मध्य प्रदेश के सागर स्थित कलेक्टर कार्यालय परिसर में मंगलवार दोपहर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवक ने अचानक खुद पर पेट्रोल डाल लिया। आत्मदाह का प्रयास करने से पहले युवक ने एक थैले में आग लगाई, जिसमें धार्मिक ग्रंथ रामचरित मानस और कुछ पटाखे रखे थे। पटाखों (सुतली बम) की आवाज़ सुनकर एसडीएम समेत अन्य अधिकारी बाहर आए, जबकि मौके पर मौजूद लोगों ने युवक को खुद को आग लगाने से रोक दिया। इस दौरान करीब पाँच से दस मिनट तक हड़कंप की स्थिति बनी रही, और पुलिस देर से पहुँची। गोपालगंज पुलिस मौके पर पहुँची और युवक को हिरासत में लेकर थाने ले गई। युवक की पहचान जैसीनगर थाना क्षेत्र के घोघरी गाँव निवासी बहादुर चढ़ार के रूप में हुई। बहादुर ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2015 में मोतीनगर निवासी बुंदेल सिंह उर्फ मुन्ना बुंदेला और उसके साथियों ने उसका रास्ता रोककर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की और अमानवीय व्यवहार किया। आरोप है कि आरोपियों ने पहले भोजन में यूरिन मिलाया और फिर उसे वही खाना खिलाया। बहादुर के अनुसार, उसने इस मामले की शिकायत मोतीनगर थाने से लेकर एसपी कार्यालय तक की है, लेकिन कोई कार्रवाई या रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। उसका दावा है कि आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत भी हैं, फिर भी पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। घटना के दौरान युवक ने जोर-जोर से चिल्लाकर सिस्टम पर अपना आक्रोश व्यक्त किया और कहा कि 'जब पिछले 10 साल से मेरी कोई सुनवाई नहीं हो रही है और व्यवस्था में सत्य ही नहीं बचा है, तो ऐसी स्थिति में जीने का क्या मतलब? या तो मुझे इंसाफ दिलाओ या फिर मुझे गोली मार दो।' इसी मानसिक तनाव के चलते उसने खुद को और धार्मिक ग्रंथ को आग लगाने की कोशिश की। कलेक्टर कार्यालय परिसर में धार्मिक ग्रंथ को आग लगाए जाने की इस घटना को लेकर वहाँ मौजूद हिंदू संगठन के पदाधिकारियों ने कड़ा विरोध और नाराजगी जताई। गोपालगंज थाना पुलिस ने युवक का आवेदन स्वीकार करते हुए उसे हिरासत में लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवक के आरोपों और पूरी घटना की बारीकी से जांच की जा रही है, और जांच के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
मध्य प्रदेश के सागर स्थित कलेक्टर कार्यालय परिसर में मंगलवार दोपहर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवक ने अचानक खुद पर पेट्रोल डाल लिया। आत्मदाह का प्रयास करने से पहले युवक ने एक थैले में आग लगाई, जिसमें धार्मिक ग्रंथ रामचरित मानस और कुछ पटाखे रखे थे। पटाखों (सुतली बम) की आवाज़ सुनकर एसडीएम समेत अन्य अधिकारी बाहर आए, जबकि मौके पर मौजूद लोगों ने युवक को खुद को आग लगाने से रोक दिया। इस दौरान करीब पाँच से दस मिनट तक हड़कंप की स्थिति बनी रही, और पुलिस देर से पहुँची। गोपालगंज पुलिस मौके पर पहुँची और युवक को हिरासत में लेकर थाने ले गई। युवक की पहचान जैसीनगर थाना क्षेत्र के घोघरी गाँव निवासी बहादुर चढ़ार के रूप में हुई। बहादुर ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2015 में मोतीनगर निवासी बुंदेल सिंह उर्फ मुन्ना बुंदेला और उसके साथियों ने उसका रास्ता रोककर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की और अमानवीय व्यवहार किया। आरोप है कि आरोपियों ने पहले भोजन में यूरिन मिलाया और फिर उसे वही खाना खिलाया। बहादुर के अनुसार, उसने इस मामले की शिकायत मोतीनगर थाने से लेकर एसपी कार्यालय तक की है, लेकिन कोई कार्रवाई या रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। उसका दावा है कि आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत