कुरई थाना क्षेत्र की बादलपार चौकी के अंतर्गत आने वाले विजयपानी गांव में कथित रूप से चल रहा अवैध तंबाकू कारोबार इन दिनों जिले भर में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, गांव के दो भाई लगभग 6 चक्की मशीनों का उपयोग कर तंबाकू में चूना मिलाकर बड़े पैमाने पर गुटखा जैसा मिश्रण तैयार कर रहे हैं। इस मिश्रण को प्रतिबंधित प्लास्टिक की बिना लेबल वाली पुड़ियों में पैक कर बोलेरो वाहनों के माध्यम से जिले भर के गांवों, शहरों और छोटी-बड़ी किराना एवं पान की दुकानों तक पहुँचाया जा रहा है। इस मामले पर प्रशासनिक चुप्पी भी लोगों के बीच सवाल खड़े कर रही है, क्योंकि ग्रामीणों का कहना है कि यह कारोबार लंबे समय से खुलेआम चल रहा है, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। जानकारी के मुताबिक, तंबाकू पीसने के लिए लगाई गई बड़ी चक्की मशीनें कथित रूप से घरेलू विद्युत कनेक्शन से चलाई जा रही थीं। लगभग 6 किलोवाट क्षमता तक की मशीनें घरेलू लाइन पर संचालित पाई गईं। हाल ही में विद्युत विभाग ने मौके पर पहुँचकर जांच की और पंचनामा तैयार कर कार्रवाई शुरू की। प्रमोद करोले, जे.ई. बादलपार के अनुसार, अर्जुन डहरिया के घर पर छह प्रकार की मशीनें मिलीं, जो घरेलू कनेक्शन से गैर-घरेलू उपयोग के लिए चलाई जा रही थीं, जिस पर ₹35,358 का ऑनलाइन पंचनामा जुर्माना लगाया गया। बादलपार चौकी प्रभारी इंजन सिंह मर्सकोले ने भी पुष्टि की है कि कारोबारियों के घर पर सुपारी-तंबाकू से संबंधित मशीनें मिली हैं, लेकिन उन्होंने कार्रवाई में आपत्ति पर सवाल उठाया। तंबाकू उत्पादों के निर्माण और बिक्री के लिए आवश्यक विभिन्न लाइसेंस व पंजीयन न होने पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। नियमों के तहत सिगरेट, गुटखा या अन्य तंबाकू उत्पाद बेचने के लिए स्थानीय निकाय या स्वास्थ्य विभाग से अनुमति अनिवार्य होती है, और बिना लेबल, ब्रांड या वैधानिक चेतावनी के इनकी बिक्री कई नियमों का उल्लंघन है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि तंबाकू पीसने के दौरान निकलने वाला धूलकण आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है, जिससे सांस संबंधी बीमारियाँ, एलर्जी और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। सूत्रों से यह भी जानकारी मिली है कि कारोबारियों द्वारा संबंधित विभाग को मासिक भुगतान किया जाता है, जिसके कारण आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि यह कारोबार बिना अनुमति के चल रहा है, तो संबंधित विभागों को संयुक्त जांच कर सच्चाई सामने लानी चाहिए। तंबाकू सेवन से कैंसर, हृदय रोग और फेफड़ों की गंभीर बीमारियाँ होने का खतरा होता है, गुटखा और तंबाकू से मुंह का कैंसर कई गुना बढ़ जाता है, और तंबाकू का धूलकण बच्चों व बुजुर्गों के स्वास्थ्य के लिए विशेष रूप से हानिकारक होता है। सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए इस अवैध तंबाकू कारोबार पर रोक लगाना अत्यंत आवश्यक है।
कुरई थाना क्षेत्र की बादलपार चौकी के अंतर्गत आने वाले विजयपानी गांव में कथित रूप से चल रहा अवैध तंबाकू कारोबार इन दिनों जिले भर में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, गांव के दो भाई लगभग 6 चक्की मशीनों का उपयोग कर तंबाकू में चूना मिलाकर बड़े पैमाने पर गुटखा जैसा मिश्रण तैयार कर रहे हैं। इस मिश्रण को प्रतिबंधित प्लास्टिक की बिना लेबल वाली पुड़ियों में पैक कर बोलेरो वाहनों के माध्यम से जिले भर के गांवों, शहरों और छोटी-बड़ी किराना एवं पान की दुकानों तक पहुँचाया जा रहा है। इस मामले पर प्रशासनिक चुप्पी भी लोगों के बीच सवाल खड़े कर रही है, क्योंकि ग्रामीणों का कहना है कि यह कारोबार लंबे समय से खुलेआम चल रहा है, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। जानकारी के मुताबिक, तंबाकू पीसने के लिए लगाई गई बड़ी चक्की मशीनें कथित रूप से घरेलू विद्युत कनेक्शन से चलाई जा रही थीं। लगभग 6 किलोवाट क्षमता तक की मशीनें घरेलू लाइन पर संचालित पाई गईं। हाल ही में विद्युत विभाग ने मौके पर पहुँचकर जांच की और पंचनामा तैयार कर कार्रवाई शुरू की। प्रमोद करोले, जे.ई. बादलपार के अनुसार, अर्जुन डहरिया के घर पर छह प्रकार की मशीनें मिलीं, जो घरेलू कनेक्शन से गैर-घरेलू उपयोग के लिए चलाई जा रही थीं, जिस पर ₹35,358 का ऑनलाइन पंचनामा जुर्माना लगाया गया। बादलपार चौकी प्रभारी इंजन सिंह मर्सकोले ने भी पुष्टि की है कि कारोबारियों के घर पर
