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तिलक-कलावे पर 'पाबंदी' को लेकर जबलपुर में बबाल, विश्व हिंदू महासंघ ने स्टोर मैनेजर को तिलक लगाकर जताया विरोध मध्यप्रदेश के जबलपुर मे एक नामी शोरूम में धार्मिक पहचान को लेकर मचे घमासान ने अब तूल पकड़ लिया है। शहर के पैंटालूंस शोरूम में कर्मचारियों के तिलक लगाने, कलावा बांधने और जय श्री राम बोलने पर कथित पाबंदी के आरोपों के बाद विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि पैंटालूंस शोरूम में काम करने वाले कुछ कर्मचारियों को धार्मिक प्रतीकों के इस्तेमाल से रोका जा रहा था, जिसके बाद हिंदू संगठनों ने इसे आस्था पर हमला बताते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। मामले ने तूल तब पकड़ा जब एक कर्मचारी ने नौकरी छोड़ने का कारण इन पाबंदियों को बताया। बताया जा रहा है कि जैसे ही यह जानकारी सामने आई, विश्व हिंदू महासंघ के सैकड़ो पदाधिकारी और कार्यकर्ता शोरूम के बाहर इकट्ठा हो गए और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि शोरूम प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों को तिलक लगाने, कलावा बांधने और यहां तक कि जय श्रीराम बोलने तक से रोका जा रहा है। इसके साथ ही महिलाओं को सिंदूर लगाने से भी रोका जा रहा है, महिलाओं से कहा जा रहा है कि सिंदूर इतना लगाओ कि दिखे ना, गुस्साए कार्यकर्ताओं ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों और स्टोर मैनेजर को तिलक लगाकर और कलावा बांधकर विरोध दर्ज कराया। हिंदू संगठनों का कहना है कि यह केवल ड्रेस कोड का मामला नहीं है, बल्कि धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ा मुद्दा है। उनका आरोप है कि हेड ऑफिस के नाम पर ऐसे नियम लागू किए जा रहे हैं, जिनसे हिंदू आस्थाओं को ठेस पहुंचती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि महिलाओं को सिंदूर लगाने से भी रोका जा रहा है या इस तरह लगाने को कहा जाता है कि वह दिखाई न दे, जो कि उनकी परंपराओं के खिलाफ है। प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने शोरूम प्रबंधन को दस दिन का अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि यदि इस दौरान कथित “तुगलकी फरमान” वापस नहीं लिया गया, तो वे शोरूम बंद कराने तक का आंदोलन करेंगे। उन्होंने बहिष्कार की भी चेतावनी दी और कहा कि जरूरत पड़ी तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालते हुए प्रदर्शनकारियों को समझाइश दी। इस पूरे मामले की शुरुआत एक कर्मचारी प्रेम सिंह ठाकुर के बयान से हुई, जिन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने तिलक लगाने को लेकर नौकरी छोड़ दी। उनके अनुसार, जब भी वे तिलक लगाकर काम पर आते थे, उनसे कहा जाता था कि पहले तिलक मिटाएं, तभी फ्लोर पर काम करने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इंटरव्यू के दौरान भी इस बात को लेकर आपत्ति जताई गई थी, लेकिन बाद में दबाव और बढ़ गया। प्रेम सिंह ठाकुर का कहना है कि उनसे साफ तौर पर कहा गया कि यदि वे तिलक नहीं हटाएंगे तो काम नहीं कर पाएंगे, और यह भी कहा गया कि “आप जैसे कई लोग मिल जाएंगे।” उन्होंने बताया कि उन्होंने 27 तारीख को इंटरव्यू दिया और 28 तारीख से काम शुरू किया, लेकिन माहौल से परेशान होकर जल्द ही नौकरी छोड़नी पड़ी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी आईडी ब्लॉक कर दी गई, जिससे उन्हें दूसरी जगह नौकरी मिलने में भी दिक्कत हो सकती है। विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश युवा अध्यक्ष विकास खरे ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि पेंटालून शोरूम में कर्मचारियों पर दबाव बनाया जा रहा है। मैनेजर नितिन गौर द्वारा हिंदू कर्मचारियों बहनों और भाइयों को कलावा पहनने, तिलक लगाने और भगवा धारण करने से रोका जा रहा है, साथ ही शोरूम के अंदर “जय श्री राम” बोलने पर भी प्रतिबंध लगाकर मानसिक प्रताड़ना दी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला कर्मचारियों को भी सिंदूर लगाने से रोका जाता है या इस तरह लगाने को कहा जाता है कि वह दिखाई न दे, जिससे उनकी धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचती है। इसी के विरोध में संगठन ने प्रदर्शन कर अंतिम चेतावनी दी और कहा कि यदि सभी की आस्था का सम्मान नहीं किया गया तो शोरूम के बहिष्कार और बंद कराने तक की कार्रवाई की जाएगी। कर्मचारियों ने भी आरोप लगाया कि उन्हें तिलक लगाने, पूजा करने और “जय श्री राम” बोलने से रोका जाता है तथा नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। विकास खरे ने इसे संस्कृति पर हमला बताते हुए चेतावनी दी कि समय आने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा और संबंधित मैनेजर व एचआर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। शुभम सिंह ठाकुर ने बताया कि उन्हें इस बात का डर सताता रहता है कि कहीं सच बोलने पर उन्हें नौकरी से न निकाल दिया जाए। उन्होंने कहा कि वे कोई झूठ नहीं बोल रहे हैं और केवल इतना चाहते हैं कि उन्हें तिलक लगाने की अनुमति दी जाए, इस पर कोई रोक न हो। उनका कहना है कि वे सनातन परंपरा से जुड़े हैं और जबलपुर जैसे संस्कारधानी शहर में रहते हैं, इसलिए उन्हें अपनी आस्था के अनुसार तिलक, रुद्राक्ष की माला, अंगूठी या भगवान के कड़े पहनने और “जय श्री राम” बोलने की अनुमति मिलनी चाहिए। