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जरडा गांव में आयुष्मान कार्ड बनाने की शुरुआत, मुफ्त इलाज की उम्मीद में उमड़ी ग्रामीणों की लंबी कतार जरडा गांव में आयुष्मान कार्ड बनाने की शुरुआत, मुफ्त इलाज की उम्मीद में उमड़ी ग्रामीणों की लंबी कतार जारी प्रखंड अंतर्गत जरडा गांव में आयुष्मान भारत योजना के तहत आयुष्मान कार्ड बनाने का कार्य शुरू होते ही ग्रामीणों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। जानकारी देते हुए हर दोपहर एक बजे बताया गया कि शिविर स्थल पर सुबह से ही महिला, पुरुष एवं बुजुर्ग आवश्यक दस्तावेजों के साथ पहुंचकर कार्ड बनवाने के लिए लंबी कतार में खड़े नजर आए। ग्रामीणों ने बताया कि आयुष्मान कार्ड बनने से गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को इलाज में बड़ी राहत मिलेगी। योजना के तहत पात्र लाभुकों को मुफ्त उपचार की सुविधा मिलने से लोगों में खास उत्साह देखा गया। कई ग्रामीणों ने कहा कि पूर्व में जानकारी के अभाव के कारण कार्ड नहीं बन पाया था, लेकिन अब गांव में शिविर आयोजित होने से प्रक्रिया आसान हो गई है। मौके पर मौजूद कर्मियों द्वारा लाभुकों का पंजीकरण कर आयुष्मान कार्ड बनाने का कार्य किया गया। साथ ही लोगों को योजना के लाभ, अस्पताल चयन और उपचार प्रक्रिया की भी विस्तार से जानकारी दी गई। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि इस तरह के शिविर नियमित रूप से लगाए जाएं ताकि कोई भी पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित न रहे। ग्रामीणों का कहना है कि आयुष्मान कार्ड गरीब परिवारों के लिए संजीवनी साबित होगा और जरूरत पड़ने पर बेहतर इलाज उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। गांव में कार्ड निर्माण शुरू होने से लोगों के चेहरे पर संतोष और उम्मीद साफ दिखाई दी।

8 hrs ago
user_चैनपुर अपडेट
चैनपुर अपडेट
Classified ads newspaper publisher चैनपुर, गुमला, झारखंड•
8 hrs ago

जरडा गांव में आयुष्मान कार्ड बनाने की शुरुआत, मुफ्त इलाज की उम्मीद में उमड़ी ग्रामीणों की लंबी कतार जरडा गांव में आयुष्मान कार्ड बनाने की शुरुआत, मुफ्त इलाज की उम्मीद में उमड़ी ग्रामीणों की लंबी कतार जारी प्रखंड अंतर्गत जरडा गांव में आयुष्मान भारत योजना के तहत आयुष्मान कार्ड बनाने का कार्य शुरू होते ही ग्रामीणों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। जानकारी देते हुए हर दोपहर एक बजे बताया गया कि शिविर स्थल पर सुबह से ही महिला, पुरुष एवं बुजुर्ग आवश्यक दस्तावेजों के साथ पहुंचकर कार्ड बनवाने के लिए लंबी कतार में खड़े नजर आए। ग्रामीणों ने बताया कि आयुष्मान कार्ड बनने से गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को इलाज में बड़ी राहत मिलेगी। योजना के तहत पात्र लाभुकों को मुफ्त उपचार की सुविधा मिलने से लोगों में खास उत्साह देखा गया। कई ग्रामीणों ने कहा कि पूर्व में जानकारी के अभाव के कारण कार्ड नहीं बन पाया था, लेकिन अब गांव में शिविर आयोजित होने से प्रक्रिया आसान हो गई है। मौके पर मौजूद कर्मियों द्वारा लाभुकों का पंजीकरण कर आयुष्मान कार्ड बनाने का कार्य किया गया। साथ ही लोगों को योजना के लाभ, अस्पताल चयन और उपचार प्रक्रिया की भी विस्तार से जानकारी दी गई। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि इस तरह के शिविर नियमित रूप से लगाए जाएं ताकि कोई भी पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित न रहे। ग्रामीणों का कहना है कि आयुष्मान कार्ड गरीब परिवारों के लिए संजीवनी साबित होगा और जरूरत पड़ने पर बेहतर इलाज उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। गांव में कार्ड निर्माण शुरू होने से लोगों के चेहरे पर संतोष और उम्मीद साफ दिखाई दी।

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  • चैनपुर थाना क्षेत्र के तिगावल मोड़ के समीप शनिवार रात करीब 8:00 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसे में तिगावल डांड़टोली निवासी इतवा उरांव का 24 वर्षीय पुत्र नवेश उरांव गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायल नवेश को एक निजी वाहन की मदद से चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत नाजुक देखते हुए बेहतर इलाज के लिए गुमला सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया।
