मैहर में पुलिस की कार्यशैली और वर्दी पर गहरा दाग लगाने वाला मामला सामने आया है, जहां रामनगर थाना प्रभारी विजय त्रिपाठी पर एक पत्रकार को लॉकअप में बंद कर बर्बरता से पीटने का आरोप लगा है। पीड़ित पत्रकार राजमणि पांडे को किसी पीड़ित पक्ष के साथ थाने जाना बेहद महंगा पड़ गया। थाना प्रभारी ने उन्हें आतंकवादी समझकर अर्धनग्न किया और रात भर लाठी-डंडों व घूंसों से बेरहमी से पीटा, जिससे उनके पूरे शरीर पर सैकड़ों गंभीर चोटों के निशान बन गए हैं। इस बर्बरता के बाद भी जब मन नहीं भरा, तो सुबह उनके खिलाफ धारा 151 लगाकर उन्हें जेल भेज दिया गया। यही नहीं, थाना प्रभारी ने पत्रकार को धमकी दी है कि वह बहुत जल्द किसी हरिजन या आदिवासी महिला से उनके खिलाफ फर्जी शिकायत करवाकर उन्हें गंभीर धाराओं में कई महीनों के लिए सलाखों के पीछे भिजवा देंगे। इस पूरे षड्यंत्र की शुरुआत पत्रकार द्वारा क्षेत्र में होने वाली अवैध वसूली और अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार खबरें लिखने के कारण हुई। थाना प्रभारी विजय त्रिपाठी पत्रकार का मुंह बंद करना चाहते थे। 12 जुलाई 2024 को आरक्षक गुड्डू पटेल द्वारा सूचना दिए जाने पर कि पत्रकार अस्पताल की तरफ जा रहा है, थाना प्रभारी ने दो-चार पुलिसवालों को साथ लेकर उन्हें अस्पताल से पकड़ा। इसके बाद उन्हें थाने के महिला डेस्क कक्ष में ले जाकर, दरवाजा बंद कर कपड़े उतरवाए गए और तब तक पीटा गया जब तक पुलिसकर्मी थक नहीं गए। इस बर्बरता के बाद पत्रकार चलने की हालत में भी नहीं बचे थे। वरिष्ठ अधिकारियों से अपने बचाव के लिए थाना प्रभारी ने अस्पताल की एक महिला नर्स से पत्रकार के खिलाफ अभद्रता करने की लिखित शिकायत भी लिखवा ली और एक पुलिसकर्मी के माध्यम से संदेश भेजकर धमकी दी कि कहीं भी शिकायत की तो जिंदगी बर्बाद कर देंगे। थाना प्रभारी विजय त्रिपाठी का विवादों से पुराना नाता रहा है। पूर्व में अमरपाटन थाना प्रभारी रहते हुए वे रिश्वत लेने के आरोप में लोकायुक्त के हत्थे चढ़ चुके हैं, जिसके बाद उन्हें लाइन अटैच किया गया था। लेकिन कुछ महीनों बाद जुगाड़ लगाकर उन्होंने दोबारा नौकरी में वापसी की और रामनगर थाना प्रभारी बन गए। पीड़ित पत्रकार ने मैहर आकर अपने पत्रकार साथियों को इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी है। इस मामले को लेकर कल पत्रकारों का एक प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत और ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग करेगा। पत्रकार इस बर्बरता के वीडियो और चोटों की तस्वीरों को माननीय न्यायालय में ले जाकर न्याय की गुहार लगाएंगे और न्याय न मिलने पर सैकड़ों पत्रकारों के साथ सड़कों पर उतरकर उग्र विरोध प्रदर्शन करेंगे।
मैहर में पुलिस की कार्यशैली और वर्दी पर गहरा दाग लगाने वाला मामला सामने आया है, जहां रामनगर थाना प्रभारी विजय त्रिपाठी पर एक पत्रकार को लॉकअप में बंद कर बर्बरता से पीटने का आरोप लगा है। पीड़ित पत्रकार राजमणि पांडे को किसी पीड़ित पक्ष के साथ थाने जाना बेहद महंगा पड़ गया। थाना प्रभारी ने उन्हें आतंकवादी समझकर अर्धनग्न किया और रात भर लाठी-डंडों व घूंसों से बेरहमी से पीटा, जिससे उनके पूरे शरीर पर सैकड़ों गंभीर चोटों के निशान बन गए हैं। इस बर्बरता के बाद भी जब मन नहीं भरा, तो सुबह उनके खिलाफ धारा 151 लगाकर उन्हें जेल भेज दिया गया। यही नहीं, थाना प्रभारी ने पत्रकार को धमकी दी है कि वह बहुत जल्द किसी हरिजन या आदिवासी महिला से उनके खिलाफ फर्जी शिकायत करवाकर उन्हें गंभीर धाराओं में कई महीनों के लिए सलाखों के पीछे भिजवा देंगे। इस पूरे षड्यंत्र की शुरुआत पत्रकार द्वारा क्षेत्र में होने वाली अवैध वसूली और अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार खबरें लिखने के कारण हुई। थाना प्रभारी विजय त्रिपाठी पत्रकार का मुंह बंद करना चाहते थे। 