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि मैनेजर नितिन बोरकर द्वारा इन सब पर रोक लगाई जाती है और यहां तक कहा जाता है कि “हनुमान चालीसा यहां नहीं चलेगी, भगवान बाहर हैं। कर्मचारियों ने मांग की है कि इस मामले में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, उन्हें नौकरी से न निकाला जाए, बल्कि संबंधित मैनेजर का ट्रांसफर किया जाए और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। मैनेजर नितिन गौर का कहना है कि जो उन पर लगाए जा रहे आरोप सही नहीं हैं। उनका कहना है कि कर्मचारियों को किसी भी प्रकार से परेशान नहीं किया जा रहा है और तिलक लगाने पर भी कोई रोक नहीं है। वे बताते हैं कि कंपनी में केवल “ग्रूमिंग स्टैंडर्ड्स” लागू हैं, जिनका पालन सभी कर्मचारियों को करना होता है, ताकि वे एक प्रोफेशनल और स्टैंडर्ड तरीके से दिखें, ग्राहकों को ठीक से अटेंड करें और व्यवसाय पर ध्यान दे सकें। इसके साथ ही आने-जाने के समय और सुरक्षा से जुड़े नियम भी फॉलो किए जाते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तिलक हटाने को लेकर किसी से कोई बात नहीं की गई है। संबंधित कर्मचारी के बारे में उन्होंने कहा कि वह लड़की केवल दो दिन ही काम पर आई थी, इसलिए इतने कम समय में इस तरह के आरोप लगना समझ से परे है। उनका कहना है कि उन्हें भी इस मामले की जानकारी अभी-अभी मिली है और वे खुद भी इसे देख रहे हैं। थाना प्रभारी धीरज राज का कहना है कि आज पैंटलून में विश्व हिंदू महासंघ के कुछ पदाधिकारी और कार्यकर्ता आए थे। उनका कहना है कि यहां के मैनेजर द्वारा स्टाफ को अपने हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार कलावा पहनने और तिलक लगाने से मना किया जाता है। इसी संबंध में पदाधिकारियों ने उन्हें एक ज्ञापन सौंपा है। थाना प्रभारी ने बताया कि वे इस ज्ञापन से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराएंगे और यह प्रयास किया जाएगा कि किसी भी प्रकार की ऐसी स्थिति न बने, जिससे किसी विशेष धर्म की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचे। उन्होंने यह भी बताया कि मैनेजर नितिन पर आरोप लगाया गया है कि वे मीटिंग के दौरान स्टाफ को इन बातों के लिए टोकते हैं। हालांकि शोरूम प्रबंधन ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। स्टोर मैनेजर नितिन गौर का कहना है कि कर्मचारियों को परेशान करने या तिलक लगाने से रोकने जैसी कोई बात नहीं है। उनके अनुसार, कंपनी में केवल “ग्रूमिंग स्टैंडर्ड्स” लागू हैं, जिनका उद्देश्य कर्मचारियों को प्रोफेशनल तरीके से प्रस्तुत करना और ग्राहकों को बेहतर सेवा देना है। मामले पर पुलिस का कहना है कि उन्हें इस संबंध में ज्ञापन मिला है और उसे वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। मदनमहल थाना प्रभारी धीरज राज ने बताया कि पुलिस यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी धर्म की आस्था को ठेस न पहुंचे और कानून-व्यवस्था बनी रहे। फिलहाल पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और दोनों पक्षों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है।

6 hrs ago
user_D TV BHARAT NEWS
D TV BHARAT NEWS
तानसेन, ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
6 hrs ago

तिलक-कलावे पर 'पाबंदी' को लेकर जबलपुर में बबाल, विश्व हिंदू महासंघ ने स्टोर मैनेजर को तिलक लगाकर जताया विरोध मध्यप्रदेश के जबलपुर मे एक नामी शोरूम में धार्मिक पहचान को लेकर मचे घमासान ने अब तूल पकड़ लिया है। शहर के पैंटालूंस शोरूम में कर्मचारियों के तिलक लगाने, कलावा बांधने और जय श्री राम बोलने पर कथित पाबंदी के आरोपों के बाद विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि पैंटालूंस शोरूम में काम करने वाले कुछ कर्मचारियों को धार्मिक प्रतीकों के इस्तेमाल से रोका जा रहा था, जिसके बाद हिंदू संगठनों ने इसे आस्था पर हमला बताते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। मामले ने तूल तब पकड़ा जब एक कर्मचारी ने नौकरी छोड़ने का कारण इन पाबंदियों को बताया। बताया जा रहा है कि जैसे ही यह जानकारी सामने आई, विश्व हिंदू महासंघ के सैकड़ो पदाधिकारी और कार्यकर्ता शोरूम के