समस्तीपुर में 22 जून 2026 को जिलाधिकारी श्री रोशन कुशवाहा ने समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में जनता दरबार का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों से आए आम नागरिकों की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना। जनता दरबार में मुख्य रूप से भूमि विवाद, राजस्व संबंधी मामले, अतिक्रमण, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, आवास योजना, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित अन्य जनहित से जुड़े मामलों के आवेदन प्राप्त हुए। जिलाधिकारी ने आवेदकों की समस्याओं को सुनने के बाद, संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को इन प्राप्त आवेदनों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि आवेदनों के निष्पादन में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और तत्परता बरती जाए तथा की गई कार्रवाई से आवेदकों को अवगत कराया जाए। इस जनता दरबार के दौरान विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी भी उपस्थित रहे, और सभी प्राप्त आवेदनों को आवश्यक कार्रवाई हेतु संबंधित विभागों को अग्रसारित किया गया।
समस्तीपुर में 22 जून 2026 को जिलाधिकारी श्री रोशन कुशवाहा ने समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में जनता दरबार का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों से आए आम नागरिकों की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना। जनता दरबार में मुख्य रूप
से भूमि विवाद, राजस्व संबंधी मामले, अतिक्रमण, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, आवास योजना, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित अन्य जनहित से जुड़े मामलों के आवेदन प्राप्त हुए। जिलाधिकारी ने आवेदकों की समस्याओं को सुनने के बाद, संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को इन
प्राप्त आवेदनों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि आवेदनों के निष्पादन में संवेदनशीलता,
पारदर्शिता और तत्परता बरती जाए तथा की गई कार्रवाई से आवेदकों को अवगत कराया जाए। इस जनता दरबार के दौरान विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी भी उपस्थित रहे, और सभी प्राप्त आवेदनों को आवश्यक कार्रवाई हेतु संबंधित विभागों को अग्रसारित किया गया।
- मोहिउद्दीन नगर थाना क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाला और संगठित अपराधियों के साथ मिलकर कई घटनाओं को अंजाम देने वाला ₹1.25 लाख का इनामी बदमाश रविवार देर रात यूपी STF पुलिस के हाथों ढेर हो गया। यह घटना उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित सरसावा नकुर रोड पर हुई। मृतक की पहचान मोहिउद्दीन नगर थाना क्षेत्र के हरेल पंचायत के आनंद गोलवा गांव निवासी शिवशंकर सिंह के पुत्र लल्लन सिंह के रूप में हुई है, जिसकी तलाश यूपी पुलिस को लंबे समय से थी। मिली जानकारी के अनुसार, रविवार देर रात पुलिस द्वारा वाहन जांच के दौरान दो अपराधियों को रोकने का प्रयास किया गया। इस दौरान हुई मुठभेड़ में वांछित इनामी अपराधी लल्लन सिंह मारा गया, जबकि उसका दूसरा साथी रात के अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में कामयाब रहा। फरार अपराधी की तलाश अभी भी जारी है। इस घटना की सूचना मोहिउद्दीन नगर थाने के ग्रामीण पुलिस ने आनंद गोलवा में रह रहे मृतक के माता-पिता को दी। पुत्र लल्लन सिंह के यूपी के सहारनपुर में पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने की खबर सुनते ही उनके घर में कोहराम मच गया। मृतक के माता रेशमी देवी और पिता श्री सिंह ने बताया कि उन्हें सूचना तो मिली है, लेकिन उनका आरोपी पुत्र से वर्षों से न ही कोई वास्ता था और न ही किसी तरह का संबंध। उन्होंने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए कहा कि वे खुद विकलांग हैं और अपने दुर्भाग्यपूर्ण विकलांग जीवन पर आंसू बहा रहे हैं।1
- भाजपा के दिग्गज नेता और बाढ़ विधानसभा से लगातार चार बार विधायक रहे पूर्व विधायक ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ज्ञानू सोमवार को अपनी पत्नी के साथ बाढ़ पहुंचे। उन्होंने बाबा उमानाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और ईश्वर से सुख-समृद्धि तथा अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। इस अवसर पर मीडिया से बात करते हुए ज्ञानू ने बताया कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने बाढ़ में डेढ़ सौ से दो सौ करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए। उन्होंने यह भी कहा कि कई कार्य अभी भी जारी हैं और जो परियोजनाएं शुरू हो चुकी हैं, वे पूरी भी होंगी। ज्ञानू ने कहा कि हालांकि वे अब विधायक नहीं हैं, फिर भी महीने में तीन-चार बार बाढ़ के लोगों से मिलने आते हैं, बाबा उमानाथ में पूजा करते हैं और चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण भी करते हैं। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि विधायक न होने पर भी, जहाँ भी बाढ़ के लोगों को कोई दिक्कत होगी, उसके समाधान के लिए वे कार्य करते रहेंगे, हालांकि विधायक होते तो उन्हें अधिक अधिकार मिलता।1
