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शाजापुर जिले के कालापीपल में मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के दौरे की तैयारियाँ की जा रही हैं। जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस दौरे के दौरान 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान में शामिल होंगे। उनके आगमन से पहले, कलेक्टर रिजजु बापना एवं एसपी प्रियंका शुक्ला ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया।
Rajguru News
शाजापुर जिले के कालापीपल में मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के दौरे की तैयारियाँ की जा रही हैं। जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस दौरे के दौरान 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान में शामिल होंगे। उनके आगमन से पहले, कलेक्टर रिजजु बापना एवं एसपी प्रियंका शुक्ला ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया।
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- शाजापुर जिले के कालापीपल में मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के दौरे की तैयारियाँ की जा रही हैं। जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस दौरे के दौरान 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान में शामिल होंगे। उनके आगमन से पहले, कलेक्टर रिजजु बापना एवं एसपी प्रियंका शुक्ला ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया।1
- शाजापुर मुख्यालय पर मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे आयोजित हुए मुख्यमंत्री जनसुनवाई कार्यक्रम के तहत कुल 120 आवेदन प्राप्त हुए। इस जनसुनवाई को जिला पंचायत सीईओ सुश्री मनीषा वास्कले ने संपन्न किया। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर आलोक वर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।1
- मोहन बड़ोदिया पुलिस ने एक सोलर ऊर्जा प्लांट से चोरी हुई कॉपर केबल के मामले का पर्दाफाश किया है, जिसमें 3 लाख रुपये मूल्य की 900 मीटर स्ट्रिंग कॉपर केबल बरामद की गई और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, यह मामला 22 मई 2026 को सामने आया जब एनटीपीसी सोलर ऊर्जा प्लांट के कर्मचारी गजेंद्र सिंह सोंधिया (34 वर्ष), निवासी ग्राम देहरीपाल, ने एक रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 21 मई 2026 की रात में अज्ञात चोरों ने सोलर प्लांट यूनिट-2, ब्लॉक क्रमांक-3, देहरीपाल से 900 मीटर स्ट्रिंग कॉपर केबल चोरी कर ली थी। इस पर थाना मोहन बड़ोदिया में धारा 303(2) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत एक प्रकरण दर्ज कर तुरंत विवेचना शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक प्रियंका शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक घनश्याम मालवीय और अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) शाजापुर अजय कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी उप निरीक्षक अरविंद सिंह तोमर के नेतृत्व में एक पुलिस टीम का गठन किया गया। विवेचना के दौरान, 6 जुलाई 2026 को मुखबिर की सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने फूलसिंह गुर्जर (36 वर्ष), ईश्वर गुर्जर (40 वर्ष), और बाबूलाल गुर्जर (50 वर्ष) को गिरफ्तार किया। ये तीनों ग्राम कृपालपुर (कोल्या), थाना कानड़, जिला आगर मालवा के निवासी हैं। पूछताछ में आरोपियों ने चोरी करने की बात स्वीकार की, जिसके बाद उनकी निशानदेही पर चोरी की गई 900 मीटर स्ट्रिंग कॉपर केबल बरामद कर ली गई, जिसकी अनुमानित कीमत 3 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी उप निरीक्षक अरविंद सिंह तोमर, सहायक उप निरीक्षक लाखन सिंह, आरक्षक सुरेश राठौर, शैलेंद्र गुर्जर, शैलेंद्र शर्मा, शिवचरण दांगी, जुझार सिंह, आरक्षक चालक विष्णु दांगी और अर्जुन बागड़ी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- शाजापुर जिले के मोहन बड़ोदिया क्षेत्र और आसपास के गाँवों में आज अच्छी बारिश हुई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। यह झमाझम बारिश अभी तक लगातार जारी है, जिसका नज़ारा भी देखने को मिल रहा है।1
- मध्य प्रदेश के दतिया जिले में आगामी विधानसभा उपचुनाव के मद्देनजर शांतिपूर्ण, स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शहर में एक फ्लैग मार्च निकाला गया। इस मार्च में जिला प्रशासन सक्रिय रूप से शामिल रहा, जिसमें कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े और एसपी मयूर खंडेलवाल ने भी शिरकत की। फ्लैग मार्च के दौरान आमजन से शांतिपूर्ण और भयमुक्त होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की गई। साथ ही, असमाजिक तत्वों को सख्त संदेश देते हुए चेतावनी दी गई कि यदि उन्होंने शांति भंग करने का प्रयास किया तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1
