सागर जिले के ग्राम हाता गुगवारा में एक गौवंश अत्यंत दर्दनाक और दुर्घटनाग्रस्त अवस्था में सड़क किनारे मिला। प्रतीत होता था कि किसी अज्ञात वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मारकर छोड़ दिया था। गौवंश लहूलुहान, असहाय और तेज धूप में प्यास से तड़प रहा था, जिसे देखकर सभी का हृदय व्यथित हो उठा। इस हृदय विदारक दृश्य के बाद, तुरंत आसपास के लोगों को सूचना देकर एकत्रित किया गया और करुणा रथ को बुलाया गया। सभी लोगों ने मिलकर गौवंश को सावधानीपूर्वक उठाया और उसे करुणा रथ में बैठाकर उपचार के लिए भेजा। डॉक्टरों ने उसकी देखभाल, मरहम-पट्टी और उपचार की व्यवस्था की। इस पुण्य कार्य में आचार्य श्री 108 विध्यासागर दयोदय गौशाला गौरझामर का विशेष योगदान रहा, जो सूचना मिलते ही कुछ ही मिनटों में अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँच गई और घायल गौवंश को समय पर सहायता मिल सकी। यह गौशाला समाधिस्थ आचार्यश्री विद्यासागर जी के मंगल आशीर्वाद से दयोदय संघ द्वारा सागर-नरसिंहपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर गौरझामर में संचालित है और निरंतर 7 वर्षों से एम्बुलेंस एवं स्पॉट पर प्राथमिक उपचार के साथ गौशाला से संचालित अस्पताल के माध्यम से गौसेवा का विशेष उदाहरण बनी हुई है। बाबू लाल यादव कांट्रेक्टर बलवीर जी का भी हृदय से आभार व्यक्त किया गया, जिन्होंने सबसे पहले इस घटना की सूचना दी और अपनी टीम के साथ सहायता हेतु पहुँचे। सभी ग्रामवासियों का भी धन्यवाद किया गया, जो एक पुकार पर तुरंत एकत्रित होकर इस पुण्य कार्य में सहयोगी बने, जिससे एक गौवंश की रक्षा संभव हो सकी। धर्म में गाय को माता का स्थान दिया गया है और गौमाता में करोड़ों देवी-देवताओं का वास माना जाता है। गौमूत्र, गोबर और दूध मानव जीवन के लिए अत्यंत उपयोगी और पवित्र हैं, इसलिए गौधन की रक्षा करना सभी का परम कर्तव्य एवं धर्म है। आचार्य श्री 108 विध्यासागर जी महा मुनिराज और गौ माता की जय के साथ यह सेवा कार्य संपन्न हुआ।
सागर जिले के ग्राम हाता गुगवारा में एक गौवंश अत्यंत दर्दनाक और दुर्घटनाग्रस्त अवस्था में सड़क किनारे मिला। प्रतीत होता था कि किसी अज्ञात वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मारकर छोड़ दिया था। गौवंश लहूलुहान, असहाय और तेज धूप में प्यास से तड़प रहा था, जिसे देखकर सभी का हृदय व्यथित हो उठा। इस हृदय विदारक दृश्य के बाद, तुरंत आसपास के लोगों को सूचना देकर एकत्रित किया गया और करुणा रथ को बुलाया गया। सभी लोगों ने मिलकर गौवंश को सावधानीपूर्वक उठाया और उसे करुणा रथ में बैठाकर उपचार के लिए भेजा। डॉक्टरों ने उसकी देखभाल, मरहम-पट्टी और उपचार की व्यवस्था की। इस पुण्य कार्य में आचार्य श्री 108 विध्यासागर दयोदय गौशाला गौरझामर का विशेष योगदान रहा, जो सूचना मिलते ही कुछ ही मिनटों में अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँच गई और घायल गौवंश को समय पर सहायता मिल सकी। यह गौशाला समाधिस्थ आचार्यश्री विद्यासागर जी के मंगल आशीर्वाद से दयोदय संघ द्वारा सागर-नरसिंहपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर गौरझामर में संचालित है और निरंतर 7 वर्षों से एम्बुलेंस एवं स्पॉट पर प्राथमिक उपचार के साथ गौशाला से संचालित अस्पताल के माध्यम से गौसेवा का विशेष उदाहरण बनी हुई है। बाबू लाल यादव कांट्रेक्टर बलवीर जी का भी हृदय से आभार व्यक्त किया गया, जिन्होंने सबसे पहले इस घटना की सूचना दी और अपनी टीम के साथ सहायता हेतु पहुँचे। सभी ग्रामवासियों का भी धन्यवाद किया गया, जो एक पुकार पर तुरंत एकत्रित होकर इस पुण्य कार्य में सहयोगी बने, जिससे एक गौवंश की रक्षा संभव हो सकी। धर्म में गाय को माता का स्थान दिया गया है और गौमाता में करोड़ों देवी-देवताओं का वास माना जाता है। गौमूत्र, गोबर और दूध मानव जीवन के लिए अत्यंत उपयोगी और पवित्र हैं, इसलिए गौधन की रक्षा करना सभी का परम कर्तव्य एवं धर्म है। आचार्य श्री 108 विध्यासागर जी महा मुनिराज और गौ माता की जय के साथ यह सेवा कार्य संपन्न हुआ।
