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रावतभाटा में महाशिवरात्रि पर्व पर 14 फरवरी 2026 को शिव बारात के साथ निकली भव्य शोभायात्रा। रावतभाटा में शिव परिवार की और से शिवरात्रि की पूर्व संध्या 14 फरवरी 2026 को चारभुजा झालरबावड़ी बप्पा रावल चौराहा से शिव बारात प्रारंभ हुई। बारात में शिव पार्वती की आकर्षक झांकियां, केदारनाथ झांकी, अखाड़ा, अघोरी साधु, आतिशबाजी,ढोल, ड्रोन शूटिंग, आकर्षण का केंद्र रहें। शिव बारात बप्पा रावल चौराहा से मुख्य मार्ग होते हुए एनटीसी चौराहा, बालाराम चौराहा, सिनेमा चौराहा होते हुए कोटा बेरियर गणेश मंदिर पहुंचकर शौभायात्रा का हुआ समापन। इस दौरान जगह-जगह पुष्प वर्षा कर शौभायात्रा का स्वागत किया गया। साथ ही पुलिस प्रशासन रहा शौभायात्रा मोजूद।

2 hrs ago
user_Pawan Mehar
Pawan Mehar
रिपोर्टर रावतभाटा, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
2 hrs ago

रावतभाटा में महाशिवरात्रि पर्व पर 14 फरवरी 2026 को शिव बारात के साथ निकली भव्य शोभायात्रा। रावतभाटा में शिव परिवार की और से शिवरात्रि की पूर्व संध्या 14 फरवरी 2026 को चारभुजा झालरबावड़ी बप्पा रावल चौराहा से शिव बारात प्रारंभ हुई। बारात में शिव पार्वती की आकर्षक झांकियां, केदारनाथ झांकी, अखाड़ा, अघोरी साधु, आतिशबाजी,ढोल, ड्रोन शूटिंग, आकर्षण का केंद्र रहें। शिव बारात बप्पा रावल चौराहा से मुख्य मार्ग होते हुए एनटीसी चौराहा, बालाराम चौराहा, सिनेमा चौराहा होते हुए कोटा बेरियर गणेश मंदिर पहुंचकर शौभायात्रा का हुआ समापन। इस दौरान जगह-जगह पुष्प वर्षा कर शौभायात्रा का स्वागत किया गया। साथ ही पुलिस प्रशासन रहा शौभायात्रा मोजूद।

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  • रावतभाटा में शिव परिवार की और से शिवरात्रि की पूर्व संध्या 14 फरवरी 2026 को चारभुजा झालरबावड़ी बप्पा रावल चौराहा से शिव बारात प्रारंभ हुई। बारात में शिव पार्वती की आकर्षक झांकियां, केदारनाथ झांकी, अखाड़ा, अघोरी साधु, आतिशबाजी,ढोल, ड्रोन शूटिंग, आकर्षण का केंद्र रहें। शिव बारात बप्पा रावल चौराहा से मुख्य मार्ग होते हुए एनटीसी चौराहा, बालाराम चौराहा, सिनेमा चौराहा होते हुए कोटा बेरियर गणेश मंदिर पहुंचकर शौभायात्रा का हुआ समापन। इस दौरान जगह-जगह पुष्प वर्षा कर शौभायात्रा का स्वागत किया गया। साथ ही पुलिस प्रशासन रहा शौभायात्रा मोजूद।
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    रावतभाटा में शिव परिवार की और से शिवरात्रि की पूर्व संध्या 14 फरवरी 2026 को चारभुजा झालरबावड़ी बप्पा रावल चौराहा से शिव बारात प्रारंभ हुई। बारात में शिव पार्वती की आकर्षक झांकियां, केदारनाथ झांकी, अखाड़ा, अघोरी साधु, आतिशबाजी,ढोल, ड्रोन शूटिंग, आकर्षण का केंद्र रहें। शिव बारात बप्पा रावल चौराहा से मुख्य मार्ग होते हुए एनटीसी चौराहा, बालाराम चौराहा, सिनेमा चौराहा होते हुए कोटा बेरियर गणेश मंदिर पहुंचकर शौभायात्रा का हुआ समापन। इस दौरान जगह-जगह पुष्प वर्षा कर शौभायात्रा का स्वागत किया गया। साथ ही पुलिस प्रशासन रहा शौभायात्रा मोजूद।
    user_Pawan Mehar
    Pawan Mehar
    रिपोर्टर रावतभाटा, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • कोटा महाशिवरात्रि पर कोटा के थेगड़ा शिवपुरी धाम मंदिर पर उमड़ा भक्तों का सैलाब दूध व जल से कर रहे अभिषेक कोटा महाशिवरात्रि के मौके पर रविवार सुबह 7 बजे से थेगड़ा स्थित शिवपुरी धाम मंदिर पर भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिल रही है। यही नही लोग इस मौके पर शिवलिंग पर दूध व जल का अभिषेक कर पूजा अर्चना कर रहे है। आपको बतादे की शिवपुरी धाम मंदिर एक प्राचीन शिव मंदिर है जहाँ 525 शिवलिंग है। जिनपर लोग पूजा अर्चना कर अपनी मन की मुराद पूरी करते है।आज सुबह से ही भक्त गण यहाँ परिवार के साथ पहुँच रहे है। शिवरात्रि को लेकर पुलिस ने यहाँ कड़े इंतजाम किए है।शहर के अन्य प्राचीन शिव मंदिरों पर भी लोग पहुँच कर पूजा अर्चना कर रहे है।
