कुल्लू-मनाली हवाई अड्डा 15 जून 2026 को 'यात्री सुविधा दिवस' मनाकर विकास और उपलब्धियों के 12 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाएगा। व्यास नदी के तट पर स्थित यह हवाई अड्डा कुल्लू-मनाली और लाहौल-स्पीति क्षेत्र का प्रमुख हवाई प्रवेश द्वार है, जिसने वर्ष 2014 से 2026 के दौरान अवसंरचना, संपर्कता, यात्री सुविधाओं, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। इस अवधि में हवाई अड्डे पर 1,049 मीटर रनवे का री-कारपेटिंग, डीवीओआर और एनडीबी नेविगेशन प्रणालियों की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए गए। उड़ान योजना के तहत दिल्ली, अमृतसर, जयपुर और शिमला से सीधी हवाई संपर्कता स्थापित की गई, जिसके परिणामस्वरूप वार्षिक यात्री संख्या 30,000 से अधिक पहुंच गई। यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए टर्मिनल को दिव्यांगजन अनुकूल बनाया गया है और 'मे आई हेल्प यू' डेस्क, फ्लाई लाइब्रेरी, निःशुल्क वाई-फाई और चार्जिंग सुविधाएं जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। यह हवाई अड्डा सोलंग, कसोल, सिस्सु, मलाणा, अटल टनल क्षेत्र, ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क, मणिकर्ण साहिब और बिजली महादेव जैसे पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों तक पहुँच का एक प्रमुख माध्यम है, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण योगदान देता है। इसके अतिरिक्त, स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत विद्यालय शौचालय निर्माण, अग्निकांड प्रभावित परिवारों को जी. आई. शीट्स उपलब्ध कराना, 100 किलोवाट सौर ऊर्जा संयंत्र, एलईडी प्रकाश व्यवस्था और वृक्षारोपण जैसे सामाजिक एवं पर्यावरणीय कार्य भी सफलतापूर्वक पूरे किए गए हैं। चुनौतीपूर्ण पर्वतीय परिस्थितियों के बावजूद, कुल्लू-मनाली हवाई अड्डे ने उत्कृष्ट सुरक्षा रिकॉर्ड बनाए रखा है और आपदाओं के दौरान राहत तथा चिकित्सीय निकासी का एक महत्वपूर्ण केंद्र साबित होता है। हालिया ग्राहक संतुष्टि सर्वेक्षण (सीएसएस) में देशभर में द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाला यह हवाई अड्डा अपनी मनोहारी हिमालयी हवाई यात्रा के लिए भी विशेष पहचान रखता है।
कुल्लू-मनाली हवाई अड्डा 15 जून 2026 को 'यात्री सुविधा दिवस' मनाकर विकास और उपलब्धियों के 12 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाएगा। व्यास नदी के तट पर स्थित यह हवाई अड्डा कुल्लू-मनाली और लाहौल-स्पीति क्षेत्र का प्रमुख हवाई प्रवेश द्वार है, जिसने वर्ष 2014 से 2026 के दौरान अवसंरचना, संपर्कता, यात्री सुविधाओं, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। इस अवधि में हवाई अड्डे पर 1,049 मीटर रनवे का री-कारपेटिंग, डीवीओआर और एनडीबी नेविगेशन प्रणालियों की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए गए। उड़ान योजना के तहत दिल्ली, अमृतसर, जयपुर और शिमला से सीधी हवाई संपर्कता स्थापित की गई, जिसके परिणामस्वरूप वार्षिक यात्री संख्या 30,000 से अधिक पहुंच गई। यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए टर्मिनल को दिव्यांगजन अनुकूल बनाया गया है और 'मे आई हेल्प यू' डेस्क, फ्लाई लाइब्रेरी, निःशुल्क वाई-फाई और चार्जिंग सुविधाएं जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। यह हवाई अड्डा सोलंग, कसोल, सिस्सु, मलाणा, अटल टनल क्षेत्र, ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क, मणिकर्ण साहिब और बिजली महादेव जैसे पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों तक पहुँच का एक प्रमुख माध्यम है, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण योगदान देता है। इसके