कोडरमा जिले के सुदूरवर्ती राजावर पंचायत स्थित रेंगैनियां गांव में पिछले एक महीने से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी है, जिससे पढ़ाई, सिंचाई, रोशनी और मोबाइल चार्जिंग जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रभावित हैं। पिछले मंगलवार को काफी प्रयास के बाद गांव में नया ट्रांसफार्मर पहुंचाया गया था, लेकिन कई दिन बीत जाने के बावजूद इसे चालू नहीं किया गया है। ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि संबंधित बिजली मिस्त्री ट्रांसफार्मर चालू करने के लिए बार-बार पैसे की मांग कर रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि वे पहले भी मिस्त्री की मांग पर कुछ राशि दे चुके हैं, लेकिन अधिकांश परिवार आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण बार-बार अतिरिक्त पैसे देने में असमर्थ हैं। गांव में बिजली संकट के कारण बच्चे पेयजल के लिए लगाए गए सोलर सिस्टम से अपने मोबाइल फोन चार्ज करने को मजबूर हैं। रात के समय पूरा गांव अंधेरे में डूबा रहता है, जिससे सांप और बिच्छू जैसे जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बना रहता है और अनहोनी की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में सिंचाई और घरेलू बिजली की अधिक खपत होने के कारण ट्रांसफार्मर पर अतिरिक्त लोड पड़ता है, जिससे कम क्षमता का ट्रांसफार्मर बार-बार जल जाता है। इसलिए वे लंबे समय से अधिक क्षमता वाले ट्रांसफार्मर की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कोडरमा के सांसद, स्थानीय विधायक और बिजली विभाग के वरीय अधिकारियों से अविलंब बिजली आपूर्ति बहाल करने व अधिक क्षमता का ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही उपायुक्त से मांग की है कि यदि अवैध रूप से पैसे मांगने के आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मियों की निष्पक्ष जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाए। शीघ्र समाधान न होने पर ग्रामीणों ने विभाग के खिलाफ आंदोलन करने की चेतावनी दी है। इस दौरान मनोज राय, राजेंद्र राय, रामचंद्र राय, दिनेश राय, महेश राय, भोला चौधरी, लाल कुमार, अमित राय, परमेश्वर राय, गीता देवी, मानती देवी, रिंकी देवी, बबीता देवी, ललिता देवी और रिंकू देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
कोडरमा जिले के सुदूरवर्ती राजावर पंचायत स्थित रेंगैनियां गांव में पिछले एक महीने से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी है, जिससे पढ़ाई, सिंचाई, रोशनी और मोबाइल चार्जिंग जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रभावित हैं। पिछले मंगलवार को काफी प्रयास के बाद गांव में नया ट्रांसफार्मर पहुंचाया गया था, लेकिन कई दिन बीत जाने के बावजूद इसे चालू नहीं किया गया है। ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि संबंधित बिजली मिस्त्री ट्रांसफार्मर चालू करने के लिए बार-बार पैसे की मांग कर रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि वे पहले भी मिस्त्री की मांग पर कुछ राशि दे चुके हैं, लेकिन अधिकांश परिवार आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण बार-बार अतिरिक्त पैसे देने में असमर्थ हैं। गांव में बिजली संकट के कारण बच्चे पेयजल के लिए लगाए गए सोलर सिस्टम से अपने मोबाइल फोन चार्ज करने को मजबूर हैं। रात के समय पूरा गांव अंधेरे में डूबा रहता है, जिससे सांप और बिच्छू जैसे जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बना रहता है और अनहोनी की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में सिंचाई और घरेलू बिजली की अधिक खपत होने के कारण ट्रांसफार्मर पर अतिरिक्त लोड पड़ता है, जिससे कम क्षमता का ट्रांसफार्मर बार-बार जल जाता है। इसलिए वे लंबे समय से अधिक क्षमता वाले ट्रांसफार्मर की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कोडरमा के सांसद, स्थानीय विधायक और बिजली विभाग के वरीय अधिकारियों से अविलंब बिजली आपूर्ति बहाल करने व अधिक क्षमता का ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही उपायुक्त से मांग की है कि यदि अवैध रूप से पैसे मांगने के आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मियों की निष्पक्ष जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाए। शीघ्र समाधान न होने पर ग्रामीणों ने विभाग के खिलाफ आंदोलन करने की चेतावनी दी है। इस दौरान मनोज राय, राजेंद्र राय, रामचंद्र राय, दिनेश राय, महेश राय, भोला चौधरी, लाल कुमार, अमित राय, परमेश्वर राय, गीता देवी, मानती देवी, रिंकी देवी, बबीता देवी, ललिता देवी और रिंकू देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