सुपारी-तंबाकू से संबंधित मशीनें मिली हैं, लेकिन उन्होंने कार्रवाई में आपत्ति पर सवाल उठाया। तंबाकू उत्पादों के निर्माण और बिक्री के लिए आवश्यक विभिन्न लाइसेंस व पंजीयन न होने पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। नियमों के तहत सिगरेट, गुटखा या अन्य तंबाकू उत्पाद बेचने के लिए स्थानीय निकाय या स्वास्थ्य विभाग से अनुमति अनिवार्य होती है, और बिना लेबल, ब्रांड या वैधानिक चेतावनी के इनकी बिक्री कई नियमों का उल्लंघन है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि तंबाकू पीसने के दौरान निकलने वाला धूलकण आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है, जिससे सांस संबंधी बीमारियाँ, एलर्जी और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। सूत्रों से यह भी जानकारी मिली है कि कारोबारियों द्वारा संबंधित विभाग को मासिक भुगतान किया जाता है, जिसके कारण आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि यह कारोबार बिना अनुमति के चल रहा है, तो संबंधित विभागों को संयुक्त जांच कर सच्चाई सामने लानी चाहिए। तंबाकू सेवन से कैंसर, हृदय रोग और फेफड़ों की गंभीर बीमारियाँ होने का खतरा होता है, गुटखा और तंबाकू से मुंह का कैंसर कई गुना बढ़ जाता है, और तंबाकू का धूलकण बच्चों व बुजुर्गों के स्वास्थ्य के लिए विशेष रूप से हानिकारक होता है। सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए इस अवैध तंबाकू कारोबार पर रोक लगाना अत्यंत आवश्यक है।
- सिवनी में पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी के निर्देशन में पुलिस लाइन में संचालित 'सृजन' कार्यक्रम के तहत बच्चों के लिए एक स्वास्थ्य जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना था, जहाँ उन्हें कई महत्वपूर्ण सीख दी गईं। इस सत्र में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. आकांक्षा पांडे ने बच्चों को फास्ट फूड और मोबाइल से दूरी बनाए रखने, हरी सब्जियों का सेवन करने तथा पर्याप्त मात्रा में पानी पीकर हाइड्रेटेड रहने की सलाह दी। डॉ. पांडे ने विशेष रूप से 9 से 14 वर्ष की बालिकाओं को शासकीय अस्पताल में उपलब्ध सर्वाइकल कैंसर का निःशुल्क टीका लगवाने के लिए प्रेरित किया। स्वास्थ्य सत्र के समापन के बाद, बच्चों के बीच टीम भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक वॉलीबॉल मैच का भी आयोजन किया गया। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान महिला थाना प्रभारी संदीपिका ठाकुर सहित कई पुलिस स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।1
- बस स्टैंड पर आयोजित एक भक्तिमय भजन संध्या में नेत्रहीन कलाकारों ने अपनी सुरमयी प्रस्तुति से सभी का दिल जीत लिया। इस अनूठे आयोजन के दौरान, बस स्टैंड एक जीवंत मंच में तब्दील हो गया, जहाँ इन प्रतिभाशाली कलाकारों ने अपनी मनमोहक गायकी से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।1