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    कोटा महाशिवरात्रि पर कोटा के थेगड़ा शिवपुरी धाम मंदिर पर उमड़ा  भक्तों का सैलाब दूध व जल से कर रहे अभिषेक
कोटा
महाशिवरात्रि के मौके पर रविवार सुबह 7 बजे से थेगड़ा स्थित शिवपुरी धाम मंदिर पर भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिल रही है। यही नही लोग इस मौके पर शिवलिंग पर दूध व जल का अभिषेक कर पूजा अर्चना कर रहे है। आपको बतादे की शिवपुरी धाम मंदिर एक प्राचीन शिव मंदिर है जहाँ 525 शिवलिंग है। जिनपर लोग पूजा अर्चना कर अपनी मन की मुराद पूरी करते है।आज सुबह से ही भक्त गण यहाँ परिवार  के साथ पहुँच रहे है।  शिवरात्रि को लेकर पुलिस ने यहाँ कड़े इंतजाम किए है।शहर के अन्य प्राचीन शिव मंदिरों पर भी लोग पहुँच कर पूजा अर्चना कर रहे है।
    user_Dushyant singh gehlot (journalist)
    Dushyant singh gehlot (journalist)
    पत्रकार लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    21 min ago
  • कोटा मंडल की ऐतिहासिक उपलब्धि: सफल परीक्षण पूरा -10 मिनट में इंजन की सफाई, 75-80% जल पुनर्चक्रण से पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बल कोटा। पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल ने रेलवे इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। तुगलकाबाद विद्युत लोको शेड में देश का पहला स्वचालित लोको धुलाई संयंत्र स्थापित किया गया है। मंडल रेल प्रबंधक अनिल कालरा के मार्गदर्शन में विकसित इस अत्याधुनिक संयंत्र का सफल परीक्षण हाल ही में पूरा किया गया, जिसमें दो विद्युत इंजनों की धुलाई कर इसकी कार्यक्षमता सिद्ध की गई। संयंत्र का औपचारिक कमीशनिंग जल्द ही किया जाएगा। आधुनिक तकनीक से तेज और पर्यावरण अनुकूल सफाई टेक्शन रोलिंग स्टॉक मोहन सिंह मीणा के प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण में स्थापित इस संयंत्र की क्षमता बेहद प्रभावशाली है। एक इंजन की धुलाई में अधिकतम 10 मिनट का समय लगता है। प्रतिदिन न्यूनतम 25 इंजनों की सफाई संभव। प्रति इंजन अधिकतम 350 लीटर ताजे पानी का उपयोग। उपयोग किए गए जल का 75-80 प्रतिशत पुनर्चक्रित किया जाता है। इसके लिए संयंत्र में 20 हजार लीटर क्षमता की भूमिगत जल भंडारण टंकी, दस-दस हजार लीटर क्षमता के सॉफ्ट वाटर एवं पुनर्चक्रित जल टैंक लगाए गए हैं। संयंत्र में आधुनिक यूनिटें स्थापित की गई हैं। जिनमें डिटर्जेंट यूनिट, ब्रशिंग यूनिट, वॉश ऑफ यूनिट, जल शोधन संयंत्र (200 लीटर रेजिन टंकी), अपशिष्ट जल शोधन संयंत्र (200 लीटर रासायनिक टंकी सहित) आदि प्रणालियां मिलकर धुलाई प्रक्रिया को पर्यावरण अनुकूल, टिकाऊ और उच्च मानकों वाली बनाती हैं। रेलवे के लिए महत्वपूर्ण कदम वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि यह संयंत्र इंजनों की धुलाई को तेज, आधुनिक और मानकीकृत बनाएगा। साथ ही जल संरक्षण तथा पर्यावरणीय दायित्वों के निर्वहन में बड़ा योगदान देगा। इससे रखरखाव प्रणाली में गुणवत्ता, समयबद्धता और स्वच्छता के उच्च मानक स्थापित होंगे।
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    कोटा मंडल की ऐतिहासिक उपलब्धि: सफल परीक्षण पूरा
-10 मिनट में इंजन की सफाई, 75-80% जल पुनर्चक्रण से पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बल
कोटा। 
पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल ने रेलवे इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। तुगलकाबाद विद्युत लोको शेड में देश का पहला स्वचालित लोको धुलाई संयंत्र स्थापित किया गया है। 
मंडल रेल प्रबंधक अनिल कालरा के मार्गदर्शन में विकसित इस अत्याधुनिक संयंत्र का सफल परीक्षण हाल ही में पूरा किया गया, जिसमें दो विद्युत इंजनों की धुलाई कर इसकी कार्यक्षमता सिद्ध की गई। संयंत्र का औपचारिक कमीशनिंग जल्द ही किया जाएगा। 
आधुनिक तकनीक से तेज और पर्यावरण अनुकूल सफाई
टेक्शन रोलिंग स्टॉक मोहन सिंह मीणा के प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण में स्थापित इस संयंत्र की क्षमता बेहद प्रभावशाली है।  एक इंजन की धुलाई में अधिकतम 10 मिनट का समय लगता है। प्रतिदिन न्यूनतम 25 इंजनों की सफाई संभव। प्रति इंजन अधिकतम 350 लीटर ताजे पानी का उपयोग। उपयोग किए गए जल का 75-80 प्रतिशत पुनर्चक्रित किया जाता है। इसके लिए संयंत्र में 20 हजार लीटर क्षमता की भूमिगत जल भंडारण टंकी, दस-दस हजार लीटर क्षमता के सॉफ्ट वाटर एवं पुनर्चक्रित जल टैंक लगाए गए हैं। संयंत्र में आधुनिक यूनिटें स्थापित की गई हैं। जिनमें डिटर्जेंट यूनिट, ब्रशिंग यूनिट, वॉश ऑफ यूनिट, जल शोधन संयंत्र (200 लीटर रेजिन टंकी), अपशिष्ट जल शोधन संयंत्र (200 लीटर रासायनिक टंकी सहित) आदि प्रणालियां मिलकर धुलाई प्रक्रिया को पर्यावरण अनुकूल, टिकाऊ और उच्च मानकों वाली बनाती हैं। 
रेलवे के लिए महत्वपूर्ण कदम
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि यह संयंत्र इंजनों की धुलाई को तेज, आधुनिक और मानकीकृत बनाएगा। साथ ही जल संरक्षण तथा पर्यावरणीय दायित्वों के निर्वहन में बड़ा योगदान देगा। इससे रखरखाव प्रणाली में गुणवत्ता, समयबद्धता और स्वच्छता के उच्च मानक स्थापित होंगे।
    user_Ahmed Siraj Farooqi
    Ahmed Siraj Farooqi
    रिपोर्टर लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    40 min ago
  • Post by Kishan Lal jangid
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    Post by Kishan Lal jangid
    user_Kishan Lal jangid
    Kishan Lal jangid
    Real Estate Developer लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    54 min ago
  • कोटा में महाशिवरात्रि के पर्व पर गीता भवन में...गीता सत्संग आश्रम समिति ,एवं शिव भक्त परिवार के संयुक्त तत्वावधान में गीता भवन स्थित श्री सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में 15 एवं 16 फरवरी को भगवान भोलेनाथ का शिवरात्रि उत्सव बड़े हर्षौल्लास से मनाया जा रहा है ,15 फरवरी को भगवान महादेव जी को हल्दी मेंहदी लगाई जाएगी ,साथ ही साथ चारों प्रहर के रुद्राभिषेक रात्रि 9 बजे से प्रातः 5 बजे तक किया जाएगा ,समिति अध्यक्ष गोवर्धन लाल खंडेलवाल एवं नरेंद्र जैन दमदमा वाले ने बताया कि गीता भवन परिसर को आकर्षक रूप से रंगोली से सजाया जा रहा है , उन्होंने बताया कि 16 फरवरी को शिव बारात , स्वागत वर माला ,शिव पार्वती विवाह , हवन ,आदि विधियां संपादित होंगी , आरती एवं प्रसादी से कार्यक्रम की पूर्णाहुति होगी ।।
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    कोटा में महाशिवरात्रि के पर्व पर गीता भवन में...गीता सत्संग आश्रम समिति ,एवं शिव भक्त परिवार के संयुक्त तत्वावधान में गीता भवन स्थित श्री सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में 15 एवं 16 फरवरी को भगवान भोलेनाथ का शिवरात्रि उत्सव बड़े हर्षौल्लास से मनाया जा रहा है ,15 फरवरी को भगवान महादेव जी को हल्दी मेंहदी लगाई जाएगी ,साथ ही साथ चारों प्रहर के रुद्राभिषेक रात्रि 9 बजे से प्रातः 5 बजे तक किया जाएगा ,समिति अध्यक्ष गोवर्धन लाल खंडेलवाल एवं नरेंद्र जैन दमदमा वाले ने बताया कि गीता भवन परिसर को आकर्षक रूप से रंगोली से सजाया जा रहा है , उन्होंने बताया कि 16 फरवरी को शिव बारात , स्वागत वर माला ,शिव पार्वती विवाह , हवन ,आदि विधियां संपादित होंगी , आरती एवं प्रसादी से कार्यक्रम की पूर्णाहुति होगी ।।