- रीवा में पू. जैन आर्यिका श्री श्रुतमति माता जी और श्री उपशममति माता जी का प्रातः 5:40 बजे पद विहार के दौरान एक ऑल्टो कार चालक द्वारा पीछे से टक्कर मारकर रौंदने और भागने की घटना पर विश्व जैन संगठन ने गंभीर चिंता जताई है। इस घटना में दोनों साध्वियों का समाधिमरण हो गया। संगठन ने दुख और चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि रीवा पुलिस ने अपनी FIR में मात्र BNS धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) दर्ज की है, जबकि जांच अधिकारी ने स्वयं FIR में हत्या की घटना का विवरण लिखा है और वीडियो भी उपलब्ध है। संगठन ने कानूनी प्रक्रिया पर प्रश्नचिह्न खड़ा करते हुए कहा कि FIR में कई महत्वपूर्ण धाराएं दर्ज नहीं की गईं। इनमें इरादतन हत्या के लिए BNS धारा 103, हत्या की साजिश के लिए BNS धारा 61, अन्य श्रावक साध्वी को घायल करने या मारने का प्रयास करने के लिए BNS धारा 109, आरोपी का घटनास्थल से भागने के लिए BNS धारा 238, तथा घायल को सहायता दिए बिना भागने के लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 134 और 187 शामिल हैं। विश्व जैन संगठन ने मांग की है कि आरोपी चालक का नार्को टेस्ट अनिवार्य रूप से कराया जाए ताकि साजिश का खुलासा हो सके। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि उपरोक्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर साजिश का शीघ्र खुलासा नहीं किया गया, तो एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार और पुलिस की होगी।1
- तेंदूखेड़ा नगर पालिका के वार्ड नंबर 9 में सफाई का काम नहीं हो रहा है।1
- बीना के गांधी चौराहे पर स्थित 'जैन फूड प्लाजा' नामक भोजनालय में मांसाहारी भोजन बेचे जाने को लेकर जैन समाज में भारी आक्रोश है। मंगलवार को जैन समाज के लोगों ने इस भोजनालय के खिलाफ सीएमओ राहुल कौरव और बीना थाना प्रभारी अनूप यादव से शिकायत की। समाज का कहना है कि यह 'जैन फूड प्लाजा' एक अजैन व्यक्ति द्वारा चलाया जा रहा है, जो जैन न होते हुए भी भ्रामक जानकारी देकर इस भोजनालय का संचालन कर रहा है। ज्ञापन में जैन समाज ने स्पष्ट किया कि उनके धर्म में अहिंसा और शाकाहार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है और 'जैन थाली' या 'जैन भोजनालय' जैसे नाम शुद्ध शाकाहारी भोजन की प्रामाणिकता दर्शाते हैं। आरोप है कि इस भोजनालय में मांसाहार पकाया और बेचा जाता है, जिससे सभी जैन समाज के लोगों की धार्मिक भावनाएँ आहत हो रही हैं। समाज ने अधिकारियों से उक्त व्यक्ति के फूड लाइसेंस की जाँच करने और भ्रामक जानकारी वाले 'जैन फूड प्लाजा' को तत्काल बंद करने की मांग की। इस दौरान शिकायत सौंपने वालों में प्रमुख रूप से अशोक जैन, अनिल कुमार, अनुराग जैन, अजय जैन, अखलेश जैन, संकल्प सराफ, मुकेश जैन, रविन्द्र जैन और मुकेश सराफ शामिल थे।4
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच गेहूं खरीदी केंद्रों पर लगातार चुनौतीपूर्ण हालात बने हुए हैं। 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच किसान घंटों तक अपनी फसल बेचने के लिए कतारों में खड़े हैं, वहीं गुणवत्ता जांच में लगे सर्वेयर भी जान जोखिम में डालकर अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। गाडरवारा तहसील के स्वामी वेयरहाउस से सामने आए एक वीडियो ने इन मुश्किलों को उजागर कर दिया है, जहाँ गेहूं की गुणवत्ता जांच करते समय एक सर्वेयर को तेज गर्मी के कारण चक्कर आ गया। घटना के बाद, मौके पर मौजूद किसानों और समिति कर्मचारियों ने तुरंत सर्वेयर को संभाला, उन्हें पानी और ओआरएस पिलाकर राहत दी, और तत्काल शासकीय सिविल अस्पताल गाडरवारा पहुँचाया, जहाँ उनका उपचार किया गया। सूचना मिलने