गिरिडीह जिले के गावां प्रखंड में पिछले चार दिनों से सप्लाई पानी बंद रहने के कारण ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है। पेयजल संकट से परेशान ग्रामीणों ने जोरदार विरोध-प्रदर्शन करते हुए पीएचईडी विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जल्द से जल्द जलापूर्ति बहाल करने की मांग उठाई। विरोध जताते हुए वार्ड सदस्य मुकेश राम ने आरोप लगाया कि पीएचईडी विभाग द्वारा जलापूर्ति के लिए कलेक्शन किए जाने के बावजूद खराब मोटर की मरम्मत नहीं कराई जा रही है। उन्होंने इसे विभाग की घोर लापरवाही बताते हुए कहा कि ग्रामीणों को बेवजह परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं वार्ड सदस्य सह झामुमो नेत्री रेशमा प्रवीण ने कहा कि पीएचईडी विभाग और जलापूर्ति समिति के अध्यक्ष की लापरवाही के कारण चार दिनों से सप्लाई पानी पूरी तरह बंद है, जिससे लोगों को पीने के पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि शीघ्र जलापूर्ति बहाल नहीं की गई और खराब मोटर की मरम्मत नहीं कराई गई, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इसके साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान करने की मांग की है।
गिरिडीह जिले के गावां प्रखंड में पिछले चार दिनों से सप्लाई पानी बंद रहने के कारण ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है। पेयजल संकट से परेशान ग्रामीणों ने जोरदार विरोध-प्रदर्शन करते हुए पीएचईडी विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जल्द से जल्द जलापूर्ति बहाल करने की मांग उठाई। विरोध जताते हुए वार्ड सदस्य मुकेश राम ने आरोप लगाया कि पीएचईडी विभाग द्वारा जलापूर्ति के लिए कलेक्शन किए जाने के बावजूद खराब मोटर की मरम्मत नहीं कराई जा रही है। उन्होंने इसे विभाग की घोर लापरवाही बताते हुए कहा कि ग्रामीणों को बेवजह परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं वार्ड सदस्य सह झामुमो नेत्री रेशमा प्रवीण ने कहा कि पीएचईडी विभाग और जलापूर्ति समिति के अध्यक्ष की लापरवाही के कारण चार दिनों से सप्लाई पानी पूरी तरह बंद है, जिससे लोगों को पीने के पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि शीघ्र जलापूर्ति बहाल नहीं की गई और खराब मोटर की मरम्मत नहीं कराई गई, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इसके साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान करने की मांग की है।
- गिरिडीह जिले के गावां प्रखंड में पिछले चार दिनों से सप्लाई पानी बंद रहने के कारण ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है। पेयजल संकट से परेशान ग्रामीणों ने जोरदार विरोध-प्रदर्शन करते हुए पीएचईडी विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जल्द से जल्द जलापूर्ति बहाल करने की मांग उठाई। विरोध जताते हुए वार्ड सदस्य मुकेश राम ने आरोप लगाया कि पीएचईडी विभाग द्वारा जलापूर्ति के लिए कलेक्शन किए जाने के बावजूद खराब मोटर की मरम्मत नहीं कराई जा रही है। उन्होंने इसे विभाग की घोर लापरवाही बताते हुए कहा कि ग्रामीणों को बेवजह परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं वार्ड सदस्य सह झामुमो नेत्री रेशमा प्रवीण ने कहा कि पीएचईडी विभाग और जलापूर्ति समिति के अध्यक्ष की लापरवाही के कारण चार दिनों से सप्लाई पानी पूरी तरह बंद है, जिससे लोगों को पीने के पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि शीघ्र जलापूर्ति बहाल नहीं की गई और खराब मोटर की मरम्मत नहीं कराई गई, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इसके साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान करने की मांग की है।1
