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देवरिया में स्टंटबाज़ी का तांडव, प्रशासन को खुली चुनौती देवरिया जिले में युवाओं के सिर पर स्टंटबाज़ी का नशा इस कदर चढ़ चुका है कि अब यह आम लोगों की जान के लिए खतरा बनता जा रहा है। हम आपको जो तस्वीरें दिखा रहे हैं, वो देवरिया के सूरज टॉकीज इलाके की हैं, जहां दिनदहाड़े दो युवक तेज रफ्तार बाइक से खुलेआम स्टंट करते नजर आ रहे हैं। तेज आवाज, लहराती बाइक और खतरनाक करतब—इन स्टंटबाज़ों की वजह से सड़क पर चल रहे लोग दहशत में आ जाते हैं। महिलाएं और बुजुर्ग डर के मारे रुक जाते हैं, लेकिन स्टंट करने वालों को न अपनी जान की चिंता है और न ही दूसरों की सुरक्षा की। सबसे बड़ा सवाल यह है कि ऐसे संवेदनशील इलाके में लगातार हो रही इस स्टंटबाज़ी पर प्रशासन की नजर क्यों नहीं पड़ रही? क्या किसी बड़ी दुर्घटना का इंतज़ार किया जा रहा है? अब देखना यह होगा कि पुलिस और प्रशासन कब इन बेलगाम स्टंटबाज़ों पर लगाम कसता है।

2 days ago
user_Reporteramit
Reporteramit
Journalist देवरिया, देवरिया, उत्तर प्रदेश•
2 days ago

देवरिया में स्टंटबाज़ी का तांडव, प्रशासन को खुली चुनौती देवरिया जिले में युवाओं के सिर पर स्टंटबाज़ी का नशा इस कदर चढ़ चुका है कि अब यह आम लोगों की जान के लिए खतरा बनता जा रहा है। हम आपको जो तस्वीरें दिखा रहे हैं, वो देवरिया के सूरज टॉकीज इलाके की हैं, जहां दिनदहाड़े दो युवक तेज रफ्तार बाइक से खुलेआम स्टंट करते नजर आ रहे हैं। तेज आवाज, लहराती बाइक और खतरनाक करतब—इन स्टंटबाज़ों की वजह से सड़क पर चल रहे लोग दहशत में आ जाते हैं। महिलाएं और बुजुर्ग डर के मारे रुक जाते हैं, लेकिन स्टंट करने वालों को न अपनी जान की चिंता है और न ही दूसरों की सुरक्षा की। सबसे बड़ा सवाल यह है कि ऐसे संवेदनशील इलाके में लगातार हो रही इस स्टंटबाज़ी पर प्रशासन की नजर क्यों नहीं पड़ रही? क्या किसी बड़ी दुर्घटना का इंतज़ार किया जा रहा है? अब देखना यह होगा कि पुलिस और प्रशासन कब इन बेलगाम स्टंटबाज़ों पर लगाम कसता है।

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  • जल निगम की लापरवाही से रोज़ हजारों लीटर शुद्ध पेयजल बर्बाद, इंदौर जैसी घटना के इंतज़ार में देवरिया प्रशासन? देवरिया जिले के नगर पालिका परिषद क्षेत्र अंतर्गत उमा नगर पश्चिमी, सीसी रोड पर जल निगम विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। शहर के पानी की निकासी के लिए बनाए जा रहे बड़े नाले के निर्माण के दौरान घरों को सप्लाई होने वाली पानी की बाइप लाइन टूट गई। इसके बाद से बीते एक सप्ताह से लगातार हजारों लीटर शुद्ध पेयजल सड़कों पर बह रहा है। एक ओर सरकार जल संरक्षण को लेकर “जल ही जीवन है” जैसे नारे दे रही है, तो वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार विभागों की अनदेखी से पीने का अमृत समान पानी खुलेआम बर्बाद हो रहा है। पाइप लाइन टूटने से जहां कई घरों में पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई है, वहीं दूसरी ओर क्षतिग्रस्त लाइन से आगे दूषित पानी की सप्लाई हो रही है। इससे स्थानीय लोगों में मध्य प्रदेश के इंदौर जैसी घटना को लेकर दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने कई बार जल निगम और नगर पालिका परिषद में शिकायत की, लेकिन न तो जल निगम और न ही नगर पालिका की ओर से अब तक कोई मरम्मत कार्य कराया गया। करीब एक सप्ताह से पाइप लाइन से लगातार रिसाव हो रहा है, जिससे रोज़ाना हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। पानी के लगातार बहाव के कारण सड़क पर जलजमाव हो गया है। इससे स्थानीय लोगों, खासकर महिलाओं और बच्चों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। वहीं पाइप लाइन फटने से कई घरों में गंदा और दूषित पानी पहुंच रहा है, जिससे गंभीर बीमारियों का खतरा बना हुआ है। लोग काफी भयभीत नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मध्य प्रदेश के इंदौर में हुए बड़े हादसे के बाद भी देवरिया जिला प्रशासन सबक लेने को तैयार नहीं दिख रहा। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी के इंतज़ार में है। गौरतलब है कि हाल ही में मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो गई थी, जबकि करीब 200 लोग बीमार पड़े थे, जिनका इलाज अब भी जारी है। मामला अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ है, लेकिन देवरिया प्रशासन की लापरवाही चिंता बढ़ा रही है। वहीं जब जल निगम के उच्च अधिकारी अनूप सिंह से इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, तो उन्होंने मीडिया के कैमरे के सामने बोलने से इनकार कर दिया। इससे साफ अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि जिम्मेदार अधिकारी अपनी जवाबदेही से बचते नजर आ रहे हैं।
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    जल निगम की लापरवाही से रोज़ हजारों लीटर शुद्ध पेयजल बर्बाद, इंदौर जैसी घटना के इंतज़ार में देवरिया प्रशासन?