बाहर इकट्ठा हो गए और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि शोरूम प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों को तिलक लगाने, कलावा बांधने और यहां तक कि जय श्रीराम बोलने तक से रोका जा रहा है। इसके साथ ही महिलाओं को सिंदूर लगाने से भी रोका जा रहा है, महिलाओं से कहा जा रहा है कि सिंदूर इतना लगाओ कि दिखे ना, गुस्साए कार्यकर्ताओं ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों और स्टोर मैनेजर को तिलक लगाकर और कलावा बांधकर विरोध दर्ज कराया। हिंदू संगठनों का कहना है कि यह केवल ड्रेस कोड का मामला नहीं है, बल्कि धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ा मुद्दा है। उनका आरोप है कि हेड ऑफिस के नाम पर ऐसे नियम लागू किए जा रहे हैं, जिनसे हिंदू आस्थाओं को ठेस पहुंचती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि महिलाओं को सिंदूर लगाने से भी रोका जा रहा है या इस तरह लगाने को कहा जाता है कि वह दिखाई न दे, जो कि उनकी परंपराओं के खिलाफ है। प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने शोरूम प्रबंधन को दस दिन का अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि यदि इस दौरान कथित “तुगलकी फरमान” वापस नहीं लिया गया, तो वे शोरूम बंद कराने तक का आंदोलन करेंगे। उन्होंने बहिष्कार की भी चेतावनी दी और कहा कि जरूरत पड़ी तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालते हुए प्रदर्शनकारियों को समझाइश दी। इस पूरे मामले की शुरुआत एक कर्मचारी प्रेम सिंह ठाकुर के बयान से हुई, जिन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने तिलक लगाने को लेकर नौकरी छोड़ दी। उनके अनुसार, जब भी वे तिलक लगाकर काम पर आते थे, उनसे कहा जाता था कि पहले तिलक मिटाएं, तभी फ्लोर पर काम करने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इंटरव्यू के दौरान भी इस बात को लेकर आपत्ति जताई गई थी, लेकिन बाद में दबाव और बढ़ गया। प्रेम सिंह ठाकुर का कहना है कि उनसे साफ तौर पर कहा गया कि यदि वे तिलक नहीं हटाएंगे तो काम नहीं कर पाएंगे, और यह भी कहा गया कि “आप जैसे कई लोग मिल जाएंगे।” उन्होंने बताया कि उन्होंने 27 तारीख को इंटरव्यू दिया और 28 तारीख से काम शुरू किया, लेकिन माहौल से परेशान होकर जल्द ही नौकरी छोड़नी पड़ी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी आईडी ब्लॉक कर दी गई, जिससे उन्हें दूसरी जगह नौकरी मिलने में भी दिक्कत हो सकती है। विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश युवा अध्यक्ष विकास खरे ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि पेंटालून शोरूम में कर्मचारियों पर दबाव बनाया जा रहा है। मैनेजर नितिन गौर द्वारा हिंदू कर्मचारियों बहनों और भाइयों को कलावा पहनने, तिलक लगाने और भगवा धारण करने से रोका जा रहा है, साथ ही शोरूम के अंदर “जय श्री राम” बोलने पर भी प्रतिबंध लगाकर मानसिक प्रताड़ना दी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला कर्मचारियों को भी सिंदूर लगाने से रोका जाता है या इस तरह लगाने को कहा जाता है कि वह दिखाई न दे, जिससे उनकी धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचती है। इसी के विरोध में संगठन ने प्रदर्शन कर अंतिम चेतावनी दी और कहा कि यदि सभी की आस्था का सम्मान नहीं किया

गया तो शोरूम के बहिष्कार और बंद कराने तक की कार्रवाई की जाएगी। कर्मचारियों ने भी आरोप लगाया कि उन्हें तिलक लगाने, पूजा करने और “जय श्री राम” बोलने से रोका जाता है तथा नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। विकास खरे ने इसे संस्कृति पर हमला बताते हुए चेतावनी दी कि समय आने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा और संबंधित मैनेजर व एचआर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। शुभम सिंह ठाकुर ने बताया कि उन्हें इस बात का डर सताता रहता है कि कहीं सच बोलने पर उन्हें नौकरी से न निकाल दिया जाए। उन्होंने कहा कि वे कोई झूठ नहीं बोल रहे हैं और केवल इतना चाहते हैं कि उन्हें तिलक लगाने की अनुमति दी जाए, इस पर कोई रोक न हो। उनका कहना है कि वे सनातन परंपरा से जुड़े हैं और जबलपुर जैसे संस्कारधानी शहर में रहते हैं, इसलिए उन्हें अपनी आस्था के अनुसार तिलक, रुद्राक्ष की माला, अंगूठी या भगवान के कड़े पहनने और “जय श्री राम” बोलने की अनुमति मिलनी चाहिए। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि मैनेजर नितिन बोरकर द्वारा इन सब पर रोक लगाई जाती है और यहां तक कहा जाता है कि “हनुमान चालीसा यहां नहीं चलेगी, भगवान बाहर हैं। कर्मचारियों ने मांग की है कि इस मामले में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, उन्हें नौकरी से न निकाला जाए, बल्कि संबंधित मैनेजर का ट्रांसफर किया जाए और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। मैनेजर नितिन गौर का कहना है कि जो उन पर लगाए जा रहे आरोप सही नहीं हैं। उनका कहना है कि कर्मचारियों को किसी भी प्रकार से परेशान नहीं किया जा रहा है और तिलक लगाने पर भी कोई रोक नहीं है। वे बताते हैं कि कंपनी में केवल “ग्रूमिंग स्टैंडर्ड्स” लागू हैं, जिनका पालन सभी कर्मचारियों को करना होता है, ताकि वे एक प्रोफेशनल और स्टैंडर्ड तरीके से दिखें, ग्राहकों को ठीक से अटेंड करें और व्यवसाय पर ध्यान दे सकें। इसके साथ ही आने-जाने के समय और सुरक्षा से जुड़े नियम भी फॉलो किए जाते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तिलक हटाने को लेकर किसी से कोई बात नहीं की गई है। संबंधित कर्मचारी के बारे में उन्होंने कहा कि वह लड़की केवल दो दिन ही काम पर आई थी, इसलिए इतने कम समय में इस तरह के आरोप लगना समझ से परे है। उनका कहना है कि उन्हें भी इस मामले की जानकारी अभी-अभी मिली है और वे खुद भी इसे देख रहे हैं। थाना प्रभारी धीरज राज का कहना है कि आज पैंटलून में विश्व हिंदू महासंघ के कुछ पदाधिकारी और कार्यकर्ता आए थे। उनका कहना है कि यहां के मैनेजर द्वारा स्टाफ को अपने हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार कलावा पहनने और तिलक लगाने से मना किया जाता है। इसी संबंध में पदाधिकारियों ने उन्हें एक ज्ञापन सौंपा है। थाना प्रभारी ने बताया कि वे इस ज्ञापन से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराएंगे और यह प्रयास किया जाएगा कि किसी भी प्रकार की ऐसी स्थिति न बने, जिससे किसी विशेष धर्म की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचे। उन्होंने यह भी बताया कि मैनेजर नितिन पर आरोप लगाया गया है कि वे मीटिंग के दौरान स्टाफ को इन बातों के लिए टोकते हैं। हालांकि शोरूम प्रबंधन ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। स्टोर मैनेजर नितिन गौर का कहना है कि कर्मचारियों को परेशान करने या तिलक लगाने से रोकने जैसी कोई बात नहीं है। उनके अनुसार, कंपनी में केवल “ग्रूमिंग स्टैंडर्ड्स” लागू हैं, जिनका उद्देश्य कर्मचारियों को प्रोफेशनल तरीके से प्रस्तुत करना और ग्राहकों को बेहतर सेवा देना है। मामले पर पुलिस का कहना है कि उन्हें इस संबंध में ज्ञापन मिला है और उसे वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। मदनमहल थाना प्रभारी धीरज राज ने बताया कि पुलिस यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी धर्म की आस्था को ठेस न पहुंचे और कानून-व्यवस्था बनी रहे। फिलहाल पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और दोनों पक्षों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है।

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मैनेजर को तिलक लगाकर और कलावा बांधकर विरोध दर्ज कराया। हिंदू संगठनों का कहना है कि यह केवल ड्रेस कोड का मामला नहीं है, बल्कि धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ा मुद्दा है। उनका आरोप है कि हेड ऑफिस के नाम पर ऐसे नियम लागू किए जा रहे हैं, जिनसे हिंदू आस्थाओं को ठेस पहुंचती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि महिलाओं को सिंदूर लगाने से भी रोका जा रहा है या इस तरह लगाने को कहा जाता है कि वह दिखाई न दे, जो कि उनकी परंपराओं के खिलाफ है। प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने शोरूम प्रबंधन को दस दिन का अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि यदि इस दौरान कथित “तुगलकी फरमान” वापस नहीं लिया गया, तो वे शोरूम बंद कराने तक का आंदोलन करेंगे। उन्होंने बहिष्कार की भी चेतावनी दी और कहा कि जरूरत पड़ी तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालते हुए प्रदर्शनकारियों को समझाइश दी। इस पूरे मामले की शुरुआत एक कर्मचारी प्रेम सिंह ठाकुर के बयान से हुई, जिन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने तिलक लगाने को लेकर नौकरी छोड़ दी। उनके अनुसार, जब भी वे तिलक लगाकर काम पर आते थे, उनसे कहा जाता था कि पहले तिलक मिटाएं, तभी फ्लोर पर काम करने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इंटरव्यू के दौरान भी इस बात को लेकर आपत्ति जताई गई थी, लेकिन बाद में दबाव और बढ़ गया। प्रेम सिंह ठाकुर का कहना है कि उनसे साफ तौर पर कहा गया कि यदि वे तिलक नहीं हटाएंगे तो काम नहीं कर पाएंगे, और यह भी कहा गया कि “आप जैसे कई लोग मिल जाएंगे।” उन्होंने बताया कि उन्होंने 27 तारीख को इंटरव्यू दिया और 28 तारीख से काम शुरू किया, लेकिन माहौल से परेशान होकर जल्द ही नौकरी छोड़नी पड़ी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी आईडी ब्लॉक कर दी गई, जिससे उन्हें दूसरी जगह नौकरी मिलने में भी दिक्कत हो सकती है। विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश युवा अध्यक्ष विकास खरे ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि पेंटालून शोरूम में कर्मचारियों पर दबाव बनाया जा रहा है। मैनेजर नितिन गौर द्वारा हिंदू कर्मचारियों बहनों और भाइयों को कलावा पहनने, तिलक लगाने और भगवा धारण करने से रोका जा रहा है, साथ ही शोरूम के अंदर “जय श्री राम” बोलने पर भी प्रतिबंध लगाकर मानसिक प्रताड़ना दी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला कर्मचारियों को भी सिंदूर लगाने से रोका जाता है या इस तरह लगाने को कहा जाता है कि वह दिखाई न दे, जिससे उनकी धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचती है। इसी के विरोध में संगठन ने प्रदर्शन कर अंतिम चेतावनी दी और कहा कि यदि सभी की आस्था का सम्मान नहीं किया गया तो शोरूम के बहिष्कार और बंद कराने तक की कार्रवाई की जाएगी। कर्मचारियों ने भी आरोप लगाया कि उन्हें तिलक लगाने, पूजा करने और “जय श्री राम” बोलने से रोका जाता है तथा नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। विकास खरे ने इसे संस्कृति पर हमला बताते हुए चेतावनी दी कि समय आने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा और संबंधित मैनेजर व एचआर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। शुभम सिंह ठाकुर ने बताया कि उन्हें इस बात का डर सताता रहता है कि कहीं सच बोलने पर उन्हें नौकरी से न निकाल दिया जाए। उन्होंने कहा कि वे कोई झूठ नहीं बोल रहे हैं और केवल इतना चाहते हैं कि उन्हें तिलक लगाने की अनुमति दी जाए, इस पर कोई रोक न हो। उनका कहना है कि वे सनातन परंपरा से जुड़े हैं और जबलपुर जैसे संस्कारधानी शहर में रहते हैं, इसलिए उन्हें अपनी आस्था के अनुसार तिलक, रुद्राक्ष की माला, अंगूठी या भगवान के कड़े पहनने और “जय श्री राम” बोलने की अनुमति मिलनी चाहिए। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि मैनेजर नितिन बोरकर द्वारा इन सब पर रोक लगाई जाती है और यहां तक कहा जाता है कि “हनुमान चालीसा यहां नहीं चलेगी, भगवान बाहर हैं। कर्मचारियों ने मांग की है कि इस मामले में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, उन्हें नौकरी से न निकाला जाए, बल्कि संबंधित मैनेजर का ट्रांसफर किया जाए और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। मैनेजर नितिन गौर का कहना है कि जो उन पर लगाए जा रहे आरोप सही नहीं हैं। उनका कहना है कि कर्मचारियों को किसी भी प्रकार से परेशान नहीं किया जा रहा है और तिलक लगाने पर भी कोई रोक नहीं है। वे बताते हैं कि कंपनी में केवल “ग्रूमिंग स्टैंडर्ड्स” लागू हैं, जिनका पालन सभी कर्मचारियों को करना होता है, ताकि वे एक प्रोफेशनल और स्टैंडर्ड तरीके से दिखें, ग्राहकों को ठीक से अटेंड करें और व्यवसाय पर ध्यान दे सकें। इसके साथ ही आने-जाने के समय और सुरक्षा से जुड़े नियम भी फॉलो किए जाते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तिलक हटाने को लेकर किसी से कोई बात नहीं की गई है। संबंधित कर्मचारी के बारे में उन्होंने कहा कि वह लड़की केवल दो दिन ही काम पर आई थी, इसलिए इतने कम समय में इस तरह के आरोप लगना समझ से परे है। उनका कहना है कि उन्हें भी इस मामले की जानकारी अभी-अभी मिली है और वे खुद भी इसे देख रहे हैं। थाना प्रभारी धीरज राज का कहना है कि आज पैंटलून में विश्व हिंदू महासंघ के कुछ पदाधिकारी और कार्यकर्ता आए थे। उनका कहना है कि यहां के मैनेजर द्वारा स्टाफ को अपने हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार कलावा पहनने और तिलक लगाने से मना किया जाता है। इसी संबंध में पदाधिकारियों ने उन्हें एक ज्ञापन सौंपा है। थाना प्रभारी ने बताया कि वे इस ज्ञापन से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराएंगे और यह प्रयास किया जाएगा कि किसी भी प्रकार की ऐसी स्थिति न बने, जिससे किसी विशेष धर्म की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचे। उन्होंने यह भी बताया कि मैनेजर नितिन पर आरोप लगाया गया है कि वे मीटिंग के दौरान स्टाफ को इन बातों के लिए टोकते हैं। हालांकि शोरूम प्रबंधन ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। स्टोर मैनेजर नितिन गौर का कहना है कि कर्मचारियों को परेशान करने या तिलक लगाने से रोकने जैसी कोई बात नहीं है। उनके अनुसार, कंपनी में केवल “ग्रूमिंग स्टैंडर्ड्स” लागू हैं, जिनका उद्देश्य कर्मचारियों को प्रोफेशनल तरीके से प्रस्तुत करना और ग्राहकों को बेहतर सेवा देना है। मामले पर पुलिस का कहना है कि उन्हें इस संबंध में ज्ञापन मिला है और उसे वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। मदनमहल थाना प्रभारी धीरज राज ने बताया कि पुलिस यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी धर्म की आस्था को ठेस न पहुंचे और कानून-व्यवस्था बनी रहे। फिलहाल पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और दोनों पक्षों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है।