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    चैनपुर थाना क्षेत्र के तिगावल मोड़ के समीप शनिवार रात करीब 8:00 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसे में तिगावल डांड़टोली निवासी इतवा उरांव का 24 वर्षीय पुत्र नवेश उरांव गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायल नवेश को एक निजी वाहन की मदद से चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत नाजुक देखते हुए बेहतर इलाज के लिए गुमला सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया।
    user_Sachin public news
    Sachin public news
    Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    3 hrs ago
  • जरडा गांव में आयुष्मान कार्ड बनाने की शुरुआत, मुफ्त इलाज की उम्मीद में उमड़ी ग्रामीणों की लंबी कतार जारी प्रखंड अंतर्गत जरडा गांव में आयुष्मान भारत योजना के तहत आयुष्मान कार्ड बनाने का कार्य शुरू होते ही ग्रामीणों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। जानकारी देते हुए हर दोपहर एक बजे बताया गया कि शिविर स्थल पर सुबह से ही महिला, पुरुष एवं बुजुर्ग आवश्यक दस्तावेजों के साथ पहुंचकर कार्ड बनवाने के लिए लंबी कतार में खड़े नजर आए। ग्रामीणों ने बताया कि आयुष्मान कार्ड बनने से गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को इलाज में बड़ी राहत मिलेगी। योजना के तहत पात्र लाभुकों को मुफ्त उपचार की सुविधा मिलने से लोगों में खास उत्साह देखा गया। कई ग्रामीणों ने कहा कि पूर्व में जानकारी के अभाव के कारण कार्ड नहीं बन पाया था, लेकिन अब गांव में शिविर आयोजित होने से प्रक्रिया आसान हो गई है। मौके पर मौजूद कर्मियों द्वारा लाभुकों का पंजीकरण कर आयुष्मान कार्ड बनाने का कार्य किया गया। साथ ही लोगों को योजना के लाभ, अस्पताल चयन और उपचार प्रक्रिया की भी विस्तार से जानकारी दी गई। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि इस तरह के शिविर नियमित रूप से लगाए जाएं ताकि कोई भी पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित न रहे। ग्रामीणों का कहना है कि आयुष्मान कार्ड गरीब परिवारों के लिए संजीवनी साबित होगा और जरूरत पड़ने पर बेहतर इलाज उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। गांव में कार्ड निर्माण शुरू होने से लोगों के चेहरे पर संतोष और उम्मीद साफ दिखाई दी।
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    जरडा गांव में आयुष्मान कार्ड बनाने की शुरुआत, मुफ्त इलाज की उम्मीद में उमड़ी ग्रामीणों की लंबी कतार
जारी प्रखंड अंतर्गत जरडा गांव में आयुष्मान भारत योजना के तहत आयुष्मान कार्ड बनाने का कार्य शुरू होते ही ग्रामीणों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। जानकारी देते हुए हर दोपहर एक बजे बताया गया कि शिविर स्थल पर सुबह से ही महिला, पुरुष एवं बुजुर्ग आवश्यक दस्तावेजों के साथ पहुंचकर कार्ड बनवाने के लिए लंबी कतार में खड़े नजर आए।
ग्रामीणों ने बताया कि आयुष्मान कार्ड बनने से गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को इलाज में बड़ी राहत मिलेगी। योजना के तहत पात्र लाभुकों को मुफ्त उपचार की सुविधा मिलने से लोगों में खास उत्साह देखा गया। कई ग्रामीणों ने कहा कि पूर्व में जानकारी के अभाव के कारण कार्ड नहीं बन पाया था, लेकिन अब गांव में शिविर आयोजित होने से प्रक्रिया आसान हो गई है।
मौके पर मौजूद कर्मियों द्वारा लाभुकों का पंजीकरण कर आयुष्मान कार्ड बनाने का कार्य किया गया। साथ ही लोगों को योजना के लाभ, अस्पताल चयन और उपचार प्रक्रिया की भी विस्तार से जानकारी दी गई। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि इस तरह के शिविर नियमित रूप से लगाए जाएं ताकि कोई भी पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित न रहे।