- गिरिडीह जिले के गावां प्रखंड में पिछले चार दिनों से सप्लाई पानी बंद रहने के कारण ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है। पेयजल संकट से परेशान ग्रामीणों ने जोरदार विरोध-प्रदर्शन करते हुए पीएचईडी विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जल्द से जल्द जलापूर्ति बहाल करने की मांग उठाई। विरोध जताते हुए वार्ड सदस्य मुकेश राम ने आरोप लगाया कि पीएचईडी विभाग द्वारा जलापूर्ति के लिए कलेक्शन किए जाने के बावजूद खराब मोटर की मरम्मत नहीं कराई जा रही है। उन्होंने इसे विभाग की घोर लापरवाही बताते हुए कहा कि ग्रामीणों को बेवजह परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं वार्ड सदस्य सह झामुमो नेत्री रेशमा प्रवीण ने कहा कि पीएचईडी विभाग और जलापूर्ति समिति के अध्यक्ष की लापरवाही के कारण चार दिनों से सप्लाई पानी पूरी तरह बंद है, जिससे लोगों को पीने के पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि शीघ्र जलापूर्ति बहाल नहीं की गई और खराब मोटर की मरम्मत नहीं कराई गई, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इसके साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान करने की मांग की है।1
- चंदवारा प्रखंड के थाम पंचायत स्थित गायत्री पीठ शक्तिधाम और आरागारो पंचायत के जोगी हाई स्कूल में आगामी 10 अगस्त को आयोजित होने वाली कांवड़ पदयात्रा की तैयारियों को लेकर अलग-अलग बैठकें आयोजित की गईं। थाम पंचायत की बैठक में कांवड़ पदयात्रा के सफल आयोजन के लिए एक समिति का गठन किया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने हाथ उठाकर 10 अगस्त के कार्यक्रम में पूर्ण सहयोग देने की शपथ ली। बैठक में मौजूद श्रद्धालुओं ने "बोल बम" के जयघोष के साथ अपनी शिवभक्ति का उत्साह प्रकट किया। वहीं, आरागारो पंचायत के जोगी हाई स्कूल में हुई बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि पंचायत के सभी शिवभक्त बढ़-चढ़कर पदयात्रा में भाग लेंगे। बैठक में आयोजन को भव्य रूप देने, श्रद्धालुओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने और तन-मन से सहयोग करने पर चर्चा की गई।2
- राहुल गांधी द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया है।1
- कोडरमा के सतगावां प्रखंड अंतर्गत राजावर पंचायत के तिलकआडीह गांव निवासी कारु राजवंशी (पिता बंशी राजवंशी) का परिवार आज भी पक्का घर न होने के कारण जंगल में मराई (झोपड़ीनुमा आश्रय) बनाकर रहने को मजबूर है। बरसात, गर्मी और ठंड के मौसम में भी यह परिवार इसी अस्थायी आश्रय में जीवन यापन कर रहा है। कारु राजवंशी ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना और अबुआ आवास योजना के लिए कई बार आवेदन दिया, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिला और किसी योजना का लाभ नहीं मिल सका। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि उनके परिवार को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का भी समुचित लाभ नहीं मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और अधिक दयनीय हो गई है। मामले में मुखिया प्रतिनिधि नंदे लाल साब का कहना है कि कारु राजवंशी का नाम आवास योजना की सूची में दर्ज है और नियमानुसार उन्हें आवास उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार द्वारा बेघर परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर आवास देने के दावों के बीच अब देखना यह है कि इस परिवार को योजना का लाभ कब तक मिलता है, जबकि स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से जल्द आवास स्वीकृत करने की मांग की है।1
- कोडरमा में एक ही घर को दूसरी बार निशाना बनाया गया है, लेकिन चोरी की यह कोशिश एक बार फिर नाकाम हो गई।1