मध्य प्रदेश हेड ब्यूरो मंगल देव राठौर की एक खास रिपोर्ट में हॉस्टल में पढ़ रहे एक बच्चे के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार की चेतावनी भरी कहानी सामने आई है। इस रिपोर्ट के ज़रिए माता-पिता और रिश्तेदारों से इस बच्चे को न्याय दिलाने की भावुक अपील की गई है, क्योंकि ऐसी घटनाएँ अक्सर होती रहती हैं और यह माता-पिता के उन सपनों को तोड़ती हैं, जिनमें वे अपने बच्चों को हॉस्टल भेजकर अच्छे संस्कार और शिक्षा की उम्मीद करते हैं। रिपोर्ट में इस घटना से संबंधित एक वीडियो को ज़्यादा से ज़्यादा ग्रुप्स में फ़ॉरवर्ड करने का आह्वान किया गया है, ताकि इस बच्चे के साथ दरिंदगी करने वाले पकड़े जाएँ और हॉस्टल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही, एक हाथ जोड़कर निवेदन किया गया है कि इस वीडियो को सभी समाचार चैनलों पर भी प्रसारित किया जाए। यह रिपोर्ट मांग करती है कि ऐसे अपराधियों को इतनी कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए कि वे हमेशा के लिए शिक्षा से वंचित हो जाएँ, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ न हों और बच्चे को न्याय मिल सके।
मध्य प्रदेश हेड ब्यूरो मंगल देव राठौर की एक खास रिपोर्ट में हॉस्टल में पढ़ रहे एक बच्चे के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार की चेतावनी भरी कहानी सामने आई है। इस रिपोर्ट के ज़रिए माता-पिता और रिश्तेदारों से इस बच्चे को न्याय दिलाने की भावुक अपील की गई है, क्योंकि ऐसी घटनाएँ अक्सर होती रहती हैं और यह माता-पिता के उन सपनों को तोड़ती हैं, जिनमें वे अपने बच्चों को हॉस्टल भेजकर अच्छे संस्कार और शिक्षा की उम्मीद करते हैं। रिपोर्ट में इस घटना से संबंधित एक वीडियो को ज़्यादा से ज़्यादा ग्रुप्स में फ़ॉरवर्ड करने का आह्वान किया गया है, ताकि इस बच्चे के साथ दरिंदगी करने वाले पकड़े जाएँ और हॉस्टल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही, एक हाथ जोड़कर निवेदन किया गया है कि इस वीडियो को सभी समाचार चैनलों पर भी प्रसारित किया जाए। यह रिपोर्ट मांग करती है कि ऐसे अपराधियों को इतनी कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए कि वे हमेशा के लिए शिक्षा से वंचित हो जाएँ, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ न हों और बच्चे को न्याय मिल सके।
- मंदसौर में ईद पर्व के सौहार्दपूर्ण माहौल के बीच, दिनांक 28.05.2026 को पुलिस अधीक्षक श्री विनोद कुमार मीना ने जिले की कानून-व्यवस्था का लगातार जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने पुलिस बल के साथ शहर के संवेदनशील इलाकों और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों का सघन भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान, श्री मीना ने शिवना नदी और आसपास के जलाशयों, जल संग्रहण स्थलों जैसे रामघाट बैराज और कालाभाटा डैम का भी दौरा किया। इस भ्रमण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि कोई भी अवशिष्ट पदार्थ इन जल स्रोतों में न फेंका जाए। उन्होंने मौके पर उपस्थित पुलिस बल को सतर्क और मुस्तैद रहकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के निर्देश भी दिए। इस निरीक्षण में पुलिस अधीक्षक श्री विनोद कुमार मीना के साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मंदसौर श्री टी एस बघेल, एसडीएम श्री शिवलाल शाक्य, नगर पुलिस अधीक्षक श्री जितेंद्र भास्कर, थाना प्रभारी कोतवाली श्री पुष्पेंद्र सिंह राठौर, थाना प्रभारी वाय डी नगर श्री शिवांशु मालवीय और थाना प्रभारी नई आबादी श्री कुलदीप सिंह सहित अन्य पुलिस बल मौजूद रहा।1
- मध्य प्रदेश हेड ब्यूरो मंगल देव राठौर की खास रिपोर्ट के अनुसार, कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने 'भारत माता की जय' बोलने वाले लोगों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत गंभीर मामला दर्ज किया है। इस रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस सरकार के शासनकाल में 'भारत माता की जय' का उद्घोष करना हत्या करने के बराबर का अपराध माना जा रहा है। इस घटनाक्रम को लेकर एक जज की कथित फटकार का भी जिक्र किया गया है। रिपोर्ट में तीखे शब्दों में कहा गया है कि जो लोग आज तक भी कांग्रेस के समर्थक हैं, उन्हें डूब मरना चाहिए। कांग्रेस पार्टी को एक देशद्रोही और गद्दार पार्टी करार देते हुए, इस रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि इस पार्टी का देश से समाप्त होना बेहद आवश्यक है और लोगों से आह्वान किया गया है कि वे जितना जल्दी हो सके एकजुट होकर इस पार्टी का अंत करें।1
- मंदसौर में जिला अधिकारी के नेताओं की भाषा बोलने के कारण आम जनता को अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतरना पड़ा है, जिसकी बानगी तब दिखी जब मासूम बच्चे भी जिला अधिकारी कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हो गए। यह प्रदर्शन विशेष रूप से RTE योजना से संबंधित था। इस घटना ने इस बात पर जोर दिया कि जब सिस्टम में जंग लग जाता है, तो जनता को अपने हक की लड़ाई लड़ने के लिए सड़कों पर उतरना पड़ता है।1
- पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, एक कंटेनर से भारी मात्रा में डोडा चूरा बरामद किया है। बरामद डोडा चूरे की मात्रा 46 क्विंटल बताई गई है।1
- प्रतापगढ़ जिले की आमली खेड़ा ग्राम पंचायत के डोर का खेड़ा विद्यालय से जुड़े एक गंभीर मामले में ग्रामीणों ने बड़ा आरोप लगाया है। ग्रामीणों के अनुसार, विद्यालय विकास के नाम पर बजट राशि तो निकाल ली गई, लेकिन धरातल पर कोई भी कार्य नहीं कराया गया, जिससे पूरे मामले पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में पूर्व सरपंच और ग्राम सचिव को कई बार अवगत कराया था, साथ ही संबंधित अधिकारियों को भी शिकायत देकर मामले की जानकारी दी थी। यहां तक कि जनसुनवाई में भी शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन अब तक इस मामले में न तो कोई जांच हुई और न ही कोई कार्रवाई की गई। इसी उपेक्षा से नाराज़ होकर, ग्रामीणों ने आज मौके पर मीडिया को बुलाकर अपनी नाराजगी व्यक्त की। जब मीडिया द्वारा वर्तमान सरपंच प्रभुलाल से इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यालय का बजट पूर्व सरपंच के कार्यकाल में उठाया गया था। प्रभुलाल ने यह भी कहा कि उन्हें इस मामले की पूरी जानकारी नहीं है और बजट राशि आखिर कहाँ खर्च हुई, यह जांच का विषय है। अब ग्रामीण इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।3
- नीमच जिले के रामपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम सोनड़ी में शासकीय जमीन पर रखी गोबर खाद की रोड़ी हटाने को लेकर दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। यह विवाद इतना बढ़ गया कि लाठी-डंडों और पत्थरों से हुए हमले में एक महिला और एक विकलांग सहित कुल 8 लोग घायल हो गए। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला चिकित्सालय नीमच रेफर किया गया है। पीड़िता राधाबाई, जो गोमा बंजारा की पत्नी हैं, ने एसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनके घर पर एक पारिवारिक कार्यक्रम चल रहा था, तभी गांव के अमर सिंह, वकील और मोतीलाल बंजारा खाद की रोड़ी हटाने लगे। मेहमानों की मौजूदगी का हवाला देकर पीड़ित परिवार ने बाद में रोड़ी हटाने का आग्रह किया, जिस पर आरोपी भड़क गए और गाली-गलौज करने लगे। पीड़ित परिवार के अनुसार, विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने उन पर लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया। इस हमले में गोमा बंजारा के सिर में गंभीर चोट आई, जिसमें 16 टांके लगे हैं, जबकि बीच-बचाव करने आए कुलीचंद, राहुल, बालाबाई, रायसिंह, छगन, मथरीबाई और विकलांग केशुराम भी घायल हो गए। राधाबाई ने एसपी कार्यालय में एडिशनल एसपी नवल सिंह सिसोदिया को सौंपे गए लिखित आवेदन में यह भी आरोप लगाया कि आरोपी अस्पताल पहुंचकर पुलिस रिपोर्ट वापस लेने और राजीनामा करने का दबाव बना रहे हैं। पीड़ित परिवार ने अपनी शिकायत में यह आशंका भी जताई है कि आरोपी पक्ष के लोग धारदार हथियार और तलवारें लहराते हुए बाइक पर घूम रहे हैं और जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। परिवार का कहना है कि आरोपी करीब 200 लोगों को इकट्ठा कर उनके मकानों को नुकसान पहुंचाने और जनहानि करने की साजिश रच रहे हैं। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।1
- नीमच जिले के रतनगढ़ में वार्ड क्रमांक 14 की एक बुजुर्ग महिला मथुरा भील पिछले 15 वर्षों से अपना आधार कार्ड बनवाने के लिए भारी परेशानी का सामना कर रही हैं। आधार कार्ड न होने के कारण उन्हें पेंशन, राशन और आयुष्मान योजना जैसी महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिससे वह इन बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। बीमार बुजुर्ग मथुरा भील इतने लंबे समय से आधार के लिए भटक रही हैं और सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रही हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है और आग्रह किया है कि प्रशासन मथुरा भील को घर पहुंच सेवा प्रदान कर जल्द से जल्द उनका आधार कार्ड बनवाए, ताकि उन्हें इन आवश्यक योजनाओं का लाभ मिल सके।1
- मध्य प्रदेश हेड ब्यूरो मंगल देव राठौर की एक खास रिपोर्ट में हॉस्टल में पढ़ रहे एक बच्चे के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार की चेतावनी भरी कहानी सामने आई है। इस रिपोर्ट के ज़रिए माता-पिता और रिश्तेदारों से इस बच्चे को न्याय दिलाने की भावुक अपील की गई है, क्योंकि ऐसी घटनाएँ अक्सर होती रहती हैं और यह माता-पिता के उन सपनों को तोड़ती हैं, जिनमें वे अपने बच्चों को हॉस्टल भेजकर अच्छे संस्कार और शिक्षा की उम्मीद करते हैं। रिपोर्ट में इस घटना से संबंधित एक वीडियो को ज़्यादा से ज़्यादा ग्रुप्स में फ़ॉरवर्ड करने का आह्वान किया गया है, ताकि इस बच्चे के साथ दरिंदगी करने वाले पकड़े जाएँ और हॉस्टल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही, एक हाथ जोड़कर निवेदन किया गया है कि इस वीडियो को सभी समाचार चैनलों पर भी प्रसारित किया जाए। यह रिपोर्ट मांग करती है कि ऐसे अपराधियों को इतनी कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए कि वे हमेशा के लिए शिक्षा से वंचित हो जाएँ, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ न हों और बच्चे को न्याय मिल सके।1