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    मध्यप्रदेश के जबलपुर मे एक नामी शोरूम में धार्मिक पहचान को लेकर मचे घमासान ने अब तूल पकड़ लिया है। शहर के पैंटालूंस शोरूम में कर्मचारियों के तिलक लगाने, कलावा बांधने और जय श्री राम बोलने पर कथित पाबंदी के आरोपों के बाद विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि पैंटालूंस शोरूम में काम करने वाले कुछ कर्मचारियों को धार्मिक प्रतीकों के इस्तेमाल से रोका जा रहा था, जिसके बाद हिंदू संगठनों ने इसे आस्था पर हमला बताते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। मामले ने तूल तब पकड़ा जब एक कर्मचारी ने नौकरी छोड़ने का कारण इन पाबंदियों को बताया।
बताया जा रहा है कि जैसे ही यह जानकारी सामने आई, विश्व हिंदू महासंघ के सैकड़ो पदाधिकारी और कार्यकर्ता शोरूम के बाहर इकट्ठा हो गए और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि शोरूम प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों को तिलक लगाने, कलावा बांधने और यहां तक कि जय श्रीराम बोलने तक से रोका जा रहा है। इसके साथ ही महिलाओं को सिंदूर लगाने से भी रोका जा रहा है, महिलाओं से कहा जा रहा है कि सिंदूर इतना लगाओ कि दिखे ना, गुस्साए कार्यकर्ताओं ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों और स्टोर मैनेजर को तिलक लगाकर और कलावा बांधकर विरोध दर्ज कराया।
हिंदू संगठनों का कहना है कि यह केवल ड्रेस कोड का मामला नहीं है, बल्कि धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ा मुद्दा है। उनका आरोप है कि हेड ऑफिस के नाम पर ऐसे नियम लागू किए जा रहे हैं, जिनसे हिंदू आस्थाओं को ठेस पहुंचती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि महिलाओं को सिंदूर लगाने से भी रोका जा रहा है या इस तरह लगाने को कहा जाता है कि वह दिखाई न दे, जो कि उनकी परंपराओं के खिलाफ है।
प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने शोरूम प्रबंधन को दस दिन का अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि यदि इस दौरान कथित “तुगलकी फरमान” वापस नहीं लिया गया, तो वे शोरूम बंद कराने तक का आंदोलन करेंगे। उन्होंने बहिष्कार की भी चेतावनी दी और कहा कि जरूरत पड़ी तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालते हुए प्रदर्शनकारियों को समझाइश दी।
इस पूरे मामले की शुरुआत एक कर्मचारी प्रेम सिंह ठाकुर के बयान से हुई, जिन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने तिलक लगाने को लेकर नौकरी छोड़ दी। उनके अनुसार, जब भी वे तिलक लगाकर काम पर आते थे, उनसे कहा जाता था कि पहले तिलक मिटाएं, तभी फ्लोर पर काम करने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इंटरव्यू के दौरान भी इस बात को लेकर आपत्ति जताई गई थी, लेकिन बाद में दबाव और बढ़ गया।
प्रेम सिंह ठाकुर का कहना है कि उनसे साफ तौर पर कहा गया कि यदि वे तिलक नहीं हटाएंगे तो काम नहीं कर पाएंगे, और यह भी कहा गया कि “आप जैसे कई लोग मिल जाएंगे।” उन्होंने बताया कि उन्होंने 27 तारीख को इंटरव्यू दिया और 28 तारीख से काम शुरू किया, लेकिन माहौल से परेशान होकर जल्द ही नौकरी छोड़नी पड़ी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी आईडी ब्लॉक कर दी गई, जिससे उन्हें दूसरी जगह नौकरी मिलने में भी दिक्कत हो सकती है।
विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश युवा अध्यक्ष विकास खरे ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि पेंटालून शोरूम में कर्मचारियों पर दबाव बनाया जा रहा है। मैनेजर नितिन गौर द्वारा हिंदू कर्मचारियों बहनों और भाइयों को कलावा पहनने, तिलक लगाने और भगवा धारण करने से रोका जा रहा है, साथ ही शोरूम के अंदर “जय श्री राम” बोलने पर भी प्रतिबंध लगाकर मानसिक प्रताड़ना दी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला कर्मचारियों को भी सिंदूर लगाने से रोका जाता है या इस तरह लगाने को कहा जाता है कि वह दिखाई न दे, जिससे उनकी धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचती है। 
इसी के विरोध में संगठन ने प्रदर्शन कर अंतिम चेतावनी दी और कहा कि यदि सभी की आस्था का सम्मान नहीं किया गया तो शोरूम के बहिष्कार और बंद कराने तक की कार्रवाई की जाएगी। कर्मचारियों ने भी आरोप लगाया कि उन्हें तिलक लगाने, पूजा करने और “जय श्री राम” बोलने से रोका जाता है तथा नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। विकास खरे ने इसे संस्कृति पर हमला बताते हुए चेतावनी दी कि समय आने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा और संबंधित मैनेजर व एचआर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी।