12 जुलाई 2024 को आरक्षक गुड्डू पटेल द्वारा सूचना दिए जाने पर कि पत्रकार अस्पताल की तरफ जा रहा है, थाना प्रभारी ने दो-चार पुलिसवालों को साथ लेकर उन्हें अस्पताल से पकड़ा। इसके बाद उन्हें थाने के महिला डेस्क कक्ष में ले जाकर, दरवाजा बंद कर कपड़े उतरवाए गए और तब तक पीटा गया जब तक पुलिसकर्मी थक नहीं गए। इस बर्बरता के बाद पत्रकार चलने की हालत में भी नहीं बचे थे। वरिष्ठ अधिकारियों से अपने बचाव के लिए थाना प्रभारी ने अस्पताल की एक महिला नर्स से पत्रकार के खिलाफ अभद्रता करने की लिखित शिकायत भी लिखवा ली और एक पुलिसकर्मी के माध्यम से संदेश भेजकर धमकी दी कि कहीं भी शिकायत की तो जिंदगी बर्बाद कर देंगे। थाना प्रभारी विजय त्रिपाठी का विवादों से पुराना नाता रहा है। पूर्व में अमरपाटन थाना प्रभारी रहते हुए वे रिश्वत लेने के आरोप में लोकायुक्त के हत्थे चढ़ चुके हैं, जिसके बाद उन्हें लाइन अटैच किया गया था। लेकिन कुछ महीनों बाद जुगाड़ लगाकर उन्होंने दोबारा नौकरी में वापसी की और रामनगर थाना प्रभारी बन गए। पीड़ित पत्रकार ने मैहर आकर अपने पत्रकार साथियों को इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी है। इस मामले को लेकर कल पत्रकारों का एक प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत और ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग करेगा। पत्रकार इस बर्बरता के वीडियो और चोटों की तस्वीरों को माननीय न्यायालय में ले जाकर न्याय की गुहार लगाएंगे और न्याय न मिलने पर सैकड़ों पत्रकारों के साथ सड़कों पर उतरकर उग्र विरोध प्रदर्शन करेंगे।
- मैहर में पुलिस की कार्यशैली और वर्दी पर गहरा दाग लगाने वाला मामला सामने आया है, जहां रामनगर थाना प्रभारी विजय त्रिपाठी पर एक पत्रकार को लॉकअप में बंद कर बर्बरता से पीटने का आरोप लगा है। पीड़ित पत्रकार राजमणि पांडे को किसी पीड़ित पक्ष के साथ थाने जाना बेहद महंगा पड़ गया। थाना प्रभारी ने उन्हें आतंकवादी समझकर अर्धनग्न किया और रात भर लाठी-डंडों व घूंसों से बेरहमी से पीटा, जिससे उनके पूरे शरीर पर सैकड़ों गंभीर चोटों के निशान बन गए हैं। इस बर्बरता के बाद भी जब मन नहीं भरा, तो सुबह उनके खिलाफ धारा 151 लगाकर उन्हें जेल भेज दिया गया। यही नहीं, थाना प्रभारी ने पत्रकार को धमकी दी है कि वह बहुत जल्द किसी हरिजन या आदिवासी महिला से उनके खिलाफ फर्जी शिकायत करवाकर उन्हें गंभीर धाराओं में कई महीनों के लिए सलाखों के पीछे भिजवा देंगे। इस पूरे षड्यंत्र की शुरुआत पत्रकार द्वारा क्षेत्र में होने वाली अवैध वसूली और अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार खबरें लिखने के कारण हुई। थाना प्रभारी विजय त्रिपाठी पत्रकार का मुंह बंद करना चाहते थे। 12 जुलाई 2024 को आरक्षक गुड्डू पटेल द्वारा सूचना दिए जाने पर कि पत्रकार अस्पताल की तरफ जा रहा है, थाना प्रभारी ने दो-चार पुलिसवालों को साथ लेकर उन्हें अस्पताल से पकड़ा। इसके बाद उन्हें थाने के महिला डेस्क कक्ष में ले जाकर, दरवाजा बंद कर कपड़े उतरवाए गए और तब तक पीटा गया जब तक पुलिसकर्मी थक नहीं गए। इस बर्बरता के बाद पत्रकार चलने की हालत में भी नहीं बचे थे। वरिष्ठ अधिकारियों से अपने बचाव के लिए थाना प्रभारी ने अस्पताल की एक महिला नर्स से पत्रकार के खिलाफ अभद्रता करने की लिखित शिकायत भी लिखवा ली और एक पुलिसकर्मी के माध्यम से संदेश भेजकर धमकी