Shuru
Apke Nagar Ki App…
ब्रैकिग चाचौड़ा - पूर्व चाचौड़ा विधायक, वर्तमान जिला पंचायत सदस्य ने मध्य प्रदेश सरकार के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर हो रहा है वायरल। मध्य प्रदेश में वर्ष 1995 से त्रिस्तरीय पंचायतीराज की शुरुआत हुई थी जिसमें ग्राम पंचायत जनपद पंचायत जिला पंचायत को अधिकार सम्पन्न बनाया गया था जिसके अंतर्गत ग्रामीण एरिया का विकास समाहित था साथ ही ग्रामीण क्षेत्र से अच्छा नेतृत्व उबरने की संभावना थी जो कि किसानों और मज़दूरों की समस्याओं को ज़मीनी स्तर पर समझते हैं किंतु वर्तमान में पंचायतीराज को समाप्त करने का एजेंडा चल रहा है जो ग़लत है। भारत की 80 प्रतिशत आबादी के ग्रामीण क्षेत्र में रहती है।
Lokesh shukla
ब्रैकिग चाचौड़ा - पूर्व चाचौड़ा विधायक, वर्तमान जिला पंचायत सदस्य ने मध्य प्रदेश सरकार के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर हो रहा है वायरल। मध्य प्रदेश में वर्ष 1995 से त्रिस्तरीय पंचायतीराज की शुरुआत हुई थी जिसमें ग्राम पंचायत जनपद पंचायत जिला पंचायत को अधिकार सम्पन्न बनाया गया था जिसके अंतर्गत ग्रामीण एरिया का विकास समाहित था साथ ही ग्रामीण क्षेत्र से अच्छा नेतृत्व उबरने की संभावना थी जो कि किसानों और मज़दूरों की समस्याओं को ज़मीनी स्तर पर समझते हैं किंतु वर्तमान में पंचायतीराज को समाप्त करने का एजेंडा चल रहा है जो ग़लत है। भारत की 80 प्रतिशत आबादी के ग्रामीण क्षेत्र में रहती है।
- User8698Porsa, Morena👏12 hrs ago
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- ब्रैकिग कैलारस -आज शुक्रवार को कैलारस में इस समय बारिश हो रही है। और अभी भी वर्षा का पानी आसमान से धरती पर पड़ रहा है। और कथित तौर पर मौसम विभाग द्वारा 3 दिन बारिश होने का अल्टीमेट दिया है और अभी भी बारिश हो रही है कैलारस में और मौसम भी खराब है।1
- ग्राम पंचायत रामपुर कला में शमशान जाने के लिए रास्ता न होने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना कर पड़ रहा है मुरैना जिले के ग्राम पंचायत रामपुर कला में श्मशान घाट के लिए रास्ता न होने के कारण मृतक का अंतिम संस्कार ग्रामीण ठीक से नहीं कर पा रहे हैं कल की घटनाएं कल एक्सीडेंट में एक व्यक्ति की मौत हो जाने के कारण बरसात में अंतिम श्मशान घाट के लिए रास्ता न होने के कारण खेतों में तीन सेट लगाकर अंतिम संस्कार करना पड़ा1
- आँगई थाना पुलिस की अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई आँगई थाना पुलिस की अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई1
- नन्हें बाल गोपालों के संग आस्था, प्रेम और भक्ति का यह अद्भुत पल सच में मन को कृष्णमय कर गया... बाल स्वरूप में कान्हा की मनमोहक छवि और भक्तिमय वातावरण ने जन्माष्टमी के उल्लास को और भी विशेष बना दिया। जय श्री कृष्ण! — डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश शासन1
- श्योपुर की कराहल घाटी में लगा लंबा जाम, दो ट्रक फंसे, यात्री हुए परेशान पुलिस यातायात बहाल कराने में जुटी श्योपुर की कराहल घाटी में आज दो ट्रकों के फंसने से लंबा जाम लग गया। एक ट्रक का पहिया सड़क किनारे धंस गया, जबकि दूसरे ट्रक का डीजल खत्म होने के कारण वह घाटी में ही खड़ा हो गया। दोनों ट्रकों के फंसने से घाटी में वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो गई।जाम की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात बहाल कराने का प्रयास शुरू किया। फिलहाल पुलिस द्वारा छोटी गाड़ियों और कारों को बारी-बारी से निकालकर यातायात सुचारू कराने की कोशिश की जा रही है। बड़े वाहनों के हटने के बाद ही घाटी में पूरी तरह से आवागमन सामान्य होने की उम्मीद है।1
- निकाय चुनाव को लेकर पुलिस सख्त, सैपऊ में निकाला फ्लैग मार्च प्रमुख बाजारों और गली-मोहल्लों में पैदल मार्च कर पुलिस ने दिया भयमुक्त मतदान का संदेश सैपऊ। नगर पालिका क्षेत्र में 9 सितंबर को होने वाले निकाय चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए धौलपुर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा के सुपरविजन एवं वृत्ताधिकारी सैपऊ मनोहर मीणा के नेतृत्व में पुलिस ने शहर में फ्लैग मार्च निकाला। फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस जवानों ने सैपऊ नगर पालिका क्षेत्र के प्रमुख बाजारों, मुख्य मार्गों एवं गली-मोहल्लों में पैदल मार्च कर आमजन को सुरक्षा का भरोसा दिलाया। पुलिस ने मतदाताओं से बिना किसी भय या दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की। वहीं असामाजिक तत्वों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की बाधा, अशांति या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी वृत्ताधिकारी सैपऊ मनोहर मीणा ने बताया कि चुनाव को शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन की आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाले संभावित उपद्रवियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान प्रत्येक मतदाता