पर सुपरवाइजर प्रतिनिधि और आसपास के अन्य वेयरहाउसों के सर्वेयर साथी भी अस्पताल पहुँचे और उनकी स्वास्थ्य जानकारी ली। बताया गया है कि भीषण गर्मी, लगातार धूप और लंबे समय तक खरीदी केंद्रों पर ड्यूटी करने के कारण सर्वेयर की तबीयत बिगड़ी थी। उपचार के बाद उनकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है। जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी अपने अंतिम चरण में है, लेकिन किसानों की आवक अभी भी जारी है, जिससे स्वामी वेयरहाउस सहित कई केंद्रों पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। किसानों का कहना है कि 44 से 45 डिग्री तापमान में खुले मैदान और वेयरहाउस परिसर में काम करना बेहद कठिन है, और लू, चक्कर, उल्टी-दस्त व डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएँ आम हो चुकी हैं। अपनी फसल बेचने की मजबूरी के चलते किसान और समिति कर्मचारी भी इन मुश्किल परिस्थितियों में लगातार काम कर रहे हैं। इस वर्ष नरसिंहपुर जिले में अब तक 24 हजार 463 किसानों से 17 लाख 86 हजार क्विंटल गेहूं की खरीदी की जा चुकी है और लगभग 290 करोड़ रुपए किसानों के खातों में भेजे गए हैं। शासन ने किसानों की सुविधा के लिए खरीदी की अंतिम तिथि 28 मई तक बढ़ा दी है। मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन के माध्यम से तैनात आर बी एसोसिएट्स ग्लोबल कनेक्ट प्राइवेट लिमिटेड के सर्वेयर गुणवत्ता मानकों के अनुसार जांच सुनिश्चित करने में लगे हैं, ताकि अमानक उपज खरीदी में शामिल न हो। प्रतिनिधियों के अनुसार, कई खरीदी केंद्रों पर अमानक उपज को पास कराने के लिए बिचौलियों और संबंधित लोगों द्वारा सर्वेयरों पर दबाव भी बनाया जाता है, जिससे उनके खिलाफ शिकायतें और विवाद की स्थिति भी उत्पन्न होती है। इन चुनौतियों के बावजूद, सर्वेयर लगातार केंद्रों पर डटे हुए हैं और खरीदी व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में सहयोग कर रहे हैं। प्रशासन भी खरीदी केंद्रों की लगातार निगरानी कर रहा है।1
- नरसिंहपुर शहर के विपतपुरा अंडरग्राउंड ब्रिज पर भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से स्थानीय निवासियों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी समस्या को लेकर आज जागरूक नागरिक श्रेयांश गुप्ता ने पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें पुल पर भारी वाहनों, जिनमें बस और ट्रक शामिल हैं, का प्रवेश तत्काल रोकने की मांग की गई है। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि विपतपुरा अंडरग्राउंड ब्रिज पर भारी वाहनों के संचालन पर स्पष्ट प्रतिबंध है और मंगरधा चौराहे पर इस संबंध में सूचना बोर्ड भी लगाए गए हैं। इसके बावजूद, नियमों का उल्लंघन करते हुए भारी वाहन लगातार इस मार्ग का उपयोग कर रहे हैं। शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि पूर्व में भी इस मुद्दे पर समाचार पत्रों में खबरें प्रकाशित हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई है। श्रेयांश गुप्ता ने चिंता व्यक्त की है कि इन भारी वाहनों के कारण आए दिन यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाती है, जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। संकरे मार्ग पर भारी वाहनों के चलने से हर समय किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ज्ञापन के माध्यम से पुलिस अधीक्षक से अपील की गई है कि विपतपुरा अंडरग्राउंड ब्रिज पर भारी वाहनों की आवाजाही को तुरंत बंद किया जाए और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके। नगरवासियों ने प्रशासन से इस समस्या का जल्द और स्थायी समाधान निकालने की गुहार लगाई है।1