- चंदवारा प्रखंड के थाम पंचायत स्थित गायत्री पीठ शक्तिधाम और आरागारो पंचायत के जोगी हाई स्कूल में आगामी 10 अगस्त को आयोजित होने वाली कांवड़ पदयात्रा की तैयारियों को लेकर अलग-अलग बैठकें आयोजित की गईं। थाम पंचायत की बैठक में कांवड़ पदयात्रा के सफल आयोजन के लिए एक समिति का गठन किया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने हाथ उठाकर 10 अगस्त के कार्यक्रम में पूर्ण सहयोग देने की शपथ ली। बैठक में मौजूद श्रद्धालुओं ने "बोल बम" के जयघोष के साथ अपनी शिवभक्ति का उत्साह प्रकट किया। वहीं, आरागारो पंचायत के जोगी हाई स्कूल में हुई बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि पंचायत के सभी शिवभक्त बढ़-चढ़कर पदयात्रा में भाग लेंगे। बैठक में आयोजन को भव्य रूप देने, श्रद्धालुओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने और तन-मन से सहयोग करने पर चर्चा की गई।2
- राहुल गांधी द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया है।1
- आज पटना पहुंचे तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार को चेतावनी दी है कि अगर छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमे कल तक वापस नहीं लिए गए और उन्हें रिहा नहीं किया गया, तो राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी। अपनी मां के साथ पटना पहुंचे तेजस्वी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली में सरकार और छात्रों के बीच हुए समझौते के तहत आंदोलन में शामिल सभी लोगों पर लगे केस वापस लिए जाने थे, लेकिन बिहार में इसके उलट काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य के कई जिलों में छात्रों को जबरन गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है, साथ ही उनके कई विधायकों और बड़े भाई तेज प्रताप यादव को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। तेजस्वी यादव का कहना है कि सरकार छात्रों की आवाज दबाकर लोकतंत्र में विरोध की जगह खत्म करना चाहती है। उन्होंने राज्य की कानून व्यवस्था को पूरी तरह चरमराया हुआ बताया और आरोप लगाया कि प्रशासन विपक्ष के नेताओं को दबाने में जुटा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्र अपने अधिकार और भविष्य के लिए आंदोलन कर रहे हैं और उन पर केस दर्ज करना अन्याय है। युवा ही देश का भविष्य हैं और उनके साथ अन्याय होने पर राजद चुप नहीं बैठेगी, बल्कि सड़क से लेकर सदन तक विरोध दर्ज कराएगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बांकीपुर उपचुनाव नजदीक होने के कारण तेजस्वी इस मुद्दे को बड़ा बनाकर युवा वोटरों को अपने पक्ष में करना चाहते हैं। वहीं दूसरी ओर, सरकार पर दबाव बढ़ रहा है कि वह या तो केस वापस ले या फिर आंदोलन का सामना करे। अब सभी की निगाहें कल तक सरकार के फैसले पर टिकी हैं कि वह क्या कदम उठाती है।1
- कोडरमा के सतगावां प्रखंड अंतर्गत राजावर पंचायत के तिलकआडीह गांव निवासी कारु राजवंशी (पिता बंशी राजवंशी) का परिवार आज भी पक्का घर न होने के कारण जंगल में मराई (झोपड़ीनुमा आश्रय) बनाकर रहने को मजबूर है। बरसात, गर्मी और ठंड के मौसम में भी यह परिवार इसी अस्थायी आश्रय में जीवन यापन कर रहा है। कारु राजवंशी ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना और अबुआ आवास योजना के लिए कई बार आवेदन दिया, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिला और किसी योजना का लाभ नहीं मिल सका। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि उनके परिवार को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का भी समुचित लाभ नहीं मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और अधिक दयनीय हो गई है। मामले में मुखिया प्रतिनिधि नंदे लाल साब का कहना है कि कारु राजवंशी का नाम आवास योजना की सूची में दर्ज है और नियमानुसार उन्हें आवास उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार द्वारा बेघर परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर आवास देने के दावों के बीच अब देखना यह है कि इस परिवार को योजना का लाभ कब तक मिलता है, जबकि स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से जल्द आवास स्वीकृत करने की मांग की है।1
- कोडरमा में एक ही घर को दूसरी बार निशाना बनाया गया है, लेकिन चोरी की यह कोशिश एक बार फिर नाकाम हो गई।1