- पूसा वैनी थाना क्षेत्र से एक नवविवाहिता ने दहेज उत्पीड़न से संबंधित अपनी समस्या बताई है। यह मामला नवविवाहिता के साथ हुए कथित दहेज उत्पीड़न से जुड़ा है, जिसके बारे में उसने अपनी आपबीती सुनाई।1
- समस्तीपुर जिले के सिंघिया थाना परिसर में आगामी मोहर्रम पर्व के मद्देनजर एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में हरदिया पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि मोहम्मद खालिद गुलाब ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए अपने विचार व्यक्त किए।1
- बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव के आवास पर कथित चोरी का मामला सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है। इस संबंध में देर रात थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। आरोप है कि तेज प्रताप यादव के निजी सहायक (PA) मोतीलाल राय के खिलाफ थाने में आवेदन दिया गया है। शिकायत के अनुसार, लगभग 20 लाख रुपये नकद के साथ-साथ चार आईफोन, एक मैकबुक, एक आईपैड, सोने की चेन और एक अंगूठी समेत अन्य कीमती सामान चोरी हुए हैं। इस मामले में ड्राइवर और उसके सहयोगियों पर भी संलिप्तता का आरोप लगाया गया है। शिकायत में दावा किया गया है कि कुछ लोगों को बैग लेकर जाते हुए देखा गया था, जिसके आधार पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है और फिलहाल आरोपों की सत्यता तथा घटना की परिस्थितियों की पड़ताल की जा रही है। मामले में पुलिस की विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।1
- बेगूसराय जिले में लगातार ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं, जिसको लेकर पुलिस पर 'निपा पोती' करने का आरोप लगाया गया है। इसी को लेकर एक पीड़ित परिवार ने खोदावंदपुर थाना गेट के सामने जमकर हंगामा किया और अपना आक्रोश व्यक्त किया।1
- बिहार के बाढ़ अनुमंडल के बाढ़ शहर में सोमवार को दिवंगत भरत तिवारी के कथित फर्जी एनकाउंटर के विरोध में एक विशाल जनसैलाब सड़कों पर उमड़ पड़ा। न्याय की मांग को लेकर उनके समर्थकों द्वारा ‘न्याय यात्रा’ निकाली गई, जो अनुग्रह नारायण सिंह कॉलेज मैदान से शुरू होकर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) कार्यालय तक पहुंची। यात्रा में शामिल दर्जनों लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और हाथों में बैनर लेकर भरत तिवारी को न्याय दिलाने व पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की। समर्थकों का आरोप है कि पुलिस ने भरत तिवारी को सुनियोजित तरीके से एक फर्जी एनकाउंटर में मारा। उनके अनुसार, भरत तिवारी ने हथियार डाल दिए थे, इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। बताया जाता है कि भरत तिवारी मूल रूप से आरा के बिलौटी गांव के निवासी थे और स्थानीय स्तर पर सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते थे, जिन्हें समर्थक एक संघर्षशील और जनहित के मुद्दे उठाने वाले व्यक्ति के रूप में वर्णित करते हैं। उनकी मौत के बाद इलाके में भारी आक्रोश देखा गया था और पहले भी लोगों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया था, जिसे नियंत्रित करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। न्याय यात्रा के दौरान वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि मामले की उच्च स्तरीय जांच नहीं कराई गई और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और अधिक तीव्र किया जाएगा। इस बीच, प्रशासन पूरे मामले पर अपनी नजर बनाए हुए है।1
- समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीन नगर थाना क्षेत्र में आगामी मुहर्रम पर्व को देखते हुए प्रशासन ने कानून न मानने वालों के खिलाफ सख्त निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि जो लोग कानून का पालन नहीं करेंगे, उन्हें खबरदार और होशियार रहना चाहिए, अन्यथा वे सीधे हवालात जाने के लिए तैयार रहें। इस दौरान कानून का पालन नहीं करने वालों को सीधे जेल भेजा जाएगा।1
- समस्तीपुर जिले के सिंघिया थाना परिसर में एक महत्वपूर्ण शांति समिति की बैठक संपन्न हुई। इस बैठक के दौरान, रोसड़ा पुलिस इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने आगामी मोहर्रम पर्व को सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए आम नागरिकों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की है।1