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डॉ के के अग्रवाल ने कब्जा कर किसान की जमीन पर लगाया सोलर प्लांट डॉ के के अग्रवाल ने कब्जा कर किसान की जमीन पर लगाया सोलर प्लांट
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डॉ के के अग्रवाल ने कब्जा कर किसान की जमीन पर लगाया सोलर प्लांट डॉ के के अग्रवाल ने कब्जा कर किसान की जमीन पर लगाया सोलर प्लांट
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- डॉ के के अग्रवाल ने कब्जा कर किसान की जमीन पर लगाया सोलर प्लांट डॉ के के अग्रवाल ने कब्जा कर किसान की जमीन पर लगाया सोलर प्लांट1
- ग्वालियर में बड़ा हादसा! चलती कार बनी आग का गोला... फिर जो हुआ देखकर सब दंग रह गए! 🔥🚗 ग्वालियर के यूनिवर्सिटी थाना क्षेत्र अंतर्गत टी-सेंटर रोड पर एक चलती कार में अचानक भीषण आग भड़क उठी। देखते ही देखते कार से धुआं और तेज लपटें निकलने लगीं, जिससे सड़क पर हड़कंप मच गया। लेकिन फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले ही मौके पर मौजूद ग्वालियर के लोगों ने गजब की हिम्मत दिखाई! 💪 आस-पास से तुरंत पानी का इंतजाम कर लोगों ने आग बुझाना शुरू किया और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। 💧🔥 सूचना मिलते ही यूनिवर्सिटी थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की त्वरित सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया और कार सवार सुरक्षित बच गए। 👉 ग्वालियर के इन जांबाज राहगीरों के लिए एक शेयर तो बनता है! शहर की हर छोटी-बड़ी खबर के लिए हमारे पेज को Follow जरूर करें! ❤️ ग्वालियर में बड़ा हादसा! चलती कार बनी आग का गोला... फिर जो हुआ देखकर सब दंग रह गए! 🔥🚗 ग्वालियर के यूनिवर्सिटी थाना क्षेत्र अंतर्गत टी-सेंटर रोड पर एक चलती कार में अचानक भीषण आग भड़क उठी। देखते ही देखते कार से धुआं और तेज लपटें निकलने लगीं, जिससे सड़क पर हड़कंप मच गया। लेकिन फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले ही मौके पर मौजूद ग्वालियर के लोगों ने गजब की हिम्मत दिखाई! 💪 आस-पास से तुरंत पानी का इंतजाम कर लोगों ने आग बुझाना शुरू किया और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। 💧🔥 सूचना मिलते ही यूनिवर्सिटी थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की त्वरित सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया और कार सवार सुरक्षित बच गए। 👉 ग्वालियर के इन जांबाज राहगीरों के लिए एक शेयर तो बनता है! शहर की हर छोटी-बड़ी खबर के लिए हमारे पेज को Follow जरूर करें! ❤️1
- स्लग : कैथौदा रेत नाके के कर्मचारियों ने दिया फर्जी रॉयल्टी का खेल, पिछोर थाने में खुला फर्जीवाड़े का राज - 3 गिरफ्तार स्लग। डबरा में अवैध रेत उत्खनन के एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। कैथौदा रेत नाके के कर्मचारियों ने फर्जी रेत रॉयल्टी बनाकर रेत भरकर ले जा रहे ट्रैक्टर चालक को दे दी, ओर टैक्टर चालक से 7 हजार रुए रुपए ले लिये जब डबरा पुलिस ने रॉयल्टी को फर्जी बताया लेकिन चालक की सूझबूझ से पूरा मामला खुल गया। पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है दिनांक 24-09-26 को पुलिस को सूचना मिली थी कि रेत का अवैध परिवहन हो रहा है। टेकनपुर चौकी पर एक ट्रैक्टर को पकड़कर डबरा सिटी थाने में रखवाया गया था। ये ट्रैक्टर कैथौदा नाके से रेत भरकर ले जाया जा रहा था और नाके के कर्मचारियों ने ही चालक को रॉयल्टी दी थी। अवैध रेत उत्खनन के मामले में ट्रैक्टर को थाने में रखे जाने के बाद, ट्रैक्टर चालक वही रॉयल्टी लेकर पिछोर थाने पहुंचा। चालक ने बताया कि उसे जो रॉयल्टी दी गई है वो फर्जी लग रही है। यहीं से पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। रॉयल्टी की जांच कराई गई तो खनिज नाका प्रभारी पुष्पेंद्र जादौन ने भी आवेदन देकर पुष्टि की कि रॉयल्टी कूटरचित और फर्जी है। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी विक्रम जाट निवासी कैथौदा ने अपने साथियों संदीप राजावत इटावा यूपी और नीलेंद्र भदौरिया के साथ मिलकर कूटरचना कर फर्जी रॉयल्टी तैयार की थी। इस पर पिछोर थाने में कूटरचित दस्तावेज, धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज को असली के रूप में इस्तेमाल करने की धाराओं में केस दर्ज किया गया। पुलिस ने मुख्य आरोपी विक्रम जाट और उसके दो साथी नीलेंद्र भदौरिया और संदीप राजावत को गिरफ्तार कर उनके पास से मोबाइल जप्त किया है। कैथौदा नाके के नाम पर चल रहे इस फर्जी रॉयल्टी के खेल का पर्दाफाश होने के बाद पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है।3
- सीवर लाइन प्रोजेक्ट के कारण सड़क हुई दलदल में तब्दील , एंबुलेंस नहीं पहुंच पाई मरीज के घर तक तो गोदी में उठाकर ले जाना पड़ा एंबुलेंस तक डबरा (ग्वालियर) मध्य प्रदेश सीवर लाइन प्रोजेक्ट के कारण सड़क हुई दलदल में तब्दील , एंबुलेंस नहीं पहुंच पाई मरीज के घर तक तो गोदी में उठाकर ले जाना पड़ा एंबुलेंस तक , डबरा नगर पालिका के वार्ड क्रमांक 12 रामनिवास कॉलोनी का बताया जा रहा है वीडियो , सबसे बड़ी बात यह है कि यदि कोई बड़ी घटना हो जाए तो कौन होगा इसका1
- ऑनलाइन फ्रॉड से कैसे बचे, इस पर बैंक ऑफ़ बड़ोदा शाखा डबरा के ब्रांच मैनेजर जी की सुनिए डिजिटल युग मे हाय टेक ठग आपकी लापरवाही से ही आपके मोबाइल लेपटॉप कम्प्यूटर तक पहुंचते है1
- नगर निगम द्वारा निकाली गई 321 भारतीय आउटसोर्स कंपनी द्वारा किया जाएगा चयन नगर निगम के अपर एक द्वारा निकाली गई 321 भारतीय आउटसोर्स कंपनी द्वारा किया जाएगा चाहन1
- ग्वालियर के युवा समाजसेवी संजू प्रजापति के जन्मदिन पर वरिष्ठजनो,मित्रगण और माताएं बहनों ने दी बधाई और शुभकामनाएं। ग्वालियर के युवा समाजसेवी संजू प्रजापति के जन्मदिन पर वरिष्ठजनो,मित्रगण और माताएं बहनों ने दी बधाई और शुभकामनाएं।1
- कैथौदा रेत नाके की फर्जी रॉयल्टी का खेल बेनकाब, 3 गिरफ्तार डबरा (ग्वालियर) मध्य प्रदेश पिछोर थाने के कैथौदा रेत नाके की फर्जी रॉयल्टी का खेल बेनकाब, 3 गिरफ्तार डबरा में अवैध रेत परिवहन से जुड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। कैथौदा रेत नाके से ट्रैक्टर चालक को फर्जी रॉयल्टी दिए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, चालक से रॉयल्टी के एवज में 7 हजार रुपए लिए गए थे। टेकनपुर चौकी पर ट्रैक्टर पकड़े जाने के बाद चालक की सूझबूझ से पूरा फर्जीवाड़ा सामने आया। 24 सितंबर को पकड़ा गया था ट्रैक्टर पुलिस को 24 सितंबर 2026 को अवैध रेत परिवहन की सूचना मिली थी। टेकनपुर चौकी पर रेत से भरे एक ट्रैक्टर को पकड़कर डबरा सिटी थाने में रखवाया गया। चालक ने बताया कि वह कैथौदा रेत नाके से रेत लेकर निकला था और नाके के कर्मचारियों ने उसे रॉयल्टी दी थी। पुलिस जांच में रॉयल्टी संदिग्ध मिलने के बाद चालक उसी दस्तावेज को लेकर पिछोर थाने पहुंचा और बताया कि उसे दी गई रॉयल्टी फर्जी लग रही है। खनिज विभाग ने भी फर्जी बताया दस्तावेज मामले की जांच कराई गई तो खनिज नाका प्रभारी पुष्पेंद्र जादौन ने आवेदन देकर रॉयल्टी को कूटरचित और फर्जी होने की पुष्टि की। इसके बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू की। पुलिस जांच के मुताबिक, मुख्य आरोपी विक्रम जाट निवासी कैथौदा ने अपने साथियों नीलेंद्र भदौरिया और संदीप राजावत निवासी इटावा, उत्तर प्रदेश के साथ मिलकर कथित तौर पर फर्जी रॉयल्टी तैयार की थी। तीन आरोपी गिरफ्तार, मोबाइल जब्त पिछोर थाना पुलिस ने कूटरचित दस्तावेज, धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज को असली के रूप में इस्तेमाल करने से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर विक्रम जाट, नीलेंद्र भदौरिया और संदीप राजावत को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि फर्जी रॉयल्टी का यह खेल कितने समय से चल रहा था, इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं और कितने वाहनों को इस तरह की रॉयल्टी जारी की गई।2