एसडीएम की कथित अभद्रता पर भड़के अधिवक्ता पुलिस बल बुलाने पर बढ़ा आक्रोश, तहसील में अनिश्चितकालीन धरना शुरू महाराज सिंह, शाहजहांपुर। सदर तहसील में मंगलवार दोपहर अचानक माहौल गरमा गया। एसडीएम सदर और अधिवक्ताओं के बीच विवाद के बाद वकील तहसील परिसर में धरने पर बैठ गए। एसडीएम पर कथित अभद्र व्यवहार का आरोप लगाते हुए अधिवक्ताओं ने अनिश्चितकालीन आंदोलन का ऐलान कर दिया। मौके पर पुलिस बल पहुंचने से अधिवक्ताओं का आक्रोश और बढ़ गया। वकीलों ने साफ कहा कि मांगें पूरी होने तक धरना जारी रहेगा। दरअसल, कुछ अधिवक्ता वादकारियों की समस्याओं को लेकर एसडीएम सदर से मिलने उनके चैंबर पहुंचे थे। बातचीत के दौरान किसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। अधिवक्ताओं का आरोप है कि एसडीएम ने उन्हें चैंबर से बाहर जाने को कहा। इसके बाद विवाद बढ़ता चला गया। कुछ ही देर में तहसील परिसर में अधिवक्ताओं की भीड़ जुटने लगी। अधिवक्ताओं का आरोप है कि विवाद के बीच पुलिस बल बुलाया गया। इतना ही नहीं, एसडीएम ने पुलिस से अधिवक्ताओं पर लाठी चलाने को कहा। हालांकि यह आरोप अधिवक्ताओं की ओर से लगाया गया है। पुलिस बल की मौजूदगी के बाद अधिवक्ता और ज्यादा आक्रोशित हो गए और उन्होंने एसडीएम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। चैंबर विवाद से तहसील की व्यवस्था तक उठे सवाल धरने पर बैठे अधिवक्ताओं ने कहा कि मामला केवल कथित अभद्रता का नहीं है। तहसील में लंबे समय से वादकारियों और अधिवक्ताओं को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि नए तहसीलदार और नायब तहसीलदारों के आने के बाद राजस्व मामलों के निस्तारण की रफ्तार प्रभावित हुई है। अधिवक्ताओं के मुताबिक, लेखपालों की ओर से समय पर आख्या और रिपोर्ट नहीं लगाई जातीं। वहीं अहलमद और आरआर स्तर पर पत्रावलियां समय से पूरी नहीं होने के कारण वादकारियों को बार-बार तहसील के चक्कर लगाने पड़ते हैं। दूर-दराज से आने वाले लोगों को तारीख और रिपोर्ट के लिए परेशान होना पड़ रहा है। अधिवक्ता रज्जन बाबू मिश्रा ने कहा कि अधिवक्ता वादकारियों की समस्याएं लेकर अधिकारियों के पास जाते हैं। ऐसे में उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए। उन्होंने एसडीएम के व्यवहार की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। धरने से तहसील में बढ़ी हलचल अधिवक्ताओं ने कहा कि जब तक एसडीएम अपने कथित व्यवहार पर खेद व्यक्त नहीं करते और तहसील की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जाते, आंदोलन जारी रहेगा। धरने में वरिष्ठ अधिवक्ता रज्जन बाबू मिश्रा, गोपाल मिश्रा, बीपी सिंह, घनश्याम मिश्र, संजीव मिश्रा, रविंद्र मिश्रा, महेंद्र बाजपेई, विपुल कुमार बाजपेई, महेंद्र श्रीवास्तव, राजेश सक्सेना और आदर्श कुमार सक्सेना समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। मामले को लेकर तहसील परिसर में देर तक गहमागहमी बनी रही। अब नजर इस बात पर है कि प्रशासन और अधिवक्ताओं के बीच बातचीत से गतिरोध टूटता है या आंदोलन आगे और तेज होता है।
एसडीएम की कथित अभद्रता पर भड़के अधिवक्ता पुलिस बल बुलाने पर बढ़ा आक्रोश, तहसील में अनिश्चितकालीन धरना शुरू महाराज सिंह, शाहजहांपुर। सदर तहसील में मंगलवार दोपहर अचानक माहौल गरमा गया। एसडीएम सदर और अधिवक्ताओं के बीच विवाद के बाद वकील तहसील परिसर में धरने पर बैठ गए। एसडीएम पर कथित अभद्र व्यवहार का आरोप लगाते हुए अधिवक्ताओं ने अनिश्चितकालीन आंदोलन का ऐलान कर दिया। मौके पर पुलिस बल पहुंचने से अधिवक्ताओं का आक्रोश और बढ़ गया। वकीलों ने साफ कहा कि मांगें पूरी होने तक धरना जारी रहेगा। दरअसल, कुछ अधिवक्ता वादकारियों की समस्याओं को लेकर एसडीएम सदर से मिलने उनके चैंबर पहुंचे थे। बातचीत के दौरान किसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। अधिवक्ताओं का आरोप है कि एसडीएम ने उन्हें चैंबर से बाहर जाने को कहा। इसके बाद विवाद बढ़ता चला गया। कुछ ही देर में तहसील परिसर में