    user_Mayur times news
    Mayur times news
    Artist लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    1 hr ago
  • अपने बच्चों का ध्यान रखें और उन्हें अकेला नहीं छोड़े🙏🏻
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    अपने बच्चों का ध्यान रखें और उन्हें अकेला नहीं छोड़े🙏🏻
    user_Rdx Akash Pankaj
    Rdx Akash Pankaj
    Ladpura, Kota•
    1 hr ago
  • रवि सामरिया/उज्जैन/कोटा। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। तड़के ब्रह्ममुहूर्त में विशेष भस्म आरती के साथ पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू हुआ, जिसमें देशभर से आए भक्तों ने बाबा महाकाल के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत सज्जा और फूलों से सजाया गया, जिससे पूरा क्षेत्र शिवमय वातावरण में डूब गया। महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिर प्रशासन द्वारा सुरक्षा और व्यवस्थाओं के विशेष इंतजाम किए गए। लंबी कतारों में खड़े श्रद्धालु “हर हर महादेव” और “जय श्री महाकाल” के जयघोष करते नजर आए। शहर के प्रमुख मार्गों पर भी पुलिस बल तैनात रहा और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, चिकित्सा और विश्राम की व्यवस्था की गई। रात्रि जागरण, भजन-कीर्तन और विशेष रुद्राभिषेक के आयोजन के साथ उज्जैन नगरी पूरी तरह भक्तिरस में सराबोर रही। मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन बाबा महाकाल के दर्शन और पूजा से समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसी आस्था के साथ हजारों श्रद्धालुओं ने महाकाल दरबार में हाजिरी लगाई और प्रदेश सहित देश की खुशहाली की प्रार्थना की।
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    रवि सामरिया/उज्जैन/कोटा। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। तड़के ब्रह्ममुहूर्त में विशेष भस्म आरती के साथ पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू हुआ, जिसमें देशभर से आए भक्तों ने बाबा महाकाल के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत सज्जा और फूलों से सजाया गया, जिससे पूरा क्षेत्र शिवमय वातावरण में डूब गया।
महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिर प्रशासन द्वारा सुरक्षा और व्यवस्थाओं के विशेष इंतजाम किए गए। लंबी कतारों में खड़े श्रद्धालु “हर हर महादेव” और “जय श्री महाकाल” के जयघोष करते नजर आए। शहर के प्रमुख मार्गों पर भी पुलिस बल तैनात रहा और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, चिकित्सा और विश्राम की व्यवस्था की गई।
रात्रि जागरण, भजन-कीर्तन और विशेष रुद्राभिषेक के आयोजन के साथ उज्जैन नगरी पूरी तरह भक्तिरस में सराबोर रही। मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन बाबा महाकाल के दर्शन और पूजा से समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसी आस्था के साथ हजारों श्रद्धालुओं ने महाकाल दरबार में हाजिरी लगाई और प्रदेश सहित देश की खुशहाली की प्रार्थना की।
    user_Ravi Samariya
    Ravi Samariya