भी हैं, फिर भी पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। घटना के दौरान युवक ने जोर-जोर से चिल्लाकर सिस्टम पर अपना आक्रोश व्यक्त किया और कहा कि 'जब पिछले 10 साल से मेरी कोई सुनवाई नहीं हो रही है और व्यवस्था में सत्य ही नहीं बचा है, तो ऐसी स्थिति में जीने का क्या मतलब? या तो मुझे इंसाफ दिलाओ या फिर मुझे गोली मार दो।' इसी मानसिक तनाव के चलते उसने खुद को और धार्मिक ग्रंथ को आग लगाने की कोशिश की। कलेक्टर कार्यालय परिसर में धार्मिक ग्रंथ को आग लगाए जाने की इस घटना को लेकर वहाँ मौजूद हिंदू संगठन के पदाधिकारियों ने कड़ा विरोध और नाराजगी जताई। गोपालगंज थाना पुलिस ने युवक का आवेदन स्वीकार करते हुए उसे हिरासत में लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवक के आरोपों और पूरी घटना की बारीकी से जांच की जा रही है, और जांच के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
- बीना में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के साथ-साथ बढ़ती महंगाई के विरोध में मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने 'हल्ला बोल' करते हुए सड़कों पर 'महंगाई पर महाभारत' छेड़ दी। कांग्रेसियों ने ट्रैक्टर, पंजा मशीन और बैलगाड़ी के साथ एक विशाल जुलूस निकाला, जिसमें उन्होंने 'सखी सैंय्या बहुत कमात है, महंगाई डायन खाए जात है' जैसे गीत गाए और महंगाई विरोधी नारे लगाए। यह उग्र प्रदर्शन सर्वोदय चौराहा पर एकत्रित होने के बाद अंबेडकर तिराहा स्थित पेट्रोल पंप तक पहुंचा, जिसके उपरांत कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार अंबर पंथी को सौंपा। इस दौरान जिला ग्रामीण कांग्रेस संगठन मंत्री पी.पी. नायक ने कहा कि डीजल और पेट्रोल की लगातार बढ़ती कीमतें गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के जीवन को मुश्किल बना रही हैं, जिससे आम जनता और किसानों दोनों की स्थिति बिगड़ रही है। शहर अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने अपनी बात रखते हुए कहा कि किसानों को अपनी उपज का सही समय पर उचित दाम नहीं मिल रहा है, और डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ने से रोजमर्रा की खाने-पीने की वस्तुएं भी महंगी हो रही हैं। युवक कांग्रेस अध्यक्ष महेश व्यास ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक पुराने बयान का जिक्र किया, जिसमें मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए कहा था कि जिस देश का रुपया डॉलर के मुकाबले गिरता है, उस देश के प्रधानमंत्री की साख भी गिरती है। व्यास ने प्रधानमंत्री से अपनी साख बचाने का आग्रह करते हुए रसोई गैस, खाने के तेल, दालों, शक्कर और चावल सहित सभी आवश्यक वस्तुओं के दिनों-दिन बढ़ते दामों पर चिंता व्यक्त की। इस प्रदर्शन में निर्भय सिंह ठाकुर, प्रशांत राय, पंकज यादव, भाव सिंह नरेंद्र सिंह ठाकुर, चंद्रशेखर बबलू राज, प्रभु दयाल सोनी, एडवोकेट हरि नारायण कुशवाहा, डॉ देवदत्त तिवारी, निदान जैन, सुखलाल बाबू, ममता अहिरवार, प्रमोद राय, सतीश तिवारी, शिवकुमार, मोतीलाल अहिरवार, उमा महेंद्र नवैया, मोनू खान, खुशी लाल अहिरवार, देवेंद्र नायक, देवेश शाह, राकेश तिवारी एडवोकेट राजा राम अहिरवार, एडवोकेट कृष्णा केथोरिया, मोहिनी कश्यप, कविता नाहर, शिवानी बौद्ध, प्रकाश बजाज, विवेक पोरिया, देवेंद्र कुशवाहा, आलोक कटारिया सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित थे।4