अधिवक्ताओं की भीड़ जुटने लगी। अधिवक्ताओं का आरोप है कि विवाद के बीच पुलिस बल बुलाया गया। इतना ही नहीं, एसडीएम ने पुलिस से अधिवक्ताओं पर लाठी चलाने को कहा। हालांकि यह आरोप अधिवक्ताओं की ओर से लगाया गया है। पुलिस बल की मौजूदगी के बाद अधिवक्ता और ज्यादा आक्रोशित हो गए और उन्होंने एसडीएम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। चैंबर विवाद से तहसील की व्यवस्था तक उठे सवाल धरने पर बैठे अधिवक्ताओं ने कहा कि मामला केवल कथित अभद्रता का नहीं है। तहसील में लंबे समय से वादकारियों और अधिवक्ताओं को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि नए तहसीलदार और नायब तहसीलदारों के आने के बाद राजस्व मामलों के निस्तारण की रफ्तार प्रभावित हुई है। अधिवक्ताओं के मुताबिक, लेखपालों की ओर से समय पर आख्या और रिपोर्ट नहीं लगाई जातीं। वहीं अहलमद और आरआर स्तर पर पत्रावलियां समय से पूरी नहीं होने के कारण वादकारियों को बार-बार तहसील के चक्कर लगाने पड़ते हैं। दूर-दराज से आने वाले लोगों को तारीख और रिपोर्ट के लिए परेशान होना पड़ रहा है। अधिवक्ता रज्जन बाबू मिश्रा ने कहा कि अधिवक्ता वादकारियों की समस्याएं लेकर अधिकारियों के पास जाते हैं। ऐसे में उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए। उन्होंने एसडीएम के व्यवहार की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। धरने से तहसील में बढ़ी हलचल अधिवक्ताओं ने कहा कि जब तक एसडीएम अपने कथित व्यवहार पर खेद व्यक्त नहीं करते और तहसील की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जाते, आंदोलन जारी रहेगा। धरने में वरिष्ठ अधिवक्ता रज्जन बाबू मिश्रा, गोपाल मिश्रा, बीपी सिंह, घनश्याम मिश्र, संजीव मिश्रा, रविंद्र मिश्रा, महेंद्र बाजपेई, विपुल कुमार बाजपेई, महेंद्र श्रीवास्तव, राजेश सक्सेना और आदर्श कुमार सक्सेना समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। मामले को लेकर तहसील परिसर में देर तक गहमागहमी बनी रही। अब नजर इस बात पर है कि प्रशासन और अधिवक्ताओं के बीच बातचीत से गतिरोध टूटता है या आंदोलन आगे और तेज होता है।
- आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व महिला कल्याण की लाभार्थियों का सम्मान, 29.11 करोड़ खात आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व महिला कल्याण की लाभार्थियों का सम्मान, 29.11 करोड़ खातों में पहुंचे1
- ***29.11 करोड़ से संवरी हजारों लाभार्थियों की उम्मीदें*** 👉आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और उत्कृष्ट महिलाओं का सम्मान शाहजहांपुर, 08 सितंबर। अयोध्या में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं, मेधावी बच्चों तथा महिला एवं बाल कल्याण से जुड़ी उत्कृष्ट प्रतिभाओं के सम्मान और नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम का शाहजहांपुर में सजीव प्रसारण किया गया। अटल बिहारी वाजपेयी प्रेक्षागृह में राज्यसभा सांसद मिथिलेश कठेरिया, एमएलसी डॉ. सुधीर गुप्ता, जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य विकास अधिकारी उत्कर्ष द्विवेदी एवं महानगर अध्यक्ष शिल्पी गुप्ता की मौजूदगी में कार्यक्रम देखा गया। इस दौरान आईसीडीएस विभाग की पांच और महिला कल्याण विभाग की पांच उत्कृष्ट महिलाओं को सम्मानित किया गया। वहीं विभिन्न योजनाओं के तहत 29.11 करोड़ रुपये की धनराशि लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे हस्तांतरित की गई। महानगर अध्यक्ष शिल्पी गुप्ता ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां घर-घर पहुंचकर बच्चों और महिलाओं के पोषण, स्वास्थ्य एवं कल्याण के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। सरकार आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए स्वयं के भवन उपलब्ध कराने के साथ कार्यकत्रियों को स्मार्टफोन, पांच लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य कार्ड और साड़ी के लिए निर्धारित धनराशि जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध करा रही है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना समेत विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। कन्या सुमंगला योजना में पात्र बालिकाओं को छह चरणों में 25 हजार रुपये, निराश्रित महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये तथा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना में पात्र बच्चों को प्रतिमाह 2500 रुपये की सहायता दिए जाने की जानकारी दी गई। अंत में उत्कृष्ट अधीक्षिकाओं, आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को सम्मानित कर उनके योगदान की सराहना की गई।1
- मिर्जापुर पुलिस ने वारंटी अभियुक्त को किया गिरफ्तार शाहजहांपुर। पुलिस अधीक्षक के निर्देश मिर्जापुर पुलिस ने वारंटी अभियुक्त को किया गिरफ्तार शाहजहांपुर। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जनपद में वांछित एवं वारंटी अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना मिर्जापुर पुलिस को सफलता मिली। पुलिस टीम ने ग्राम इस्माइलपुर में दबिश देकर राजवीर सिंह पुत्र रामप्रसाद, निवासी इस्माइलपुर, थाना मिर्जापुर, को गिरफ्तार कर लिया।1
- *शाहजहांपुर में मानवता की मिसाल: परी नमकीन के मालिक विनय अग्रवाल ने बाढ़ प्रभावितों के लिए की चार दिनों तक निशुल्क भरपेट भोजन की व्यवस्था* जिला संवाददाता आशीष अवस्थी शाहजहांपुर: जिले में जब भी आपदा या संकट का समय आता है, सामाजिक सरोकारों से जुड़े लोग हमेशा आगे बढ़कर मदद का हाथ बढ़ाते हैं। जनपद में 'परी नमकीन' के प्रसिद्ध प्रतिष्ठान के मालिक और जाने-माने समाजसेवी विनय अग्रवाल ने एक बार फिर समाज सेवा का अनूठा उदाहरण पेश किया है। शहर में पिछले 6 वर्षों से मात्र 10 रुपये में भरपेट भोजन की व्यवस्था सुलभ कराने वाले विनय अग्रवाल ने हाल ही में आई बाढ़ के मद्देनजर एक सराहनीय कदम उठाया है। जिला अस्पताल और हनुमत धाम केंद्रों पर चार दिन रहा निशुल्क भोजन समाजसेवी विनय अग्रवाल द्वारा संचालित भोजनालयों के जरिए जिला अस्पताल परिसर और अपना हनुमत धाम के पास रोजाना जरूरतमंदों को मात्र 10 रुपये में भरपेट पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है। शहर में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने और कई इलाकों के जलमग्न होने के बाद, उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के पीड़ितों तथा शहरवासियों की कठिनाइयों को देखते हुए इन दोनों केंद्रों पर चार दिनों के लिए भोजन की व्यवस्था पूरी तरह निशुल्क कर दी थी, जिससे आपदा की इस घड़ी में किसी भी भूखे को असहाय न होना पड़े। स्वयं पहुंचे केंद्र, गुणवत्ता परखी और लिया फीडबैक इस निशुल्क व्यवस्था के दिन समाजसेवी विनय अग्रवाल ने खुद भोजनालय का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने वहां भोजन कर रहे लोगों से सीधा संवाद किया, उनका हालचाल जाना और खाने की गुणवत्ता को लेकर फीडबैक लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विशेष रूप से यह सुनिश्चित किया कि किसी भी व्यक्ति से भोजन के एवज में कोई पैसा तो नहीं लिया गया। साथ ही, उन्होंने लोगों से खाने के स्वाद और साफ-सफाई के बारे में भी पूछा, जिस पर वहां मौजूद सभी आमजन ने भोजन की उच्च गुणवत्ता और इस नेक पहल की जमकर सराहना की। संकट के इस दौर में विनय अग्रवाल और उनकी टीम द्वारा उठाया गया यह कदम शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है और यह प्रशासनिक प्रयासों के साथ-साथ सामाजिक सहभागिता की एक मजबूत मिसाल पेश करता है। जिला मीडिया प्रभारी वरुण मिश्रा आज मौजूद रहा है1