दी कि कहीं भी शिकायत की तो जिंदगी बर्बाद कर देंगे। थाना प्रभारी विजय त्रिपाठी का विवादों से पुराना नाता रहा है। पूर्व में अमरपाटन थाना प्रभारी रहते हुए वे रिश्वत लेने के आरोप में लोकायुक्त के हत्थे चढ़ चुके हैं, जिसके बाद उन्हें लाइन अटैच किया गया था। लेकिन कुछ महीनों बाद जुगाड़ लगाकर उन्होंने दोबारा नौकरी में वापसी की और रामनगर थाना प्रभारी बन गए। पीड़ित पत्रकार ने मैहर आकर अपने पत्रकार साथियों को इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी है। इस मामले को लेकर कल पत्रकारों का एक प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत और ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग करेगा। पत्रकार इस बर्बरता के वीडियो और चोटों की तस्वीरों को माननीय न्यायालय में ले जाकर न्याय की गुहार लगाएंगे और न्याय न मिलने पर सैकड़ों पत्रकारों के साथ सड़कों पर उतरकर उग्र विरोध प्रदर्शन करेंगे।1
- "जगन्नाथ के भात को जगत पसारे हाथ" के पावन संदेश के साथ मध्य प्रदेश के मैहर में आज जगन्नाथ स्वामी की विशाल रथ शोभा यात्रा निकाली जा रही है। 16 जुलाई, गुरुवार को दोपहर ठीक 1:00 बजे यह भव्य यात्रा प्रारंभ होगी। यात्रा का शुभारंभ बड़ा अखाड़ा मैहर से होगा, जो किला चौक, पुरानी बस्ती, चौरसिया टॉकीज, घंटाघर, कटरा बाजार और ओवर ब्रिज होते हुए हरनामपुर स्थित प्राचीन ऐतिहासिक जगन्नाथ स्वामी मंदिर पहुंचेगी, जहां इसका समापन होगा। इस पावन अवसर पर समस्त धर्मावलंबियों, समाजसेवियों और धर्म प्रेमियों से विशेष अनुरोध किया गया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस रथ शोभा यात्रा में सम्मिलित होकर पुण्य लाभ अर्जित करें।1
- सतना जिले के अमरपाटन अंतर्गत मुकुन्दपुर के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में प्रवेश उत्सव और निशुल्क साइकिल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अमरपाटन विधायक डॉ. राजेंद्र कुमार सिंह पहुंचे। कार्यक्रम की शुरुआत में विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती रामश्री यादव और स्टाफ द्वारा विधायक का स्वागत किया गया, जिसके बाद स्कूल की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के दौरान विधायक डॉ. राजेंद्र कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि छात्राएं हमारे कल का भविष्य हैं। उन्होंने छात्राओं द्वारा प्रस्तुत किए गए कार्यक्रमों की प्रशंसा की और इसके बाद कक्षा 9वीं व 11वीं की नव प्रवेशित छात्राओं को निशुल्क साइकिलें वितरित कीं। इस अवसर पर मुख्य रूप से मदन गोपाल त्रिपाठी, भाजपा मंडल ताला के महामंत्री मनीष चतुर्वेदी, पूर्व जनपद सदस्य राजेश तिवारी, घनश्याम ताम्रकार, मोहम्मद हारून रशीद, रघुनाथ साकेत और संकुल स्टाफ उपस्थित रहा।3
- जय जगन्नाथ मैहर 📍#sntnewspinchजय जगन्नाथ मैहर 📍#sntnewspinchजय जगन्नाथ मैहर 📍#sntnewspinchजय जगन्नाथ मैहर 📍#sntnewspinchजय जगन्नाथ मैहर 📍#sntnewspinch1
- मध्य प्रदेश के सतना में पुलिस नशे के खिलाफ सड़कों पर उतर आई है। पुलिस ने यहाँ 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान के तहत एक रैली निकाली है।1
- मध्य प्रदेश में डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ल के बड़े विज़न के चलते रीवा अब सीधे कलकत्ता तक उड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। रीवा का यह विकास यूँ ही नहीं हुआ है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा दृष्टिकोण है। रीवा की इस बड़ी सफलता और तरक्की को देखते हुए सतना के जनप्रतिनिधियों को भी इससे सीख लेने की काफी जरूरत है।1