- मोहन बड़ोदिया के ग्राम मोहना और आसपास के क्षेत्रों में जंगली सूअरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे किसानों की फसलें बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। हाल ही में, ग्राम मोहना में जंगली सूअरों के एक झुंड ने रात के समय खेतों में धावा बोलकर लगभग 5 बीघा क्षेत्र में बोई गई मूंगफली की फसल को पूरी तरह बर्बाद कर दिया। इस घटना से प्रभावित किसानों में पवन जामलिया, जुगल जामलिया, मनोज खाती, पुरुषोत्तम चंद्रवंशी और राजेश फौजी शामिल हैं। किसानों ने बताया कि उन्होंने बड़ी मेहनत और लागत से मूंगफली की बुवाई की थी। समय पर हुई बारिश के कारण फसल अच्छी बढ़ रही थी और उन्हें अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन जंगली सूअरों ने रात में खेतों में घुसकर फसल को उखाड़कर और रौंदकर पूरी तरह नष्ट कर दिया। सुबह खेत पर पहुँचने पर अपनी फसल की स्थिति देखकर किसान स्तब्ध रह गए। उनका कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से जंगली सूअरों का यह आतंक बना हुआ है और बार-बार फसलें बर्बाद होने के बावजूद अभी तक इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है, जिससे उन्हें हर वर्ष आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों ने यह भी बताया कि खेती ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन है और बार-बार फसल नष्ट होने से परिवार का पालन-पोषण करना भी मुश्किल होता जा रहा है। पीड़ित किसानों ने प्रशासन एवं वन विभाग से मांग की है कि नुकसान का तत्काल सर्वे कराया जाए और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। साथ ही, उन्होंने यह भी गुहार लगाई है कि जंगली सूअरों के आतंक से किसानों को राहत दिलाने के लिए प्रभावी एवं स्थायी कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में उनकी फसलें सुरक्षित रह सकें और उनकी मेहनत पर पानी न फिरे।1
- शाजापुर जिले के कालापीपल क्षेत्र के खरदौनकलां गांव में वन्यजीवों की सामूहिक मौत की एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ एक खेत के कुएं में 13 हिरण और एक आवारा श्वान मृत अवस्था में पाए गए। इस घटना का पता रविवार को चला जब खेत मालिक कीटनाशक का छिड़काव करने अपने खेत पर पहुंचे और कुएं से तेज दुर्गंध आने पर नीचे देखने पर उन्होंने बड़ी संख्या में हिरणों के शव देखे। सूचना मिलते ही वन विभाग, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। जाँच में पता चला कि आवारा कुत्तों से बचने के लिए हिरणों के झुंड ने दौड़ लगाई थी, जिसके दौरान वे एक-एक कर क्षतिग्रस्त मुंडेर वाले कुएं में गिर गए। उनका पीछा कर रहा एक आवारा श्वान भी कुएं में गिरने से मर गया। मृत हिरणों में चार नर और नौ मादा शामिल हैं। अधिकारियों ने शवों की स्थिति को देखकर आशंका जताई है कि यह घटना एक से दो दिन पहले हुई होगी। वन विभाग ने नायब तहसीलदार की उपस्थिति में सभी शवों को कुएं से बाहर निकलवाया। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत आवश्यक पोस्टमार्टम कराने के बाद, सभी हिरणों और श्वान का मौके पर ही अंतिम संस्कार कर दिया गया। अधिकारियों ने इस पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है, और मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी। यह उल्लेख करना महत्वपूर्ण है कि कालापीपल क्षेत्र हिरणों की बड़ी आबादी के लिए जाना जाता है, और लगभग दो महीने पहले ही यहाँ से करीब 800 हिरणों को अन्य वन अभयारण्यों में स्थानांतरित किया गया था। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने एक बार फिर वन्यजीव संरक्षण और खुले, असुरक्षित कुओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- आगर-मालवा की कलेक्टर श्रीमती प्रीति यादव ने मंगलवार, 07 जुलाई 2026 को विकासखंड आगर के ग्राम खजूरी कानड़ का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने युवा उद्यमी श्री ईश्वर राठौर द्वारा संचालित मधुमक्खी पालन इकाई और कैंडी निर्माण उद्योग का गहनता से निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय, कलेक्टर ने उद्यमी श्री राठौर से मधुमक्खी पालन की वैज्ञानिक प्रक्रिया, शहद उत्पादन के तरीके, विपणन रणनीतियों, कैंडी निर्माण की लागत, स्थापित मशीनरी, कैंडी बनाने की विधि और उत्पादित कैंडी के विक्रय के लिए उपलब्ध बाजारों तथा इससे हो रहे लाभ के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। श्रीमती यादव ने मधुमक्खी पालन के साथ-साथ मूल्य संवर्धन कर कैंडी निर्माण उद्योग को सफलतापूर्वक संचालित करने और लाभ अर्जित करने के लिए युवा उद्यमी श्री राठौर की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि श्री ईश्वर राठौर जैसे युवा उद्यमी जिले के अन्य युवाओं और स्वयं सहायता समूहों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं, क्योंकि मधुमक्खी पालन जैसी कम लागत वाली कृषि आधारित गतिविधि से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार की अपार संभावनाएं हैं। कलेक्टर ने उद्यानिकी और कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे सफल उद्यमियों के मॉडल को पूरे जिले में प्रदर्शित किया जाए। उनका उद्देश्य था कि अधिक से अधिक किसानों और युवाओं को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा सके। इस निरीक्षण के अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री बी.एस. सोलंकी, सहायक संचालक जनसंपर्क श्री जगदीश चंद्र मालवीय, अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और ग्रामीण जन उपस्थित थे।2