- आज नरसिंहपुर कलेक्टर की जनसुनवाई में ग्राम पंचायत बरमान कलां से लगभग एक दर्जन परिवार अपनी शिकायत लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। इन परिवारों ने प्रशासन को बताया कि वे पिछले 20 वर्षों से माँ नर्मदा के किनारे छोटी-छोटी पूजा-प्रसादी और श्रद्धालुओं से जुड़ी दुकानों के माध्यम से अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। पीड़ित परिवारों ने आरोप लगाया कि सियावर आश्रम के महंत गोविंद राजपूत ने उनकी दुकानें तोड़ दीं और दुकानों में रखा नारियल, प्रसाद, अगरबत्ती सहित अन्य सामान बाहर फेंक दिया। उनकी कई दुकानें वहाँ से हटाई भी जा चुकी हैं। दुकानदारों का कहना है कि उन्होंने आश्रम की जमीन से अपनी दुकानें हटाकर पीछे स्थित शासकीय भूमि पर स्थापित कर ली थीं, फिर भी उन्हें लगातार वहाँ से हटाने का दबाव बनाया जा रहा है। परिवारों ने यह भी आरोप लगाया कि जहाँ एक ओर उन्हें उजाड़ा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर हरे-भरे सागौन के पेड़ों को काटकर एक ढाबा संचालक को जगह दी गई है। पीड़ितों ने भावुक होकर बताया कि ये छोटी-सी दुकानें ही उनके परिवार की रोजी-रोटी का एकमात्र सहारा हैं, और कई परिवार इन्हीं दुकानों में रहते व रात गुजारते हैं। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि यदि दुकानें हटा दी गईं, तो उनके छोटे-छोटे बच्चों के साथ बेघर होने की नौबत आ जाएगी। परिवारों ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि वे सेवा भाव से वर्षों से नर्मदा तट पर श्रद्धालुओं और परिक्रमा वासियों की मदद करते आ रहे हैं, यहाँ तक कि कई बार उन्होंने डूबते लोगों की जान भी बचाई है और जरूरतमंद यात्रियों को अपनी दुकानों में रुकने की व्यवस्था भी दी है। जनसुनवाई में पहुंचे इन परिवारों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि उनकी दुकानों को न हटाया जाए और उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन यापन करने का अधिकार दिया जाए।1
- Post by Sourabh Kumar nath1
- सागर जिले के ग्राम हाता गुगवारा में एक गौवंश अत्यंत दर्दनाक और दुर्घटनाग्रस्त अवस्था में सड़क किनारे मिला। प्रतीत होता था कि किसी अज्ञात वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मारकर छोड़ दिया था। गौवंश लहूलुहान, असहाय और तेज धूप में प्यास से तड़प रहा था, जिसे देखकर सभी का हृदय व्यथित हो उठा। इस हृदय विदारक दृश्य के बाद, तुरंत आसपास के लोगों को सूचना देकर एकत्रित किया गया और करुणा रथ को बुलाया गया। सभी लोगों ने मिलकर गौवंश को सावधानीपूर्वक उठाया और उसे करुणा रथ में बैठाकर उपचार के लिए भेजा। डॉक्टरों ने उसकी देखभाल, मरहम-पट्टी और उपचार की व्यवस्था की। इस पुण्य कार्य में आचार्य श्री 108 विध्यासागर दयोदय गौशाला गौरझामर का विशेष योगदान रहा, जो सूचना मिलते ही कुछ ही मिनटों में अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँच गई और घायल गौवंश को समय पर सहायता मिल सकी। यह गौशाला समाधिस्थ आचार्यश्री विद्यासागर जी के मंगल आशीर्वाद से दयोदय संघ द्वारा सागर-नरसिंहपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर गौरझामर में संचालित है और निरंतर 7 वर्षों से एम्बुलेंस एवं स्पॉट पर प्राथमिक उपचार के साथ गौशाला से संचालित अस्पताल के माध्यम से गौसेवा का विशेष उदाहरण बनी हुई है। बाबू लाल यादव कांट्रेक्टर बलवीर जी का भी हृदय से आभार व्यक्त किया गया, जिन्होंने सबसे पहले इस घटना की सूचना दी और अपनी टीम के साथ सहायता हेतु पहुँचे। सभी ग्रामवासियों का भी धन्यवाद किया गया, जो एक पुकार पर तुरंत एकत्रित होकर इस पुण्य कार्य में सहयोगी बने, जिससे एक गौवंश की रक्षा संभव हो सकी। धर्म में गाय को माता का स्थान दिया गया है और गौमाता में करोड़ों देवी-देवताओं का वास माना जाता है। गौमूत्र, गोबर और दूध मानव जीवन के लिए अत्यंत उपयोगी और पवित्र हैं, इसलिए गौधन की रक्षा करना सभी का परम कर्तव्य एवं धर्म है। आचार्य श्री 108 विध्यासागर जी महा मुनिराज और गौ माता की जय के साथ यह सेवा कार्य संपन्न हुआ।1