक प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि उनका अपना परिवार है। व्यवस्थाओं और सुरक्षा के तामझाम से दूर, इस तरह जनता के बीच बैठकर भोजन करना उनके सरल स्वभाव, संवेदनशीलता और अपनी माटी के प्रति अगाध प्रेम को दर्शाता है। यह एक सच्चे जननायक की असली पहचान है, जो सत्ता के सर्वोच्च शिखर पर रहकर भी अपने लोगों से जुड़ा हुआ है, और उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे सही मायनों में जनता के अपने मुख्यमंत्री हैं।1
- कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने एक कार्यक्रम स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहाँ की सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया।1
- कटनी के एमजीएम हॉस्पिटल में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ पथरी के ऑपरेशन के दौरान एक 23 वर्षीय युवती की मौत हो गई। इस घटना के बाद से ही मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, और उन्होंने अस्पताल प्रबंधन व डॉक्टरों पर इलाज में घोर लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगाया है। अस्पताल परिसर में तनाव का माहौल बना हुआ है, और परिजन मामले की उच्च स्तरीय जाँच की मांग कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, युवती को पेट दर्द और पथरी की शिकायत के चलते 29 जून की शाम को एमजीएम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की सलाह पर 30 जून को उसे ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया, जहाँ उसका पथरी का ऑपरेशन होना था। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों की लापरवाही के कारण ही युवती की तबीयत बिगड़ी और उसकी जान चली गई। अपनी बेटी की मौत की खबर सुनते ही परिजनों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने अस्पताल में हंगामा किया। वे प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष और बारीकी से जाँच कराने और दोषी डॉक्टरों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं। हालांकि, इस संवेदनशील मामले में अस्पताल प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है, और उन्होंने फिलहाल इस घटनाक्रम पर चुप्पी साध रखी है।1
- कटनी के बड़वारा-मझगवां क्षेत्र में फैक्ट्रियों से निकलने वाले जहरीले फ्लाई ऐश (उड़ने वाली राख) के खुलेआम परिवहन और डंपिंग का मामला सोशल मीडिया पर प्राप्त वीडियो के आधार पर सामने आया है। इस वीडियो में दावा किया गया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग-43 के किनारे और आसपास के रिहायशी तथा वन क्षेत्रों में यह फ्लाई ऐश फैलने से स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर संकट मंडरा रहा है, साथ ही वन्यजीवों के लिए भी खतरा उत्पन्न हो गया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, वर्षों से दूसरे जिलों और राज्यों से फ्लाई ऐश लाकर इस क्षेत्र में डंप किया जा रहा है, जिससे कैंसर, दमा और टीबी जैसी गंभीर बीमारियों के मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। हाल ही में आयोजित एक स्वास्थ्य शिविर में भी ऐसे मरीजों की संख्या चिंताजनक पाई गई। चिकित्सकों ने बताया है कि फ्लाई ऐश के अत्यंत सूक्ष्म कण सांस के जरिए शरीर में प्रवेश कर फेफड़ों को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिसका सर्वाधिक दुष्प्रभाव बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों पर पड़ता है। वीडियो में यह भी दावा किया गया है कि मझगवां और पठरा के वन क्षेत्रों में फैली यह राख तेंदुए समेत अन्य वन्यजीवों के भोजन और जल स्रोतों को प्रभावित कर रही है, जिससे क्षेत्र की जैव विविधता खतरे में है। बताया गया है कि यह गंभीर मुद्दा पूर्व में विधानसभा में भी उठाया जा चुका है, जहाँ सरकार ने फ्लाई ऐश के सुरक्षित परिवहन और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। हालांकि, स्थानीय स्तर पर इन निर्देशों का प्रभावी ढंग से पालन नहीं हो रहा है। वहीं, कुंडम परियोजना परिक्षेत्र के रेंज अधिकारी जुनैद खान ने इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वन विभाग संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा रहा है और अवैध रूप से फ्लाई ऐश डंप करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह समाचार सोशल मीडिया पर प्राप्त वीडियो और उपलब्ध दावों पर आधारित है, और संबंधित तथ्यों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।1