शुभम सिंह ठाकुर ने बताया कि उन्हें इस बात का डर सताता रहता है कि कहीं सच बोलने पर उन्हें नौकरी से न निकाल दिया जाए। उन्होंने कहा कि वे कोई झूठ नहीं बोल रहे हैं और केवल इतना चाहते हैं कि उन्हें तिलक लगाने की अनुमति दी जाए, इस पर कोई रोक न हो। उनका कहना है कि वे सनातन परंपरा से जुड़े हैं और जबलपुर जैसे संस्कारधानी शहर में रहते हैं, इसलिए उन्हें अपनी आस्था के अनुसार तिलक, रुद्राक्ष की माला, अंगूठी या भगवान के कड़े पहनने और “जय श्री राम” बोलने की अनुमति मिलनी चाहिए। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि मैनेजर नितिन बोरकर द्वारा इन सब पर रोक लगाई जाती है और यहां तक कहा जाता है कि “हनुमान चालीसा यहां नहीं चलेगी, भगवान बाहर हैं। कर्मचारियों ने मांग की है कि इस मामले में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, उन्हें नौकरी से न निकाला जाए, बल्कि संबंधित मैनेजर का ट्रांसफर किया जाए और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।
मैनेजर नितिन गौर का कहना है कि जो उन पर लगाए जा रहे आरोप सही नहीं हैं। उनका कहना है कि कर्मचारियों को किसी भी प्रकार से परेशान नहीं किया जा रहा है और तिलक लगाने पर भी कोई रोक नहीं है। वे बताते हैं कि कंपनी में केवल “ग्रूमिंग स्टैंडर्ड्स” लागू हैं, जिनका पालन सभी कर्मचारियों को करना होता है, ताकि वे एक प्रोफेशनल और स्टैंडर्ड तरीके से दिखें, ग्राहकों को ठीक से अटेंड करें और व्यवसाय पर ध्यान दे सकें। इसके साथ ही आने-जाने के समय और सुरक्षा से जुड़े नियम भी फॉलो किए जाते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तिलक हटाने को लेकर किसी से कोई बात नहीं की गई है। संबंधित कर्मचारी के बारे में उन्होंने कहा कि वह लड़की केवल दो दिन ही काम पर आई थी, इसलिए इतने कम समय में इस तरह के आरोप लगना समझ से परे है। उनका कहना है कि उन्हें भी इस मामले की जानकारी अभी-अभी मिली है और वे खुद भी इसे देख रहे हैं।
थाना प्रभारी धीरज राज का कहना है कि आज पैंटलून में विश्व हिंदू महासंघ के कुछ पदाधिकारी और कार्यकर्ता आए थे। उनका कहना है कि यहां के मैनेजर द्वारा स्टाफ को अपने हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार कलावा पहनने और तिलक लगाने से मना किया जाता है। इसी संबंध में पदाधिकारियों ने उन्हें एक ज्ञापन सौंपा है। थाना प्रभारी ने बताया कि वे इस ज्ञापन से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराएंगे और यह प्रयास किया जाएगा कि किसी भी प्रकार की ऐसी स्थिति न बने, जिससे किसी विशेष धर्म की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचे। उन्होंने यह भी बताया कि मैनेजर नितिन पर आरोप लगाया गया है कि वे मीटिंग के दौरान स्टाफ को इन बातों के लिए टोकते हैं।
हालांकि शोरूम प्रबंधन ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। स्टोर मैनेजर नितिन गौर का कहना है कि कर्मचारियों को परेशान करने या तिलक लगाने से रोकने जैसी कोई बात नहीं है। उनके अनुसार, कंपनी में केवल “ग्रूमिंग स्टैंडर्ड्स” लागू हैं, जिनका उद्देश्य कर्मचारियों को प्रोफेशनल तरीके से प्रस्तुत करना और ग्राहकों को बेहतर सेवा देना है।
मामले पर पुलिस का कहना है कि उन्हें इस संबंध में ज्ञापन मिला है और उसे वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। मदनमहल थाना प्रभारी धीरज राज ने बताया कि पुलिस यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी धर्म की आस्था को ठेस न पहुंचे और कानून-व्यवस्था बनी रहे। फिलहाल पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और दोनों पक्षों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है।
    user_D TV BHARAT NEWS
    D TV BHARAT NEWS
    तानसेन, ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • डकैती की योजना बनाते 6 बदमाश गिरफ्तार.. वारदात को अंजाम देने के लिए जंगल में छुपे थे बदमाश.. बदमाशों के कब्जे से तीन देसी कट्टा,6 जिंदा राउंड,दो छुरा और पांच मोबाइल जप्त किए.. पुरानी छावनी थाना क्षेत्र के जलालपुर के जंगल से पकड़े बदमाश.. जलालपुर के घर में रैंकी कर डकैती थी योजना.. किया मामला दर्ज.. बदमाशों से पूछताछ में जुटी पुलिस..
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    डकैती की योजना बनाते 6 बदमाश गिरफ्तार.. 
वारदात को अंजाम देने के लिए जंगल में छुपे थे बदमाश..
बदमाशों के कब्जे से तीन देसी कट्टा,6 जिंदा  राउंड,दो  छुरा और पांच मोबाइल जप्त  किए..
पुरानी छावनी थाना क्षेत्र के जलालपुर के जंगल से पकड़े बदमाश.. जलालपुर के घर में  रैंकी कर डकैती  थी योजना..
किया मामला दर्ज..
