मुज़फ्फरनगर में लगभग एक दशक पुराने हत्या के प्रयास के एक बहुचर्चित मुकदमे में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है, जिसमें तीनों आरोपितों हरिओम सैनी, विपिन और रामकुमार को बरी कर दिया गया है। यह मामला वर्ष 2016 का है, जब रास्ते के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच मारपीट हुई थी। तत्कालीन मंसूरपुर चेयरमैन श्याम पाल ने अपने भाई मैनपाल पर जानलेवा हमला किए जाने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने मामले में हत्या के प्रयास समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। लगभग 10 वर्षों तक चली सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष की ओर से 10 गवाह पेश किए गए। न्यायालय ने सभी साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और केस डायरी का विस्तृत परीक्षण किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, अदालत इस निष्कर्ष पर पहुँची कि आरोपों को सिद्ध करने के लिए पर्याप्त और ठोस साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं। इसी आधार पर न्यायालय ने तीनों आरोपितों को दोषमुक्त करार देते हुए बरी करने का आदेश दिया। फैसले के बाद आरोपित पक्ष ने राहत जताई और इसे न्याय की जीत बताया।
मुज़फ्फरनगर में लगभग एक दशक पुराने हत्या के प्रयास के एक बहुचर्चित मुकदमे में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है, जिसमें तीनों आरोपितों हरिओम सैनी, विपिन और रामकुमार को बरी कर दिया गया है। यह मामला वर्ष 2016 का है, जब रास्ते के विवाद को लेकर
दो पक्षों के बीच मारपीट हुई थी। तत्कालीन मंसूरपुर चेयरमैन श्याम पाल ने अपने भाई मैनपाल पर जानलेवा हमला किए जाने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने मामले में हत्या के प्रयास समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू
की थी। लगभग 10 वर्षों तक चली सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष की ओर से 10 गवाह पेश किए गए। न्यायालय ने सभी साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और केस डायरी का विस्तृत परीक्षण किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, अदालत इस निष्कर्ष पर पहुँची कि
आरोपों को सिद्ध करने के लिए पर्याप्त और ठोस साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं। इसी आधार पर न्यायालय ने तीनों आरोपितों को दोषमुक्त करार देते हुए बरी करने का आदेश दिया। फैसले के बाद आरोपित पक्ष ने राहत जताई और इसे न्याय की जीत बताया।
- जनपद गोरखपुर में संयुक्त मंडलीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी-2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज से 12 वर्ष पहले देश के अन्नदाता किसान सर्वाधिक आत्महत्या कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि यदि 2005 से 2014 के कालखंड को देखें, तो लाखों किसानों ने देश में आत्महत्या की थी। इसके पीछे कई गंभीर त्रासदी थीं, जिनमें अच्छी गुणवत्ता वाले बीज न मिलना, खेती की लागत का बढ़ना, और उत्पादन का कम होना प्रमुख थे। साथ ही, उन्हें एमएसपी का सही दाम नहीं मिल पाता था और आपदा से बचाव का भी कोई उपयुक्त प्रबंधन नहीं था। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसान यदि अपनी मेहनत से अन्न उत्पादन कर भी देते थे, तो उन्हें उसका उचित मूल्य नहीं मिल पाता था।1
- जनपद मुजफ्फरनगर के रामलीला टिल्ला क्षेत्र स्थित गली नंबर-2, राशन वाली गली और पुरानी आबकारी के बीच बने नाले की खराब स्थिति स्थानीय निवासियों के लिए एक गंभीर समस्या बन गई है। क्षेत्र की मौजूदा तस्वीरें स्पष्ट रूप से जल निकासी व्यवस्था की बदहाली को उजागर करती हैं, जहाँ हल्की बारिश होने पर भी जलभराव की समस्या उत्पन्न हो जाती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, हल्की बारिश के तुरंत बाद नाले का पानी सड़कों पर फैल गया, जिससे कई स्थानों पर भारी जलभराव हो गया है। बताया जा रहा है कि नाले की सफाई का काम चल रहा है, लेकिन कार्य की धीमी गति के कारण इस समस्या का समाधान समय पर नहीं हो पा रहा है, जिससे स्थिति और बिगड़ रही है। सड़कों पर जमा इस गंदे पानी से राहगीरों, स्कूली बच्चों और स्थानीय निवासियों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही, गंदे पानी के जमाव से संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका ने भी क्षेत्रवासियों की चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि यदि नाले की सफाई को तेजी और प्रभावी ढंग से किया जाए तो जलभराव की इस समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है। उन्होंने संबंधित विभाग और प्रशासन से अपील की है कि सफाई अभियान में तेजी लाई जाए और जल निकासी व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त किया जाए, ताकि आगामी बरसात के मौसम में लोगों को ऐसी विकट परेशानियों का सामना न करना पड़े।1
