जतारा अब पर्ची नहीं, डिजिटल रिकॉर्ड से होगा इलाज—जतारा स्वास्थ्य केंद्र में ओपीडी को हाईटेक बनाने की तैयारी जतारा अब पर्ची नहीं, डिजिटल रिकॉर्ड से होगा इलाज—जतारा स्वास्थ्य केंद्र में ओपीडी को हाईटेक बनाने की तैयारी जतारा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जतारा में मरीजों को जल्द ही इलाज की नई डिजिटल व्यवस्था मिलने जा रही है। स्वास्थ्य केंद्र की ओपीडी को पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस बनाने की तैयारी चल रही है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद मरीज का रिकॉर्ड आधार नंबर के माध्यम से डिजिटल सिस्टम में दर्ज किया जाएगा। मरीज के स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने पर आधार नंबर से उसकी डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार होगी। डॉक्टर मरीज की जांच के बाद बीमारी, उपचार, जांच रिपोर्ट, दवाओं और जरूरी परामर्श की जानकारी सीधे डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज कर सकेंगे। इससे बार-बार पुरानी पर्चियां और फाइलें संभालने की जरूरत कम होगी। डॉक्टरों को दिए जाएंगे टैबलेट डिजिटल ओपीडी व्यवस्था के लिए डॉक्टरों को टैबलेट उपलब्ध कराने की तैयारी है। इसके माध्यम से डॉक्टर मरीज को देखने के बाद उसका पूरा उपचार विवरण ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। मरीज का रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा और जरूरत पड़ने पर भविष्य में भी उसे देखा जा सकेगा। पांच ऑपरेटर संभालेंगे कंप्यूटर सिस्टम स्वास्थ्य केंद्र में डिजिटल व्यवस्था संचालित करने के लिए पांच कंप्यूटर सिस्टम और ऑपरेटर लगाए जाने की तैयारी है। अधिकारियों के अनुसार आवश्यक संसाधन उपलब्ध होते ही ओपीडी को व्यवस्थित तरीके से कंप्यूटरीकृत और पेपरलेस किया जाएगा। पुरानी फाइलों से मिलेगी निजात नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि मरीजों की पुरानी पर्चियों और कागजी फाइलों पर निर्भरता कम होगी। मरीज के इलाज से जुड़ी जानकारी डिजिटल रिकॉर्ड में सुरक्षित रहने से डॉक्टरों को उपचार की पिछली जानकारी आसानी से मिल सकेगी। स्वास्थ्य केंद्र प्रबंधन के अनुसार शासन स्तर पर आवश्यक संसाधनों की मांग भेजी गई है। संसाधन उपलब्ध होते ही डिजिटल ओपीडी व्यवस्था शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
जतारा अब पर्ची नहीं, डिजिटल रिकॉर्ड से होगा इलाज—जतारा स्वास्थ्य केंद्र में ओपीडी को हाईटेक बनाने की तैयारी जतारा अब पर्ची नहीं, डिजिटल रिकॉर्ड से होगा इलाज—जतारा स्वास्थ्य केंद्र में ओपीडी को हाईटेक बनाने की तैयारी जतारा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जतारा में मरीजों को जल्द ही इलाज की नई डिजिटल व्यवस्था मिलने जा रही है। स्वास्थ्य केंद्र की ओपीडी को पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस बनाने की तैयारी चल रही है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद मरीज का रिकॉर्ड आधार नंबर के माध्यम से डिजिटल सिस्टम में दर्ज किया जाएगा। मरीज के स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने पर आधार नंबर से उसकी डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार होगी। डॉक्टर मरीज की जांच के बाद बीमारी, उपचार, जांच रिपोर्ट, दवाओं और जरूरी परामर्श की जानकारी सीधे डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज कर सकेंगे। इससे बार-बार पुरानी पर्चियां और फाइलें संभालने की जरूरत कम होगी। डॉक्टरों को दिए जाएंगे टैबलेट डिजिटल ओपीडी व्यवस्था के लिए डॉक्टरों को टैबलेट उपलब्ध कराने की तैयारी है। इसके माध्यम से डॉक्टर मरीज को देखने के बाद उसका पूरा उपचार विवरण ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। मरीज का रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा और जरूरत पड़ने पर भविष्य में भी उसे देखा जा सकेगा। पांच ऑपरेटर संभालेंगे कंप्यूटर सिस्टम स्वास्थ्य केंद्र में डिजिटल व्यवस्था संचालित करने के लिए पांच कंप्यूटर सिस्टम और ऑपरेटर लगाए जाने की तैयारी है। अधिकारियों के अनुसार आवश्यक संसाधन उपलब्ध होते ही ओपीडी को व्यवस्थित तरीके से कंप्यूटरीकृत और पेपरलेस किया जाएगा। पुरानी फाइलों से मिलेगी निजात नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि मरीजों की पुरानी पर्चियों और कागजी फाइलों पर निर्भरता कम होगी। मरीज के इलाज से जुड़ी जानकारी डिजिटल रिकॉर्ड में सुरक्षित रहने से डॉक्टरों को उपचार की पिछली जानकारी आसानी से मिल सकेगी। स्वास्थ्य केंद्र प्रबंधन के अनुसार शासन स्तर पर आवश्यक संसाधनों की मांग भेजी गई है। संसाधन उपलब्ध होते ही डिजिटल ओपीडी व्यवस्था शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
- टीकमगढ़ जानवर को बचाने में तालाब में गिरी कार चार दोस्तों की बाल-बाल बची जान, सागर बाईपास पर देर रात हादसा महेंद्र सागर तालाब पर पेट्रोलिंग के लिए खड़ी पुलिस ने तुरंत तालाब में कूदकर बचाई युवकों की जान पुलिस की तत्परता से बची युवकों की जान,अगर पुलिस नहीं पहुंचती तो हो सकता था बड़ा हादसा टीकमगढ़ जानवर को बचाने में तालाब में गिरी कार चार दोस्तों की बाल-बाल बची जान, सागर बाईपास पर देर रात हादसा महेंद्र सागर तालाब पर पेट्रोलिंग के लिए खड़ी पुलिस ने तुरंत तालाब में कूदकर बचाई युवकों की जान पुलिस की तत्परता से बची युवकों की जान,अगर पुलिस नहीं पहुंचती तो हो सकता था बड़ा हादसा टीकमगढ़ में देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया… सड़क पर अचानक आए एक जानवर को बचाने की कोशिश में तेज रफ्तार कार अनियंत्रित हुई और सीधे महेंद्र सागर तालाब में जा गिरी। कार में चार दोस्त सवार थे… लेकिन गनीमत रही कि चारों ने समय रहते कार से बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली। हादसे में किसी के गंभीर घायल होने की सूचना नहीं है। दरअसल, शनिवार रात करीब 12 बजे चार युवक कार से सागर बाईपास से गुजर रहे थे। इसी दौरान अचानक सड़क पर एक जानवर आ गया। जानवर को बचाने के प्रयास में चालक ने कार की दिशा बदलने की कोशिश की, लेकिन कार अनियंत्रित होकर तालाब में जा गिरी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जानकारी ली। कोतवाली थाना प्रभारी रवि भूषण पाठक के मुताबिक, कार में सवार चारों युवक सुरक्षित हैं और किसी को चोट नहीं आई है। हालांकि बड़ा सवाल ये है कि अगर कार तालाब में गिरने के बाद समय रहते युवक बाहर नहीं निकल पाते तो क्या होता? एक छोटी सी चूक… और चार जिंदगियां खतरे में आ सकती थीं। फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। वहीं, इस घटना ने एक बार फिर रात के समय सागर बाईपास जैसे संवेदनशील मार्गों पर वाहन चलाते वक्त सावधानी बरतने की जरूरत को सामने ला दिआ2
- शासकीय प्राथमिक शाला में जलभराव, कक्षाओं में घुसा पानी, पढ़ाई प्रभावित शासकीय प्राथमिक शाला में जलभराव, कक्षाओं में घुसा पानी, पढ़ाई प्रभावित1
- टीकमगढ़ जिले की बिकास खंड बल्देवगढ़ के अंतर्गत शासकीय माध्यमिक शाला गोरा में स्कूल की बिल्डिंग की हालत जर जर कभी भी हो सकती है बहुत बड़ी घटना1