- *उप जिलाधिकारी सदर की अभद्रता के विरोध में तहसील सदर में अधिवक्ताओं का जोरदार धरना-प्रदर्शन, पुलिस बल बुलाने से बढ़ा आक्रोश* शाहजहांपुर: तहसील सदर परिसर में उप जिलाधिकारी (SDM) सदर द्वारा अधिवक्ताओं के साथ कथित रूप से किए गए अभद्र व्यवहार को लेकर वकीलों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित अधिवक्ताओं ने उप जिलाधिकारी सदर की कार्यशैली के खिलाफ तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि उप जिलाधिकारी ने संवाद करने के बजाय भारी पुलिस बल बुलवाकर अधिवक्ताओं को मानसिक रूप से आहत करने और डराने का प्रयास किया, जिससे स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई। धरने पर बैठे अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि विवाद केवल अभद्रता तक सीमित नहीं है, बल्कि तहसील की चरमरा चुकी प्रशासनिक व्यवस्था भी इसका बड़ा कारण है। अधिवक्ताओं के अनुसार, जब से नए तहसीलदार और नायब तहसीलदार आए हैं, तब से वादकारियों और अधिवक्ताओं की समस्याओं का कोई निस्तारण नहीं हो पा रहा है। राजस्व मामलों में लेखपालों द्वारा समय पर आख्या/रिपोर्ट न लगाना तथा अहलमद/आरआर (RR) द्वारा पत्रावलियों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण न करना आम बात हो चुकी है, जिससे दूर-दराज से आने वाले वादकारियों को चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इस धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने किया। मौके पर वरिष्ठता रज्जन बाबू मिश्रा, गोपाल मिश्रा, बी.पी. सिंह, घनश्याम मिश्र, संजीव मिश्रा, रविंद्र मिश्रा, महेंद्र बाजपेई, विपुल कुमार बाजपेई, महेंद्र श्रीवास्तव तथा राजेश सक्सेना , आदर्श कुमार सक्सेना ,समेत भारी संख्या में अन्य अधिवक्ता उपस्थित रहे। अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर चेतावनी दी है कि जब तक उप जिलाधिकारी सदर अपने व्यवहार के लिए खेद प्रकट नहीं करते और तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार व लापरवाही पर अंकुश नहीं लगाते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।1
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- शाहजहांपुर अपडेट... विशेष प्रदर्शन हनुमान अंश बाबा नीम करौली जी महाराज की दिव्य लीला पार्टी आधारित फ़िल्म बड़े पर्दे पर निशुल्क दिखाई जाएगी ! दिनांक : 08 सितम्बर 2026 समय : 07:00 बजे शाम दिन : मंगलवार स्थान : काशीराम कालोनी ब्लॉक नंबर . 28 के बाहर सड़क पर बरेली मोड़, शाहजहाँपुर उ प्र ! आयोजक : अतुल मौर्यवंशी अक्की सोशल सोशल एक्टिविस्ट शाहजहाँपुर उ प्र ! सम्पर्क सूत्र : 09450995171 आप सभी सादर आमंत्रित है ! 👇🏻1
- आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व महिला कल्याण की लाभार्थियों का सम्मान, 29.11 करोड़ खात शाहजहांपुर। अयोध्या में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं, मेधावी बच्चों और महिला कल्याण से जुड़ी उत्कृष्ट महिलाओं के सम्मान एवं नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम का सजीव प्रसारण मंगलवार को अटल बिहारी वाजपेयी प्रेक्षागृह में देखा गया। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद मिथिलेश कठेरिया, एमएलसी डॉ. सुधीर गुप्ता, जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह, सीडीओ उत्कर्ष द्विवेदी और महानगर अध्यक्ष शिल्पी गुप्ता मौजूद रहीं। जनपद में आईसीडीएस विभाग की पांच और महिला कल्याण विभाग की पांच उत्कृष्ट महिलाओं को सम्मानित किया गया। वहीं विभिन्न योजनाओं के तहत 29.11 करोड़ रुपये की धनराशि लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की गई। महानगर अध्यक्ष ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां घर-घर पहुंचकर बच्चों और महिलाओं के कल्याण के साथ सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित महिला पेंशन और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना समेत विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को स्मार्टफोन, पांच लाख रुपये तक का कैशलेस हेल्थ कार्ड और साड़ी के लिए निर्धारित धनराशि जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली अधीक्षिकाओं, कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को सम्मानित कर उनके योगदान की सराहना की।1