को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना पुलिस की प्राथमिकता है। असामाजिक गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों एवं संभावित उपद्रवियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। अवैध गतिविधियों पर भी कार्रवाई जारी पुलिस द्वारा अवैध शराब, अवैध हथियार एवं अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने अथवा क्षेत्र में अशांति फैलाने का प्रयास करने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। फ्लैग मार्च में थाना प्रभारी सैपऊ अमित कुमार शर्मा, थाना प्रभारी कौलारी हरिनारायण मीणा, थाना प्रभारी कंचनपुर हरेंद्र सिंह सहित पुलिस बल मौजूद रहा। धौलपुर पुलिस ने आमजन से शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष चुनाव में पुलिस-प्रशासन का सहयोग करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि या चुनाव संबंधी गड़बड़ी की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की है।3
- *जनशक्ति स्वराज पार्टी की पहली हुंकार यूजीसी रोलबैक की मांग पर सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता* *बयाना के खानखेड़ा बागरेन में गूंजा विरोध का स्वर, नीकेश सिंह जादौन के नेतृत्व में प्रदर्शन; रवि प्रताप सिंह की प्रमुख भूमिका* जनशक्ति स्वराज पार्टी ने अपनी जमीनी सक्रियता की शुरुआत जनहित के मुद्दे को लेकर जोरदार तरीके से की। यूजीसी के नियमों के विरोध एवं यूजीसी रोलबैक की मांग को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं ने बयाना के गांव खानखेड़ा बागरेन में प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। संस्थापक कृष्णा परमार सैंपऊ के निर्देशानुसार हुए प्रदर्शन का नेतृत्व नीकेश सिंह जादौन ने किया, जबकि रवि प्रताप सिंह ने प्रमुख भूमिका निभाई कार्यकर्ताओं ने विरोध स्वरूप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पुतलों का दहन किया। जनशक्ति स्वराज पार्टी कार्यकर्ता नीकेश सिंह जादौन ने कहा कि युवाओं और विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े किसी भी मुद्दे पर जनशक्ति स्वराज पार्टी पीछे नहीं हटेगी। यूजीसी के नियमों को वापस लेने की मांग को लेकर संगठन आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा। कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा की जनशक्ति स्वराज पार्टी की यूजीसी रोलबैक को लेकर यह पहली हुंकार है अब जनहित के हर समस्या पर जनता की आवाज बनकर मैदान में उतरना ही हमारा संकल्प है। प्रदर्शन में प्रशांत जादौन, कुलवीर जादौन, सुनील जादौन सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे। *जनशक्ति स्वराज पार्टी की पहली हुंकार यूजीसी रोलबैक की मांग पर सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता* *बयाना के खानखेड़ा बागरेन में गूंजा विरोध का स्वर, नीकेश सिंह जादौन के नेतृत्व में प्रदर्शन; रवि प्रताप सिंह की प्रमुख भूमिका* जनशक्ति स्वराज पार्टी ने अपनी जमीनी सक्रियता की शुरुआत जनहित के मुद्दे को लेकर जोरदार तरीके से की। यूजीसी के नियमों के विरोध एवं यूजीसी रोलबैक की मांग को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं ने बयाना के गांव खानखेड़ा बागरेन में प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। संस्थापक कृष्णा परमार सैंपऊ के निर्देशानुसार हुए प्रदर्शन का नेतृत्व नीकेश सिंह जादौन ने किया, जबकि रवि प्रताप सिंह ने प्रमुख भूमिका निभाई कार्यकर्ताओं ने विरोध स्वरूप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पुतलों का दहन किया। जनशक्ति स्वराज पार्टी कार्यकर्ता नीकेश सिंह जादौन ने कहा कि युवाओं और विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े किसी भी मुद्दे पर जनशक्ति स्वराज पार्टी पीछे नहीं हटेगी। यूजीसी के नियमों को वापस लेने की मांग को लेकर संगठन आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा। कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा की जनशक्ति स्वराज पार्टी की यूजीसी रोलबैक को लेकर यह पहली हुंकार है अब जनहित के हर समस्या पर जनता की आवाज बनकर मैदान में उतरना ही हमारा संकल्प है। प्रदर्शन में प्रशांत जादौन, कुलवीर जादौन, सुनील जादौन सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- ब्रैकिग चाचौड़ा - पूर्व चाचौड़ा विधायक, वर्तमान जिला पंचायत सदस्य ने मध्य प्रदेश सरकार के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर हो रहा है वायरल। मध्य प्रदेश में वर्ष 1995 से त्रिस्तरीय पंचायतीराज की शुरुआत हुई थी जिसमें ग्राम पंचायत जनपद पंचायत जिला पंचायत को अधिकार सम्पन्न बनाया गया था जिसके अंतर्गत ग्रामीण एरिया का विकास समाहित था साथ ही ग्रामीण क्षेत्र से अच्छा नेतृत्व उबरने की संभावना थी जो कि किसानों और मज़दूरों की समस्याओं को ज़मीनी स्तर पर समझते हैं किंतु वर्तमान में पंचायतीराज को समाप्त करने का एजेंडा चल रहा है जो ग़लत है। भारत की 80 प्रतिशत आबादी के ग्रामीण क्षेत्र में रहती है।1