आज पटना पहुंचे तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार को चेतावनी दी है कि अगर छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमे कल तक वापस नहीं लिए गए और उन्हें रिहा नहीं किया गया, तो राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी। अपनी मां के साथ पटना पहुंचे तेजस्वी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली में सरकार और छात्रों के बीच हुए समझौते के तहत आंदोलन में शामिल सभी लोगों पर लगे केस वापस लिए जाने थे, लेकिन बिहार में इसके उलट काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य के कई जिलों में छात्रों को जबरन गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है, साथ ही उनके कई विधायकों और बड़े भाई तेज प्रताप यादव को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। तेजस्वी यादव का कहना है कि सरकार छात्रों की आवाज दबाकर लोकतंत्र में विरोध की जगह खत्म करना चाहती है। उन्होंने राज्य की कानून व्यवस्था को पूरी तरह चरमराया हुआ बताया और आरोप लगाया कि प्रशासन विपक्ष के नेताओं को दबाने में जुटा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्र अपने अधिकार और भविष्य के लिए आंदोलन कर रहे हैं और उन पर केस दर्ज करना अन्याय है। युवा ही देश का भविष्य हैं और उनके साथ अन्याय होने पर राजद चुप नहीं बैठेगी, बल्कि सड़क से लेकर सदन तक विरोध दर्ज कराएगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बांकीपुर उपचुनाव नजदीक होने के कारण तेजस्वी इस मुद्दे को बड़ा बनाकर युवा वोटरों को अपने पक्ष में करना चाहते हैं। वहीं दूसरी ओर, सरकार पर दबाव बढ़ रहा है कि वह या तो केस वापस ले या फिर आंदोलन का सामना करे। अब सभी की निगाहें कल तक सरकार के फैसले पर टिकी हैं कि वह क्या कदम उठाती है।
आज पटना पहुंचे तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार को चेतावनी दी है कि अगर छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमे कल तक वापस नहीं लिए गए और उन्हें रिहा नहीं किया गया, तो राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी। अपनी मां के साथ पटना पहुंचे तेजस्वी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली में सरकार और छात्रों के बीच हुए समझौते के तहत आंदोलन में शामिल सभी लोगों पर लगे केस वापस लिए जाने थे, लेकिन बिहार में इसके उलट काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य के कई जिलों में छात्रों को जबरन गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है, साथ ही उनके कई विधायकों और बड़े भाई तेज प्रताप यादव को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। तेजस्वी यादव का कहना है कि सरकार छात्रों की आवाज दबाकर लोकतंत्र में विरोध की जगह खत्म करना चाहती है। उन्होंने राज्य की कानून व्यवस्था को पूरी तरह चरमराया हुआ बताया और आरोप लगाया कि प्रशासन विपक्ष के नेताओं को दबाने में जुटा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्र अपने अधिकार और भविष्य के लिए आंदोलन कर रहे हैं और उन पर केस दर्ज करना अन्याय है। युवा ही देश का भविष्य हैं और उनके साथ अन्याय होने पर राजद चुप नहीं बैठेगी, बल्कि सड़क से लेकर सदन तक विरोध दर्ज कराएगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बांकीपुर उपचुनाव नजदीक होने के कारण तेजस्वी इस मुद्दे को बड़ा बनाकर युवा वोटरों को अपने पक्ष में करना चाहते हैं। वहीं दूसरी ओर, सरकार पर दबाव बढ़ रहा है कि वह या तो केस वापस ले या फिर आंदोलन का सामना करे। अब सभी की निगाहें कल तक सरकार के फैसले पर टिकी हैं कि वह क्या कदम उठाती है।
- आज पटना पहुंचे तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार को चेतावनी दी है कि अगर छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमे कल तक वापस नहीं लिए गए और उन्हें रिहा नहीं किया गया, तो राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी। अपनी मां के साथ पटना पहुंचे तेजस्वी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली में सरकार और छात्रों के बीच हुए समझौते के तहत आंदोलन में शामिल सभी लोगों पर लगे केस वापस लिए जाने थे, लेकिन बिहार में इसके उलट काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य के कई जिलों में छात्रों को जबरन गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है, साथ ही उनके कई विधायकों और बड़े भाई तेज प्रताप यादव को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। तेजस्वी यादव का कहना है कि सरकार छात्रों की आवाज दबाकर लोकतंत्र में विरोध की जगह खत्म करना चाहती है। उन्होंने राज्य की कानून व्यवस्था को पूरी तरह चरमराया हुआ बताया और आरोप लगाया कि प्रशासन विपक्ष के नेताओं को दबाने में जुटा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्र अपने अधिकार और भविष्य के लिए आंदोलन कर रहे हैं और उन पर केस दर्ज करना अन्याय है। युवा ही देश का भविष्य हैं और उनके साथ अन्याय होने पर राजद चुप नहीं बैठेगी, बल्कि सड़क से लेकर सदन तक विरोध दर्ज कराएगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बांकीपुर उपचुनाव नजदीक होने के कारण तेजस्वी इस मुद्दे को बड़ा बनाकर युवा वोटरों को अपने पक्ष में करना चाहते हैं। वहीं दूसरी ओर, सरकार पर दबाव बढ़ रहा है कि वह या तो केस वापस ले या फिर आंदोलन का सामना करे। अब सभी की निगाहें कल तक सरकार के फैसले पर टिकी हैं कि वह क्या कदम उठाती है।1