बदमाशों से पूछताछ में जुटी पुलिस..
    user_NEWS IMPACT GWALIOR
    NEWS IMPACT GWALIOR
    सिटी सेंटर, ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • अनोखे तरीके से भिंड sp की विदाई समारोह हुआ संपन्न विदाई समारोह में लोगों ने खूब गाने और डांस किया
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    अनोखे तरीके से भिंड sp की विदाई समारोह हुआ संपन्न विदाई समारोह में लोगों ने खूब गाने और डांस किया
    user_Amit Chauhan
    Amit Chauhan
    तानसेन, ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • Post by GWALIOR PRAVAH NEWS
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    Post by GWALIOR PRAVAH NEWS
    user_GWALIOR PRAVAH NEWS
    GWALIOR PRAVAH NEWS
    Salesperson गिर्द, ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • मुरैना नए दारू के टेंडर होने के बाद ठेकेदारों के द्वारा अनलीगल तरीके से बेची जा रही खुले में रख कर दारू सरकार के द्वारा इस तरह दारू बेचने के लाइसेंस दिए हैं क्या यह मामला किशनपुर माधोपुर की पुलिया का है जहाँ पर अवैध दारू बेच रहे राहुल यादव रामू यादव जिनकी शिकायत थाना माता बसैया में की गई लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई नहीं क्या समझे आबकारी विभाग और पुलिस विभाग दोनों ही मिलकर इस दारु को बचाने का काम कर रहे हैं
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    मुरैना नए दारू के टेंडर होने के बाद ठेकेदारों के द्वारा अनलीगल तरीके से बेची जा रही खुले में रख कर दारू सरकार के द्वारा इस तरह दारू बेचने के लाइसेंस दिए हैं क्या यह मामला
किशनपुर माधोपुर की पुलिया का है जहाँ पर अवैध दारू बेच रहे राहुल यादव रामू यादव जिनकी शिकायत थाना  
माता बसैया में की गई लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई नहीं क्या समझे आबकारी विभाग और पुलिस विभाग दोनों ही मिलकर इस दारु को बचाने का काम कर रहे हैं
    user_धर्मेंद्र जाटव अम्बाह विधानसभा
    धर्मेंद्र जाटव अम्बाह विधानसभा
    जनता की आवाज़ Morena, Madhya Pradesh•
    6 hrs ago
  • डबरा (ग्वालियर) मध्य प्रदेश टैक्सी में बुजुर्गों को लिफ्ट देकर जेब काटने वाले दो आरोपियों को किया पुलिस ने गिरफ्तार सिटी पुलिस ने टैक्सी में बुजुर्गों को लिफ्ट देकर जेब काटने वाले गिरोह का पुलिस में पर्दाफाश कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है । आपको बता दें सिटी थाने में तीन मामले ऐसे दर्ज किए गए थे जिनमें लिफ्ट देने के बहाने सवारियों को बैठाकर उनकी जेब काट लेते थे। वहीं आज सिटी पुलिस को मुखबिर द्वारा सूचना मिली थी कि झांसी रोड डबरा पर एक ऑटो किसी सवारी को निशाना बनाने के इंतजार में खड़े हैं । सिटी पुलिस मौके पर पहुंची तो दो लोग ऑटो क्रमांक UP 93 ET 0224 लिए बैठे हैं जिन्हें पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ लिया जब उनसे पूछताछ की गई तो उन्होंने अपना नाम धर्मेंद्र अहिरवार और जितेंद्र अहिरवार बताया वही दोनों झांसी जिले के रहने वाले हैं । वहीं आरोपी धर्मेंद्र अहिरवार के खिलाफ वर्ष 2019 में लूट बात खेती के दो प्रकरण दर्ज हैं।
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    डबरा (ग्वालियर) मध्य प्रदेश 
टैक्सी में बुजुर्गों को लिफ्ट देकर जेब काटने वाले दो आरोपियों को किया पुलिस ने गिरफ्तार 
सिटी पुलिस ने टैक्सी में बुजुर्गों को लिफ्ट देकर जेब काटने वाले गिरोह का पुलिस में पर्दाफाश कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है ।
आपको बता दें सिटी थाने में तीन मामले ऐसे दर्ज किए गए थे जिनमें लिफ्ट देने के बहाने सवारियों को बैठाकर उनकी जेब काट लेते थे।
वहीं आज सिटी पुलिस को मुखबिर द्वारा सूचना मिली थी कि झांसी रोड डबरा पर एक ऑटो किसी सवारी को निशाना बनाने के इंतजार में खड़े हैं । सिटी पुलिस मौके पर पहुंची तो दो लोग ऑटो क्रमांक  UP 93 ET 0224 लिए बैठे हैं जिन्हें पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ लिया जब उनसे पूछताछ की गई तो उन्होंने अपना नाम धर्मेंद्र अहिरवार और जितेंद्र अहिरवार बताया वही दोनों झांसी जिले के रहने वाले हैं ।
वहीं आरोपी धर्मेंद्र अहिरवार के खिलाफ वर्ष 2019 में लूट बात खेती के दो प्रकरण दर्ज हैं।
    user_Rajesh kumar soni
    Rajesh kumar soni
    Local News Reporter पिछोर (डबरा), ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • Post by दिगेन्द्र कुमार बाजपेई
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    Post by दिगेन्द्र कुमार बाजपेई
    user_दिगेन्द्र कुमार बाजपेई
    दिगेन्द्र कुमार बाजपेई
    Local News Reporter पिछोर (डबरा), ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • पैसों के लेनदेन पर पेट्रोल पंप कर्मचारी से की मारपीट, सीसीटीवी फुटेज आया सामने
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    पैसों के लेनदेन पर पेट्रोल पंप कर्मचारी से की मारपीट, सीसीटीवी फुटेज आया सामने
    user_NEWS IMPACT GWALIOR
    NEWS IMPACT GWALIOR
    सिटी सेंटर, ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
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