ग्रामीणों का कहना है कि आयुष्मान कार्ड गरीब परिवारों के लिए संजीवनी साबित होगा और जरूरत पड़ने पर बेहतर इलाज उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। गांव में कार्ड निर्माण शुरू होने से लोगों के चेहरे पर संतोष और उम्मीद साफ दिखाई दी।
    user_चैनपुर अपडेट
    चैनपुर अपडेट
    Classified ads newspaper publisher चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    8 hrs ago
  • चैनपुर में अवैध क्लीनिक पर शिकंजा तेज, सिविल सर्जन ने की जांच, विरोधाभासी बयानों से गहराया मामला जांच के लिए पहुंचे सिविल सर्जन, संचालक फिर गायब गुमला (चैनपुर): ‘लाइफ लाइन हॉस्पिटल’ में अवैध गर्भपात के खुलासे के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। शनिवार को सिविल सर्जन डॉक्टर शंभूनाथ चौधरी अस्पताल परिसर पहुंचे और पूरे मामले की जांच की। जांच के दौरान अस्पताल का संचालक मौके पर मौजूद नहीं मिला, जिससे संदेह और गहरा गया है। दवाओं और उपकरणों से लंबे समय से इलाज के संकेत अस्पताल के अंदर रखी दवाओं, मशीनों और उपकरणों को देखकर यह स्पष्ट संकेत मिला कि यहां लंबे समय से स्त्री रोग सहित अन्य बीमारियों का इलाज किया जा रहा था। बिना वैध अनुमति और विशेषज्ञ डॉक्टर के इस तरह इलाज होना गंभीर लापरवाही और नियमों का उल्लंघन माना जा रहा है। बयानों में विरोधाभास, सच्चाई क्या है? मामले में अब एक नया सवाल डॉक्टर प्रभात के बयान को लेकर खड़ा हो गया है। छापेमारी के दिन जब पीड़िता को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, तब उन्होंने कहा था कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि मरीज किस अस्पताल से आई है। वहीं अब उनका कहना है कि वे लाइफ लाइन हॉस्पिटल केवल एक्स-रे का रेट पूछने गए थे। ऐसे में दोनों बयानों में स्पष्ट विरोधाभास नजर आ रहा है। सवाल उठ रहा है कि सच्चाई किस बयान में है और क्या कुछ छिपाने की कोशिश हो रही है। “पूरे मामले की हो रही है जांच”: सिविल सर्जन सिविल सर्जन डॉक्टर शंभूनाथ चौधरी ने कहा कि मामले की गहन जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जल्द ही उचित कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कदम उठाने की बात भी उन्होंने कही। जनप्रतिनिधि ने जताई नाराजगी, कड़ी कार्रवाई की मांग जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस तरह की अवैध गतिविधियां समाज के लिए खतरनाक हैं। यह सीधे तौर पर लोगों की जान के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जिले में चल रहे सभी अवैध क्लीनिकों की पहचान कर उन्हें तत्काल बंद किया जाए और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। कार्रवाई की दिशा में नजरें, कई सवालों के जवाब बाकी फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की जांच जारी है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि बिना रजिस्ट्रेशन और योग्य डॉक्टर के यह अस्पताल इतने लंबे समय तक कैसे संचालित होता रहा। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जांच के बाद जिम्मेदारों पर क्या ठोस कार्रवाई होती है।
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    चैनपुर में अवैध क्लीनिक पर शिकंजा तेज, सिविल सर्जन ने की जांच, विरोधाभासी बयानों से गहराया मामला
जांच के लिए पहुंचे सिविल सर्जन, संचालक फिर गायब
गुमला (चैनपुर): ‘लाइफ लाइन हॉस्पिटल’ में अवैध गर्भपात के खुलासे के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। शनिवार को सिविल सर्जन डॉक्टर शंभूनाथ चौधरी अस्पताल परिसर पहुंचे और पूरे मामले की जांच की। जांच के दौरान अस्पताल का संचालक मौके पर मौजूद नहीं मिला, जिससे संदेह और गहरा गया है।
दवाओं और उपकरणों से लंबे समय से इलाज के संकेत
अस्पताल के अंदर रखी दवाओं, मशीनों और उपकरणों को देखकर यह स्पष्ट संकेत मिला कि यहां लंबे समय से स्त्री रोग सहित अन्य बीमारियों का इलाज किया जा रहा था। बिना वैध अनुमति और विशेषज्ञ डॉक्टर के इस तरह इलाज होना गंभीर लापरवाही और नियमों का उल्लंघन माना जा रहा है।
बयानों में विरोधाभास, सच्चाई क्या है?