- मध्य प्रदेश के सिवनी जिले की कुरई तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत खांखरा में शासकीय भूमि पर कथित अवैध कब्जे और सागौन के पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर अब तक दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई न होने से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। यह मामला सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई तक भी पहुँच चुका है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। प्रारंभिक जांच में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण की बात सामने आने के बावजूद, कार्रवाई केवल कागजों तक ही सीमित दिख रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना विधिवत सीमांकन के ही पंचनामा तैयार कर मामले में सिर्फ खानापूर्ति की गई है। इस स्थिति ने राजस्व विभाग की भूमिका को भी संदेह के घेरे में ला दिया है। ग्रामीण यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर किसके संरक्षण में सरकारी जमीन पर कब्जा होता रहा और सागौन जैसे कीमती पेड़ों की कटाई कर दी गई? साथ ही, यह भी पूछा जा रहा है कि क्या पूरे मामले को अधिकारियों की मिलीभगत से दबाने का प्रयास किया जा रहा है और क्या जिम्मेदार अधिकारी धृतराष्ट्र बनकर सब कुछ देखते हुए भी अनदेखा कर रहे हैं? सूत्रों के अनुसार, यह मामला अब राजस्व और वन विभाग की संयुक्त जांच तक पहुँच गया है। हालांकि, ग्रामीणों का साफ कहना है कि जब तक निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक सरकारी जमीनों पर कब्जे का यह खेल नहीं रुकेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल अतिक्रमण हटाने, अवैध कटाई की जांच कराने और दोषियों के साथ-साथ लापरवाह अधिकारियों पर भी कार्रवाई करने की मांग की है।1
- कोसुंबा-बांडारेव सड़क मार्ग पिछले तीन माह से अधूरा पड़ा है, जिसके कारण स्थानीय ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- छिंदवाड़ा जिले की बिछुआ तहसील के खदवेली में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां कुछ ज़मीन ख़रीदने वाले कथित तौर पर ग़ैरक़ानूनी तरीक़े से खसरा-खतौनी हटाकर ज़मीनें ख़रीद रहे हैं। इन ज़मीन ख़रीदने वालों पर झगड़ा करने और दबंगई दिखाने का आरोप है। यह सब राजस्व विभाग के साथ 'सेटिंग' करके किया जा रहा है, जिसके चलते क्षेत्र में ज़मीन और सीमा से जुड़े विवाद लगातार बढ़ रहे हैं।1
- आज शाम करीब 5 बजे बालाघाट शहर और उसके आसपास के क्षेत्रों में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया, जहां तेज तापमान के बीच तूफान, तेज आंधी और बारिश का कहर देखने को मिला। लगभग 30 मिनट तक चली इस तेज आंधी, तूफान और बारिश के कारण सड़क किनारे कई पेड़ गिर गए, जिससे अनेक मार्ग अवरुद्ध हो गए और आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ। इसके साथ ही, बिजली आपूर्ति भी ठप पड़ गई। शहर में आए इस अचानक बदलाव से 'नवतपा' के दौरान तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिसने स्थानीय निवासियों को उमस से काफी सुकून दिया। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि स्थानीय स्तर पर बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण जिले और आसपास के इलाकों में यह मौसमी बदलाव देखा गया है। उन्होंने अगले तीन-चार दिनों तक जिले की अन्य तहसीलों में भी इसी तरह आंधी, तूफान और बारिश की संभावना जताई है। नवतपा के छठे दिन जमकर बरसे बादलों ने बालाघाट शहर में बारिश का कहर बरपाया, जिससे तेज आंधी-तूफान के कारण सड़कें बाधित हुईं और बिजली आपूर्ति भी ठप रही।1
- आदिवासी समाज ने 'वनवासी' शब्द के इस्तेमाल पर गहरा विरोध दर्ज कराया है। यह विरोध बालाघाट में एक जनसभा के आयोजन के बाद निकाली गई एक रैली के माध्यम से स्पष्ट रूप से सामने आया। आदिवासी समाज ने इस मामले में अमित शाह से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और संबंधितों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है।1
- एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक 14 वर्षीय नाबालिग करीब पाँच माह की गर्भवती हो गई है। इस मामले में, एक 50 वर्षीय युवक पर नाबालिग से दुष्कर्म करने का आरोप लगा है, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।1