- मुजफ्फरनगरः डॉक्टर ने 8 हजार में जोड़ी हड्डी, बाकी पैसे नहीं मिले तो जबरन मरोड़कर दोबारा तोड़ी ! आरोपों पर CMO ने दिए जांच के आदेश उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में स्थित जिला कलेक्ट्रेट पर एक बेबस मां रेशमा अपनी 14 वर्षीय मानसिक रूप से अस्वस्थ बेटी को लेकर न्याय की गुहार लगाने पहुंची. इस पीड़ित विधवा महिला ने जिले के स्वास्थ्य विभाग पर इलाज के नाम पर अवैध वसूली और घोर लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगाए हैं. महिला का आरोप है कि सरकारी अस्पताल के डॉक्टर ने उसकी बेटी के समुचित इलाज के लिए न केवल पैसों की मांग की, बल्कि गलत तरीके से इलाज करके उसकी मासूम बेटी के पैर को भी भारी नुकसान पहुंचाया है. मुफ्त इलाज के आदेश भी बेअसर पीड़ित मां रेशमा के अनुसार, करीब डेढ़ माह पूर्व उसकी बेटी के दाहिने पैर की हड्डी का ऑपरेशन जिला अस्पताल में हुआ था. इसके लिए अस्पताल कर्मियों ने उससे ₹25,000 की मांग की थी. महिला ने जब खुद को विधवा बताते हुए असमर्थता जताई, तो उन्होंने इलाज से मना कर दिया. इसके बाद महिला ने डीएम साहब के दरबार में अर्जी लगाई, जिन्होंने सीएमओ को मुफ्त इलाज के आदेश दिए. इसके बावजूद अस्पताल कर्मियों ने ₹8,000 ले लिए और कहा कि बाकी पैसे बाद में देने होंगे. डॉक्टर ने जबरन मोड़ा घुटना महिला को डॉक्टर ने कुछ दिन बाद चेकअप के लिए आने को कहा था ताकि घुटना मुड़ सके. जब महिला बेटी को लेकर पहुंची, तो ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर चतुर्वेदी ने उसकी बेटी का घुटना जबरन मोड़ दिया. मासूम दर्द से चिल्ला पड़ी और पैर से हड्डी टूटने की आवाज आई, लेकिन डॉक्टरों ने उसे वहां से भगा दिया. बाद में जब पैर का एक्स-रे कराया गया, तो उसमें हड्डी टूटी हुई आई. परेशान मां ने बड़े डॉक्टरों से शिकायत की, पर किसी ने नहीं सुनी. मामले की जांच में जुटा विभाग 5G+ इस पूरे गंभीर मामले को लेकर मुजफ्फरनगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) सुनील तेवतिया का बयान भी सामने आया है. सीएमओ का कहना है कि दूसरे पक्ष की बात को सुने बगैर अभी इस मामले में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी. हालांकि, उन्होंने आश्वस्त किया है कि इस पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कराई जाएगी. यदि जांच में अस्पताल कर्मियों या डॉक्टरों की किसी भी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी.3
- गुरुवार सुबह मुजफ्फरनगर में मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप से जूझ रहे स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिली। सुबह तेज आंधी और धूल भरी हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई, जिसके परिणामस्वरूप तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को उमस व गर्मी से काफी राहत मिली। मौसम में आए इस अचानक बदलाव से किसानों और आम लोगों के चेहरों पर संतोष दिखाई दिया। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना जताई है। फिलहाल, तेज आंधी और बारिश ने भीषण गर्मी के असर को काफी हद तक कम कर दिया है।1
- मुज़फ्फरनगर में लगभग एक दशक पुराने हत्या के प्रयास के एक बहुचर्चित मुकदमे में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है, जिसमें तीनों आरोपितों हरिओम सैनी, विपिन और रामकुमार को बरी कर दिया गया है। यह मामला वर्ष 2016 का है, जब रास्ते के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच मारपीट हुई थी। तत्कालीन मंसूरपुर चेयरमैन श्याम पाल ने अपने भाई मैनपाल पर जानलेवा हमला किए जाने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने मामले में हत्या के प्रयास समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। लगभग 10 वर्षों तक चली सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष की ओर से 10 गवाह पेश किए गए। न्यायालय ने सभी साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और केस डायरी का विस्तृत परीक्षण किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, अदालत इस निष्कर्ष पर पहुँची कि आरोपों को सिद्ध करने के लिए पर्याप्त और ठोस साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं। इसी आधार पर न्यायालय ने तीनों आरोपितों को दोषमुक्त करार देते हुए बरी करने का आदेश दिया। फैसले के बाद आरोपित पक्ष ने राहत जताई और इसे न्याय की जीत बताया।4