- टीकमगढ़। ग्राम पंचायत गोरा के रोजगार सहायक पर प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित अनियमितता, अपात्र लोगों को लाभ दिलाने और पात्र हितग्राहियों के नाम सूची से हटाने के आरोप सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शिकायत मिलने के बाद जनपद पंचायत सीईओ विकास राव ने मौके पर पहुंचकर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से चर्चा कर पूरे मामले की जानकारी ली और योजना से संबंधित दस्तावेजों एवं सूची के संबंध में जानकारी जुटाई। ग्रामीणों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में कथित तौर पर अनियमितताएं की गईं, जिसके चलते वास्तविक पात्र हितग्राही योजना के लाभ से वंचित रह गए, जबकि कुछ अपात्र लोगों को लाभ दिए जाने की शिकायत है। ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की जांच गोरा पंचायत में रोजगार सहायक पर गंभीर आरोप, जनपद सीईओ ने किया औचक निरीक्षण जिला ब्यूरो हैड धर्मेंद्र सिंह लोधी टीकमगढ़। ग्राम पंचायत गोरा के रोजगार सहायक पर प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित अनियमितता, अपात्र लोगों को लाभ दिलाने और पात्र हितग्राहियों के नाम सूची से हटाने के आरोप सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शिकायत मिलने के बाद जनपद पंचायत सीईओ विकास राव ने मौके पर पहुंचकर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से चर्चा कर पूरे मामले की जानकारी ली और योजना से संबंधित दस्तावेजों एवं सूची के संबंध में जानकारी जुटाई। ग्रामीणों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में कथित तौर पर अनियमितताएं की गईं, जिसके चलते वास्तविक पात्र हितग्राही योजना के लाभ से वंचित रह गए, जबकि कुछ अपात्र लोगों को लाभ दिए जाने की शिकायत है। ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की जांच कर वास्तविक पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाया जाए। साथ ही, यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। प्रशासनिक जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।1
- *जंगल में मिली जैन मंदिर से चोरी दानपेटी* *टीकमगढ़, 6 सितंबर।* मऊचुंगी रोड स्थित श्रीजी कॉलोनी के जैन मंदिर से 4 दिन पहले चोरी गई दानपेटी रविवार को पुलिस को जंगल में खाली मिली। सुधा सागर रोड पर बकरी चरा रहे व्यक्ति ने दानपेटी देख पुलिस को सूचना दी। एसडीओपी राहुल कटरे टीम के साथ मौके पर पहुंचे और दानपेटी जब्त कर तलाशी ली। *जंगल में मिली जैन मंदिर से चोरी दानपेटी* *टीकमगढ़, 6 सितंबर।* मऊचुंगी रोड स्थित श्रीजी कॉलोनी के जैन मंदिर से 4 दिन पहले चोरी गई दानपेटी रविवार को पुलिस को जंगल में खाली मिली। सुधा सागर रोड पर बकरी चरा रहे व्यक्ति ने दानपेटी देख पुलिस को सूचना दी। एसडीओपी राहुल कटरे टीम के साथ मौके पर पहुंचे और दानपेटी जब्त कर तलाशी ली।1
- टीकमगढ़ पुलिस को जंगल में मिली खाली दानपेटी, जैन मंदिर में हुई थी चोरी, चोरों का नहीं मिला सुराग टीकमगढ़ 6 सितंबर टीकमगढ़ शहर में मऊचुंगी रोड पर श्रीजी कॉलोनी के जैन मंदिर में 4 दिन पहले दानपेटी की चोरी हो गई थी। टीकमगढ़ पुलिस को आज रविवार को यह दानपेटी खाली मिली। सुधा सागर रोड पर जंगल में बकरी चराने वाले एक व्यक्ति को यह खाली दानपेटी मिली। उसने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी। जानकारी मिलते ही एसडीओपी राहुल कटरे पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने दानपेटी जब्त कर आसपास के जंगल में तलाशी ली। जिस जैन मंदिर में चोरी हुई थी, उससे करीब 1 किलोमीटर दूर जंगल में यह दानपेटी मिली है। दरअसल, 2 सितंबर की रात दो अज्ञात आरोपियों ने मंदिर में घुसकर चोरी की थी। आरोपी मंदिर से दानपेटी चुराकर ले गए थे। मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे में चोरी की घटना कैद हो गई। चोरी की इस घटना के आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं।1