अतिरिक्त, स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत विद्यालय शौचालय निर्माण, अग्निकांड प्रभावित परिवारों को जी. आई. शीट्स उपलब्ध कराना, 100 किलोवाट सौर ऊर्जा संयंत्र, एलईडी प्रकाश व्यवस्था और वृक्षारोपण जैसे सामाजिक एवं पर्यावरणीय कार्य भी सफलतापूर्वक पूरे किए गए हैं। चुनौतीपूर्ण पर्वतीय परिस्थितियों के बावजूद, कुल्लू-मनाली हवाई अड्डे ने उत्कृष्ट सुरक्षा रिकॉर्ड बनाए रखा है और आपदाओं के दौरान राहत तथा चिकित्सीय निकासी का एक महत्वपूर्ण केंद्र साबित होता है। हालिया ग्राहक संतुष्टि सर्वेक्षण (सीएसएस) में देशभर में द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाला यह हवाई अड्डा अपनी मनोहारी हिमालयी हवाई यात्रा के लिए भी विशेष पहचान रखता है।
- महाराष्ट्र के मुंबई से संबंध रखने वाले एक व्यक्ति, जो इन दिनों परिवार सहित मणिकर्ण घाटी के मतेउडां गांव में अस्थाई रूप से रह रहे हैं, उन्होंने गौ सेवा के पुनीत कार्य के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान किया है। यह व्यक्ति गौ सेवा रक्षक दल कुल्लू के अध्यक्ष शेरा नेगी के समाज सेवा के कार्यों को एक वीडियो के माध्यम से देख उनसे मिले। शेरा नेगी के प्रयासों से प्रेरित होकर, उन्होंने गौ सेवा में अपना सहयोग देते हुए ₹10,000 की नकद राशि दान की।1
- 15 जून, 2026 को आयोजित हुए कमरुनाग मेले की एक झलक सामने आई है, जिसमें भारी संख्या में भक्तजन पहुँचे। इस अवसर पर सभी श्रद्धालुओं ने 'जय देव कमरुनाग जी' का जयघोष किया।1
- सैंज की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे रैला के युवा टेक सिंह ठाकुर ने मंगलवार को ग्राम पंचायत रैला का प्रधान पद कार्यभार संभाल लिया है। इस अवसर पर उनके साथ पंचायत के युवा उप प्रधान पराग ठाकुर और अन्य पंचायत प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। स्थानीय ग्रामीणों ने नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों के लिए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया, जहाँ इससे पूर्व पंचायत प्रधान ने सभी वार्ड पंचों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई, जिसके बाद नवगठित ग्राम पंचायत का कार्यकाल विधिवत रूप से आरंभ हुआ। कार्यभार संभालने के बाद, नवनिर्वाचित प्रधान टेक सिंह ठाकुर ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि चुनाव में मिली यह जीत उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि पूरी पंचायत के विश्वास और आशीर्वाद का परिणाम है। उन्होंने इस जीत में महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और सभी वर्गों के भरपूर समर्थन को रेखांकित किया और भरोसा दिलाया कि पंचायत के लोगों ने जिस विश्वास से उन्हें चुना है, उसे वे कभी टूटने नहीं देंगे। प्रधान ठाकुर ने अपनी प्राथमिकताओं में पंचायत के विकास कार्यों को गति देना, युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना और जन समस्याओं का समयबद्ध समाधान करना बताया। उन्होंने जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का संकल्प लेते हुए कहा कि पंचायत क्षेत्र में सड़क, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, युवाओं को खेल गतिविधियों, कौशल विकास और रोजगारोन्मुखी योजनाओं से जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे, साथ ही नशा मुक्ति अभियान के तहत जागरूकता कैंप भी चलाए जाएंगे। पंचायत के उप प्रधान पराग ठाकुर ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि वे एक राजनीतिक परिवार से संबंध रखते हैं और बिना किसी भेदभाव के पंचायत में विकास कार्य सुनिश्चित करेंगे। उनका मुख्य ध्यान युवाओं को स्वरोजगार अपनाने, नशा मुक्ति और विकास कार्यों में नई सोच व आधुनिक दृष्टिकोण को अपनाने पर रहेगा। उन्होंने हर वार्ड में विकास की रोशनी पहुँचाने के लिए पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ काम करने का वादा किया। नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों ने कार्यभार संभालने के पहले ही दिन विकास कार्यों का एक रोड मैप बनाकर हर घर में विकास की रोशनी पहुँचाने का आश्वासन दिया है।1