    Media house लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • स्पेशल खबर महाशिवरात्रि आगाज टाइम्स कोटा, राजस्थान महाशिवरात्रि पर आस्था का केंद्र बनेगा कोटा का शिवपुरी धाम, 525 शिवलिंगों के दर्शन का विशेष महत्व कोटा। महाशिवरात्रि के पावन पर्व को लेकर शहर सहित आसपास के क्षेत्रों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस अवसर पर कोटा जिले स्थित प्रसिद्ध शिवपुरी धाम श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। यह मंदिर थेगड़ा महादेव मंदिर के नाम से भी देशभर में प्रसिद्ध है। मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यहां स्थापित 525 शिवलिंग हैं। मंदिर परिसर में एक साथ इतने शिवलिंगों की स्थापना इसे प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में विशिष्ट पहचान दिलाती है। मान्यता है कि इन 525 शिवलिंगों के दर्शन मात्र से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। महाशिवरात्रि पर यहां विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु जल, दूध और बेलपत्र अर्पित कर भगवान शिव की आराधना करेंगे। पर्व के दिन मंदिर में सुबह से देर रात तक दर्शन का सिलसिला जारी रहता है और भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलती हैं। शिवपुरी धाम में केवल कोटा ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों और अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। प्राकृतिक वातावरण और हरियाली से घिरा यह स्थल श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति का अनुभव कराता है। धार्मिक आस्था के साथ-साथ यह स्थान अब पर्यटन के रूप में भी विकसित हो रहा है। विशेष अवसरों और छुट्टियों में यहां मेले जैसा माहौल रहता है। स्थानीय लोगों के अनुसार सच्चे मन से की गई प्रार्थना यहां अवश्य फलदायी होती है।
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    स्पेशल खबर महाशिवरात्रि आगाज टाइम्स 
कोटा, राजस्थान 
महाशिवरात्रि पर आस्था का केंद्र बनेगा कोटा का शिवपुरी धाम, 525 शिवलिंगों के दर्शन का विशेष महत्व
कोटा। महाशिवरात्रि के पावन पर्व को लेकर शहर सहित आसपास के क्षेत्रों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस अवसर पर कोटा जिले स्थित प्रसिद्ध शिवपुरी धाम श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। यह मंदिर थेगड़ा महादेव मंदिर के नाम से भी देशभर में प्रसिद्ध है।
मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यहां स्थापित 525 शिवलिंग हैं। मंदिर परिसर में एक साथ इतने शिवलिंगों की स्थापना इसे प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में विशिष्ट पहचान दिलाती है। मान्यता है कि इन 525 शिवलिंगों के दर्शन मात्र से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
महाशिवरात्रि पर यहां विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु जल, दूध और बेलपत्र अर्पित कर भगवान शिव की आराधना करेंगे। पर्व के दिन मंदिर में सुबह से देर रात तक दर्शन का सिलसिला जारी रहता है और भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलती हैं।
शिवपुरी धाम में केवल कोटा ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों और अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। प्राकृतिक वातावरण और हरियाली से घिरा यह स्थल श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति का अनुभव कराता है।
धार्मिक आस्था के साथ-साथ यह स्थान अब पर्यटन के रूप में भी विकसित हो रहा है। विशेष अवसरों और छुट्टियों में यहां मेले जैसा माहौल रहता है। स्थानीय लोगों के अनुसार सच्चे मन से की गई प्रार्थना यहां अवश्य फलदायी होती है।
    user_Dushyant singh gehlot (journalist)
    Dushyant singh gehlot (journalist)
    पत्रकार लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    2 hrs ago
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