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रायसेन के दरगाह परिसर में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें एक युवक की जान चली गई। यह घटना बिजली के डीपी (डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर) पर लाइट ठीक करने के दौरान घटी।
Vineet maheshwari
रायसेन के दरगाह परिसर में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें एक युवक की जान चली गई। यह घटना बिजली के डीपी (डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर) पर लाइट ठीक करने के दौरान घटी।
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- रायसेन जिले में हाल ही में 'अनुगूंज' शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर का प्राथमिक उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों के सामने आने वाली विभिन्न समस्याओं का निराकरण करना था, जिसमें उन्हें सहायता और समाधान प्रदान किए गए। इसी कार्यक्रम के दौरान, 'संकेत वाणी' नामक एक नए और महत्वपूर्ण ऐप का भी शुभारंभ किया गया। इस खबर का प्रसारण दूरदर्शन मध्य प्रदेश पर किया गया, जिसकी जानकारी रायसेन के जिला संवाददाता विनीत माहेश्वरी ने दी।1
- आज 14 जून को भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री तथा क्षेत्रीय सांसद माननीय श्री शिवराज सिंह जी चौहान ने विदिशा तहसील के ग्राम बेरखेड़ी-जेतु में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने करोड़ों रुपए लागत के कृषि विज्ञान केंद्र (के.वी.के.) का शिलान्यास किया और साथ ही 'खेत बचाओ अभियान' तथा 'सीआरएम प्रोजेक्ट' (ग्राहक संबंध प्रबंधन परियोजना) की शुरुआत भी की। विदिशा के विधायक मुकेश टंडन जी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह करोड़ों रुपए की सौगात विदिशा विधानसभा क्षेत्र को मिल रही है, जिससे विदिशा और आसपास के जिलों के किसान कृषि संबंधी विभिन्न समस्याओं के निराकरण और उपलब्धियों से लाभान्वित होंगे। इस कार्यक्रम में प्रदेश के कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, जिले के प्रभारी मंत्री लखन पटेल, और संसदीय क्षेत्र विदिशा के सभी जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। रायसेन एवं विदिशा जिले के विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थी सहित लगभग ढाई से 3000 कृषक इस कार्यक्रम में शामिल होने आए। कार्यक्रम स्थल पर लगभग 25 प्रदर्शनी स्टाल लगाए गए, जिनमें 9 आईसीआर संस्थान, 5-6 केवीके, 5-6 राज्य विभाग, 2 गैर सरकारी संगठन, और 3-4 एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त, देश के विभिन्न केवीके और आईसीएआर संस्थान वर्चुअली जुड़कर वैज्ञानिकों और किसानों के बीच संवाद स्थापित करेंगे। माननीय केंद्रीय मंत्री जी ने प्रदेश के चार जिलों में रोड मैप के लिए तीन-चार गांवों की कार्य योजना पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम में जीवंत प्रदर्शनों की भी व्यवस्था की गई, जिनमें मृदा परीक्षण एवं किसानों को प्रशिक्षण, स्प्रिंकलर सिस्टम से सिंचाई, लेजर लेवेलेर, धान की सीधी बिजाई, मशीनीकृत ट्रांसप्लांटर से धान की रोपाई, और ड्रोन डेमो शामिल थे, ताकि किसान इन तकनीकों को व्यावहारिक रूप से सीख और समझ सकें। इस अवसर पर फसल अवशेष प्रबंधन सीआरएम परियोजना की कार्यशाला और समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें सीआरएम से जुड़े सभी 76 केवीके भौतिक या वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। कार्यक्रम में दो तकनीकी सत्र भी हुए, जहां 6-8 विशेषज्ञों ने "खेत बचाओ अभियान" से संबंधित विषयों पर संवादात्मक व्याख्यान दिए।4
- राजधानी भोपाल के रेत घाट पर एसीपी चंद्रशेखर पांडे के नेतृत्व में एक सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत हेलमेट और सीट बेल्ट की जांच करते हुए चालानी कार्रवाई की गई। चेकिंग के दौरान कई वाहन चालक पुलिस को देखते ही अपने वाहन वापस मोड़ते हुए नजर आए, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया। पुलिस का कहना है कि लोगों की सुरक्षा के लिए हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग अत्यंत आवश्यक है। नियमों का पालन नहीं करने वाले वाहन चालकों के फोटो लेकर उन्हें ई-चालान भी भेजे जा रहे हैं।1