- एक मार्मिक पोस्ट के माध्यम से लोगों से जानवरों को बचाने की विनम्र अपील की गई है। इस अपील के साथ ही, अगौल बिड दोसांझ द्वारा बाबा खामणो वाले की जय-जयकार करते हुए उनके प्रति गहरी आस्था और भक्ति व्यक्त की गई है।2
- हिमाचल प्रदेश के बल्ह क्षेत्र में दूध उत्पादक किसानों को पिछले पाँच महीने से उनके दूध का भुगतान नहीं मिला है। किसानों ने आरोप लगाया है कि गाय के दूध के लिए 80 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध के लिए 100 रुपये प्रति लीटर देने का जो वादा किया गया था, वह पूरा नहीं किया गया है। इस गंभीर समस्या के खिलाफ, बल्ह के किसानों ने सरकार के विरुद्ध अपना विरोध जताया है। किसानों के हक में खड़े होते हुए, विधायक इंद्र सिंह गांधी ने राज्यपाल को इस संबंध में एक ज्ञापन भी भेजा है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि दूध उत्पादकों को जल्द भुगतान नहीं किया गया, तो एक बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।1
- हमीरपुर से जारी एक बयान में, प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता और पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्यों को लेकर स्थानीय विधायक और लोक निर्माण विभाग (PWD) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राणा ने दावा किया कि राजनीतिक दबाव में नियमों की अनदेखी कर किसानों की जमीन पर जबरन कब्जा किया जा रहा है और सड़क बनाई जा रही है, साथ ही सरकारी धन का भी दुरुपयोग किया गया है। राजेंद्र राणा ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2020-21 में विधायक प्राथमिकता के तहत 'पुआड़ से टिक्करी वाया दरली' सड़क को स्वीकृत करवाया था, जिसकी मूल स्वीकृत लंबाई 2 किलोमीटर 55 मीटर थी और इसके लिए नाबार्ड से लगभग ढाई करोड़ रुपये मंजूर हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान विधायक ने सड़क का प्रारंभिक बिंदु बदलकर इसे चिन्हित स्थल की बजाय किसी और जगह से शुरू करवा दिया, जिससे सड़क की वास्तविक लंबाई बढ़कर करीब 4 किलोमीटर हो गई। राणा ने कागजों में स्वीकृत लंबाई और धरातल पर निर्मित सड़क की लंबाई में बड़े अंतर की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए सवाल उठाया कि यदि नाबार्ड की डीपीआर 2 किलोमीटर 55 मीटर की थी, तो सड़क 4 किलोमीटर कैसे बन गई और इसकी अनुमति किस स्तर पर ली गई। पूर्व विधायक ने विशेष रूप से आरोप लगाया कि आर.के. शर्मा और उनके परिवार की लगभग 3 कनाल 4 मरले भूमि को बिना गिफ्ट डीड, बिना सहमति और बिना किसी मुआवजे के सड़क निर्माण में शामिल कर लिया गया, जिसे उन्होंने किसानों के अधिकारों का खुला उल्लंघन बताया। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में लोग स्टे ले आए हैं, जिससे सरकारी धन की बर्बादी हुई है। राणा ने जोर दिया कि विकास कार्यों के नाम पर किसानों की जमीन हड़पने का प्रयास किसी भी कीमत पर उचित नहीं ठहराया जा सकता और यदि भूमि की आवश्यकता है तो नियमानुसार सहमति और मुआवजे की प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए। राणा ने लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि सुजानपुर मंडल में कनिष्ठ अभियंता का पद लंबे समय से रिक्त होने के कारण निर्माण कार्यों की निगरानी और तकनीकी परीक्षण किसके माध्यम से