- जतारा बैरवार पंचायत में चोरी और अवैध शराब पर सख्ती, सूचना देने वाले को ₹2100 इनाम जतारा बैरवार पंचायत में चोरी और अवैध शराब पर सख्ती, सूचना देने वाले को ₹2100 इनाम बैरवार। ग्राम पंचायत बैरवार में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं और अवैध शराब बिक्री को लेकर पंचायत ने सख्त रुख अपनाया है। कुछ दिन पहले पंचायत की ओर से गांव में मुनादी करवाकर ग्रामीणों को जागरूक किया गया। मुनादी में घोषणा की गई कि चोरी करने वाले आरोपी अथवा अवैध रूप से शराब बेचने वाले व्यक्ति को पकड़वाने में मदद करने वाले व्यक्ति को पंचायत की ओर से ₹2100 का इनाम दिया जाएगा। सरपंच सुरेंद्र दांगी ने बताया कि गांव में चोरी और अवैध शराब की गतिविधियों को लेकर पुलिस अधीक्षक एवं थाना प्रभारी को सूचना दी गई थी, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में राजनीतिक संरक्षण के चलते कार्रवाई प्रभावित होने की चर्चा है। सरपंच ने ग्रामीणों से अपील की कि चोरी या अवैध शराब बिक्री की जानकारी मिलने पर तत्काल पंचायत अथवा पुलिस को सूचना दें। पंचायत के इस कदम से गांव में असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।1
- *सागर में जहरीली शराब का कहर, मरने वालों की संख्या 11 पहुंची - यूपी से कनेक्शन, कलेक्टर-SP ने दिए बयान* *सागर।* मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली और अवैध शराब पीने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। रविवार सुबह सभी को बंडा सिविल अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत का प्राथमिक कारण जहरीली शराब पीना बताया जा रहा है। जबकि 35 लोग अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं, जिनका इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि शनिवार रात घूघर, नौराज, बराज और आसपास के क्षेत्र के लोगों ने शराब का सेवन किया था। इसके बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। *कलेक्टर ने की अपील -* कलेक्टर प्रतिभा पाल ने लोगों से अपील की है कि पिछले 24 से 48 घंटे में जिस किसी ने भी शराब पी है या जिनमें जहरीली शराब के लक्षण दिखाई दे रहे हैं, वे तुरंत स्क्रीनिंग कराएं। उन्होंने कहा कि लोग स्थानीय डॉक्टरों की टीम से संपर्क कर सकते हैं या सीधे सिविल अस्पताल पहुंचकर जांच करा सकते हैं। कलेक्टर ने जहरीली शराब के यूपी के ललितपुर क्षेत्र से आने की संभावना व्यक्त की है। *पुलिस की कार्रवाई -* वहीं पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने बताया कि जहरीली शराब मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। *सागर में जहरीली शराब का कहर, मरने वालों की संख्या 11 पहुंची - यूपी से कनेक्शन, कलेक्टर-SP ने दिए बयान* *सागर।* मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली और अवैध शराब पीने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। रविवार सुबह सभी को बंडा सिविल अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत का प्राथमिक कारण जहरीली शराब पीना बताया जा रहा है। जबकि 35 लोग अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं, जिनका इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि शनिवार रात घूघर, नौराज, बराज और आसपास के क्षेत्र के लोगों ने शराब का सेवन किया था। इसके बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। *कलेक्टर ने की अपील -* कलेक्टर प्रतिभा पाल ने लोगों से अपील की है कि पिछले 24 से 48 घंटे में जिस किसी ने भी शराब पी है या जिनमें जहरीली शराब के लक्षण दिखाई दे रहे हैं, वे तुरंत स्क्रीनिंग कराएं। उन्होंने कहा कि लोग स्थानीय डॉक्टरों की टीम से संपर्क कर सकते हैं या सीधे सिविल अस्पताल पहुंचकर जांच करा सकते हैं। कलेक्टर ने जहरीली शराब के यूपी के ललितपुर क्षेत्र से आने की संभावना व्यक्त की है। *पुलिस की कार्रवाई -* वहीं पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने बताया कि जहरीली शराब मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है।1