- बौरी मिडिल स्कूल में आयोजित प्रमंडलस्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता में जहानाबाद की टीम विजयी रही है।1
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद कई जगहों पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने जमकर जश्न मनाया है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में कुछ स्थानों पर छात्र ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के साथ अपनी खुशी जताते दिखाई दे रहे हैं। NEET परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में पिछले कई दिनों से छात्रों के प्रदर्शन चल रहे थे। इस ताजा घटनाक्रम के सामने आने के बाद अब छात्र संगठनों और अन्य पक्षों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ देखने को मिल रही हैं।1
- ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में नालंदा के झंडू कुमार ने मेडल जीता है। इस उपलब्धि के बाद झंडू कुमार ने मेडल जीतने को लेकर अपनी बात रखी। वहीं, इस खास मौके पर नालंदा के सांसद कौशलेंद्र कुमार ने भी झंडू कुमार को ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल जीतने पर बधाई दी है।1
- गिरिडीह जिले के गावां प्रखंड में पिछले चार दिनों से सप्लाई पानी बंद रहने के कारण ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है। पेयजल संकट से परेशान ग्रामीणों ने जोरदार विरोध-प्रदर्शन करते हुए पीएचईडी विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जल्द से जल्द जलापूर्ति बहाल करने की मांग उठाई। विरोध जताते हुए वार्ड सदस्य मुकेश राम ने आरोप लगाया कि पीएचईडी विभाग द्वारा जलापूर्ति के लिए कलेक्शन किए जाने के बावजूद खराब मोटर की मरम्मत नहीं कराई जा रही है। उन्होंने इसे विभाग की घोर लापरवाही बताते हुए कहा कि ग्रामीणों को बेवजह परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं वार्ड सदस्य सह झामुमो नेत्री रेशमा प्रवीण ने कहा कि पीएचईडी विभाग और जलापूर्ति समिति के अध्यक्ष की लापरवाही के कारण चार दिनों से सप्लाई पानी पूरी तरह बंद है, जिससे लोगों को पीने के पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि शीघ्र जलापूर्ति बहाल नहीं की गई और खराब मोटर की मरम्मत नहीं कराई गई, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इसके साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान करने की मांग की है।1
- बिहार के बाढ़ में जदयू के नए कार्यालय का उद्घाटन किया गया। इसके बाद डाक बंगला कक्ष में जदयू कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसका शुभारंभ केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस कार्यक्रम में बिहार सरकार के मंत्री सरवन कुमार और मोकामा विधायक अनंत कुमार सिंह ने भी शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान हजारों की संख्या में मौजूद जदयू कार्यकर्ताओं ने नेताओं का फूल-मालाओं और ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत किया। ग्रामीण क्षेत्रों से आए पुरुष और महिला कार्यकर्ताओं ने 'ललन सिंह जिंदाबाद' और 'अनंत सिंह जिंदाबाद' के नारे भी लगाए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने कहा कि बिहार विकसित हुआ है तो बाढ़ भी विकसित होगा। वहीं बाढ़ को जिला बनाने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि बिहार में जब भी कोई नया जिला बनेगा, तो बाढ़ को ही जिला बनाया जाएगा।1
- नवादा जिले के गोविंदपुर थाना क्षेत्र में आपो ठाकुर के पास सकरी नदी में रविवार को 12 वर्षीय निक्की कुमार की डूबने से मौत हो गई। निक्की, गोविंदपुर डीह निवासी शिक्षक अवधेश कुमार भारती का पुत्र था। वह अपने तीन दोस्तों के साथ नदी की ओर गया था। चारों बच्चों के पानी में उतरते ही अचानक दो बच्चे डूबने लगे, जिसके बाद साथ मौजूद बच्चों ने हिम्मत दिखाते हुए एक बच्चे को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन निक्की गहरे पानी में लापता हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे तथा करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद निक्की को नदी के गहरे गड्ढे से बाहर निकाला। गंभीर हालत में उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, गोविंदपुर लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद नाजुक स्थिति को देखते हुए सदर अस्पताल, नवादा रेफर किया गया। हालांकि, सदर अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। साथ गए बच्चों द्वारा सूचना दिए जाने पर गोविंदपुर थानाध्यक्ष विजय कुमार एवं एएसआई ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया। इस दर्दनाक हादसे के बाद मृतक की मां सिल्लू भारती और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सकरी नदी में बालू खनन के कारण कई स्थानों पर गहरे और खतरनाक गड्ढे बन गए हैं, जो ऐसे हादसों का कारण बन रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बालू खनन पर सख्त नियंत्रण लगाया जाए और नदी में बने खतरनाक गड्ढों को तत्काल भरवाया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।1