मामले में अब एक नया सवाल डॉक्टर प्रभात के बयान को लेकर खड़ा हो गया है। छापेमारी के दिन जब पीड़िता को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, तब उन्होंने कहा था कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि मरीज किस अस्पताल से आई है। वहीं अब उनका कहना है कि वे लाइफ लाइन हॉस्पिटल केवल एक्स-रे का रेट पूछने गए थे। ऐसे में दोनों बयानों में स्पष्ट विरोधाभास नजर आ रहा है। सवाल उठ रहा है कि सच्चाई किस बयान में है और क्या कुछ छिपाने की कोशिश हो रही है।
“पूरे मामले की हो रही है जांच”: सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉक्टर शंभूनाथ चौधरी ने कहा कि मामले की गहन जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जल्द ही उचित कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कदम उठाने की बात भी उन्होंने कही।
जनप्रतिनिधि ने जताई नाराजगी, कड़ी कार्रवाई की मांग
जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस तरह की अवैध गतिविधियां समाज के लिए खतरनाक हैं। यह सीधे तौर पर लोगों की जान के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जिले में चल रहे सभी अवैध क्लीनिकों की पहचान कर उन्हें तत्काल बंद किया जाए और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कार्रवाई की दिशा में नजरें, कई सवालों के जवाब बाकी
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की जांच जारी है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि बिना रजिस्ट्रेशन और योग्य डॉक्टर के यह अस्पताल इतने लंबे समय तक कैसे संचालित होता रहा। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जांच के बाद जिम्मेदारों पर क्या ठोस कार्रवाई होती है।
    user_Kuldeep kumar
    Kuldeep kumar
    Voice of people चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    10 hrs ago
  • अवैध खनन पर खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 के तहत कड़ी कार्रवाई। बिना चालान खनिज परिवहन पर भारी जुर्माना निर्धारित। ट्रैक्टर-ट्रॉली: ₹50,000 | 407/408: ₹1,00,000 | छह पहिया ट्रक: ₹2,00,000 | डम्पर: ₹3,00,000 | मशीनरी: ₹5,00,000 तक जुर्माना। गुमला: आज शुक्रवार को उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स (खनन) की बैठक आयोजित की गई, जिसमें अवैध खनन एवं खनिजों के अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि नदियों (बालूघाटों) से बालू उत्खनन/निकासी पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा लगाए गए प्रतिबंध समाप्त होने के बावजूद सभी संभावित क्षेत्रों में सघन छापामारी अभियान चलाकर अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर पूर्णतः रोक लगाई जाए। बैठक में बताया गया कि जिलांतर्गत कैटगरी-11 के 18 बालूघाटों की ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया हेतु सैद्धांतिक सहमति प्रदान की जा चुकी है। इस संबंध में संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारियों को ग्राम सभा आयोजित कर सहमति प्राप्त करने का निर्देश दिया गया है, ताकि अग्रेत्तर कार्रवाई पूर्ण कर बालू की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। उपायुक्त ने जिला टास्क फोर्स के साथ संयुक्त रूप से पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण एवं छापामारी अभियान चलाने, प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई कर समय-सीमा के भीतर निराकरण करने तथा खनिज लदे वाहनों की सघन जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी खनिजों का परिवहन वैध चालान के साथ एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप ढंककर किया जाना अनिवार्य होगा तथा ओवरलोडिंग पर विशेष