किया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह से इस बात की जांच बिठाने की मांग की कि अधिकारियों ने किसके दबाव में आकर ऐसी अनियमितता की और सरकारी फंड का दुरुपयोग किया। राणा ने यह भी कहा कि जिन अधिकारियों ने दबाव में ऐसी अनियमितता की है, उनकी सैलरी से इसकी वसूली होनी चाहिए। राजेंद्र राणा ने स्पष्ट किया कि भाजपा विकास कार्यों के खिलाफ नहीं है और प्रत्येक गांव व घर तक सड़क पहुंचना आवश्यक है, लेकिन विकास की आड़ में किसानों को उजाड़ना और कानूनों को ताक पर रखना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सरकार से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाने और जांच में किसी भी विधायक, अधिकारी या अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आने पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही, उन्होंने प्रभावित किसानों की भूमि और सरकारी धन के उपयोग का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने की भी मांग की। राणा ने विश्वास जताया कि सुजानपुर की जनता सब कुछ देख रही है और लोकतंत्र में अंततः सत्य सामने आकर रहेगा, तथा सरकार निष्पक्ष जांच के माध्यम से वास्तविक स्थिति स्पष्ट करेगी।1
- हमीरपुर के विधायक आशीष शर्मा ने घोषणा की है कि हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र के नाल्टी क्षेत्र की सात पंचायतों को नाबार्ड के माध्यम से 19 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत हुई है, जिसका उपयोग विकासात्मक कार्यों के लिए किया जाएगा। उन्होंने इस स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया है, जिससे इन पंचायतों में विकास की नई राह खुलेगी। पत्रकारों से बातचीत के दौरान, विधायक आशीष शर्मा ने आयुष एवं खेल मंत्री यादविंदर गोमा के बयानों पर भी पलटवार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिमाचल में शॉल और टोपी पहनाना यहाँ की संस्कृति का अभिन्न अंग है। विधायक ने कहा कि यदि भाजपा जीते हुए प्रधानों को शॉल और टोपी भेंट कर रही है, तो यह उन्हें सम्मान देने का एक तरीका है। उन्होंने मंत्री के इस संबंध में दिए गए बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। आशीष शर्मा ने हमीरपुर जिला परिषद चुनावों के परिणामों का भी उल्लेख किया, जिसमें कुल 19 वार्डों में से भाजपा के 15 उम्मीदवारों ने शानदार जीत हासिल की है। इसके अतिरिक्त, तीन निर्दलीय विजेता भी भाजपा की विचारधारा का समर्थन करते हैं। वहीं, कांग्रेस को हमीरपुर जिला में केवल एक सीट पर ही संतोष करना पड़ा। विधायक शर्मा ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि मुख्यमंत्री के गृह जिला हमीरपुर में कांग्रेस की यह स्थिति है, तो प्रदेश के अन्य जिलों में उसकी क्या हालत होगी, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।2
- पालमपुर के बुधा मल एंड संस ज्वैलर्स कुल्लू में 20 से 23 जून तक होटल शोभला रॉयल में अपना सबसे बड़ा ज्वेलरी एग्जीबिशन और सेल आयोजित कर रहे हैं। यह चार दिवसीय कार्यक्रम बढ़ते सोने के दामों के बावजूद ग्राहकों को दोगुना फायदा देने का वादा कर रहा है। प्रदर्शनी में शानदार ज्वेलरी कलेक्शन उपलब्ध होगा, जिस पर विशेष छूट दी जा रही है। ऑफर के तहत, डायमंड ज्वेलरी पर 20% के साथ 5% अतिरिक्त छूट मिलेगी। पुराने सोने के एक्सचेंज पर 100% मूल्य के साथ 2% अतिरिक्त लाभ दिया जाएगा, जबकि सोने की ज्वेलरी के मेकिंग चार्जेज़ पर 40% तक की छूट है। इसके अतिरिक्त, शॉपिंग करने पर एक मुफ्त सोने का सिक्का भी मिलेगा। बुधा मल एंड संस ज्वैलर्स ने सभी परिवारों को इस अवसर का लाभ उठाने और इस विशेष ज्वेलरी कलेक्शन का आनंद लेने के लिए आमंत्रित किया है, क्योंकि यह मौका केवल चार दिनों के लिए है।1