जल शक्ति विभाग के सस्पेंड जेई की मनमानी, आदेशों के बावजूद पहुंचता रहा ऑफिस जल शक्ति विभाग ऊना मंडल-एक में निलंबित किए गए जेई की मनमानी सामने आई है। विभागीय आदेशों के बावजूद जेई सस्पेंशन के बाद भी बुधवार और वीरवार को अपने पुराने कार्यालय पहुंचता रहा। हैरानी की बात यह रही कि कार्यालय की चाबी भी उसी के पास थी और वह खुद ही ऑफिस को लॉक-अनलॉक करता रहा। मामले की जानकारी मिलने पर अधीक्षण अभियंता नरेश धीमान मौके ने तुरंत कार्यालय पर अतिरिक्त ताला लगवाया। गौरतलब है कि बीआरसी भुगतान में करीब छह माह की देरी को लेकर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री तक शिकायत पहुंची थी, जिसके बाद एसडीओ व अधीक्षक को नोटिस और जेई को निलंबित किया गया था। अधीक्षण अभियंता नरेश धीमान ने कहा कि आदेशों की अवहेलना बर्दाश्त नहीं होगी। मामले में जल्द चार्जशीट दायर की जाएगी और अन्य संबंधित अधिकारियों से भी जवाब तलब किया जाएगा।
जल शक्ति विभाग के सस्पेंड जेई की मनमानी, आदेशों के बावजूद पहुंचता रहा ऑफिस जल शक्ति विभाग ऊना मंडल-एक में निलंबित किए गए जेई की मनमानी सामने आई है। विभागीय आदेशों के बावजूद जेई सस्पेंशन के बाद भी बुधवार और वीरवार को अपने पुराने कार्यालय पहुंचता रहा। हैरानी की बात यह रही कि कार्यालय की चाबी भी उसी के पास थी और वह खुद ही ऑफिस को लॉक-अनलॉक करता रहा। मामले की जानकारी मिलने पर अधीक्षण अभियंता नरेश धीमान मौके ने तुरंत कार्यालय पर अतिरिक्त ताला लगवाया। गौरतलब है कि बीआरसी भुगतान में करीब छह माह की देरी को लेकर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री तक शिकायत पहुंची थी, जिसके बाद एसडीओ व अधीक्षक को नोटिस और जेई को निलंबित किया गया था। अधीक्षण अभियंता नरेश धीमान ने कहा कि आदेशों की अवहेलना बर्दाश्त नहीं होगी। मामले में जल्द चार्जशीट दायर की जाएगी और अन्य संबंधित अधिकारियों से भी जवाब तलब किया जाएगा।
- जल शक्ति विभाग ऊना मंडल-एक में निलंबित किए गए जेई की मनमानी सामने आई है। विभागीय आदेशों के बावजूद जेई सस्पेंशन के बाद भी बुधवार और वीरवार को अपने पुराने कार्यालय पहुंचता रहा। हैरानी की बात यह रही कि कार्यालय की चाबी भी उसी के पास थी और वह खुद ही ऑफिस को लॉक-अनलॉक करता रहा। मामले की जानकारी मिलने पर अधीक्षण अभियंता नरेश धीमान मौके ने तुरंत कार्यालय पर अतिरिक्त ताला लगवाया। गौरतलब है कि बीआरसी भुगतान में करीब छह माह की देरी को लेकर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री तक शिकायत पहुंची थी, जिसके बाद एसडीओ व अधीक्षक को नोटिस और जेई को निलंबित किया गया था। अधीक्षण अभियंता नरेश धीमान ने कहा कि आदेशों की अवहेलना बर्दाश्त नहीं होगी। मामले में जल्द चार्जशीट दायर की जाएगी और अन्य संबंधित अधिकारियों से भी जवाब तलब किया जाएगा।1
- हिमाचल के ऊना में भयानक एक्सीडेंट, खाई में गिरी कार धू-धू कर जली, 2 श्रद्धालुओं की गई जान हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में चिंतपूर्णी-भरवाईं मार्ग पर एक भीषण सड़क हादसे में पंजाब के दो श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई. पुलिस मामले की जांच कर रही है. हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. बुधवार को चिंतपूर्णी-भरवाईं मार्ग पर एक भीषण सड़क हादसे में पंजाब के दो श्रद्धालुओं की जान चली गई. हादसे का मंजर इतना खौफनाक था कि कार गहरी खाई में गिरते ही धू-धू कर जलने लगी और 'आग का गोला' बन गई. इस घटना का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी सामने आया है. मिली जानकारी के मुताबिक, कार सवार श्रद्धालु पंजाब के जालंधर के रहने वाले थे. वे बुधवार को माता चिंतपूर्णी मंदिर में माथा टेकने और दर्शन करने के बाद वापस अपने घर लौट रहे थे. इसी दौरान चिंतपूर्णी-भरवाईं मार्ग पर उनकी तेज रफ्तार कार अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे गहरी खाई में जा गिरी.1
- हमीरपुर, हमीरपुर जिला की नंदन ग्राम पंचायत के तहत आने वाले बल्ह क्षेत्र को जाने वाला मार्ग अचानक बंद कर दिए जाने से ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ गई हैं। जानकारी के अनुसार मार्ग पर एक स्थान पर टिप्परों के माध्यम से मिट्टी डालकर ढेर लगा दिए गए हैं, जिससे आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है। हालात ऐसे हैं कि करीब 500 मीटर लंबे इस मार्ग के बीच में ग्रामीणों की गाड़ियां भी फंस गई हैं।मार्ग बंद होने से आक्रोशित ग्रामीण गुरुवार को उपायुक्त कार्यालय हमीरपुर पहुंचे और अपनी समस्या को लेकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान बड़ी संख्या में महिला और पुरुष एकत्रित होकर उपायुक्त से मिले और जल्द से जल्द रास्ता खुलवाने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग के बंद होने से खेती-बाड़ी का काम भी प्रभावित हो गया है। उन्होंने बताया कि अभी तक गेहूं की थ्रेसिंग नहीं हो पाई है, क्योंकि थ्रेसर गांव तक नहीं पहुंच सकता। इसके अलावा दैनिक आवाजाही भी पूरी तरह ठप हो गई है।वहीं, इस मामले में विवाद भी सामने आया है। हरिजन बस्ती के कुछ लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण के दौरान उनकी जमीन का उपयोग किया गया, लेकिन उन्हें इसका कोई लाभ नहीं मिला, क्योंकि सड़क केवल 500 मीटर तक ही पक्की की गई। दूसरी ओर, गुरुवार को डीसी के पास पहुंचे ग्रामीणों का दावा है कि संबंधित भूमि दान में दी गई थी और हरिजन बस्ती के लोगों की जमीन इसमें शामिल नहीं है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वर्ष 2025 में भी इसी तरह मार्ग को बंद किया गया था, जिसे प्रशासन ने करीब दो महीने बाद खुलवाया था। अब एक बार फिर कुछ लोगों द्वारा मिट्टी डालकर रास्ता अवरुद्ध कर दिया गया है।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और जल्द से जल्द मार्ग बहाल किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा उत्पन्न न हो।2
- Post by Himachal Punjab News1
- हिमाचल में आजकल चली है पंचयात चुनाव पंचयात चुनाव पर सुनिए ,वाइरल वीडियो1
- Post by Rakesh Kumar2
- *SFI Himachal Protest | सिया गुलेरिया को न्याय की मांग | Sarkaghat Murder Case | SFI Help to Family*1
- Post by Himachal Punjab News1