देवरिया जिले के नगर पालिका परिषद क्षेत्र अंतर्गत उमा नगर पश्चिमी, सीसी रोड पर जल निगम विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। शहर के पानी की निकासी के लिए बनाए जा रहे बड़े नाले के निर्माण के दौरान घरों को सप्लाई होने वाली पानी की बाइप लाइन टूट गई। इसके बाद से बीते एक सप्ताह से लगातार हजारों लीटर शुद्ध पेयजल सड़कों पर बह रहा है।
एक ओर सरकार जल संरक्षण को लेकर “जल ही जीवन है” जैसे नारे दे रही है, तो वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार विभागों की अनदेखी से पीने का अमृत समान पानी खुलेआम बर्बाद हो रहा है।
पाइप लाइन टूटने से जहां कई घरों में पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई है, वहीं दूसरी ओर क्षतिग्रस्त लाइन से आगे दूषित पानी की सप्लाई हो रही है। इससे स्थानीय लोगों में मध्य प्रदेश के इंदौर जैसी घटना को लेकर दहशत का माहौल है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने कई बार जल निगम और नगर पालिका परिषद में शिकायत की, लेकिन न तो जल निगम और न ही नगर पालिका की ओर से अब तक कोई मरम्मत कार्य कराया गया। करीब एक सप्ताह से पाइप लाइन से लगातार रिसाव हो रहा है, जिससे रोज़ाना हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है।
पानी के लगातार बहाव के कारण सड़क पर जलजमाव हो गया है। इससे स्थानीय लोगों, खासकर महिलाओं और बच्चों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। वहीं पाइप लाइन फटने से कई घरों में गंदा और दूषित पानी पहुंच रहा है, जिससे गंभीर बीमारियों का खतरा बना हुआ है। लोग काफी भयभीत नजर आ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मध्य प्रदेश के इंदौर में हुए बड़े हादसे के बाद भी देवरिया जिला प्रशासन सबक लेने को तैयार नहीं दिख रहा। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी के इंतज़ार में है।
गौरतलब है कि हाल ही में मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो गई थी, जबकि करीब 200 लोग बीमार पड़े थे, जिनका इलाज अब भी जारी है। मामला अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ है, लेकिन देवरिया प्रशासन की लापरवाही चिंता बढ़ा रही है।
वहीं जब जल निगम के उच्च अधिकारी अनूप सिंह से इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, तो उन्होंने मीडिया के कैमरे के सामने बोलने से इनकार कर दिया। इससे साफ अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि जिम्मेदार अधिकारी अपनी जवाबदेही से बचते नजर आ रहे हैं।
    user_Reporteramit
    Reporteramit
    Journalist देवरिया, देवरिया, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • कुशीनगर में 4 जनवरी को नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के बरवा पुदीन में एक युवक की संदिग्ध मौत फंदे से लटक कर आत्महत्या कर लिया
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    कुशीनगर में 4 जनवरी को नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के बरवा पुदीन में एक युवक की संदिग्ध मौत फंदे से लटक कर आत्महत्या कर लिया
    user_Snews33
    Snews33
    हाटा, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • आज सुबह भीषण एक्सीडेंट NH 28 per
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    आज सुबह भीषण एक्सीडेंट NH 28 per
    user_Times Update
    Times Update
    Journalist कुशी नगर, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • 🔴 कुशीनगर: CCTV में कैद चोरी, फिर भी चोर बेखौफ! नेबुआ नौरंगिया तिराहा | लक्की मोबाइल केयर कुशीनगर के नेबुआ नौरंगिया तिराहे पर स्थित लक्की मोबाइल केयर में शटर का ताला तोड़कर चोरों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया। करीब 100 कीमती मोबाइल फोन, जिनकी अनुमानित कीमत 18 लाख रुपये बताई जा रही है, चोर बोरी में भरकर ले उड़े। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि👉 CCTV फुटेज में दो संदिग्ध चोर बोरी लेकर आराम से जाते साफ़ दिखाई दे रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं। घटना के बाद से दुकानदारों में भारी आक्रोश है बाजार की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं पुलिस पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं हर सवाल पर जवाब वही “जांच जारी है” लेकिन सवाल सीधा है👇 ❓ जब CCTV सब कुछ दिखा रहा है, तो चोर अब तक पकड़ से बाहर क्यों? ❓ अगर बाजार सुरक्षित नहीं, तो आम आदमी कैसे सुरक्षित रहेगा? ❓ क्या चोरों को खुली छूट मिल चुकी है? 18 लाख की चोरी कोई छोटी घटना नहीं है। जनता पूछ रही है— 👉 पुलिस आखिर कर क्या रही है?
