भाजपा के दिग्गज नेता और बाढ़ विधानसभा से लगातार चार बार विधायक रहे पूर्व विधायक ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ज्ञानू सोमवार को अपनी पत्नी के साथ बाढ़ पहुंचे। उन्होंने बाबा उमानाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और ईश्वर से सुख-समृद्धि तथा अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। इस अवसर पर मीडिया से बात करते हुए ज्ञानू ने बताया कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने बाढ़ में डेढ़ सौ से दो सौ करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए। उन्होंने यह भी कहा कि कई कार्य अभी भी जारी हैं और जो परियोजनाएं शुरू हो चुकी हैं, वे पूरी भी होंगी। ज्ञानू ने कहा कि हालांकि वे अब विधायक नहीं हैं, फिर भी महीने में तीन-चार बार बाढ़ के लोगों से मिलने आते हैं, बाबा उमानाथ में पूजा करते हैं और चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण भी करते हैं। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि विधायक न होने पर भी, जहाँ भी बाढ़ के लोगों को कोई दिक्कत होगी, उसके समाधान के लिए वे कार्य करते रहेंगे, हालांकि विधायक होते तो उन्हें अधिक अधिकार मिलता।
भाजपा के दिग्गज नेता और बाढ़ विधानसभा से लगातार चार बार विधायक रहे पूर्व विधायक ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ज्ञानू सोमवार को अपनी पत्नी के साथ बाढ़ पहुंचे। उन्होंने बाबा उमानाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और ईश्वर से सुख-समृद्धि तथा अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। इस अवसर पर मीडिया से बात करते हुए ज्ञानू ने बताया कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने बाढ़ में डेढ़ सौ से दो सौ करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए। उन्होंने यह भी कहा कि कई कार्य अभी भी जारी हैं और जो परियोजनाएं शुरू हो चुकी हैं, वे पूरी भी होंगी। ज्ञानू ने कहा कि हालांकि वे अब विधायक नहीं हैं, फिर भी महीने में तीन-चार बार बाढ़ के लोगों से मिलने आते हैं, बाबा उमानाथ में पूजा करते हैं और चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण भी करते हैं। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि विधायक न होने पर भी, जहाँ भी बाढ़ के लोगों को कोई दिक्कत होगी, उसके समाधान के लिए वे कार्य करते रहेंगे, हालांकि विधायक होते तो उन्हें अधिक अधिकार मिलता।
- भाजपा के दिग्गज नेता और बाढ़ विधानसभा से लगातार चार बार विधायक रहे पूर्व विधायक ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ज्ञानू सोमवार को अपनी पत्नी के साथ बाढ़ पहुंचे। उन्होंने बाबा उमानाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और ईश्वर से सुख-समृद्धि तथा अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। इस अवसर पर मीडिया से बात करते हुए ज्ञानू ने बताया कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने बाढ़ में डेढ़ सौ से दो सौ करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए। उन्होंने यह भी कहा कि कई कार्य अभी भी जारी हैं और जो परियोजनाएं शुरू हो चुकी हैं, वे पूरी भी होंगी। ज्ञानू ने कहा कि हालांकि वे अब विधायक नहीं हैं, फिर भी महीने में तीन-चार बार बाढ़ के लोगों से मिलने आते हैं, बाबा उमानाथ में पूजा करते हैं और चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण भी करते हैं। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि विधायक न होने पर भी, जहाँ भी बाढ़ के लोगों को कोई दिक्कत होगी, उसके समाधान के लिए वे कार्य करते रहेंगे, हालांकि विधायक होते तो उन्हें अधिक अधिकार मिलता।1
- रविवार, 21 जून 2026 की दोपहर करीब तीन बजे पटना-बख्तियारपुर एनएच-31 पर एक सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्य घायल हो गए। यह घटना सालिमपुर थाना क्षेत्र के ममता होटल के समीप हुई, जहाँ पीछे से आ रही एक चार पहिया वाहन की टक्कर से दादा और उनके दो पोते सड़क किनारे गड्ढे में जा गिरे। घायलों की पहचान केदार राय और उनके दो पोते सुधीर कुमार तथा भोला कुमार के रूप में हुई है। घायल सुधीर कुमार के अनुसार, वे तीनों बाइक से किसी निजी कार्य से पटना जा रहे थे, तभी ममता होटल के पास पीछे से आ रही चार पहिया वाहन ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। सुधीर कुमार ने यह भी बताया कि जिस चार पहिया वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मारी थी, उसे भी पीछे से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रक ने टक्कर मारी