- भोपाल में गोविंदपुरा पुलिस ने अपनी त्वरित कार्रवाई और तकनीकी दक्षता का प्रदर्शन करते हुए एक महिला का खोया हुआ बैग 24 घंटे के भीतर खोज निकाला। इस बैग में 20 लाख रुपये के जेवरात थे, जो महिला के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण थे। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए लगभग 150 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसकी मदद से आखिरकार गुम हुआ बैग ढूंढ लिया गया और उसे संबंधित महिला को सुरक्षित वापस लौटा दिया गया।1
- संक्रांति के समय विदिशा में तेज बारिश और हवा के साथ मौसम ने करवट ली। इस बारिश के कारण शहर की सड़कें पानी से लबालब दिख रही थीं, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह से बाधित हो गई। विशेष रूप से, रात्रि में हुई इस बारिश ने विदिशा शहर की सड़कों पर जलभराव कर दिया।1
- भोपाल में भगवा पार्टी ने वक्फ बोर्ड के विरोध में प्रदर्शन करते हुए बोर्ड ऑफिस चौराहे से एक प्रतीकात्मक अर्थी यात्रा निकाली। इस प्रदर्शन के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वक्फ बोर्ड की प्रतीकात्मक अंत्येष्टि की गई, जिसके बाद वक्फ बोर्ड को लेकर सियासी बहस एक बार फिर तेज हो गई है। हाल के महीनों में वक्फ बोर्ड और उसकी संपत्तियों से जुड़े कई विवाद और विरोध प्रदर्शन देशभर में सामने आए हैं, जिसने इस मुद्दे को लगातार चर्चा में रखा है। भगवा पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बोर्ड ऑफिस चौराहे पर इकट्ठा होकर वक्फ बोर्ड के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान पंडितों द्वारा वैदिक मंत्र पढ़े गए और प्रतीकात्मक अर्थी निकालकर वक्फ बोर्ड का अंतिम संस्कार किया गया। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकांत शुक्ला ने कहा कि भारत सनातन परंपराओं का देश है और यहां का कानून संविधान के अनुसार ही चलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों और कुछ राजनीतिक दलों ने वोट बैंक की राजनीति के लिए वक्फ बोर्ड को बढ़ावा दिया है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि वक्फ बोर्ड को लेकर पूरे देश में लगातार विवाद सामने आते रहे हैं और उसकी कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। उनका कहना था कि हाल ही में वक्फ संपत्तियों और उनके प्रबंधन से संबंधित विरोध प्रदर्शन और कानूनी विवाद विभिन्न राज्यों में देखे गए हैं।1
- मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह क्षेत्र बुधनी की नर्मदा नदी में रात के अंधेरे में धड़ल्ले से अवैध रेत खनन जारी है। जहाजपुरा, जजाना, बाबरी, नहलाई, माठगांव, आवली घाट, जाजाना, बाबरी, डीमावार, बाबरी, अम्बा जाहिद, अम्बा, वडगांव, नीलकंठ, छिदगांव और कच्छी जैसे विभिन्न घाटों पर रेत माफिया रात भर सक्रिय रहते हैं। इन खनन स्थलों पर जेसीबी, पोकलैंड और पनडुब्बियों जैसी भारी मशीनों का मेला लगा रहता है, जिससे बिना किसी सुरक्षा के और जान जोखिम में डालकर अवैध रूप से रेत निकाली जा रही है। सीहोर जिले में हो रही इस पूरी गतिविधि के बावजूद, जिला प्रशासन और खनिज विभाग पर 'कुंभकर्ण की नींद' में सोए रहने का गंभीर आरोप लगाया गया है।1
- ओमान तट के पास तेल टैंकर एमटी सेटेबेलो पर हुई अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में 24 भारतीय चालक दल के सदस्यों में से 3 नाविकों—आदित्य शर्मा, शिवानंद चौरसिया और पटनाला सुरेश—की दुखद मृत्यु हो गई है। इस कार्रवाई के दौरान, 21 अन्य भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। भारत सरकार ने इस गंभीर घटना पर अमेरिका के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया है। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से इस विषय पर चर्चा करते हुए स्पष्ट किया है कि नागरिकों की मौत को किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता। इन भारतीय नाविकों ने मर्चेंट नेवी में कार्यरत रहते हुए अपनी जान गंवाई। उनकी मृत्यु पर गहरा दुख व्यक्त किया जा रहा है, और इस मामले में गहन जांच तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग भी उठ रही है। दिवंगत नाविकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई है और उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की गई हैं।1