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धार जिले के धरमपुरी क्षेत्र में धामनोद ओंकारेश्वर नहर परियोजना के तृतीय चरण में अधिकारियों की बड़ी लापरवाही और रखरखाव का घोर अभाव उजागर हुआ है। देखरेख की इस भारी कमी के कारण आज ओंकारेश्वर नहर अपनी बदहाली और दुर्दशा पर आंसू बहाने को मजबूर है। जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के चलते परियोजना का यह चरण अत्यंत दयनीय स्थिति में पहुंच गया है।
Jagannath yadav
धार जिले के धरमपुरी क्षेत्र में धामनोद ओंकारेश्वर नहर परियोजना के तृतीय चरण में अधिकारियों की बड़ी लापरवाही और रखरखाव का घोर अभाव उजागर हुआ है। देखरेख की इस भारी कमी के कारण आज ओंकारेश्वर नहर अपनी बदहाली और दुर्दशा पर आंसू बहाने को मजबूर है। जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के चलते परियोजना का यह चरण अत्यंत दयनीय स्थिति में पहुंच गया है।
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- धार के धामनोद क्षेत्र में लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। खेतों में बोई गई सोयाबीन, मक्का, कपास और अन्य खरीफ फसलें नमी की कमी के कारण अब सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं। कई स्थानों पर फसलों की बढ़वार पूरी तरह रुक गई है और पौधे पीले पड़ने लगे हैं। किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही अच्छी बारिश नहीं हुई तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है, जिससे उनकी मेहनत और कृषि कार्य में लगाया गया पैसा दोनों दांव पर लग गए हैं। फसलों की इस बदहाल स्थिति को देखते हुए पीड़ित किसानों ने शासन एवं प्रशासन से गंभीरता दिखाने की मांग की है। किसानों की मांग है कि क्षेत्र में फसलों का तत्काल सर्वे कराया जाए और संकट की इस स्थिति में उन्हें उचित राहत तथा वित्तीय सहायता प्रदान की जाए।1
- बड़वानी के राजपुर क्षेत्र के कुशल कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें डिजिटल पहचान दिलाने के लिए 'लेबर अड्डा' (मेरा काम — मेरी पहचान) की शुरुआत की गई है। इस मंच के माध्यम से प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन, पेंटर, राजमिस्त्री, कारपेंटर, लेबर, ड्राइवर, वेल्डर, एसी मैकेनिक और सीसीटीवी मैकेनिक सहित सभी प्रकार के हुनरमंद कामगारों को सीधे ग्राहकों से जुड़ने का अवसर दिया जा रहा है, ताकि वे अपने हुनर को दुनिया तक पहुंचा सकें। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कारीगरों को सिर्फ एक बार पंजीकरण कराना होगा, जिसकी वैधता लाइफ टाइम रहेगी। इस सेवा के लिए कारीगरों से कोई कमीशन, कोई मासिक शुल्क और कोई सर्विस चार्ज नहीं लिया जाएगा। कामगार अपने काम की तस्वीरें भी अपलोड कर सकते हैं, जिससे उन्हें सीधा कस्टमर कांटेक्ट मिलेगा और घर बैठे ही काम के लिए ऑर्डर मिलने लगेंगे, जिससे हर कारीगर आत्मनिर्भर बन सकेगा।1
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रेरणा और शासन के निर्देशानुसार, बड़वानी जिले के थाना राजपुर क्षेत्र के ग्राम रानीपुरा में 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' जनजागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया। पुलिस अधीक्षक श्री पद्मविलोचन शुक्ल के नेतृत्व में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में सांसद श्री गजेंद्र सिंह पटेल, जिला बड़वानी अध्यक्ष श्री अजय यादव और बड़वानी विधायक श्री राजेंद्र मंडलोई की उपस्थिति में जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। 15 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक चलने वाले इस विशेष अभियान के तहत जागरूकता रथ, जनसंवाद और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से लोगों को शराब, बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू सहित अन्य नशों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान मेधावी व ग्रामीण विद्यार्थियों को हेलमेट वितरित कर सड़क सुरक्षा का संदेश दिया गया और पर्यावरण संरक्षण के लिए पुलिस अधीक्षक व जनप्रतिनिधियों द्वारा वृक्षारोपण भी किया गया। उपस्थित सभी लोगों ने नशे से दूर रहने की शपथ ली। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री पद्मविलोचन शुक्ल ने युवाओं को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने के लिए 3D मिशन (दहेज प्रथा से दूरी, डीजे के दुष्प्रभावों से दूरी एवं नशे से दूरी) और 3S (शिक्षा, स्वास्थ्य एवं स्वावलंबन) का संदेश दिया तथा एक प्रेरक कविता भी सुनाई। सांसद श्री गजेन्द्र सिंह पटेल ने भी नशामुक्त समाज का आह्वान करते हुए कहा कि नशा समाज और परिवार के लिए एक गंभीर चुनौती है। इस कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री धीरज बब्बर, डीएसपी अजाक श्रीमती निलेश्वरी डावर, थाना प्रभारी राजपुर श्री माधव सिंह ठाकुर, ग्राम सरपंच श्रीमती गुलरीबाई सहित कई पुलिस अधिकारी, कर्मचारी और ग्रामीण उपस्थित रहे। नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए लोगों से अवैध नशे के कारोबार की सूचना पुलिस को देने की अपील की गई है, जिसमें सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इसके साथ ही सहायता के लिए मानस हेल्पलाइन (1933), नेशनल सुसाइड हेल्पलाइन (14416), नशा मुक्ति हेल्पलाइन (14446) और मध्य प्रदेश पुलिस नार्कोटिक्स विभाग (7049100785) के संपर्क नंबर भी जारी किए गए हैं।1
- खरगोन में पदोन्नति में विसंगति के चलते वन विभाग के कर्मचारियों ने विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस मामले को लेकर दो दर्जन से अधिक वन कर्मचारी डीएफओ कार्यालय पहुंचे। कर्मचारियों ने विभाग पर आरोप लगाया है कि पदोन्नति नियम 2025 के नियम 11 (3) का पालन नहीं किया जा रहा है। नियमों की इस अनदेखी के कारण खरगोन और बड़वाह वन मंडल के करीब 50 से अधिक कर्मचारी पदोन्नति से वंचित हो गए हैं। इस विसंगति के विरोध में कर्मचारियों ने डीएफओ के नाम एक ज्ञापन सौंपा है और सीसीएफ खंडवा से वरीयता के आधार पर पदोन्नति दिए जाने की मांग की है।4
- बड़वानी के वार्ड क्रमांक 10 में सड़क की हालत काफी खराब है। यहाँ सड़क को सुधारने के लिए वाहनों को रोका गया और साथ ही इस पूरे मामले पर मीडिया को भी खबर लगाने से रोक दिया गया।2
- खरगोन के बड़वाह में विद्युत लाइन टॉवरों के उचित मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों ने विधायक को अपना मांग पत्र सौंपा है।1
- धार जिले के धरमपुरी क्षेत्र में धामनोद ओंकारेश्वर नहर परियोजना के तृतीय चरण में अधिकारियों की बड़ी लापरवाही और रखरखाव का घोर अभाव उजागर हुआ है। देखरेख की इस भारी कमी के कारण आज ओंकारेश्वर नहर अपनी बदहाली और दुर्दशा पर आंसू बहाने को मजबूर है। जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के चलते परियोजना का यह चरण अत्यंत दयनीय स्थिति में पहुंच गया है।1
- सीधी जिले के रामपुर नैकिन थाना अंतर्गत छुहिया घाटी में एक और सड़क हादसा हुआ है, जहाँ बसें आपस में टकरा गई हैं। इस घाटी पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह '0 बटा सन्नाटा' है और प्रशासन की घोर लापरवाही के कारण यहाँ हर दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। इस बदहाली के बीच क्षेत्र के चुने हुए नेता और प्रशासनिक अधिकारी अपनी ही मस्ती में मस्त हैं, जबकि आम जनता इस लापरवाही से बुरी तरह त्रस्त है। इस हादसे के बाद अब यह गंभीर सवाल उठाया जा रहा है कि क्या पुलिस अधीक्षक सीधी और पुलिस अधीक्षक रीवा इस संवेदनशील मामले की गंभीरता से जांच करेंगे? जनता यह मांग कर रही है कि दोनों जिलों के पुलिस अधीक्षक पहल करते हुए इस घटना की जांच कराएं और दोषी बस चालक व बस मालिक के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करें।1