- सागर शहर में भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच, नगर निगम और स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत पेड़ों की लगातार कटाई से नागरिकों में गहरा रोष व्याप्त है। सड़क चौड़ीकरण, निर्माण कार्यों और सौंदर्यीकरण के नाम पर वर्षों पुराने पेड़ों को काटा जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप शहर का पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है। नागरिकों का कहना है कि जिन सड़कों पर कभी घने पेड़ों की छांव रहती थी, वहाँ अब तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण चलना मुश्किल हो गया है। लगातार कम होती हरियाली का सीधा असर शहर के तापमान पर पड़ रहा है, जिससे वातावरण दिन-प्रतिदिन और अधिक गर्म होता जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, बड़े पेड़ प्राकृतिक रूप से तापमान नियंत्रित करने, प्रदूषण कम करने और ऑक्सीजन प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन विकास कार्यों के नाम पर इन पेड़ों को काटने के बाद पर्याप्त संख्या में नए पौधे न तो लगाए जा रहे हैं और न ही उनका संरक्षण किया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि यदि स्मार्ट सिटी परियोजना का उद्देश्य शहर को बेहतर बनाना है, तो फिर हरियाली को खत्म कर कंक्रीट का जंगल क्यों तैयार किया जा रहा है। लोगों का मानना है कि शहर में पहले से ही बढ़ रहा गर्मी का प्रकोप और पेड़ों की अंधाधुंध कटाई आने वाले समय में एक गंभीर पर्यावरणीय संकट पैदा कर सकती है। इसलिए, नागरिक संगठनों और पर्यावरण प्रेमियों ने नगर निगम प्रशासन से आवश्यकता के बिना पेड़ों की कटाई पर तत्काल रोक लगाने और जितने पेड़ काटे जाएं, उससे कई गुना अधिक पौधारोपण कर उनके संरक्षण को सुनिश्चित करने की मांग की है।1
- रीवा में पू. जैन आर्यिका श्री श्रुतमति माता जी और श्री उपशममति माता जी का प्रातः 5:40 बजे पद विहार के दौरान एक ऑल्टो कार चालक द्वारा पीछे से टक्कर मारकर रौंदने और भागने की घटना पर विश्व जैन संगठन ने गंभीर चिंता जताई है। इस घटना में दोनों साध्वियों का समाधिमरण हो गया। संगठन ने दुख और चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि रीवा पुलिस ने अपनी FIR में मात्र BNS धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) दर्ज की है, जबकि जांच अधिकारी ने स्वयं FIR में हत्या की घटना का विवरण लिखा है और वीडियो भी उपलब्ध है। संगठन ने कानूनी प्रक्रिया पर प्रश्नचिह्न खड़ा करते हुए कहा कि FIR में कई महत्वपूर्ण धाराएं दर्ज नहीं की गईं। इनमें इरादतन हत्या के लिए BNS धारा 103, हत्या की साजिश के लिए BNS धारा 61, अन्य श्रावक साध्वी को घायल करने या मारने का प्रयास करने के लिए BNS धारा 109, आरोपी का घटनास्थल से भागने के लिए BNS धारा 238, तथा घायल को सहायता दिए बिना भागने के लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 134 और 187 शामिल हैं। विश्व जैन संगठन ने मांग की है कि आरोपी चालक का नार्को टेस्ट अनिवार्य रूप से कराया जाए ताकि साजिश का खुलासा हो सके। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि उपरोक्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर साजिश का शीघ्र खुलासा नहीं किया गया, तो एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार और पुलिस की होगी।1
- बीना में एक महिला भारती कुशवाहा ने तहसील प्रशासन पर फर्जी नामांतरण और विवादित संपत्ति के मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि उनकी मां के जागेश्वरी कॉलोनी स्थित गली नंबर 6 के तीन मंजिला मकान का नामांतरण रजिस्टर्ड वसीयत को नजरअंदाज करते हुए एक नोटरी वसीयत के आधार पर उनके सौतेले भाई के नाम कर दिया गया। उन्होंने एसडीएम जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि यह प्रक्रिया समय सीमा से पहले पूरी कर दी गई और इसमें मनमानी, भ्रष्टाचार तथा नियम विरुद्ध कार्रवाई की गई। भारती कुशवाहा ने आगे आरोप लगाया कि उन्हें नामांतरण की प्रमाणित प्रति भी उपलब्ध नहीं