हाफिजपुर चट्टी पर पुल बना हादसों की वजह, राहगीरों की बढ़ी परेशानी हाफिजपुर चट्टी पर स्थित पुल इन दिनों लगातार दुर्घटनाओं का कारण बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार यहां दो पुल बने हुए हैं। एक पुल पहले का निर्मित है, जबकि दूसरा पुल बाद में बनाया गया है, लेकिन दोनों के निर्माण और सुरक्षा व्यवस्था में भारी खामियां हैं। पुल के किनारों पर कई जगह रेलिंग नहीं लगी है, जिससे वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। विशेषकर रात के समय और बारिश के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है।पर्याप्त की व्यवस्था न होने तथा संकेतक बोर्डों के अभाव में वाहन चालक सही दिशा का अंदाजा नहीं लगा पाते, जिसके कारण आए दिन छोटे-बड़े हादसे होते रहते हैं। स्थानीय दुकानदारों और ग्रामीणों का कहना है कि कई बार दुर्घटनाओं में लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। राहगीरों का आरोप है कि पुल की चौड़ाई कम होने और सुरक्षा रेलिंग के अभाव में बाइक सवार और पैदल चलने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पुल के दोनों ओर मजबूत रेलिंग लगाई जाए, उचित प्रकाश व्यवस्था की जाए और चेतावनी संकेत लगाए जाएं, ताकि दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके और आम जनता सुरक्षित रूप से आवागमन कर सके।
हाफिजपुर चट्टी पर पुल बना हादसों की वजह, राहगीरों की बढ़ी परेशानी हाफिजपुर चट्टी पर स्थित पुल इन दिनों लगातार दुर्घटनाओं का कारण बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार यहां दो पुल बने हुए हैं। एक पुल पहले का निर्मित है, जबकि दूसरा पुल बाद में बनाया गया है, लेकिन दोनों के निर्माण और सुरक्षा व्यवस्था में भारी खामियां हैं। पुल के किनारों पर कई जगह रेलिंग नहीं लगी है, जिससे वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। विशेषकर रात के समय और बारिश के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है।पर्याप्त की व्यवस्था न होने तथा संकेतक बोर्डों के अभाव में वाहन चालक सही दिशा का अंदाजा नहीं
लगा पाते, जिसके कारण आए दिन छोटे-बड़े हादसे होते रहते हैं। स्थानीय दुकानदारों और ग्रामीणों का कहना है कि कई बार दुर्घटनाओं में लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। राहगीरों का आरोप है कि पुल की चौड़ाई कम होने और सुरक्षा रेलिंग के अभाव में बाइक सवार और पैदल चलने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पुल के दोनों ओर मजबूत रेलिंग लगाई जाए, उचित प्रकाश व्यवस्था की जाए और चेतावनी संकेत लगाए जाएं, ताकि दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके और आम जनता सुरक्षित रूप से आवागमन कर सके।
- Post by RISHI RAI1
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- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- मऊ : शहर कोतवाली पुलिस एक शातिर चोर को पकड़ी...! चोरी का आभूषण और नगदी भी बरामद हुआ जिसमें लगभग 37 लाख के सोने और चांदी के आभूषण और ₹52,500 नगदी बरामद किया गया। शातिर चोर देवरिया का रहने वाला है जो अभी बलिया में रह रहा है। #दलजीतसिंहन्यूज़रिपोर्टर #daljeetsinghjournalist #maunews #maupolice #maumahadev #वायरलवीडियोシ #shortsreels #reelsvideoシ #VistaarNews #चोर #चोरी #thief1
- Post by Nafe khan 👨🔧👩🔧1
- जखनिया। बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने और नॉन-कोलोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों पर मध्यान भोजन व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को जखनिया विकासखंड में किचन में उपयोग होने वाली सामग्री का वितरण किया गया। इस दौरान विकासखंड के कुल 41 आंगनबाड़ी केंद्रों को किचन में इस्तेमाल होने वाले कुल 24 प्रकार के सामान उपलब्ध कराए गए।इस पहल का उद्देश्य यह है कि केंद्रों पर आने वाले बच्चों को सरकार की मंशा के अनुरूप पौष्टिक और निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराया जा सके, जिससे उनके स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार हो सके।इस संबंध में जानकारी देते हुए जखनिया की सीडीपीओ बिन्नी यादव ने बताया कि सरकार की मंशा के अनुरूप बच्चों की देखभाल करना और उन्हें प्रारंभिक शिक्षा देना आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि बच्चों को समय पर पोषाहार उपलब्ध कराना, उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना तथा स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों का संचालन करना आवश्यक है।उन्होंने यह भी बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर चेहरा प्रमाणीकरण (फेस ऑथेंटिकेशन) के साथ-साथ टीएचआर (टेक होम राशन) वितरण भी अनिवार्य रूप से कराया जा रहा है, ताकि पात्र लाभार्थियों तक पोषण सामग्री सही तरीके से पहुंच सके #जखनिया #गाजीपुर #आंगनबाड़ी #बच्चों_का_पोषण #पोषण_अभियान1
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- मऊ । मनोज राजभर ने सुहेलदेव स्वाभिमान पार्टी को छोड़ भारतीय समाज पार्टी का थामा दामन1