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    🔴 कुशीनगर: CCTV में कैद चोरी, फिर भी चोर बेखौफ!
नेबुआ नौरंगिया तिराहा | लक्की मोबाइल केयर
कुशीनगर के नेबुआ नौरंगिया तिराहे पर स्थित लक्की मोबाइल केयर में शटर का ताला तोड़कर चोरों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया।
करीब 100 कीमती मोबाइल फोन, जिनकी अनुमानित कीमत 18 लाख रुपये बताई जा रही है, चोर बोरी में भरकर ले उड़े।
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि👉 CCTV फुटेज में दो संदिग्ध चोर बोरी लेकर आराम से जाते साफ़ दिखाई दे रहे हैं,
लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं।
घटना के बाद से
दुकानदारों में भारी आक्रोश है
बाजार की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं
पुलिस पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं
हर सवाल पर जवाब वही
“जांच जारी है”
लेकिन सवाल सीधा है👇
❓ जब CCTV सब कुछ दिखा रहा है, तो चोर अब तक पकड़ से बाहर क्यों?
❓ अगर बाजार सुरक्षित नहीं, तो आम आदमी कैसे सुरक्षित रहेगा?
❓ क्या चोरों को खुली छूट मिल चुकी है?
18 लाख की चोरी कोई छोटी घटना नहीं है।
जनता पूछ रही है—
👉 पुलिस आखिर कर क्या रही है?
    user_Sagar Pathak
    Sagar Pathak
    Voice of people खड्डा, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • गोरखपुर में पंकज चौधरी का ऐतिहासिक भव्य स्वागत | महानगर कार्यकर्ताओं ने किया जोरदार अभिनंदन
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    गोरखपुर में पंकज चौधरी का ऐतिहासिक भव्य स्वागत | महानगर कार्यकर्ताओं ने किया जोरदार अभिनंदन
    user_EN Daily National
    EN Daily National
    वाराणसी, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • कुशीनगर में मंगलवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) और अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा के संयुक्त बैनर तले कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन खेत मजदूर संगठनों और ट्रेड यूनियनों के राष्ट्रव्यापी आह्वान के तहत आयोजित हुआ, जिसकी अगुवाई परमहंस सिंह ने की। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित पाँच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। इस दौरान वक्ताओं ने केंद्र सरकार पर मजदूर और किसान विरोधी नीतियाँ लागू करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संसद के शीतकालीन सत्र के बाद लागू किया गया विकसित भारत ग्रामीण रोजगार आजीविका मिशन, जो पूर्व में मनरेगा कानून के रूप में जाना जाता था, ग्रामीण गरीबों के हितों के खिलाफ है। वक्ताओं का आरोप है कि 26 नवंबर 2025 को संविधान दिवस के अवसर पर लागू की गई चारों श्रम संहिताएँ मजदूरों के संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करती हैं। इससे संगठित और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की सुरक्षा समाप्त हो जाएगी, बेरोजगारी और पलायन में तेज़ी आएगी तथा नियोक्ताओं को 12 घंटे तक काम लेने और कम मजदूरी देने की खुली छूट मिल जाएगी। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मनरेगा को और मजबूत बनाते हुए इसे सार्वभौमिक किया जाए तथा प्रत्येक ग्रामीण परिवार को 200 दिन का रोजगार और ₹600 प्रतिदिन मजदूरी की कानूनी गारंटी दी जाए। इसके साथ ही चारों श्रम संहिताओं को तत्काल निरस्त करने की मांग उठाई गई। अन्य प्रमुख मांगों में उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग के निजीकरण पर रोक लगाने, स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया बंद करने और 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने की मांग शामिल रही। साथ ही गरीबों पर बुलडोजर कार्रवाई रोकने, प्रत्येक गरीब परिवार को आवास हेतु 5 डिसमिल भूमि उपलब्ध कराने की भी मांग की गई। इसके अलावा माइक्रो फाइनेंस कंपनियों द्वारा ग्रामीण गरीबों को दिए जा रहे कर्ज में आरबीआई के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराने और ₹2 लाख तक के कर्ज की माफी की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। प्रदर्शन में भाकपा (माले) के जिला प्रभारी प्रभान सिंह, मनोरमा देवी, हृदय आनंद कुशवाहा, बलिस्टर कुशवाहा, बलराम प्रसाद, मेनका यादव, हरिहर प्रसाद, शकूर अंसारी, रिंकी देवी, कल्प शर्मा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। अगर चाहें तो मैं इसे
