यूपी, कानपुर नगर Panipat Kranti news NEWS ग्वालटोली क्षेत्र निवासी खुशी गुप्ता का जीवन उ.प्र. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आशीर्वाद से खुशियों में बदला 19 साल बाद कानपुर की मूक-बधिर बेटी खुशी गुप्ता की ज़िंदगी में खुशियों की आवाज़ गूंज उठी। जन्म से न सुन पाने और न बोल पाने वाली 20 वर्षीय खुशी आज सुन और बोल भी सकती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने की जिद और 90 किलोमीटर पैदल सफ़र,जहां मुख्यमंत्री से मुलाकात उसके जीवन का बना टर्निंग पॉइंट। खुशी के मुंह से निकले पहले शब्द “थैंक्यू योगी जी” ने हर शहरवासियों को कर दिया भावुक। मुख्यमंत्री से मिलने के बाद बच्ची के इलाज़ के दिए गए निर्देश पर कराए गए कोक्लियर इम्प्लांट ऑपरेशन के बाद अब खुशी की सुनने-बोलने की क्षमता लौट आई। डॉक्टरों के अनुसार, आने वाले कुछ महीनों में वह सामान्य बच्चों की तरह कर सकेगी बातचीत। कभी इशारों में बात करने वाली खुशी अब अपने सपनों को देने लगी है सुनहरे शब्द। यह कहानी सिर्फ इलाज की नहीं, बल्कि संवेदनशील शासन, मानवीय पहल और उम्मीद की जीत की गाथा है,जहां 19 साल की खामोशी टूट गई और ज़िंदगी बोल उठी।
यूपी, कानपुर नगर Panipat Kranti news NEWS ग्वालटोली क्षेत्र निवासी खुशी गुप्ता का जीवन उ.प्र. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आशीर्वाद से खुशियों में बदला 19 साल बाद कानपुर की मूक-बधिर बेटी खुशी गुप्ता की ज़िंदगी में खुशियों की आवाज़ गूंज उठी। जन्म से न सुन पाने और न बोल पाने वाली 20 वर्षीय खुशी आज सुन और बोल भी सकती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने की जिद और 90 किलोमीटर पैदल सफ़र,जहां मुख्यमंत्री से मुलाकात उसके जीवन का बना टर्निंग पॉइंट। खुशी के मुंह से निकले पहले शब्द “थैंक्यू योगी जी” ने हर शहरवासियों को कर दिया भावुक। मुख्यमंत्री से मिलने के बाद बच्ची के इलाज़ के दिए गए निर्देश पर कराए गए कोक्लियर इम्प्लांट ऑपरेशन के बाद अब खुशी की सुनने-बोलने की क्षमता लौट आई। डॉक्टरों के अनुसार, आने वाले कुछ महीनों में वह सामान्य बच्चों की तरह कर सकेगी बातचीत। कभी इशारों में बात करने वाली खुशी अब अपने सपनों को देने लगी है सुनहरे शब्द। यह कहानी सिर्फ इलाज की नहीं, बल्कि संवेदनशील शासन, मानवीय पहल और उम्मीद की जीत की गाथा है,जहां 19 साल की खामोशी टूट गई और ज़िंदगी बोल उठी।
- यूपी, कानपुर नगर Panipat Kranti news NEWS ग्वालटोली क्षेत्र निवासी खुशी गुप्ता का जीवन उ.प्र. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आशीर्वाद से खुशियों में बदला 19 साल बाद कानपुर की मूक-बधिर बेटी खुशी गुप्ता की ज़िंदगी में खुशियों की आवाज़ गूंज उठी। जन्म से न सुन पाने और न बोल पाने वाली 20 वर्षीय खुशी आज सुन और बोल भी सकती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने की जिद और 90 किलोमीटर पैदल सफ़र,जहां मुख्यमंत्री से मुलाकात उसके जीवन का बना टर्निंग पॉइंट। खुशी के मुंह से निकले पहले शब्द “थैंक्यू योगी जी” ने हर शहरवासियों को कर दिया भावुक। मुख्यमंत्री से मिलने के बाद बच्ची के इलाज़ के दिए गए निर्देश पर कराए गए कोक्लियर इम्प्लांट ऑपरेशन के बाद अब खुशी की सुनने-बोलने की क्षमता लौट आई। डॉक्टरों के अनुसार, आने वाले कुछ महीनों में वह सामान्य बच्चों की तरह कर सकेगी बातचीत। कभी इशारों में बात करने वाली खुशी अब अपने सपनों को देने लगी है सुनहरे शब्द। यह कहानी सिर्फ इलाज की नहीं, बल्कि संवेदनशील शासन, मानवीय पहल और उम्मीद की जीत की गाथा है,जहां 19 साल की खामोशी टूट गई और ज़िंदगी बोल उठी।1