- मुजफ्फरनगर जनपद के विकास खंड चरथावल स्थित दधेड़ू खुर्द गांव में मंदिर के पास लगा विद्युत ट्रांसफॉर्मर खराब होने से क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो रही थी। समस्या की सूचना मिलने पर वर्तमान ग्राम प्रधान म हुसैन तत्काल मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लेते हुए त्वरित समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए। ग्राम प्रधान म हुसैन ने जेसीबी की मदद से खराब ट्रांसफॉर्मर को दुरुस्त करवाया, जिसके परिणामस्वरूप बिजली आपूर्ति सुचारु रूप से बहाल हो गई। बिजली चालू होते ही ग्रामीणों ने राहत महसूस की और इस त्वरित कार्रवाई के लिए ग्राम प्रधान के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य पद के उम्मीदवार भाई कामिल, पूर्व प्रधान मुजफ्फर और गांव के अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौके पर उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों की इस तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सक्रियता से समस्या का शीघ्र समाधान होने से लोगों को बड़ी राहत मिली है।1
- अपर पुलिस महानिदेशक, मेरठ जोन, मेरठ और पुलिस उपमहानिरीक्षक, सहारनपुर परिक्षेत्र, सहारनपुर के निर्देशन तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जनपद मुजफ्फरनगर, श्री संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण में सिखेड़ा पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने दिनांक 03.06.2026 को एक पुलिस मुठभेड़ के दौरान हत्याभियुक्त बादल पुत्र विजेन्द्र को घायल कर गिरफ्तार किया है। इस दौरान एक महिला अभियुक्ता मौके से फरार होने में सफल रही, जिसकी गिरफ्तारी के लिए कॉम्बिंग की जा रही है। गिरफ्तार अभियुक्त के कब्जे से एक स्कॉर्पियो गाड़ी, एक तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस .315 बोर का बरामद किया गया है। घायल अभियुक्त को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह कार्यवाही दिनांक 18.05.2026 को विकसित उर्फ रोकी के गायब होने के मामले से संबंधित है, जिसके संबंध में वादी श्री मगन सिंह पुत्र धारा सिंह ने दिनांक 25.05.2026 को थाना सिखेड़ा में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। बाद में दिनांक 30.05.2026 को श्री मगन ने आशंका जताई कि विकसित की पत्नी रेनू ने अपने पूर्व पति के बेटे बादल, उसकी पत्नी निशा और अन्य साथियों के साथ मिलकर विकसित का हत्या के उद्देश्य से अपहरण किया है। इस तहरीर के आधार पर थाना सिखेड़ा पुलिस ने सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया था। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर गठित टीमों ने दिनांक 01.06.2026 को एक पुलिस मुठभेड़ में अभियुक्त मोन्टी उर्फ अभि त्यागी को गिरफ्तार कर घटना का सफल अनावरण किया था। आज की मुठभेड़ तब हुई जब थाना सिखेड़ा पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम उपरोक्त घटना में संलिप्त अन्य अभियुक्तों की तलाश कर रही थी। मुखबिर से सूचना मिली कि मुख्य अभियुक्त एक स्कॉर्पियो गाड़ी में भोपा की तरफ से आने वाले हैं और भागने की फिराक में हैं। पुलिस टीम ने बताए गए स्थान पर पहुंचकर वाहनों की चेकिंग शुरू की। कुछ समय बाद जौली की तरफ से आ रही एक गाड़ी को रोकने का इशारा किया गया, लेकिन गाड़ी सवारों ने पुलिस को देखकर गाड़ी असद नगर-भण्डूर मार्ग पर मोड़ दी। पुलिस टीम द्वारा पीछा करने पर, एक तीव्र मोड़ के कारण गाड़ी कच्चे रास्ते से लीची के बाग में उतर गई। पुलिस टीम द्वारा घेराबंदी किए जाने पर, गाड़ी में सवार दो व्यक्ति (एक पुरुष और एक महिला) पुलिस पर जान से मारने की नियत से फायर करते हुए जंगल में भागने लगे। बदमाशों द्वारा की गई फायरिंग से पुलिस टीम बाल-बाल बची। पुलिस की चेतावनी के बावजूद बदमाशों पर कोई असर नहीं हुआ, जिसके बाद पुलिस टीम ने आत्मरक्षार्थ सूक्ष्म फायरिंग की, जिसमें बादल घायल हो गया और गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि महिला अभियुक्ता फरार हो गई। पुलिस अधीक्षक नगर श्री अमृत जैन, क्षेत्राधिकारी नई मंडी श्री राजू कुमार साव एवं प्रभारी निरीक्षक थाना सिखेड़ा श्री विजय कुमार के कुशल नेतृत्व में की गई इस कार्यवाही में, थाना सिखेड़ा पुलिस अग्रिम विधिक कार्यवाही कर रही है।3
- बिहार के मुजफ्फरपुर से एक दर्दनाक खबर सामने आई है, जहाँ ब्रह्मपुरा स्थित प्रसाद हॉस्पिटल की पाँचवीं मंजिल पर बने आईसीयू (ICU) में शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई। इस गंभीर हादसे में झुलसने और दम घुटने से तीन मरीजों की दुखद मौत हो गई है। घटना की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस प्रशासन की टीमें तत्काल मौके पर पहुँचीं। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और आईसीयू में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस घटना के बाद अस्पताल के बाहर मरीजों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, और पूरे शहर में इस हादसे के कारण हड़कंप मच गया है।3