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ककाना मुजफ्फरनगर बस स्टैंड के पास रहता है क्या मेरे से तो नही हो रही थी ककाना मुजफ्फरनगर बस स्टैंड के पास रहता है क्या मेरे से तो नही हो रही थी इसलिए बोल भसाधा
Rahul kumar deaf yes🦻
ककाना मुजफ्फरनगर बस स्टैंड के पास रहता है क्या मेरे से तो नही हो रही थी ककाना मुजफ्फरनगर बस स्टैंड के पास रहता है क्या मेरे से तो नही हो रही थी इसलिए बोल भसाधा
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- ऊन में एक महिला का शव विषम और संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से पुलिस प्रशासन के लिए चुनौती खड़ी हो गई थी। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस प्रशासन ने गहन छानबीन की, जिसके परिणामस्वरूप हत्या की गुत्थी सुलझ गई। पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ कि मृतका का पति ही इस हत्या का आरोपी है। इस संबंध में एक पुलिस अधिकारी ने बयान जारी कर जानकारी दी।1
- मुजफ्फरनगर के रामलीला टिल्ला क्षेत्र में हल्की बारिश होते ही पूरा इलाका जलमग्न हो गया। इस स्थिति से परेशान स्थानीय लोगों ने प्रशासन से नाला सफाई के काम में तेज़ी लाने की पुरज़ोर मांग की है।1
- जनपद मुजफ्फरनगर के रामलीला टिल्ला क्षेत्र स्थित गली नंबर-2, राशन वाली गली और पुरानी आबकारी के बीच बने नाले की खराब स्थिति स्थानीय निवासियों के लिए एक गंभीर समस्या बन गई है। क्षेत्र की मौजूदा तस्वीरें स्पष्ट रूप से जल निकासी व्यवस्था की बदहाली को उजागर करती हैं, जहाँ हल्की बारिश होने पर भी जलभराव की समस्या उत्पन्न हो जाती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, हल्की बारिश के तुरंत बाद नाले का पानी सड़कों पर फैल गया, जिससे कई स्थानों पर भारी जलभराव हो गया है। बताया जा रहा है कि नाले की सफाई का काम चल रहा है, लेकिन कार्य की धीमी गति के कारण इस समस्या का समाधान समय पर नहीं हो पा रहा है, जिससे स्थिति और बिगड़ रही है। सड़कों पर जमा इस गंदे पानी से राहगीरों, स्कूली बच्चों और स्थानीय निवासियों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही, गंदे पानी के जमाव से संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका ने भी क्षेत्रवासियों की चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि यदि नाले की सफाई को तेजी और प्रभावी ढंग से किया जाए तो जलभराव की इस समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है। उन्होंने संबंधित विभाग और प्रशासन से अपील की है कि सफाई अभियान में तेजी लाई जाए और जल निकासी व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त किया जाए, ताकि आगामी बरसात के मौसम में लोगों को ऐसी विकट परेशानियों का सामना न करना पड़े।1
- मुजफ्फरनगरः डॉक्टर ने 8 हजार में जोड़ी हड्डी, बाकी पैसे नहीं मिले तो जबरन मरोड़कर दोबारा तोड़ी ! आरोपों पर CMO ने दिए जांच के आदेश उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में स्थित जिला कलेक्ट्रेट पर एक बेबस मां रेशमा अपनी 14 वर्षीय मानसिक रूप से अस्वस्थ बेटी को लेकर न्याय की गुहार लगाने पहुंची. इस पीड़ित विधवा महिला ने जिले के स्वास्थ्य विभाग पर इलाज के नाम पर अवैध वसूली और घोर लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगाए हैं. महिला का आरोप है कि सरकारी अस्पताल के डॉक्टर ने उसकी बेटी के समुचित इलाज के लिए न केवल पैसों की मांग की, बल्कि गलत तरीके से इलाज करके उसकी मासूम बेटी के पैर को भी भारी नुकसान पहुंचाया है. मुफ्त इलाज के आदेश भी बेअसर पीड़ित मां रेशमा के अनुसार, करीब डेढ़ माह पूर्व उसकी बेटी के दाहिने पैर की हड्डी का ऑपरेशन जिला अस्पताल में हुआ था. इसके लिए अस्पताल कर्मियों ने उससे ₹25,000 की मांग की थी. महिला ने जब खुद को विधवा बताते हुए असमर्थता जताई, तो उन्होंने इलाज से मना कर दिया. इसके बाद महिला ने डीएम साहब के दरबार में अर्जी लगाई, जिन्होंने सीएमओ को मुफ्त इलाज के आदेश दिए. इसके बावजूद अस्पताल कर्मियों ने ₹8,000 ले लिए और कहा कि बाकी पैसे बाद में देने होंगे. डॉक्टर ने जबरन मोड़ा घुटना महिला को डॉक्टर ने कुछ दिन बाद चेकअप के लिए आने को कहा था ताकि घुटना मुड़ सके. जब महिला बेटी को लेकर पहुंची, तो ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर चतुर्वेदी ने उसकी बेटी का घुटना जबरन मोड़ दिया. मासूम दर्द से चिल्ला पड़ी और पैर से हड्डी टूटने की आवाज आई, लेकिन डॉक्टरों ने उसे वहां से भगा दिया. बाद में जब पैर का एक्स-रे कराया गया, तो उसमें हड्डी टूटी हुई आई. परेशान मां ने बड़े डॉक्टरों से शिकायत की, पर किसी ने नहीं सुनी. मामले की जांच में जुटा विभाग 5G+ इस पूरे गंभीर मामले को लेकर मुजफ्फरनगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) सुनील तेवतिया का बयान भी सामने आया है. सीएमओ का कहना है कि दूसरे पक्ष की बात को सुने बगैर अभी इस मामले में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी. हालांकि, उन्होंने आश्वस्त किया है कि इस पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कराई जाएगी. यदि जांच में अस्पताल कर्मियों या डॉक्टरों की किसी भी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी.3
- गुरुवार सुबह मुजफ्फरनगर में मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप से जूझ रहे स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिली। सुबह तेज आंधी और धूल भरी हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई, जिसके परिणामस्वरूप तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को उमस व गर्मी से काफी राहत मिली। मौसम में आए इस अचानक बदलाव से किसानों और आम लोगों के चेहरों पर संतोष दिखाई दिया। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना जताई है। फिलहाल, तेज आंधी और बारिश ने भीषण गर्मी के असर को काफी हद तक कम कर दिया है।1
- मुज़फ्फरनगर में लगभग एक दशक पुराने हत्या के प्रयास के एक बहुचर्चित मुकदमे में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है, जिसमें तीनों आरोपितों हरिओम सैनी, विपिन और रामकुमार को बरी कर दिया गया है। यह मामला वर्ष 2016 का है, जब रास्ते के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच मारपीट हुई थी। तत्कालीन मंसूरपुर चेयरमैन श्याम पाल ने अपने भाई मैनपाल पर जानलेवा हमला किए जाने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने मामले में हत्या के प्रयास समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। लगभग 10 वर्षों तक चली सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष की ओर से 10 गवाह पेश किए गए। न्यायालय ने सभी साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और केस डायरी का विस्तृत परीक्षण किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, अदालत इस निष्कर्ष पर पहुँची कि आरोपों को सिद्ध करने के लिए पर्याप्त और ठोस साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं। इसी आधार पर न्यायालय ने तीनों आरोपितों को दोषमुक्त करार देते हुए बरी करने का आदेश दिया। फैसले के बाद आरोपित पक्ष ने राहत जताई और इसे न्याय की जीत बताया।4
- एक व्यक्ति ने अपने प्रियजन को सुबह का स्नेह भरा संदेश भेजा है। इस संदेश में उन्होंने प्राप्तकर्ता को अपना 'प्यार' और 'जीवनरेखा' बताया है। साथ ही, उन्होंने आत्मीयता से पूछा है कि प्रियजन क्या कर रहे हैं।1
- मेरठ जनपद के सरधना को जैन संतों की नगरी के रूप में जाना जाता है, जहाँ जैन संतों का आवागमन लगातार बना रहता है। आज एक बार फिर आचार्य श्री 108 विद्यासागर महाराज के परम प्रभावक 108 मुनि श्री का प्रथम विशाल भव्य प्रवेश सरधना में हुआ। इस अवसर पर मुनि श्री का जोरदार स्वागत किया गया, जिससे जैन संतों की नगरी सरधना में एक भव्य और मंगलमय आयोजन हुआ।2
- बिहार के मुजफ्फरपुर से एक दर्दनाक खबर सामने आई है, जहाँ ब्रह्मपुरा स्थित प्रसाद हॉस्पिटल की पाँचवीं मंजिल पर बने आईसीयू (ICU) में शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई। इस गंभीर हादसे में झुलसने और दम घुटने से तीन मरीजों की दुखद मौत हो गई है। घटना की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस प्रशासन की टीमें तत्काल मौके पर पहुँचीं। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और आईसीयू में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस घटना के बाद अस्पताल के बाहर मरीजों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, और पूरे शहर में इस हादसे के कारण हड़कंप मच गया है।3