कराई गई और बिना उचित जांच के प्रशासनिक प्रक्रिया में अनियमितता बरतते हुए मकान उनके सौतेले भाई के नाम दर्ज कर दिया गया। इस मामले में तहसीलदार डॉ. अंबर पंथी का कहना है कि सभी आरोप निराधार हैं। उन्होंने बताया कि संबंधित प्रकरण में आवेदिका की मां का नाम रिकॉर्ड में दर्ज नहीं था, जिसके चलते आवेदन निरस्त कर दिया गया था। तहसीलदार ने कहा कि पूरे मामले में नियमानुसार कार्रवाई की गई है और लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं। उन्होंने आवेदिका को सलाह दी है कि यदि वह निर्णय से संतुष्ट नहीं हैं, तो एसडीएम न्यायालय में अपील कर सकती हैं। वहीं, आवेदिका भारती कुशवाहा ने विवादित संपत्ति की रजिस्ट्री और विक्रय पर रोक लगाने की मांग की है, साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील भी की है।1
- कलेक्ट्रेट परिसर में एक युवक ने जमकर हंगामा किया। इस घटना के दौरान, युवक ने रामचरितमानस ग्रंथ को आग के हवाले कर दिया। इतना ही नहीं, उसने आत्मदाह करने का भी प्रयास किया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।1
- बीना के बजरिया स्थित श्री पार्श्व. दिगम्बर जैन चौवीसी जिनालय के जैन समाज के लोगों ने मंगलवार को नगर पालिका परिषद पहुंचकर मुख्य नगर पालिका अधिकारी राहुल कौरव को ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन एक अजैन व्यक्ति द्वारा 'जैन फूड प्लाजा' नाम से व्यवसाय करने और मांसाहार विक्रय के विरोध में दिया गया, जिससे जैन धर्म की आस्था और समाज की भावनाएं आहत हो रही हैं। जैन समाज ने बताया कि वे सभी अहिंसक और शुद्ध शाकाहारी व्यक्ति हैं, और जैन धर्म में अहिंसा तथा शाकाहार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। उनकी मान्यता है कि 'जैन थाली' या 'जैन भोजनालय' लिखा होने भर से शुद्ध शाकाहारी भोजन की प्रामाणिकता सिद्ध होती है। शिकायत के अनुसार, विगत कुछ सालों से गांधी चौक बीना में किसी अजैन व्यक्ति ने 'जैन फूड प्लाजा' नाम से सब्जी विक्रय की दुकान खोली है। यह व्यक्ति जैन न होते हुए भी भ्रामक जानकारी देकर भोजनालय चला रहा है, जहां मांसाहार पकाया और बेचा जाता है। समाज ने मांग की है कि उक्त व्यक्ति का फूड लाइसेंस चेक किया जाए और भ्रामक जानकारी वाले नाम को बंद कराया जाए, ताकि जैन समाज के बंधुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचे। ज्ञापन सौंपने वालों में एडवोकेट अशोक कुमार जैन, प्रवीण जैन, अंकित जैन, अखिलेश कुमार जैन, अजीत कुमार जैन और मुकेश जैन सहित जैन समाज के अनेक लोग उपस्थित थे, जिन्होंने 'जैन फूड प्लाजा' नाम से अजैन व्यक्ति द्वारा मांसाहार विक्रय को बंद करवाने की मांग की।1
- शनिवार रात खुरई में शहरी थाने से करीब 50 मीटर की दूरी पर उस समय दहशत फैल गई, जब हथियार लहराते बदमाश पुलिस से बचते हुए दिखे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी कर 6 बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया, हालांकि उनके 4 साथी फरार होने में कामयाब रहे। मिली जानकारी के अनुसार, ये बदमाश गंजबासोदा से दो कारों में सवार होकर खुरई पहुंचे थे। गश्त के दौरान पुलिस को इन वाहनों की नंबर प्लेट पर टेप लगा दिखाई दिया, जिस पर संदेह होने के बाद पुलिस ने उनका पीछा किया। थाने के पास एक संकरी गली में कार फंसने पर सभी बदमाश हथियार लेकर भागने लगे, जिसके बाद पुलिस ने उनका पीछा कर उन्हें पकड़ लिया। पूछताछ में सामने आया कि ये आरोपी रिटायर्ड शिक्षक आजम खान के परिवार के साथ हुए एक पुराने विवाद के चलते हत्या की नीयत से खुरई आए थे। पुलिस ने बदमाशों की कारों से कट्टे और धारदार हथियार जब्त किए हैं। बताया गया है कि यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हुई है।1