निगरानी रखी जाए। खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 के अंतर्गत अवैध खनन, भंडारण एवं बिना वैध चालान के खनिज परिवहन करने पर कड़े दंड का प्रावधान है। राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अनुसार ऐसे मामलों में ट्रैक्टर एवं ट्रॉली पर ₹50,000, मैटाडोर/हाफ ट्रक (407/408) पर ₹1,00,000, छह पहिया पूर्ण बॉडी ट्रक पर ₹2,00,000, डम्पर (छह/दस या अधिक पहिए) पर ₹3,00,000 तथा क्रेन, नाव, उत्खनन मशीन, लोडर, पावर हैमर, कंप्रेसर, ड्रिलिंग मशीन सहित अन्य भारी उपकरणों पर ₹5,00,000 तक का जुर्माना लगाया जाएगा, साथ ही नियमानुसार अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। इसके अतिरिक्त, समाप्त खनन पट्टों, वृहत (बॉक्साइट) एवं लघु खनन पट्टा क्षेत्रों के बाहर अवैध खनन पर सतत निगरानी रखते हुए नियमित छापामारी करने का निर्देश दिया गया। साथ ही, खनन पट्टा एवं क्रशर इकाइयों का नियमित निरीक्षण कर बाउंड्री पिलर, साइन बोर्ड एवं क्रशर को कवर करने सहित सभी निर्धारित नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में सचिव खान के पत्रांक-562/एम दिनांक 06.03.2026 के आलोक में बालू एवं अन्य खनिजों के अवैध उत्खनन, भंडारण एवं परिवहन पर पूर्ण रोक लगाने के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया। *अन्य महत्वपूर्ण निर्देश:* उपायुक्त ने शहरी क्षेत्र अंतर्गत लोहरदगा रूट पर संचालित बसों के आवागमन को लेकर भी निर्देश देते हुए कहा कि नए बस डिपो से ही बसों का संचालन सुनिश्चित किया जाए। यदि बसें निर्धारित स्थान या समय से संचालित नहीं होती हैं, तो संबंधित बस चालकों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में अपर समाहर्ता शशिंद्र कुमार बड़ाइक, एसडीओ सदर राजीव नीरज, एसडीओ चैनपुर पूर्णिमा कुमारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी, डीएसपी गुमला मुख्यालय सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
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    अवैध खनन पर खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 के तहत कड़ी कार्रवाई। बिना चालान खनिज परिवहन पर भारी जुर्माना निर्धारित।
ट्रैक्टर-ट्रॉली: ₹50,000 | 407/408: ₹1,00,000 | छह पहिया ट्रक: ₹2,00,000 | डम्पर: ₹3,00,000 | मशीनरी: ₹5,00,000 तक जुर्माना।
गुमला: आज शुक्रवार को उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स (खनन) की बैठक आयोजित की गई, जिसमें अवैध खनन एवं खनिजों के अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि नदियों (बालूघाटों) से बालू उत्खनन/निकासी पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा लगाए गए प्रतिबंध समाप्त होने के बावजूद सभी संभावित क्षेत्रों में सघन छापामारी अभियान चलाकर अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर पूर्णतः रोक लगाई जाए।
बैठक में बताया गया कि जिलांतर्गत  कैटगरी-11 के 18 बालूघाटों की ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया हेतु सैद्धांतिक सहमति प्रदान की जा चुकी है। इस संबंध में संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारियों को ग्राम सभा आयोजित कर सहमति प्राप्त करने का निर्देश दिया गया है, ताकि अग्रेत्तर कार्रवाई पूर्ण कर बालू की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
उपायुक्त ने जिला टास्क फोर्स के साथ संयुक्त रूप से पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण एवं छापामारी अभियान चलाने, प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई कर समय-सीमा के भीतर निराकरण करने तथा खनिज लदे वाहनों की सघन जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी खनिजों का परिवहन वैध चालान के साथ एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप ढंककर किया जाना अनिवार्य होगा तथा ओवरलोडिंग पर विशेष निगरानी रखी जाए।
खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 के अंतर्गत अवैध खनन, भंडारण एवं बिना वैध चालान के खनिज परिवहन करने पर कड़े दंड का प्रावधान है। राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अनुसार ऐसे मामलों में ट्रैक्टर एवं ट्रॉली पर ₹50,000, मैटाडोर/हाफ ट्रक (407/408) पर ₹1,00,000, छह पहिया पूर्ण बॉडी ट्रक पर ₹2,00,000, डम्पर (छह/दस या अधिक पहिए) पर ₹3,00,000 तथा क्रेन, नाव, उत्खनन मशीन, लोडर, पावर हैमर, कंप्रेसर, ड्रिलिंग मशीन सहित अन्य भारी उपकरणों पर ₹5,00,000 तक का जुर्माना लगाया जाएगा, साथ ही नियमानुसार अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
इसके अतिरिक्त, समाप्त खनन पट्टों, वृहत (बॉक्साइट) एवं लघु खनन पट्टा क्षेत्रों के बाहर अवैध खनन पर सतत निगरानी रखते हुए नियमित छापामारी करने का निर्देश दिया गया। साथ ही, खनन पट्टा एवं क्रशर इकाइयों का नियमित निरीक्षण कर बाउंड्री पिलर, साइन बोर्ड एवं क्रशर को कवर करने सहित सभी निर्धारित नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में सचिव खान के पत्रांक-562/एम दिनांक 06.03.2026 के आलोक में बालू एवं अन्य खनिजों के अवैध उत्खनन, भंडारण एवं परिवहन पर पूर्ण रोक लगाने के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।
*अन्य महत्वपूर्ण निर्देश:*
उपायुक्त ने शहरी क्षेत्र अंतर्गत लोहरदगा रूट पर संचालित बसों के आवागमन को लेकर भी निर्देश देते हुए कहा कि नए बस डिपो से ही बसों का संचालन सुनिश्चित किया जाए। यदि बसें निर्धारित स्थान या समय से संचालित नहीं होती हैं, तो संबंधित बस चालकों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में अपर समाहर्ता शशिंद्र कुमार बड़ाइक, एसडीओ सदर राजीव नीरज, एसडीओ चैनपुर पूर्णिमा कुमारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी, डीएसपी गुमला मुख्यालय सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
    user_राहुल कुमार
    राहुल कुमार
    Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    10 hrs ago
  • गुमला राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखण्ड के अभियान निदेशक से प्राप्त सहिया बण्डी का वितरण आज शनिवार को सिविल सर्जन कार्यालय के सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान किया गया। इस अवसर पर 15 शहरी सहिया बहनों को सहिया बण्डी प्रदान की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सिविल सर्जन डॉ. शम्भू नाथ चौधरी ने सहिया बहनों को बण्डी वितरित करते हुए कहा कि यह बण्डी उनकी पहचान को और सुदृढ़ बनाएगी तथा उन्हें अपने कार्यों को और बेहतर ढंग से करने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने सहिया बहनों से स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन और अधिक समर्पण के साथ करने का आह्वान किया। इस दौरान सविता देवी, सुनीता देवी, संध्या देवी, संतोषी देवी, अनुपा बाडा, विनिता तिर्की, संगीता मिंज, अल्पना मिंज, मीणा देवी, जसिन्ता देवी, सय्यदा खातून, सबीना खातून, शिखा कुमारी, संगीता देवी एवं जानकी तिर्की को सहिया बण्डी प्रदान की गई। कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम समन्वयक अभिनित आनंद, प्रधान लिपिक अशोक लाल, लिपिक सुशील भगत, जिला आशा फैसिलिटेटर रामाकांत, यूसीएफ अंजना साहू, लुसी बैक तथा सहिया साथी हेमंती साहू सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि गुमला जिले को कुल 601 सहिया बण्डी प्राप्त हुई है। इसी क्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों में भी सहिया बण्डी वितरण कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें रेफरल अस्पताल बसिया में 67, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भरनो में 13, बिशुनपुर में 45, चैनपुर में 83, डुमरी में 65, घाघरा में 98, पालकोट में 79, रायडीह में 86 तथा सिसई में 50 सहिया बहनों को बण्डी वितरित की गई।