थी, जिसके बाद वह अनियंत्रित होकर उनकी बाइक से जा भिड़ी। हादसे के बाद तीनों सड़क किनारे गड्ढे में गिर गए, जबकि बाइक क्षतिग्रस्त अवस्था में सड़क किनारे पड़ी रही। इस घटना के बाद चार पहिया वाहन सवार ने तत्काल मानवता का परिचय देते हुए घायलों की मदद की और डायल-112 को सूचना दी। सूचना मिलते ही सालिमपुर थाना की डायल-112 टीम मौके पर पहुँची और तीनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बख्तियारपुर पहुँचाया। डायल-112 में तैनात एसआई दीपक कुमार ने जानकारी दी कि समय पर इलाज मिलने के कारण तीनों घायलों की स्थिति सामान्य है और प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेजा जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सड़क पर कहीं भी हादसा होने पर घायल की तुरंत मदद करें, उसे नजदीकी अस्पताल पहुँचाएँ और डायल-112 को सूचना देकर इंसानियत का फ़र्ज़ निभाएँ।1
- यह प्रश्न उठाया गया है कि पटना के बांकीपुर क्षेत्र के मुसलमान राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर के संबंध में क्या राय रखते हैं।1
- समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीन नगर थाना क्षेत्र में आगामी मुहर्रम पर्व को देखते हुए प्रशासन ने कानून न मानने वालों के खिलाफ सख्त निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि जो लोग कानून का पालन नहीं करेंगे, उन्हें खबरदार और होशियार रहना चाहिए, अन्यथा वे सीधे हवालात जाने के लिए तैयार रहें। इस दौरान कानून का पालन नहीं करने वालों को सीधे जेल भेजा जाएगा।1
- भरत तिवारी के लिए न्याय की मांग को लेकर सैकड़ों की संख्या में युवाओं ने एक कैंडल मार्च निकाला।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मोकामा स्थित श्री कृष्ण मारवाड़ी हाई स्कूल परिसर में एक विशेष योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। रौशन भारद्वाज की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम में योग शिक्षक रंजन सर ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन और योग के महत्व की विस्तृत जानकारी प्रदान की। ब्रह्माकुमारी मोकामा की सहभागिता से कार्यक्रम में आध्यात्मिक और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता का संदेश भी दिया गया। इस आयोजन का मुख्य विषय “स्वस्थ आयु के लिए योग” था और इसका मूल संदेश “योग अपनाएं, स्वस्थ जीवन पाएं” रहा। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने योग को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।1
- बिहार के बाढ़ अनुमंडल के बाढ़ शहर में सोमवार को दिवंगत भरत तिवारी के कथित फर्जी एनकाउंटर के विरोध में एक विशाल जनसैलाब सड़कों पर उमड़ पड़ा। न्याय की मांग को लेकर उनके समर्थकों द्वारा ‘न्याय यात्रा’ निकाली गई, जो अनुग्रह नारायण सिंह कॉलेज मैदान से शुरू होकर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) कार्यालय तक पहुंची। यात्रा में शामिल दर्जनों लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और हाथों में बैनर लेकर भरत तिवारी को न्याय दिलाने व पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की। समर्थकों का आरोप है कि पुलिस ने भरत तिवारी को सुनियोजित तरीके से एक फर्जी एनकाउंटर में मारा। उनके अनुसार, भरत तिवारी ने हथियार डाल दिए थे, इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। बताया जाता है कि भरत तिवारी मूल रूप से आरा के बिलौटी गांव के निवासी थे और स्थानीय स्तर पर सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते थे, जिन्हें समर्थक एक संघर्षशील और जनहित के मुद्दे उठाने वाले व्यक्ति के रूप में वर्णित करते हैं। उनकी मौत के बाद इलाके में भारी आक्रोश देखा गया था और पहले भी लोगों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया था, जिसे नियंत्रित करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। न्याय यात्रा के दौरान वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि मामले की उच्च स्तरीय जांच नहीं कराई गई और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और अधिक तीव्र किया जाएगा। इस बीच, प्रशासन पूरे मामले पर अपनी नजर बनाए हुए है।1
- वैशाली जिले के सराय थाना क्षेत्र में जमीनी विवाद को लेकर हुए बवाल में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। जहांगीरपुर पटेरा गाँव में हुई इस घटना में एक मां और उनके बेटे को हमला कर गंभीर चोटें पहुंचाई गईं, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए हाजीपुर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।1