- जुलाना: गणतंत्र दिवस समारोह में हुई अनदेखी को लेकर क्षेत्र के पूर्व सैनिकों में रोष देखने को मिला। इस संबंध में पूर्व सैनिकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) को ज्ञापन सौंपकर अपनी पीड़ा से अवगत कराया। पूर्व सैनिकों ने मांग की है कि गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्वों के आयोजन में उन्हें भी सम्मानपूर्वक आमंत्रित किया जाए और कार्यक्रमों में उचित स्थान दिया जाए। पूर्व सैनिकों ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि उन्होंने अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा देश की सेवा में समर्पित किया है। सीमाओं की रक्षा से लेकर आंतरिक सुरक्षा तक, उन्होंने हर परिस्थिति में राष्ट्र के लिए कर्तव्य निभाया है। ऐसे में राष्ट्रीय पर्वों पर उनकी उपेक्षा होना उन्हें आहत करता है। उन्होंने कहा कि देश के अधिकांश स्थानों पर पूर्व सैनिकों को इन आयोजनों में अग्रिम पंक्ति में बैठाया जाता है और सम्मान दिया जाता है, लेकिन जुलाना में गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान उन्हें नजरअंदाज किया गया, जिससे वे स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। पूर्व सैनिकों का कहना है कि राष्ट्रीय पर्व केवल औपचारिक आयोजन नहीं होते, बल्कि ये देश की एकता, अखंडता और बलिदान की भावना के प्रतीक होते हैं। ऐसे आयोजनों में पूर्व सैनिकों की उपस्थिति युवाओं को प्रेरणा देती है और राष्ट्रभक्ति का संदेश मजबूत होता है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि भविष्य में इस प्रकार की अनदेखी न हो और पूर्व सैनिकों को सम्मानजनक स्थान प्रदान किया जाए। एसडीएम होशियार सिंह ने पूर्व सैनिकों की बात को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी भावनाओं का सम्मान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य किसी की अनदेखी करना नहीं है और यदि किसी कारणवश ऐसा हुआ है तो उसे सुधारा जाएगा। एसडीएम ने भरोसा दिलाया कि आगामी गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस और अन्य राष्ट्रीय कार्यक्रमों में पूर्व सैनिकों को विशेष रूप से आमंत्रित किया जाएगा और उन्हें पूरा सम्मान दिया जाएगा। फोटो कैप्शन: 5 जुलाना 01: एसडीएम को ज्ञापन सौंपते पूर्व सैनिक।1
- Post by Sahid Aalam1
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- Lko Big Breaking आशा और आकांक्षाओं का प्रतीक ये बजट है जिसमें नए भारत और विकसित भारत की संकल्पना की दृष्टि स्पष्ट दिखाई देती है CM आयुष और स्वास्थ्य क्षेत्र पर जोर देना CM महिलाओं के लिए हर जनपद में छात्रावास के निर्माण की व्यवस्था CM नौजवानों के लिए हर क्षेत्र में अवसर के साथ-साथ अलग-अलग क्षेत्र में रिफॉर्म का बजट पेश किया गया है CM भारत की अर्थव्यवस्था को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए ये बजट मददगार साबित होगा CM1