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    कुशीनगर में मंगलवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) और अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा के संयुक्त बैनर तले कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन खेत मजदूर संगठनों और ट्रेड यूनियनों के राष्ट्रव्यापी आह्वान के तहत आयोजित हुआ, जिसकी अगुवाई परमहंस सिंह ने की।
प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित पाँच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। इस दौरान वक्ताओं ने केंद्र सरकार पर मजदूर और किसान विरोधी नीतियाँ लागू करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संसद के शीतकालीन सत्र के बाद लागू किया गया विकसित भारत ग्रामीण रोजगार आजीविका मिशन, जो पूर्व में मनरेगा कानून के रूप में जाना जाता था, ग्रामीण गरीबों के हितों के खिलाफ है।
वक्ताओं का आरोप है कि 26 नवंबर 2025 को संविधान दिवस के अवसर पर लागू की गई चारों श्रम संहिताएँ मजदूरों के संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करती हैं। इससे संगठित और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की सुरक्षा समाप्त हो जाएगी, बेरोजगारी और पलायन में तेज़ी आएगी तथा नियोक्ताओं को 12 घंटे तक काम लेने और कम मजदूरी देने की खुली छूट मिल जाएगी।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मनरेगा को और मजबूत बनाते हुए इसे सार्वभौमिक किया जाए तथा प्रत्येक ग्रामीण परिवार को 200 दिन का रोजगार और ₹600 प्रतिदिन मजदूरी की कानूनी गारंटी दी जाए। इसके साथ ही चारों श्रम संहिताओं को तत्काल निरस्त करने की मांग उठाई गई।
अन्य प्रमुख मांगों में उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग के निजीकरण पर रोक लगाने, स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया बंद करने और 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने की मांग शामिल रही। साथ ही गरीबों पर बुलडोजर कार्रवाई रोकने, प्रत्येक गरीब परिवार को आवास हेतु 5 डिसमिल भूमि उपलब्ध कराने की भी मांग की गई।
इसके अलावा माइक्रो फाइनेंस कंपनियों द्वारा ग्रामीण गरीबों को दिए जा रहे कर्ज में आरबीआई के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराने और ₹2 लाख तक के कर्ज की माफी की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
प्रदर्शन में भाकपा (माले) के जिला प्रभारी प्रभान सिंह, मनोरमा देवी, हृदय आनंद कुशवाहा, बलिस्टर कुशवाहा, बलराम प्रसाद, मेनका यादव, हरिहर प्रसाद, शकूर अंसारी, रिंकी देवी, कल्प शर्मा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अगर चाहें तो मैं इसे
    user_प्रदीप यादव
    प्रदीप यादव
    पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • महादेव झारखंडी टुकड़ा नंबर 1 के भगता गांव में नगर निगम के अधिकारी और विद्युत विभाग के जेई की लापरवाही से हो सकती है बड़ी दुर्घटना,नहीं दिख रहा अधिकारों को गिरा हुआ पोल.....
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    महादेव झारखंडी टुकड़ा नंबर 1 के भगता गांव में नगर निगम के अधिकारी और विद्युत विभाग के जेई की लापरवाही से हो सकती है बड़ी दुर्घटना,नहीं दिख रहा अधिकारों को गिरा हुआ पोल.....
    user_Abc Hindustan
    Abc Hindustan
    News Anchor Gorakhpur, Uttar Pradesh•
    5 hrs ago
  • कुशीनगर बिशनपुर क्षेत्र के अंतर्गत बंगाली पत्ती गांव का यह मामला है एक दोस्त ने अपने दोस्त के चेहरे पर केमिकल फेंक दिया उसका चेहरा पूरी तरह से जल गया #kushinagar #newsupdate
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    कुशीनगर बिशनपुर क्षेत्र के अंतर्गत बंगाली पत्ती गांव का यह मामला है एक दोस्त ने अपने दोस्त के चेहरे पर केमिकल फेंक दिया उसका चेहरा पूरी तरह से  जल गया #kushinagar #newsupdate
    user_Snews33
    Snews33
    हाटा, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
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