- सागर जिले के ग्राम हाता गुगवारा में एक गौवंश अत्यंत दर्दनाक और दुर्घटनाग्रस्त अवस्था में सड़क किनारे मिला। प्रतीत होता था कि किसी अज्ञात वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मारकर छोड़ दिया था। गौवंश लहूलुहान, असहाय और तेज धूप में प्यास से तड़प रहा था, जिसे देखकर सभी का हृदय व्यथित हो उठा। इस हृदय विदारक दृश्य के बाद, तुरंत आसपास के लोगों को सूचना देकर एकत्रित किया गया और करुणा रथ को बुलाया गया। सभी लोगों ने मिलकर गौवंश को सावधानीपूर्वक उठाया और उसे करुणा रथ में बैठाकर उपचार के लिए भेजा। डॉक्टरों ने उसकी देखभाल, मरहम-पट्टी और उपचार की व्यवस्था की। इस पुण्य कार्य में आचार्य श्री 108 विध्यासागर दयोदय गौशाला गौरझामर का विशेष योगदान रहा, जो सूचना मिलते ही कुछ ही मिनटों में अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँच गई और घायल गौवंश को समय पर सहायता मिल सकी। यह गौशाला समाधिस्थ आचार्यश्री विद्यासागर जी के मंगल आशीर्वाद से दयोदय संघ द्वारा सागर-नरसिंहपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर गौरझामर में संचालित है और निरंतर 7 वर्षों से एम्बुलेंस एवं स्पॉट पर प्राथमिक उपचार के साथ गौशाला से संचालित अस्पताल के माध्यम से गौसेवा का विशेष उदाहरण बनी हुई है। बाबू लाल यादव कांट्रेक्टर बलवीर जी का भी हृदय से आभार व्यक्त किया गया, जिन्होंने सबसे पहले इस घटना की सूचना दी और अपनी टीम के साथ सहायता हेतु पहुँचे। सभी ग्रामवासियों का भी धन्यवाद किया गया, जो एक पुकार पर तुरंत एकत्रित होकर इस पुण्य कार्य में सहयोगी बने, जिससे एक गौवंश की रक्षा संभव हो सकी। धर्म में गाय को माता का स्थान दिया गया है और गौमाता में करोड़ों देवी-देवताओं का वास माना जाता है। गौमूत्र, गोबर और दूध मानव जीवन के लिए अत्यंत उपयोगी और पवित्र हैं, इसलिए गौधन की रक्षा करना सभी का परम कर्तव्य एवं धर्म है। आचार्य श्री 108 विध्यासागर जी महा मुनिराज और गौ माता की जय के साथ यह सेवा कार्य संपन्न हुआ।1
- सागर जिले के युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और अप्रेंटिसशिप योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के उद्देश्य से शासकीय संभागीय आईटीआई सागर परिसर में “युवा संगम” कार्यक्रम के तहत एक सफल रोजगार और स्वरोजगार मेले का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का संयुक्त तत्वावधान रोजगार कार्यालय सागर, शासकीय संभागीय आई.टी.आई. सागर और जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र सागर ने किया। इस रोजगार मेले में जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से कुल 181 अभ्यर्थियों ने उत्साहपूर्वक अपना पंजीयन कराया। विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों द्वारा प्राथमिक स्तर पर इनमें से 45 अभ्यर्थियों का चयन किया गया। कार्यक्रम में देश और प्रदेश स्तर की 10 से ज्यादा अनेक निजी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिन्होंने अपनी कंपनी नीतियों और अभ्यर्थियों की योग्यता के अनुरूप साक्षात्कार लेकर प्राथमिक चयन किया। चयनित उम्मीदवारों को मौके पर ही ऑफर लेटर भी प्रदान किए गए। इस अवसर पर कई युवाओं ने पहली बार सीधे कॉर्पोरेट सेक्टर से जुड़ने का अनुभव प्राप्त किया, जिससे उनके आत्मविश्वास और रोजगार संभावनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रतिभाशाली युवाओं को स्थानीय और राष्ट्रीय कंपनियों से जोड़ना, उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और स्वरोजगार योजनाओं के प्रति जागरूक करना था। युवाओं ने इस पहल पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी, यह कहते हुए कि उन्हें एक ही छत के नीचे रोजगार पाने के अवसर मिल रहे हैं।4