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    गुमला
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखण्ड के अभियान निदेशक से प्राप्त सहिया बण्डी का वितरण आज शनिवार को सिविल सर्जन कार्यालय के सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान किया गया। इस अवसर पर 15 शहरी सहिया बहनों को सहिया बण्डी प्रदान की गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सिविल सर्जन डॉ. शम्भू नाथ चौधरी ने सहिया बहनों को बण्डी वितरित करते हुए कहा कि यह बण्डी उनकी पहचान को और सुदृढ़ बनाएगी तथा उन्हें अपने कार्यों को और बेहतर ढंग से करने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने सहिया बहनों से स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन और अधिक समर्पण के साथ करने का आह्वान किया।
इस दौरान सविता देवी, सुनीता देवी, संध्या देवी, संतोषी देवी, अनुपा बाडा, विनिता तिर्की, संगीता मिंज, अल्पना मिंज, मीणा देवी, जसिन्ता देवी, सय्यदा खातून, सबीना खातून, शिखा कुमारी, संगीता देवी एवं जानकी तिर्की को सहिया बण्डी प्रदान की गई।
कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम समन्वयक अभिनित आनंद, प्रधान लिपिक अशोक लाल, लिपिक सुशील भगत, जिला आशा फैसिलिटेटर रामाकांत, यूसीएफ अंजना साहू, लुसी बैक तथा सहिया साथी हेमंती साहू सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि गुमला जिले को कुल 601 सहिया बण्डी प्राप्त हुई है। इसी क्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों में भी सहिया बण्डी वितरण कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें रेफरल अस्पताल बसिया में 67, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भरनो में 13, बिशुनपुर में 45, चैनपुर में 83, डुमरी में 65, घाघरा में 98, पालकोट में 79, रायडीह में 86 तथा सिसई में 50 सहिया बहनों को बण्डी वितरित की गई।
    user_रिपोर्टर
    रिपोर्टर
    पत्रकार गुमला, गुमला, झारखंड•
    6 hrs ago
  • जशपुर: जाशपूर जमीन विवाद में जानलेवा हमला बाप बेटी सहित 3 आरोपी गिरफ्तार भेजे गए जेल
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    जशपुर: जाशपूर जमीन विवाद में जानलेवा हमला बाप बेटी सहित 3 आरोपी गिरफ्तार भेजे गए जेल
    user_JASHPUR ZONE
    JASHPUR ZONE
    जशपुर, जशपुर, छत्तीसगढ़•
    11 hrs ago
  • 👀💕✨✨
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    👀💕✨✨
    user_Alex Shivansh
    Alex Shivansh
    Security Guard गुमला, गुमला, झारखंड•
    16 hrs ago
  • चैनपुर बस स्टैंड स्थित लाइफ लाइन हॉस्पिटल में अवैध गर्भपात के गंभीर आरोपों को लेकर शनिवार को प्रशासन हरकत में दिखा। गुमला के सिविल सर्जन डॉ. शंभूनाथ चौधरी अपनी टीम के साथ अचानक चैनपुर पहुंचे और अस्पताल में व्यापक स्तर पर जांच अभियान चलाया।
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    चैनपुर बस स्टैंड स्थित लाइफ लाइन हॉस्पिटल में अवैध गर्भपात के गंभीर आरोपों को लेकर शनिवार को प्रशासन हरकत में दिखा। गुमला के सिविल सर्जन डॉ. शंभूनाथ चौधरी अपनी टीम के साथ अचानक चैनपुर पहुंचे और अस्पताल में व्यापक स्तर पर जांच अभियान चलाया।
    user_Sachin public news
    Sachin public news
    Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    4 hrs ago
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